संपादकीय लेख


Volume-2, 14-20, 2018

 

 

विधि प्रवेश परीक्षा

ऊषा अल्बूकर्क और निधि प्रसाद

वकील या अधिवक्ता कई तरह से हमारे रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करते हैं. मकान खरीदने से लेकर वसीयत लिखने, अपराधियों के खिलाफ मुकदमा चलाने और मुकदमें के दौरान बचाव करने तक हर किसी कार्य में उनकी भूमिका होती है. वे परामर्श देते हैं, कार्यनीति तय करते हैं, समस्या समधान करते हैं, विभिन्न विषयों के लिए प्रारूप लिखते हैं, अदालत में पक्ष रखते हैं और ऐसे ही अन्य असंख्य कार्य करते हैं.

सामान्य जन के लिए कानून का अर्थ है-नियमों और दिशा-निर्देशों की ऐसी प्रणाली, जो कानूनी रू में प्रवर्तनीय है, परंतु एक व्यवसाय के रूप में इसका अर्थ अत्यंत व्यापक है और उसके दायरे में विभिन्न क्षेत्र आते हैं, जैसे मुकदमेंबाजी, मीडिया, बौद्धिक सम्पदा, शैक्षिक आदि. आज के युग में एक अधिवक्ता की भूमिका पूरी तरह विकसित और परिवर्तित हो चुकी है. उनका कार्य काले कोट और सफेद कालर से आगे बढ़ कर भव्य कॉर्पोरेट कार्यालयों और फिल्मों तथा मीडिया जगत तक फैल चुका है. कानून के भीतर विविध क्षेत्र समाहित रहते हैं, इसलिए यह क्षेत्र विधि स्नातकों के लिए अनेक विकल्प प्रदान करता है. विविध क्षेत्रों के प्रमुख संगठनों में विधि प्रवीण स्नातकों की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है.

इन दिनों व्यवसाय के रूप में कानून की मांग बहुत अधिक है. वित्तीय दृष्टि से आकर्षक होने के साथ साथ विधि एक दिलचस्प और आकर्षक व्यावसायिक विकल्प है.

अधिवक्ता ग्राहकों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में सलाह देते हैं और सूझबूझ से कार्य करने का रास्ता बताते हैं. वे ग्राहकों को वसीयतनामा और अनुबंध जैसे विधि-पूर्व दस्तावेज तैयार करने में परामर्श प्रदान करते हैं और कानूनी मामलों में वार्ताएं संचालित करने में उनकी सहायता करते है. वे अदालतों और न्यायाधिकरणों की सुनवाइयों के दौरान ग्राहकों का पक्ष रखते हैं.

इस व्यवसाय में सफलता के लिए शैक्षिक उत्कृष्टता उतनी आवश्यक नहीं है. अनुभव और अधिवक्ताओं के साथ प्रैक्टिस के जरिए व्यावसायिक सक्षमता हासिल करना सफलता का प्रमुख बैंचमार्क है.

इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के अनेक विषय हैं, जिनमें से आप किसी एक का चयन कर सकते हैं, जैसे नागरिक कानून (सिविल लॉ), आपराधिक कानून (कॉर्पोरेट लॉ) , कराधान कानून, श्रम कानून, अंतर्राष्ट्रीय कानून, परिवार कानून, संवैधानिक कानून, प्रशासनिक कानून, पेटेंट कानून आदि.

वकील क्या करते हैं

वकील या अधिवक्ता एक ऐसा व्यक्ति है, जो एक पैरालीगल, एडवोकेट, बैरिस्टर, अटर्नी काउंसलर के रूप में कानून की प्रैक्टिस करते हैं. अधिवक्ता ग्राहकों को सलाह देते हैं और निजी और सार्वजनिक दोनों ही स्तरों पर विधि संबंधी मुद्दों के समाधान प्रदान करते हैं. वे कानून, नियमों और विनियमों की व्याख्या करते हैं तथा कानूनी दस्तावेज तैयार करते हैं. वे अदालतों में बहस करते हैं और विधि संबंधी मामलों में निर्णय कराते हैं. एक अधिवक्ता के रूप में आपसे यह उम्मीद की जाती है कि आप विविध प्रकार की स्थितियों में ग्राहकों की समस्याओं का समाधान करने में अमूर्त विधि सिद्धांतों का इस्तेमाल करें.

इससे पहले, कानून पारिवारिक पेशा हुआ करता था, जिसमें पुत्र पुत्रियां पारिवारिक कानूनी प्रैक्टिस में शामिल होते थे. लेकिन, आज माहौल बदल गया है और कोई भी व्यक्ति, जिसमें इस क्षेत्र में जाने की रुचि और गुण हैं, वह इस व्यवसाय को अपना सकता है और अपने सपने पूरे कर सकता है. कानूनी पेशा और लोकतांत्रिक प्रणाली का तृतीय स्कंध एक बार फिर से अधिक सम्मानजनक व्यवसायों में से एक बन गया है और इसे देखते हुए कि अधिवक्ता न केवल खबरों में रहते हैं, बल्कि धन भी कमाते हैं, इस व्यवसाय की मांग बहुत ऊंची है. काले कोट की भूमिका पुरानी सिविल अदालतों के इर्द गिर्द तक सीमित नहीं रह गई है. वकील कॉर्पोरेट बोर्ड रूमों में भी अत्याधुनिक व्यवसायों का चयन कर सकते हैं.

उपलब्ध पाठ्यक्रम:

12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आप 5 वर्षीय एकीकृत बीए एलएलबी (ऑनर्स) पाठ्यक्रम का चयन कर सकते हैं अथवा किसी भी विषय में स्नातक योग्यता प्राप्त करने के बाद 3 वर्षीय विधि पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकते हैं. अनेक विश्वविद्यालय एकीकृत पाठ्यक्रम उपलब्ध कराते हैं जैसे बीबीए एलएलबी, बीकॉम एलएलबी और यहां तक की बीटेक.एलएलबी.

अपेक्षित कौशल:

विधि व्यवसाय में सफलता के लिए जिज्ञासु स्वभाव, विस्तृत, तर्कसंगत सोच, प्रबोधक प्रकृति, निर्णय करने की दृढ़़ क्षमता और लेखन योग्यता जैसे कौशल मुख्य रूप से अपेक्षित हैं. ये कौशल अत्यंत आवश्यक हैं, लेकिन आज सक्षमतापूर्वक विधि व्यवहार के लिए कुछ और भी कौशल अपेक्षित हैं  जैसे:-

*भाषण कौशल
*पढऩे की आदत
*भाषा पर पकड़
*टीम भावना
*भावात्मक बुद्धि

विधि में दाखिले के लिए परीक्षा:-

संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा (सीएलएटी) भारत में 19 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए एक केंद्रीकृत परीक्षा है, जिसके आधार पर स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रमों (एलएलबी और एलएलएम) में दाखिला दिया जाता है. यह परीक्षा हायर सेकेंडरी अथवा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाती है, जिसके आधार पर एकीकृत विधि स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला मिलता है. इसी तरह विधि स्नातक योग्यता उत्तीर्ण करने के बाद विधि में स्नातकोत्तर (एलएमएम) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए इन विधि विश्वविद्यालयों द्वारा परीक्षा आयोजित की जाती है.

प्रतिभागी 19 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के नाम नीचे दिए गए हैं, जो उनकी स्थापना वर्ष के क्रम में हैं:-

*नेशनल लॉ स्कूल आफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) बेंगलुरू
*नेशनल अकेडेमी आफ लीगल स्टडी एंड रिसर्च (एनएएलएसएआर) यूनिवर्सिटी आफ लॉ, हैदराबाद
*नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू), भोपाल
*द वेस्ट बेंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी आफ ज्युरिडिकल साइंसिज (एननूचेएस), कोलकाता
*नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) जोधपुर
*हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एचएनएलयू), रायपुर
*गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (जीएनएलयू), गांधीनगर
*डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (आरएमएलएनएलयू) लखनऊ
*राजीव गांधी नेशनल यूनविर्सिटी ऑफ लॉ (आरजीएनयूएल), पंजाब
*चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (सीएनएलयू), पटना
*नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज (एनयूएएलएस), कोच्चि
*नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिसा (एनएलयूओ), कटक
*नेशनल यूनर्सिटी आफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (एनयूएसआरएल), रांची
*नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी एंड जुडिशियल अकैडमी (एनएलयूजेए), असम
*दामोदरम संजीवैया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (डीएसएनएलयू), विशाखापट्टनम
*तमिलनाडु नेशनल लॉ स्कूल (टीएनएनएलएस), तिरूचिरापल्ली
*महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एमएनएलयू), मुम्बई
*महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एमएलएनयू) नागपुर
*महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एमएलएनयू) औरंगाबाद

उपरोक्त के अलावा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली, और हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी शिमला द्वारा विद्यार्थियों के चयन के लिए पृथक प्रक्रिया अपनाई जाती है.

सीएलएटी स्कोर को एनएमआईएमएस, मुम्बई, यूपीईएस देहरादून और निरमा यूनिवर्सिटी अहमदाबाद और कुछ अन्य संस्थानों द्वारा भी स्वीकार किया जाता है.

सीएलएटी के लिए पात्रता

स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश

सीएलएटी 2018 में स्नातक पाठ्यक्रम के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है.

प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार के लिए न्यूनतम प्राप्तांक प्रतिशत (अर्थात् 10$2 परीक्षा में): अनारक्षित/अपिव/विशेष दृष्टि से सक्षम व्यक्ति (एसएपी) और अन्य श्रेणियों के लिए 45 (पैंतालिस) प्रतिशत और

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/ एसटी) श्रेणियों से सम्बद्ध उम्मीदवारों के मामले में चालीस प्रतिशत (40 प्रतिशत).

स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए सीएलएटी परीक्षा का विवरण

2 घंटे की प्रवेश परीक्षा में वस्तुनिष्ट प्रकार के प्रश्न शामिल होते हैं, जो प्राथमिक गणित या संख्यात्मक योग्यता और भाषा बोध के साथ अंग्रेजी, सामान्य जानकारी और सम-सामयिक घटनाक्रम, कानूनी अभिरुचि और कानूनी जागरूकता एवं तर्क बुद्धि से संबंधित होते हैं.

इसमें बहु विकल्प वाले 200 प्रश्न होते हैं, जिनमें प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक दिया जाता है. प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक की नकारात्मक मार्किंग की जाती है.

भाषा बोध सहित अंग्रेजी:

अंग्रेजी अनुभाग के अंतर्गत कंपरिहेंशन पैसेज और ग्रैमर के आधार पर अंग्रेजी में प्रवीणता परखने संबंधी प्रश्न शामिल किए जाते हैं. कंपरिहेंशन अनुभाग में पैसेज और उसका मूलभाव समझने, उसमें प्रयुक्त शब्दों का अर्थ जानने आदि के बारे में उम्मीदवार की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है. व्याकरण (ग्रैमर) अनुभाग में व्याकरण की दृष्टि से गलत वाक्यों को शुद्ध करने, वाक्यों में उपयुक्त शब्दों से रिक्त स्थान भरने आदि प्रश्न पूछे जाते हैं.

सामान्य जानकारी और सम-सामयिक घटनाक्रम:

सामान्य जानकारी का मूल्यांकन स्थैतिक सामान्य ज्ञान सहित सामान्य जागरूकता के आधार पर किया जाता है. सम-सामयिक घटनाक्रम संबंधी प्रश्नों का लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मामलों की उम्मीदवार की अद्यतन जानकारी का पता लगाना है.

गणित:

इस अनुभाग के अंतर्गत उम्मीदवार की गणित की प्राथमिक जानकारी का पता लगाने वाले प्रश्न पूछे जाते हैं. इसका अर्थ है कि 10वीं कक्षा/स्टैंडर्ड तक से सम्बद्ध गणित के प्रश्न इस अनुभाग में पूछे जाते हैं.

विधि अभिरुचि:

इस भाग के अंतर्गत विधि अध्ययन में उम्मीदवार की रुचि, अनुसंधान में अभिरुचि और समस्या समाधान योग्यता का पता लगाने वाले प्रश्न शामिल किए जाते हैं. इसमें कानूनी समस्याओं (प्रश्नपत्र में वर्णित अनुसार) से संबंधित प्रश्न शामिल किए जाते हैं और तथ्यों का एक समूह प्रदान किया जाता है, जिनसे उक्त समस्या सम्बद्ध होती है. कुछ धारणाएं वास्तविक अर्थ में ‘‘सत्य’’ नहीं भी हो सकती हैं, लेकिन उम्मीदवारों को उन धारणाओं को सत्य समझ कर तदनुरूप प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं.

तर्क बुद्धि:

तर्क बुद्धि अनुभाग का लक्ष्य पैटर्नों, तर्क संगत संपर्कों को पहचानने की उम्मीदवार की योग्यता और तार्किक दलीलों की पुष्टि करने की उसकी क्षमता का पता लगाना है. इसमें अनेक प्रकार के तार्किक प्रश्न शामिल हो सकते हैं, जो न्याय, तार्किक शृंखला, सादृश्यता़ आदि से संबंधित हो सकते हैं. परंतु, दृश्य तार्किकता का परीक्षण नहीं किया जाता है.

सीएलएटी 2018 के लिए ऑनलाइन परीक्षा की तारीख 13 मई, 2018 (रविवार)  है.

स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए सीएलएटी परीक्षा का ब्यौरा:

पात्रता:

उम्मीदवार ने क्वालिफाइंग परीक्षा (एलएलबी/5 वर्षीय एकीकृत एलएलबी (ऑनर्स)/कोई अन्य समकक्ष परीक्षा) में निम्नांकित अनुसार न्यूनतम प्राप्तांक प्रतिशत अवश्य प्राप्त किया हो:

अनारक्षित/अपिव/विशेष रूप से सक्षम (एसएपी) व्यक्तियों और अन्य श्रेणियों के उम्मीदवार के मामले में पचपन प्रतिशत (55 प्रतिशत) अंक, और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) के मामले में पचास प्रतिशत (50 प्रतिशत) अंक प्राप्त किए हों.

उम्मीदवार ने दाखिले के दिन क्वालिफाइंग परीक्षा के फाइनल सिमेस्टर/फाइनल वर्ष की परीक्षा अवश्य उत्तीर्ण की हो/परीक्षा दे चुका हो.

परीक्षा का ब्यौरा

2 घंटे की प्रवेश परीक्षा में 150 बहु विकल्प प्रश्न शामिल किए जाते हैं. प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक दिया जाता है. प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक की नकारात्मक मार्किंग की जाती है. विधि के निम्नांकित क्षेत्रों से सम्बद्ध प्रश्न पूछे जाते हैं:

*संवैधानिक कानून

*न्याय शास्त्र

*अन्य विधि विषयों में करार, क्षति कानून (टॉट्स), आपराधिक कानून, अंतर्राष्ट्रीय कानून, बौद्धिक संपदा अधिकार आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं.

जानकारी के लिए आप www.clat.ac.in पर लॉगऑन कर सकते हैं:

विधि के क्षेत्र में प्रवेश संबंधी अन्य परीक्षाएं इस प्रकार हैं:

लॉ स्कूल प्रवेश परीक्षा (एलएसएटी) वाचन और मौखिक बुद्धि कौशल की मानक परीक्षा है, जो वर्ष में 4 बार आयोजित की जाती  है और एलएलबी तथा एलएलएम में दाखिलों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है. एलएसएटी स्कोर राजीव गांधी स्कूल ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी लॉ, आईआईटी खडग़पुर लॉ स्कूल, गलगोटिया यूनिवर्सिटी लॉ स्कूल, यूपीईएस देहरादून, एसआरएम यूनिवर्सिटी, एमिटी लॉ स्कूल जैसे प्रमुख संस्थानों और कई अन्य संस्थानों द्वारा स्वीकार किया जाता है. एलएसएटी-इंडिया एक कागज एवं पैंसिल परीक्षण है, जिसमें 4 अनुभाग होते हैं.  (visit: http://www.pearsonvueindia पर लॉग आन करें).

अखिल भारतीय विधि प्रवेश परीक्षा (एआईएलईटी): - अखिल भारतीय विधि प्रवेश परीक्षा विशेष रूप से नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) दिल्ली में बीए-एलएलबी, एलएलएम, पीएच.डी में दाखिलों के लिए आयोजित की जाती है. एआईएलईटी 2018 के प्रश्नपत्र में एक एक अंक के 150 प्रश्न होंगे. उम्मीदवारों को 90 मिनट की समय सीमा के भीतर प्रश्नों के उत्तर देने होंगे. परीक्षा में अंग्रेजी, सामान्य जानकारी, विधि अभिरुचि, तर्क बुद्धि और गणित आदि सहित कई विषय कवर किए जाते हैं. इसके अलावा एलएलएम पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए लॉ आफ टॉट्स, बिजनेस कानून और परिवार कानूनों सहित एलएलबी विषयों से संबंधित प्रश्न शामिल किए जाते हैं. अधिक जानकारी के लिए www.nludelhi.ac.in पर लॉग ऑन करें.

*दिल्ली विश्वविद्यालय एलएलबी/एलएलएम - दिल्ली विश्वविद्यालय का विधि संकाय एलएलबी और एलएलएम पाठ्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न विधि पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए पृथक विधि प्रवेश परीक्षा संचालित करता है. प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय स्तर की विधि प्रवेश परीक्षा है, जिसका आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा 3 वर्षीय विधि पाठ्यक्रम में उपलब्ध सीटों के लिए किया जाता है. ये पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के तीन लॉ सेंटरों में संचालित किए जाते हैं. ये हैं - कैम्पस लॉ सेंटर, लॉ सेंटर-1 और लॉ सेंटर-2

*एसएलएटी (सेट लॉ)- सिम्बियोसिस लॉ प्रवेश परीक्षा, एक संयुक्त लिखित परीक्षा है, जिसका आयोजन सिम्बियोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के अंतर्गत विभिन्न संस्थानों द्वारा संचालित स्नातक विधि पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए किया जाता है. सेट लॉ परीक्षा में 150 बहु विकल्प प्रश्न शामिल किए जाते हैं. जो विधि तर्क बुद्धि, वाचन बोध, तर्क बुद्धि, सामान्य जानकारी और विश्लेषणात्मक तर्क बुद्धि पर आधारित होते हैं. (Visit: www.set-test.org पर लॉग ऑन करें).

*यूएलएसएटी -यूपीईएस लॉ स्टडीज़़ एप्टीट्यूट टैस्ट, जिसे आमतौर पर यूएलएसएटी कहा जाता है, का संचालन यूनिवर्सिटीज़ ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज़ (यूपीईएस) द्वारा किया जाता है. प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा बेचलर ऑफ लॉ (बीए, एलएलबी) और एलएलबी इन-कॉर्पोरेट लॉज़, साइबर लॉज और बौद्धिक संपदा अधिकारों, में दाखिला देने के लिए आयोजित की जाती है. यह परीक्षा समूचे भारत में ऑनलाइन ली जाती है. कानून पढऩे के आकांक्षी उम्मीदवारों को यूपीईएस कम्प्यूटर आधारित विधि प्रवेश अभिरुचि परीक्षा के अंतर्गत 150 प्रश्नों का उत्तर देना होता है. परीक्षा की अवधि 3 घंटे होती है. बहु विकल्प प्रकार के वस्तुनिष्ट प्रश्न 5 विषयों से लिए जाते हैं - भाषा बोध, संख्यात्मक योग्यता, तर्क बुद्धि, विधि सामान्य जानकारी और विधि अभिरुचि. इनमें से प्रतयेक विषय से संबंधित एक एक अंक के 30 प्रश्न शामिल किए जाते हैं. किसी गलत उत्तर के लिए कोईनेगेटिव मार्किंग नहीं की जाती है. (लॉग ऑन करें के प्रश्नपत्र में एक एक अंक के 150 प्रश्न होंगे. उम्मीदवारों को 90 मिनट की समय सीमा के भीतर प्रश्नों के उत्तर देने होंगे. परीक्षा में अंग्रेजी, सामान्य जानकारी, विधि अभिरुचि, तर्क बुद्धि और गणित आदि सहित कई विषय कवर किए जाते हैं. इसके अलावा एलएलएम पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए लॉ आफ टॉट्स, बिजनेस कानून और परिवार कानूनों सहित एलएलबी विषयों से संबंधित प्रश्न शामिल किए जाते हैं. (लॉग ऑन करें: visit :www.upes.ac.in)

आईपीयू सीईटी एलएलबी गुरु गोविंद सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय की संयुक्त प्रवेश परीक्षा - गुरु गोविंद सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (जीजीएसआईपीयू) द्वारा आईपीयू सीईटी 2018 का आयोजन 19 मई, 2018 को किया जाएगा. इसके आधार पर विधि पाठ्यक्रमों में दाखिले दिए जाते हैं. एलएलबी (आईपीयू सीईटी कानून) के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन ऑफलाइन मोड में किया जाएगा. विश्वविद्यालय बीए एलएलबी और बीबीए एलएलबी सहित 5 वर्षीय समेकित विधि पाठ्यक्रम में दाखिला देता है. स्नातक विधि पाठ्यक्रम आठ कालेजों में उपलब्ध हैं, जो जीजीएसआईपीयू से सम्बद्ध हैं. (लॉग ऑन करें www.ipu.ac.in)

कुछ अन्य विधि प्रवेश परीक्षाएं
*क्राइस्ट यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा
*जामिया मिलिया इस्लामिया विधि प्रवेश परीक्षा
*इलाहाबाद यूनिवर्सिटी एलएलबी प्रवेश टेस्ट
परीक्षा की तैयारी के लिए बुनियादी घटक
*अध्ययन के प्रति निरंतरता
*तैयारी के प्रति समर्पण
*आगामी जीवन और करियर के प्रति स्पष्ट उद्देश्य रखना
*कठिन परिश्रम और स्वयं के अध्ययन कार्यक्रम की स्पष्ट बुनियादी धारणा
सीएलएटी परीक्षा में कामयाबी के लिए टिप्स:

*सीएलएटी में सफलता के लिए समय प्रबंधन और शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण घटक है. सीएलएअी प्रश्नपत्र में नकारात्मक अंक दिए जाते हैं, अत: परीक्षा में बैठने वालों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे ऐसे प्रश्नों का उत्तर न दें, जिनके बारे में वे निश्चित नहीं हैं.
*ऑनलाइन अभ्यास परीक्षण उपलब्ध हैं. अत: ऑनलाइन अभ्यास परीक्षाएं समय प्रबंधन कौशल में सुधार लाने में मददगार हो सकती हैं.
*अंग्रेजी भाषा कौशल अच्छे अंक दिलाने में महत्वपूर्ण हो सकता है. अत: विद्यार्थियों को पढऩे की आदत अवश्य डालनी चाहिए भाषा कौशल में सुधार के लिए अंग्रेजी अखबार और पत्रिकाएं अवश्य पढ़ें. उन्हें सम सामयिक घटनाक्रम और समाचार पत्र पढऩे, न्यूज चैनल देखने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि अपने को अद्यतन रखा जा सके.
*विभिन्न विषयों को हर रोज दोहराएं.

कठिन परिश्रम प्रतिभा को मात दे सकता है, जबकि अकेले प्रतिभा कठिन परिश्रम नहीं कर सकती.

गुड लक

(ऊषा अल्बूकर्क (निदेशक) और निधि प्रसाद (वरिष्ठ काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट) करियर स्मॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड, careerssmartonline@gmail.com