संपादकीय लेख


volume-4, 27 April - 03 May 2019

यूजीसी नेट परीक्षा की तैयारी कैसे करें

रुचि श्रीमाली

क्या आपके पास कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री है? आप यूजीसी नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) देने के लिये पात्र हैं. आपको एक कॉलेज या विश्वविद्यालय में प्रवक्ता के तौर पर शिक्षण कार्य करने अथवा कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति (जेआरएफ) हासिल करने के लिये इस परीक्षा को उत्तीर्ण करना

आवश्यक है. 

इन दिनों, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से यूजीसी नेट परीक्षा संचालित करती है. अच्छी बात यह है कि अब आप यूजीसी नेट स्कोर्स का इस्तेमाल सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में आकर्षक रोजग़ार प्राप्त करने के लिये भी कर सकते हैं. इनमें प्रबंधन, वित्त, मानव संसाधन, निगमित संचार और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के क्षेत्रों में अनेक पद शामिल हैं.

इस वर्ष, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) 20 जून से 28 जून, 2019 तक नेट परीक्षा आयोजित करेगी.

यूजीसी नेट परीक्षा के लिये पात्रता मानदंड

परीक्षा के लिये पात्रता हेतु सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिये उनकी मास्टर डिग्री में 55 प्रतिशत अंक तथा आरक्षित श्रेणियों के छात्रों के लिये 50 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है. पीएच.डी डिग्री धारक, जिसने अपनी मास्टर डिग्री 19 सितंबर, 1992 से पहले पूरी की है, उन्हें अर्हकता मानदंड में 5 प्रतिशत की छूट की अनुमति है.

ध्यान रखें कि आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के छात्र भी इस परीक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण के लिये पात्र हैं.

जेआरएफ  छात्रवृत्ति के लिये इच्छुक छात्रों की आयु परीक्षा वाले वर्ष की पहली जनवरी को 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिये. इसका अर्थ है कि यदि आप यूजीसी नेट परीक्षा 2019 के लिये उपस्थित हो रहे हैं, आपकी आयु 1 जनवरी, 2019 को 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिये.

आरक्षित श्रेणी के छात्रों को परीक्षा के लिये अर्हक आयु में पांच वर्ष की छूट प्राप्त करने की अनुमति होती है. संगत क्षेत्र में (स्नातकोत्तर में उनके विषय से संबंधित) शोध अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को संगत प्राधिकारी से एक प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर पांच वर्ष की छूट दी जा सकती है. एलएलएम डिग्री धारकों को परीक्षा के लिये अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट प्राप्त करने की अनुमति दी जाती है.

उन छात्रों के लिये कोई विनिर्दिष्ट आयु सीमा नहीं होती है जो परीक्षा के जरिए सहायक प्रोफेसर बनना चाहते हैं.

यूजीसी नेट परीक्षा पद्धति

एनटीए यूजीसी नेट परीक्षा सीबीटी पद्धति में आयोजित की जाती है जिसका आशय एक कम्प्यूटर-आधारित परीक्षा से है.

परीक्षा की अवधि तीन घंटा है. पूर्व में परीक्षा में पेपर ढ्ढ और पेपर ढ्ढढ्ढ के बीच 30-मिनट का ब्रेक हुआ करता था लेकिन जून, 2019 में, पेपर एकल सत्र में आयोजित किया जायेगा.

·         पेपर ढ्ढ परीक्षा में उम्मीदवारों की सामान्य जागरूकता का परीक्षण होता है और इसमें 100 अंकों के 50 प्रश्न होते हैं. आपको इस पेपर को हल करने के लिये एक घण्टा मिलेगा.

·         पेपर ढ्ढढ्ढ में उम्मीदवारों द्वारा चयनित विषय से संबंधित प्रश्न शामिल किये जाते हैं. इसमें 200 अंकों के 100 प्रश्न होते हैं. आपको पेपर ढ्ढढ्ढ हल करने के लिये दो घंटे का समय मिलेगा.

आप परीक्षा के विभिन्न खण्डों के बीच मुक्त रूप से इधर-उधर आ जा सकते हैं-इससे आपको अपने तरीके से समय व्यवस्थित करने में सहायता मिलेगी.

पेपर ढ्ढ और पेपर ढ्ढढ्ढ में सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार के और बहु विकल्प प्रकार के प्रश्न (एमसीक्यूज) होंगे. परीक्षा में आपको कुल मिलाकर 300 अंकों के 150 प्रश्न हल करने होंगे. परीक्षा में सभी प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है.

कोई भी व्यक्ति अंग्रेज़ी या हिंदी में परीक्षा दे सकता है. आप यूजीसी नेट परीक्षा के लिये 84 से अधिक विषयों का विकल्प दे सकते हैं परंतु आपको ऐसे विषय चुनने की सलाह दी जाती है जो आपकी स्नातकोत्तर डिग्री से सीधे जुड़े हैं अथवा इनके आसपास हैं.

परीक्षा में कोई नकारात्मक अंक नहीं हैं. अत:, यदि आपको किसी प्रश्न का उत्तर मालूम नहीं है, तो प्रश्न को छोडऩे की बजाए कोई सही अनुमान लगाना बेहतर है.

यूजीसी नेट परीक्षा के लिये तैयारी की महत्वपूर्ण युक्तियां

·         परीक्षा का पेपर ढ्ढ आपकी सामान्य जागरूकता, समझ, तर्क क्षमता और विचलन सोच की क्षमता की जांच के लिये बनाया गया है. इस पेपर में पूछे जाने वाले प्रश्नों के अभ्यास में आपकी सहायता के लिये बाज़ार में कई गाइड उपलब्ध हैं. पेपर ढ्ढढ्ढ के लिये, आपको

अपने बैचलर्स और मास्टर पाठ्यक्रम का अध्ययन कर लेना चाहिये.

·         प्रत्येक परीक्षा में तीन मुख्य बातें हमेशा काम करती हैं-संपूर्ण पाठ्यक्रम को ध्यानपूर्वक पढें- अपने स्वयं के नोट बनायें, और पिछले वर्षों के पेपर्स को हल करें. यह प्रक्रिया आपको बेहतर तरीके और लंबी अवधि के लिये बातें याद रखनें में सहायक होगी.

·         दरअसल, हम आपको अपनी तैयारी शुरू करने से पहले पिछले पांच वर्षों के यूजीसी नेट पेपर 1 प्रश्न पत्रों को हल करने की सलाह देंगे. इससे आपको यह देख पाने में सहायता मिलेगी कि आप बिना अध्ययन के लगभग आधा पेपर हल कर सकते हैं. इससे आपका आत्म विश्वास बढ़ेगा और यह देखने में सहायता मिलेगी कि परीक्षा में कितने प्रश्न सरल हैं और उनमें कितने कठिन हैं. एक बार आप पेपर की पद्धति से सुपरिचित हो जाते हैं, आपको भविष्य में समान तरह के प्रश्नों को हल करने में आसानी हो जायेगी.

·         जब आप पिछले वर्षों के पेपरों को हल करते हैं, आप को एक जगह पर किसी विषय से संबंधित सभी प्रश्नों को नोट करके रख लेना चाहिये. इससे आपको यह जानकारी मिल जायेगी कि प्रत्येक विषय में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं. इससे आपको सही और स्पष्ट पाठ्य सामग्री तैयार करने में भी सहायता मिलेगी जो कि यूजीसी नेट परीक्षा के लिये संगत हो.  

·         आपको प्रश्न पत्र हल करते समय होने वाली छोटी-छोटी त्रुटियों को भी नोट कर लेना चाहिये. इससे आपको अगली बार पेपर हल करते समय ऐसी गलतियों से बचने में सहायता मिलेगी.

·         सामान्यत:, यूजीसी नेट परीक्षा की तैयारी के लिये 3 से 6 महीने लगते हैं (इस बात पर निर्भर करता है कि हररोज़ छात्र कितने घंटे पढ़ाई करते हैं). आखिऱी घंटे तक विलंब न करें.

·         यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिये कऱीब 3-5 घंटे का नियमित अध्ययन करना होता है. यदि आप परीक्षा को वास्तव में उत्तीर्ण करना चाहते हैं तो रोज़ाना अध्ययन की प्रक्रिया को नहीं छोड़ सकते.

·         एक अध्ययन योजना बनाएं. उन विषयों से शुरूआत करें जिन्हें आप तेज़ी से अध्ययन कर सकते हैं और इसके बाद ज़्यादा समय लेने वाले और कठिन विषयों की ओर बढ़ें. जैसे ही आप विषय का अध्ययन पूरा कर लें इसे अपने पाठ्यक्रम में याद कर लियाके तौर पर चिन्हित करें.

·         किसी बात को याद करने का सबसे तीव्र तरीका किसी को बढ़ाना होता है. इसलिए अपने विषय में कुछ छात्रों को नि:शुल्क या भुगतान के साथ ट्यूशन का प्रस्ताव करें. इससे आपको मूलभूत बातों पर बेहतर पकड़ हासिल करने में सहायता मिलेगी.

·         लघुतम समय में उत्तर प्राप्त करने के लिये तौर तरीकों और सूत्रों को शामिल करने की कोशिश करें. समय बचाने के सूत्र आपके नेट स्कोर्स में काफी योगदान कर सकते हैं.

·         सामान्यत: पेपर 1 में वर्णित प्रत्येक विषय से पांच प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें निम्नलिखित सम्मिलित होता है:

·         शिक्षण अभिरुचि

·         शोध अभिरुचि

·         पढ़ाई की समझ

·         सम्प्रेषण

·         रिजनिंग (गणित सहित)

·         लॉजिकल रिजनिंग

·         डाटा इंटरप्रिटेशन

·         सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी)

·         लोग एवं पर्यावरण

·         उच्चतर शिक्षा प्रणाली: शासन, राजनीति और प्रशासन

इन प्रत्येक विषयों के लिये 10 अंक होते हैं. अत: सभी पर समान रूप से फ़ोकस करें.

इस पेपर में पूछे गए एमसीक्यूज मिलान प्रकृति, सही/गलत प्रकृति या दावा-तर्क प्रकृति के होते हैं.

पेपर ढ्ढ के कुछेक सरल भाग संचार, सूचना प्रौद्योगिकी, पढ़ाई की समझ, और शिक्षण अभिरुचि हैं. पढ़ाई की समझ ऐसा विषयक्षेत्र है जो कि हम स्कूल के दिनों में हमेशा करते आये हैं जबकि शिक्षण अभिरुचि बहुत सामान्य विषयक्षेत्र है. पढ़ाई की समझ के लिये हमें अभ्यास करने की ज़रूरत होती है जबकि शिक्षण अभिरुचि के अध्यायों के जरिए सामान्य पठन पर्याप्त होना चाहिये.

·         2              इन दिनों, ज़्यादातर लोग कम्प्यूटरों से सुपरिचित हैं. यदि आप स्कूल के दिनों से कम्प्यूटरों से जुड़े हैं आपको आईटी खंड में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिये. समय-समय पर इस क्षेत्र में होने वाली नवीनतम प्रगतियों के बारे में पढऩे का प्रयास करें.

·         2              जहां तक संचार का संबंध है, आपको सॉफ्ट स्किल्स के पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने का प्रयास करना चाहिये जहां आप इस बारे में सीखेंगे कि किस तरह साक्षात्कार लिये जाते हैं, प्रस्तुतिकरण कैसे किया जाता है और समूह चर्चाओं में किस प्रकार भाग लिया जाता है.

·         2              बहुत से छात्रों ने शोध प्रबंध या परियोजना अध्ययन करते हुए इस बात की पढ़ाई की होगी कि शोध कार्य कैसे किया जाता है. आपको सरकारी नीतियों और शिक्षा, पर्यावरण तथा अन्य विषयों के बारे में नवीनतम सम्मेलनों के बारे में पढऩे की भी जरूरत होती है.

·         2              गणितीय तार्किकता, लॉजिकल रिजनिंग और डॉटा इंटरप्रिटेशन खण्डों के लिये नियमित अभ्यास करने की आवश्यकता होती है.

·         2              कक्षा 9 और 10 में शामिल गणितीय अवधारणाओं का अध्ययन करें. सेट, पैटर्न और सन्निकटन तकनीक काफी महत्वपूर्ण हैं.

·         2              रीडिंग काम्प्रिहेन्शन में सुधार के लिये एक विषय के बारे में पढ़ें और इसके बाद अपने शब्दों में इसका सार तैयार करने की कोशिश करें.

·         2              डायग्राम और फ्लो चार्ट विषय वस्तुओं को याद रखने के लिये शक्तिशाली दृश्य उपकरण होते हैं. आप याद रखने के लिये अन्य प्रकार के तौर तरीकों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे आप विषयवस्तु को याद रख सकें (जैसे कि किसी गीत की पैरोडी बनाना या किसी शृंखला को याद करने के लिये समरूपी का उपयोग करना)

यूजीसी नेट तैयारी के लिये कहां से सहायता प्राप्त करें?

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने घोषणा की है कि मई, 2019 से इसके परीक्षा केंद्र उन छात्रों को नि:शुल्क कोचिंग सेवाएं प्रदान करेंगे जो कि यूजीसी नेट परीक्षा के लिये तैयारी करना चाहते हैं. ग्रामीण या अद्र्ध शहरी क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लाभ के लिये यह योजना बनाई गई है.

एनटीए की आधिकारिक साइट (द्धह्लह्लश्चह्य://222.ठ्ठह्लड्ड.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ) पर आप यूजीसी नेट परीक्षा के लिये अभ्यास परीक्षा भी दे सकते हैं.

बहुत से अन्य ऑनलाइन और ऑफलाइन कोचिंग संस्थान भी तरह-तरह के यूजीसी नेट कोचिंग पैकेज और अध्ययन सामग्री प्रदान करते हैं.

इन दिनों गूगल या एप्पल एप्प स्टोर्स पर भी कई एप्प उपलब्ध हैं. इनमें आपके लिये हल किये हुए पिछले वर्षों के बहुत से प्रश्न पत्र और अभ्यास प्रश्न शामिल हैं.

आखिऱी माह में नेट परीक्षा के लिये तैयारी कैसे करें?

इस चरण में, कुछ ऐसे विषय हो सकते हैं जिन्हें आप पहले से जानते हैं, कुछेक ऐसे होते हैं जिनके बारे में आपको भरोसा नहीं है और कुछेक अभी तक अनछुए होते हैं. चूंकि आपके पास अब मुट्ठीभर दिन रह गये हैं, उन्हें छोड़ दें जो अब तक आपने नहीं छूए हैं और उन पर $फोकस करें जिन्हें आप पहले से जानते हैं.

पूर्ववर्ती वर्षों के पेपरों से, अभ्यास टैस्टों से या बाज़ार में उपलब्ध पुस्तकों और पत्रिकाओं (प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये) के साथ प्रश्नों का अभ्यास करें.

ध्यान रखें कि पेपर 1 अब अर्हक परीक्षा नहीं है. यहां तक कि यदि आप पेपर 1 में न्यूनतम अर्हक अंक भी प्राप्त नहीं करते हैं, आपके पेपर 2 की फिर भी जांच की जायेगी. आपका कुल स्कोर पेपर 1 और पेपर 2 के संचयी अंक होगा. अत:, यदि आप पेपर 1 में उतना अच्छा नहीं भी कर पाते हैं परंतु पेपर 2 में बेहतर अंक अर्जित कर लेते हैं, आपके पास अब भी परीक्षा में उत्तीर्ण होने का अवसर होता है.

इसके अलावा, पेपर 1 काफी आसान होता है और आप बग़ैर अधिक तैयारी के 60 प्रतिशत के आसपास अंक अर्जित कर सकते हैं. यदि आप गणित या सामान्य जागरूकता या करंट अफेयर्स में उतने अच्छे नहीं भी हैं, आप पहली बार में ही यूजीसी नेट उत्तीर्ण कर सकते हैं.

परीक्षा वाले दिन की तैयारी

·         प्रवेश-पत्र, जिस पर अपना पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ  चिपकाया गया हो, ले जाना याद रखें. परीक्षा स्थल पर उपस्थिति शीट पर चिपकाने के लिये एक अतिरिक्त पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ  ले जायें. आपको परीक्षा केंद्र पर अपनी पहचान का दस्तावेज (जैसे कि आधार कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट या बैंक पासबुक) भी ले जाना होगा.

·         अपने साथ और कुछ लेकर न जायें क्योंकि परीक्षा केंद्र पर आपकी वस्तुओं के सुरक्षित रखने का कोई प्रबंध नहीं होगा.

·         अपनी परीक्षा शुरू करने से पहले अपना की-बोर्ड और माउस की जांच कर लें. बाद में कोई तकनीकी कठिनाई होने पर केवल अनावश्यक रूप से आपका समय बर्बाद होगा.

·         ज़्यादातर प्रश्न सरल होते हैं. एमसीक्यू में विकल्प कठिन हो सकते हैं. सरल प्रश्न आपको ऐसे विकल्प देते हैं जहां सही उत्तर मिल जाते हैं जबकि कठिन प्रश्नों को इस प्रकार से डिज़ाइन किया जाता है कि सभी विकल्पों में एक जैसे उत्तर दिखाई देते हैं. अच्छी बात यह है कि यूजीसी नेट में लगभग 50 प्रतिशत प्रश्न सरल होते हैं, 30 प्रतिशत मध्यम दजऱ्े के कठिनता स्तर के और केवल 20 प्रतिशत प्रश्न वास्तव में कठिन होते हैं.

·         पहले उन प्रश्नों को हल करें जिन्हें आप जानते हैं और उन्हें चिन्हित कर लें जिन्हें हल करने के लिये अधिक समय की आवश्यकता होगी. परीक्षा समाप्त होने से पहले आप अपने सभी प्रश्नों की जांच करने के लिये कुछ समय बचाकर रखें.

·         यदि आपको कोई उत्तर नहीं आता है, उन्मूलन विधि का प्रयास करें. इस विधि में आप उन उत्तरों को अलग करते हैं जो कि वास्तव में गलत होते हैं और तब ऐसे किसी एक के बारे में सोचें जो सर्वाधिक फिट होता है. यह बुद्धिमानी से लगाया गया अनुमान आपके सही उत्तर हासिल करने के अवसरों में वृद्धि करता है.                                                                                                                        

कट ऑफ  अंक और मैरिट सूची

मैरिट सूची हेतु विचार के लिये सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिये परीक्षा में 40 प्रतिशत स्कोर जबकि आरक्षित श्रेणी के छात्रों के लिये 35 प्रतिशत का स्कोर अर्जित करना होता है. सर्वोच्च 6 प्रतिशत अभ्यर्थियों पर (प्रत्येक विषय और श्रेणी में) जेआरएफ  के लिये पात्रता हेतु विचार किया जाता है, यदि उन्होंने सहायक प्रोफेसर के पद के लिये आवेदन नहीं किया है.

यदि आप विवेकपूर्ण और नियमित रूप से अध्ययन करते हैं तो यूजीसी नेट परीक्षा में 70-80 प्रतिशत अंक हासिल करना मुश्किल नहीं है. इसलिये, इसे अपना सर्वश्रेष्ठ शॉट दें.

रुचि श्रीमाली एक कॅरिअर कांउलर हैं ईमेल: rruchi shrimalli@gmail.com. व्यक्त विचार व्यक्तिगत हैं.

(छायाचित्र: गूगल के सौजन्य से)