संपादकीय लेख


volume-9 , 1 - 7 June, 2019

 

पर्यावरण की मूल बातें समझना

श्रेया भट्टाचार्य

र्यावरण मनुष्य सहित जीवों के आसपास के भौतिक स्वरूप के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसका वे हिस्सा होते हैं और जिस पर वे शारीरिक गतिविधियों, उत्पादन और खपत जैसी गतिविधियों पर निर्भर हैं. दूसरे शब्दों में, अपने जीवन काल के दौरान किसी जीव के आसपास या उसे प्रभावित करने वाली हर चीज को सामूहिक रूप से उसके पर्यावरण के रूप में जाना जाता है. यह सभी जीवों के लिये ऑक्सीजन, भोजन, आवास, ऊर्जा, पानी और अन्य जरूरतों का स्रोत है. इसमें सजीव (बायोटिक) के साथ-साथ निर्जीव (अजैविक) घटक शामिल हैं.

अजैविक अवयव

अजैविक पर्यावरण में दुनिया के अकार्बनिक और निर्जीव भाग शामिल होते हैं. इस भाग में ऑक्सीजन और नाइट्रोजन, मिट्टी, पानी, वायुमंडल, प्रकाश और ऊर्जा जैसे रसायन होते हैं. अजैविक पर्यावरण कई वस्तुओं और बलों से बना होता है जो एक दूसरे के और जीवित चीजों के आसपास के समुदाय को प्रभावित करते हैं. मौसम अजैविक घटकों का एक महत्वपूर्ण समूह। तापमान, पानी, आद्र्रता, बारिश, हवा और कई अन्य मौसम संबंधी स्थितियां पृथ्वी पर सजीव और निर्जीव  दोनों वस्तुओं को प्रभावित करती हैं. भूकंप, बाढ़, ज्वालामुखी आदि जैसी शारीरिक प्रक्रियाएं भी अजैविक अवयवों का हिस्सा हैं.

अजैविक पर्यावरण में दुनिया

जैविक घटक

बायोटिकशब्द का अर्थ है जीवित रहना. जैविक घटक वे होते हैं जिनमें जीवन होता है. इनमें पौधों, जानवरों, रोगाणुओं आदि सहित सजीव जीवों को शामिल किया जाता है. एक जैविक घटक कोई भी जीवित घटक होता है जिसमें एक पर्यावरण में विभिन्न प्रजातियों की कई परस्पर संबद्ध आबादी शामिल है. एक जीव कारक कोई भी जीव हो सकता है जो जानवरों सहित किसी अन्य जीव को प्रभावित करता है और अन्य जीवों का उपभोग करता है तथा जीव भोजन करता है. एक पर्यावरण में जैविक कारकों को जीवित रहने के लिये भोजन और ऊर्जा की आवश्यकता होती है. उन्हें उनकी कार्यात्मक विशेषताओं के अनुसार आगे वर्गीकृत किया गया है.

1.       ऑटोट्रॉफ  या निर्माता

ऑटोट्राफशब्द मूल शब्द ऑटो’, स्वयं के लिये और ट्रॉफशब्द भोजन के लिये है. इस प्रकार ऑटोट्रॉफ  वे जीव हैं जो अपना भोजन स्वयं बना सकते हैं. वे कार्बनिक स्रोतों (अजैविक घटकों) से सामग्री का उपयोग करके अपना भोजन तैयार करते हैं. हालांकि, वे किसी अन्य जीवों की सहायता किये बिना खुद को खिलाते हैं. ऑटोट्रॉफ्स को निर्माताभी कहा जाता है. वे एक पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा पिरामिड का आधार बनाते हैं और सभी हेटरोट्राफ्स को अस्तित्व में रखने की भोजन की थैली प्रदान करते हैं.

ऑटोट्रॉफ्स के प्रकार

ऑटोट्रॉफ्स अपनी ऊर्जा प्राप्त करने के तरीके के अनुसार वर्गीकृत किये जाते हैं: क) फोटो ऑटोट्रॉफ्स, और ख) केमोऑटोट्रॉफ्स

a)      फोटोऑटोट्रॉफ्स: इन जीवों को कार्बनिक पदार्थों को बनाने के लिये सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा मिलती है. जीवों का सेट प्रकाश संश्लेषण नामक एक प्रक्रिया कर