संपादकीय लेख


ताज़ा अंक-16, 20 - 26 जुलाई 2019

 

ऑनलाइन दूरस्थ शिक्षण पाठ्यक्रम

डॉ. गिरिराज हल्कर

प्रत्येक बच्चे को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है. शिक्षा सकारात्मक चरित्र के निर्माण में मदद करती है. शिक्षा ज्ञान, कौशल, मूल्य और दृष्टिकोण हासिल करने की प्रक्रिया है. शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य बच्चों को उपयोगी नागरिकों में विकसित करना है जो समाज में खुद को बनाए रखने और राष्ट्र के विकास में हाथ बंटाने के लिये अपने ज्ञान, प्रतिभा और शिक्षण कौशल का उपयोग करते हैं. बढ़ती लागत और कड़ी प्रवेश अपेक्षाएं, कई छात्रों के लिये उच्चतर शिक्षा का मार्ग दुर्गम बना देती हैं. एमओओसीज (बृहत मुक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम), किसी भी व्यक्ति को संगत आयु अर्हता के अनुरूप, विश्व स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने का अवसर प्रदान कर रहे हैं और इसने अपार संभावनाओं के द्वार खोल दिये हैं. किसी डिजिटल ऑनलाइन पाठ्यक्रम के लिये पंजीकरण छात्रों के लिये एक सामान्य बात है. मुक्त और नि:शुल्क शिक्षण संसाधन बहुमूल्य और लोकप्रिय हैं. तो फिर, एमओओसीज इतनी अच्छी तरह से कैसे प्राप्त किये जाते हैं? उच्च शिक्षा के तकनीकी विकास में एमओओसीज का बहुत बड़ा योगदान है. ये उच्चतर शिक्षा प्रौद्योगिकी के हिस्सा हैं.

‘‘एमओओसी’’ शब्द की संरचना 2008 में कैनेडियाई शिक्षाविद डेविड कोरमियर ने की थी, जबकि पहला एमओओसी जॉर्ज सीमैन्स और स्टीफन डाउन्स ने यूनिवर्सिटी ऑफ मानिटोबा, कनाडा में पढ़ाया था, जहां 25 नियमित छात्रों की एक कक्षा को 1500 छात्रों को पढ़ाने के लिये ऑनलाइन विस्तारित किया गया था. एमओओसीज ऑनलाइन पाठ्यक्रम हैं जो कि सामान्यत: कालेजों या विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित किये जाते हैं. ये पाठ्यक्रम सभी के लिये खुले हैं जो इनका नि:शुक्ल (अथवा कई बार मामूली फीस के साथ, यदि छात्र चाहता है कि उसे कुछेक ग्रेड के साथ कक्षा उत्तीर्ण किये जाने के संबंध में प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाये) अध्ययन करना चाहते हैं. चूंकि ये मुक्त और नि:शुल्क हैं, इन पाठ्यक्रमों के सर्वाधिक लोकप्रिय होने से इनकी तरफ अक्सर दुनिया भर से हजारों छात्र आकर्षित होते हैं जो एक ‘‘विशाल’’ हिस्सा है. ज़्यादातर एमओओसीज के कई भाग होते हैं, जिनमें वीडियो व्याख्यान, रीडिंग, कम्प्यूटर ग्रेडिड असाइनमेंट्स या क्विज़, प्लेटफार्म पर अन्य छात्रों के साथ चर्चाएं, अथवा महत्वपूर्ण ग्रेडिड असाइनमेंट्स शामिल होते हैं. एमओओसीज मात्र वीडियो व्याख्यान सीरिज से भिन्न होते हैं क्योंकि छात्र उन्हें केवल अपने स्वयं के पेस पर नहीं बल्कि समवर्ती रूप से लेते हैं, सभी छात्र एक ही समय पर शुरुआत करते हैं और एक ही समय पर उनके असाइनमेंट देय होते हैं ताकि अन्य छात्रों के साथ विषयवस्तु की चर्चा कर सकें और उनकी सहायता ले सकें. एमओओसीज 2012 के आसपास लोकप्रिय हुए, यद्यपि वे कई वर्ष पहले से मौजूद थे. अब अनेक प्लेटफार्म हैं जो एमओओसीज के संचालन के लिये कालेजों और विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी

कर रहे हैं, परंतु सर्वाधिक लोकप्रिय कोर्सेरा, ईडीएक्स और उडासिटी हैं.

दूसरे, छात्रों के पास अपने कार्यभार में अधिक लचीलापन होता है, क्योंकि वे लाइव व्याख्यान के दौरान ऑनलाइन होने के विपरीत रिकॉर्ड किये गये वीडियो व्याख्यान को देखने के लिये चुनने में सक्षम होते हैं. वे यह भी चुन सकते हैं कि क्या उन्हें ग्रेड की चिंता किए बिना काम पूरा करना है या नहीं अथवा उन्हें सुदृढ़ करना छोड़ देना है, जिन अवधारणाओं और कौशलों से वे पहले से परिचित होते हैं तथा उस समय को असाइनमेंट पर उच्च गुणवत्ता के काम की ओर लगाते हैं, जो वास्तव में विषय की उनकी समझ को आगे बढ़ाते हैं. यह लचीलापन पहले से व्यस्त कार्यक्रम वाले लोगों के लिये एक बेहतर विकल्प है, जैसा कि पूर्णकालिक काम करने वालों और आश्रित छात्रों के साथ होता है.                            

कुल मिलाकर एमओओसी का निम्नानुसार उल्लेख किया जा सकता है;

एम -   स्केलेबिलिटी पर व्यापक केंद्रित, समुदाय और संपर्कों पर केंद्रित

ओ-    मुक्त पंजीकरण, विषयवस्तु, कोई शुल्क नहीं, किफायती

ओ-    ऑनलाइन कोहोर्ट, रियल टाइम इंटरेक्शन

सी-    सेल्फ-पेस्ड, शुरुआती/समापन तिथि, कॉलेज क्रेडिट्स, बैज, शिक्षण समुदाय, स्ट्रिप्ड असेसमेंट और फीडबैक, अनुदेशकों की भूमिका

श्रेणियां

व्यापक मुक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम (एमओओसीज) को आगे दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है;

ष्रूह्रह्रष्टह्य: अभिनव या संयोजी मॉडल पर आधारित है, जो सक्रिय शिक्षण के रूप में सहयोग का विशेषाधिकार प्रदान करता है. ष्रूह्रह्रष्टह्य में छात्र शिक्षण प्लेटफार्म का प्रयोग करते हुए पाठ्यक्रम विषयवस्तु के प्रापण, मूल्यांकन और योगदान तथा पाठ्यक्रम शिक्षण प्लेटफार्म पर सामग्रियों की अपलोडिंग के लिये मिलकर काम करते हैं. एक ष्रूह्रह्रष्टह्य अनुदेशक या निर्देशन टीम पाठ्यक्रम में छात्रों भागीदारों के योगदान को अंतिम रूप देने तथा मूल्यांकन में सहायता प्रदान करती है. दूसरी ओर, पारंपरिक दृष्टिकोण पर भरोसा करना जहां पाठ्यक्रम पूर्व-चयनित पाठ्य और संदर्भ सामग्री के साथ अच्छी तरह से संरचित हैं.

एमओओसीज की विशेषताएं

एमओओसीज ‘‘पिछले दो या अधिक वर्षों से गति प्राप्त कर रहे हैं, एक एमओओसी सामाजिक नेटवर्किंग, अध्ययन के क्षेत्र में एक स्वीकृत विशेषज्ञ की सुविधा और स्वतंत्र रूप से सुलभ ऑनलाइन संसाधनों का एक संग्रह की कनेक्टिविटी को जोड़ता है. शायद सबसे महत्वपूर्ण बात; यद्यपि एक एमओओसी कई सौ से कई हजार ‘‘छात्रों’’ के सक्रिय जुड़ाव का निर्माण करता है जो सीखने के लक्ष्यों, पूर्व ज्ञान और कौशल तथा सामान्य हित के अनुसार अपनी भागीदारी को स्व-संगठित करते हैं; यद्यपि एक सामान्य पाठ्यक्रम के कुछ हिस्सों को साझा किया जा सकता है, जैसे कि एक पूर्वनिर्धारित समयरेखा और विचार के लिये साप्ताहिक विषय, एक एमओओसी आमतौर पर कोई शुल्क नहीं लेता है, इंटरनेट एक्सेस और रुचि के अलावा कोई और शर्तें नहीं हैं तथा भागीदारी के लिये कोई पूर्वनिर्धारित अपेक्षाएं और औपचारिकताएं भी नहीं होती हैं.’’ (मैकऔले एट अल., 2010)

यदि हम उनकी विशेषताओं को देखते हैं, तो शुरुआती एमओओसीज ने अक्सर संसाधनों के पुन: उपयोग और रीमिक्सिंग को बढ़ावा देने के लिये सामग्री, संरचना और शिक्षण लक्ष्यों की खुली लाइसेंसिंग जैसी मुक्त सुविधाओं पर ज़ोर दिया. बाद में कुछ ने छात्रों के लिये नि:शुल्क पहुंच बनाए रखते हुए एमओओसी की अपनीे पाठ्यक्रम सामग्री के लिये मुक्त लाइसेंस का उपयोग किया:-

एमओओसीज की कुछ अन्य महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं:-

·         वे आमतौर पर अंशदान विशेषताओं से परिभाषित होते हैं जिनमें शामिल है-नि:शुल्क पाठ्यक्रम, व्याख्यान लघु वीडियो के रूप में स्वरूपित क्विज़, जो कि आसानी से इंटरनेट उपकरणों के माध्यम से सुलभ होते हैं जिनके पास इंटरनेट कनेक्टिविटी होती है. (डेनबियल, 2012).

·         ज़्यादातर मामलों में, एमओओसीज उपयोगकर्ताओं के लिये या तो नि:शुल्क होते हैं अथवा बहुत ही कम लागत पर उपलब्ध होते हैं. उन्हें प्रयोगकर्ता स्मार्ट मोबाइल फोन पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

·         इनमें स्वचालित मूल्यांकन के अलावा, एक अर्थपूर्ण शिक्षण अनुभव में योगदान के लिये महत्वपूर्ण और स्व मूल्यांकन की सुविधा प्रदान की जाती है. (डुडरस्टेडट, 2012)

·         वे अधिक विश्वसनीय होते हैं क्योंकि इन्हें प्रोफेसरों, शिक्षकों और विषयों के विशेषज्ञों ने तैयार किया होता है.

एमओओसी प्लेटफार्म-भारतीय परिदृश्य

भारत में सरकार ने नेशनल नॉलेज नेटवर्क (एनकेएन) जैसी ई-इन्फार्मेशन सेवाएं शुरू करने के लिये कई पहलें की हैं जो कि देश में सभी ज्ञान संबंधी संस्थानों के लिये एक बैक होम के तौर पर हाई स्पीड नेटवर्क प्रदान करने के लिये एक अत्याधुनिक मल्टी गीगाबाइट पैन-इंडिया नेटवर्क है. आरंभ में, इसके उद्देश्य रिपॉजिटरी और डिपॉजिटरीज के तौर पर मुक्त संसाधन उपलब्ध करवाना था जो कि जनता के लिये सुलभ कराये गये थे. इस दिशा में कुछेक प्रयास नेशनल डिजिटल रिपॉजिटरी ऑफ इग्नू, ‘साक्षत है जो कि सीबीएसई बोर्ड की 11वीं और 12वीं कक्षा के लिये ई-कंटेट, शिष्य प्रदान कर रहा है. इन परियोजनाओं के पीछे का उद्देश्य शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक अनेक व्यक्तियों को इसे सुलभ कराना था. इस मार्ग में आने वाले कुछेक नाम हैं, एजुकेशन एंड रिसर्च नेटवर्क (अर्नेट) जो कि नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रदान करते हुए विभिन्न शिक्षण संस्थानों को जोड़ रहा है. एजुकेशन सेटेलाइट (एडुसेट), भारत में शिक्षा के लिये लांच किया गया एक सेटेलाइट है. कन्सोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्यूनिकेशन (सीईसी), शिक्षा ज्ञान विस्तार के माध्यम के तौर पर कार्य करने के लिये टेलीविजन की शक्ति का सदुपयोग करने हेतु, इन्फॉरमेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क सेंटर (आईएनएफएलआईबीनेट) विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों को जोडऩे के लिये स्वायत्त अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र, इसने कई अन्य कार्यक्रमों की भी शुरुआत की है. ये सब मुक्त शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी के साथ शिक्षा की दिशा में कुछेक पहले हैं, जहां एमओओसी अब भी उनकी पहुंच से बाहर था.

ऐसे बहुत से महत्वपूर्ण संस्थान हैं, लाभ नहीं कमाने वाले और व्यावसायिक दोनों, जो एमओओसी प्रदाताओं की सहायता से भारत में पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं. इनमें से कुछ का नीचे उल्लेख किया गया है;

·         एनपीटीईएल: नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एनहेंस्ड लर्निंग. 2003 में आरंभ की गई यह मा.सं.वि.मं. से वित्तपोषित परियोजना है.

·         एमओओकेआईटी: एमओओकेआईटी एक हल्का एमओओसी मैनेजमेंट सिस्टम है जिसका निर्माण भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटीके) ने 2004 में पूर्णत: मुक्त स्रोत प्रौद्योगिकियों के प्रयोग से किया था. 

·         आईआईटी बम्बई एक्स: आईआईटी बम्बई एक्स 2014 में आईआईटी बम्बई द्वारा मुक्त स्रोत प्लेटफार्म ओपन एडेक्स का प्रयोग करते हुए विकसित किया गया एक लाभ नहीं कमाने वाला एमओओसी प्लेटफार्म है.

·         स्वयं:   स्वयं मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइन्डसहै.                        

कुछेक भारतीय एमओओसी प्लेटफार्म और प्रदाता

पहल

शुरुआत का वर्ष

प्लेटफार्म के पीछे संस्थान

वेबसाइट लिंक

एनपीटीईएल

2003

आईआईटी मद्रास

Nptel.ac.in/

एमओओकेआईटी

2012

आईआईटी कानपुर

www.mookit.co/

आईआईटी बम्बई एक्स

2014

आईआईटी बम्बई

Iitbombayx.in/

स्वयं

2016

मा.सं.वि.मं. और माइक्रोसॉफ्ट

Swayam.gov.in

बृहत मुक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम (एमओओसीज) की छात्रों के मध्य व्यापक मांग है, जबकि भारतीय छात्रों का एक बड़ा हिस्सा विदेशी विश्वविद्यालयों में एनरॉलमेंट करा रहा है. एमओओसी भारतीय छात्रों को वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धा के लिये अपेक्षित आधार प्रदान कर सकते हैं. यह शिक्षार्थियों और विश्वविद्यालयों तथा उद्योगों के लिये एक लाभप्रद व्यवस्था बन सकता है जो हमारे राष्ट्र के युवाओं की परिस्थिति बदलने में योगदान कर सकते हैं. ये भारत में एमओओसी की संभावनाओं के लिये अंतिम छोर नहीं है, बल्कि चर्चा की शुरुआत मात्र है.

(लेखक नेशनल डॉक्यूमेंटेशन सेंटर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, नई दिल्ली से संबद्ध हैं, ई-मेल आईडी:ghalkar@gmail.com)

व्यक्त विचार व्यक्तिगत हैं.

(छायाचित्र: गूगल के सौजन्य से)