नौकरी फोकस


Volume-8, 26 May-1 June, 2018

सिविल सेवाएं प्रारंभिक परीक्षा में सफलता कैसे पाएं

सचिन गुप्ता

आईएएस बनने के इच्छुक व्यक्ति अक्सर संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवाएं परीक्षा के लिये अपनी रणनीति को लेकर विभिन्न टॉपर्स के इंटरव्यू और लेखों को पढ़ते हैं, परंतु परीक्षा का मूल मंत्र हमेशा अपनी स्वयं की एक रणनीति बनाना होता है. अपने आसपास उपलब्ध सभी प्रकार की सामग्री में सर्वोत्कृष्ट का संयोजन सफलता की पहली महत्वपूर्ण कुंजी होती है. तैयारी के सिलसिले में मैंने विभिन्न स्थानों/संस्थानों से यह जानने के लिये प्रयास किया कि मैं उनमें सबसे अच्छा क्या महसूस करता हूं. अत: अब से आगे, हर बात को, यहां तक कि इस आलेख को भी, अपने परिप्रेक्ष्य से देखें और यह मूल्यांकन करें कि ये आपके लिये सही है अथवा नहीं और अपनी स्वयं की एक रणनीति बनाएं.
मेरे अनुसार तैयारी के सिलसिले में दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात अपना स्वयं का मूल्यांकन करना होता है. अपनी ताक़त और कमजोरियों को पहचानें और इनके अनुरूप काम करें. उदाहरण के लिये अपने पहले प्रयास के बाद मुझे वैकल्पिक विषय में अच्छे अंक प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा और इसे बदलने का निर्णय कर लिया. दूसरे प्रयास के बाद मैंने महसूस किया कि मुझे सामान्य अध्ययन खण्ड के लिये भी काम करने की गंभीर आवश्यकता है, इसके बाद मैंने विशेषकर उत्तर लिखने की दिशा में काम किया, जिसे मैंने 575 के रैंक से 3 रैंक तक की इस यात्रा में एक परिवर्तनकारी उपलब्धि के तौर पर हासिल किया.
इसके अलावा हमेशा विश्वास करें कि कठिन परिश्रम सफलता की अंतिम कुंजी होती है. यही एकमात्र बात है जिसे हम तैयारी की संपूर्ण यात्रा में बनाए रख सकते हैं. मैंने विभिन्न चरणों में कठोर परिश्रम के जरिए इस यात्रा को जारी रखा, यहां तक कि ऐसे समय में जब मैं नकारात्मक भावना से ग्रसित हो गया था कि क्या मैं कभी इस परीक्षा को उत्तीर्ण कर भी पाऊंगा या नहीं. हमेशा शांत बन रहें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें और सदैव याद रखें और उन कारणों में विश्वास करें कि आप कठिन दौर में नौकरशाह क्यों बनना चाहते हैं. यह दृष्टिकोण न केवल आपकी बाधाएं पार करने में मदद करेगा बल्कि आपके जीवन में रंग लेकर आयेगा.
और आखिऱी बात होती है आत्मविश्वास. जब आप नकारात्मक महसूस करें अपने माता-पिता, शिक्षकों और शुभचिंतकों के साथ बात करें और उनसे सकारात्मक प्रेरणा ग्रहण करें. तैयारी के दौरान कई बार हमें खुद पर संदेह होने लगता है परंतु यह एक सामान्य बात है. जहां कहीं से भी मिले,  प्रेरणा लेने की कोशिश करें. मैं जानता हूं कि हमारा प्रमुख उद्देश्य परीक्षा को उत्तीर्ण करना होता है और इस दिशा में ही काम होना चाहिये. परंतु इस यात्रा को एक बेहतर आदमी बनने और स्वयं को एक परिवर्तित व्यक्तित्व के तौर पर देखने का प्रयास करें. आत्म विश्वास रखें कि आप न केवल इस परीक्षा को उत्तीर्ण कर लेंगे बल्कि ऐसा परिवर्तन लेकर आएं जिससे हम समाज में सब के लिये एक प्रेरणा बन जायें.
प्रारंभिक परीक्षा के लिये तैयारी
मुझे आशा है कि प्रारंभिक परीक्षा के लिये आपकी तैयारी जोरशोर से चल रही होगी आपको डर और विश्वास की कमी महसूस हो सकती है. अत: आपके प्रारंभिक परीक्षा में उपस्थित होने से पहले मैं यहां पर उस रणनीति के बारे में चर्चा करूंगा जो कि मैंने प्रारंभिक परीक्षा के लिये अपनाई थी. मैं प्रारंभिक परीक्षा के लिये कुछेक उन बातों के बारे में चर्चा करना चाहूंगा कि क्या करें और क्या न करें. 
अपनी स्वयं की रणनीति को न बदलें:
परीक्षा के आखिऱी एक महीने में स्वयं को संसाधनों तक सीमित रखें और ‘‘पुनरीक्षण पुनरीक्षण और पुनरीक्षण‘‘ के सरल मंत्र का पालन करें.
पिछले वर्ष के सं.लो.से.आ. के पेपर्स:
यही एकमात्र बात है जिसका मैं सुझाव देना चाहूंगा, यदि किसी अभ्यर्थी ने अभी तक उन्हें हल नहीं किया है तो वे इन्हें हल करें. इससे न केवल उन क्षेत्रों को समझने में आपको मदद मिलेगी जिनकी किसी को आखिऱी एक माह में फ़ोकस करने की आवश्यकता होती है बल्कि इससे परिशोधन में सुधार के साथ-साथ आपको परीक्षा हाल में समय के प्रबंधन में सहायता मिलेगी.
आखिऱी एक महीने में समय प्रबंधन
प्रारंभिक परीक्षा 3 जून को है. शेष दिनों के लिये अनुसूची बनाने का प्रयास करें. इससे आपको दो तरीके से फायदा होगा, पहला आप इस बात को लेकर शांत और विश्वासी बने रहेंगे कि वास्तविक परीक्षा में जाने से पहले हर क्षेत्र को कवर कर लिया जायेगा और दूसरा इससे आपकी दैनिक आधार पर कार्यकुशलता बढ़ेगी. यह वे बातें हैं जिन्हें मैंने अपनी यात्रा के दौरान गलतियां करके और उनमें सुधार करके किया , लेकिन इनका पालन तभी करें जब आप ये महसूस करें कि ये आपकी स्वयं की ताकत और कमजोरी के आधार पर सही हैं.
स्वास्थ्य:
आखिऱी महीने में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें क्योंकि यह बहुत ही महत्वपूर्ण समय होता है और आप 10-20 मिनट अथवा अधिकतम एक घण्टा अपनी खुराक या व्यायाम को नजऱअंदाज करके बचा सकते हैं लेकिन खुदा न करे यदि कोई बीमार पड़ जाये इससे किसी के भी 3-4 दिन बर्बाद हो सकते हैं.
परीक्षा के दौरान:
जब आप परीक्षा हाल में प्रवेश करें अपने आपसे से कहें कि आप सर्वश्रेष्ठ हैं. मैं निश्चित तौर पर इसे पास कर लूंगा. मुझ पर विश्वास करें यह काम आता है, इससे आत्म विश्वास की भावना उत्पन्न होती है और प्रदर्शन का दबाव कम होता है. इसके अलावा अपने सभी विवरणों को अतिरिक्त सावधानी के साथ भरें. ऐसा हो सकता है कि आप सही उत्तर जानते हुए भी गलती से एक या दो प्रश्नों के गलत उत्तर चिह्नित कर दें (मेरे साथ ऐसा दो बार हुआ). परेशान मत हों और बाकी प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित करें. एक गलती के लिये अपने समूचे पेपर को बर्बाद न होने दें.
प्रारंभिक परीक्षा के लिये कुछ टिप्स
1) स्मृति विज्ञान: यह आपको परीक्षा हाल में तथ्यात्मक सूचना याद करने में सहायता करेगी. उदाहरण के लिये:
क. बचपन+ एमबीए-सीमाओं की लंबाई याद रखने के लिये भारत की घटते क्रम में बंगलादेश, चीन, पाकिस्तान, नेपाल, म्यांमार, भूटान, अफगानिस्तान से सीमा लगती है.
ख. पटना: एकीकृत कार्यक्रम के अधीन मिसाइलों को याद रखने के लिये-पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, नाग, आकाश
ग. एमबीबीएस पेन: सार्क देशों को याद रखने की कला-मालदीव, बंगलादेश, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत, नेपाल.
यह निश्चित तौर पर काम करेगी और महत्वपूर्ण तथ्यों की तैयारी और याद रखने में आपकी जरूरत मददगार होगी.
2) अत्यधिक विकल्प/व्यापक विवरण गलत होने की संभावना होती है: (ध्यान दें: यह कोई नियम नहीं है बल्कि एक अवलोकन है)
मुझे विश्वास है कि हर कोई इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिये कठोर परिश्रम कर रहा है, इस वर्ष की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर योजना भी जरूर बनाई होगी.
अब मैं उनके लिये रणनीति की चर्चा करना चाहूंगा जो कि अगले वर्ष या उसके बाद के लिये प्रारंभिक परीक्षा देने वाले होंगे:
सर्वप्रथम, संसाधन जिनका मैंने अपनी तैयारी के दौरान जिक्र किया था:
प्राचीन इतिहास: आर एस शर्मा द्वारा रचित पुरानी एनसीईआरटी
मध्यकालीन इतिहास: सतीश चंद्र द्वारा रचित पुरानी एनसीईआरटी
आधुनिक इतिहास: बिपन चंद्र द्वारा रचित पुरानी एनसीईआरटी और स्पैक्ट्रम
कला और संस्कृति: कला पर एनसीईआरटी की 11वीं कक्षा की पुस्तक और नितिन सिंघानिया के नोट्स
राजनीति: इंडियन कान्स्टीट्यूशन एट वर्क, लक्ष्मीकांत
अर्थशास्त्र: मृणाल के विडियोज, एनसीईआरटी की 12वीं कक्षा की अर्थशास्त्र की पुस्तक, शंकरगणेश द्वारा रचित भारतीय अर्थव्यवस्था प्रमुख अवधारणाएं
भूगोल: मृणाल के यूट्यूब चैनल पर भूगोल के संबंध में एनसीईआरटी की रजतानिल मैडम के लेक्चर्स
मैपिंग: ओरिएंट ब्लैकसमैन एटलस
पर्यावरण: शंकर्स  के और टीके टुडे एन्वायरमेंट मॉडयूल
विज्ञान: एनसीईआरटी की 11वीं और 12वीं की पुस्तकें
करंट अफेयर्स: विजन एंड इनसाइट्स प्रीलिमिन्स विशिष्ट पत्रिकाएं
ये कुछ प्रमुख संसाधन हैं जिनका मैंने पिछले 3 वर्षों के दौरान अध्ययन किया है और हर बार सफलता हासिल करने में कामयाबी मिली. परंतु मैं पुन: इस बात पर ज़ोर देना चाहूंगा कि संसाधनों को सीमित रखने का प्रयास करें जिनका आप परीक्षा के लिये सदुपयोग करना चाहते हैं और इनका बार-बार अध्ययन करने पर ज़ोर दें. अतंत: किसी के लिये भी महत्वपूर्ण तथ्यों को स्मरण रखना अथवा सही विकल्प चिह्नित करने के लिये परीक्षा में मूलभूत अवधारणाओं की स्पष्ट समझ रखना अनिवार्य है.
विभिन्न संसाधनों में उत्कृष्ट का चुनाव करना: पुन: मैं इस बात पर प्रकाश डालना चाहूंगा कि विभिन्न संसाधनों में से उत्कृष्ट का चुनाव करने का प्रयास  करें और इन पर कायम रहें. मैंने बारंबार अध्ययन के लिये एनसीईआरटी से महत्वपूर्ण पृष्ठों के नोट्स की मदद ली.
संसाधनों पर कायम रहना: जबकि कोई प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कर रहा होता है, वास्तविक प्रारंभिक परीक्षा से कम से कम 4 महीने पहले तक मुख्य परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ समग्र तरीके से अध्ययन करने का प्रयास करें. एक मानक पुस्तक के साथ-साथ प्रत्येक विषय के लिये एक बार सभी एनसीईआरटी की पुस्तकों का अध्ययन करें जिसके साथ भी आप सुगमता महसूस करें. इसके अलावा इंटरनेट और बाज़ार में उपलब्ध व्यापक संसाधनों को लेकर परेशान मत होइए. कोई यह महसूस कर सकता है कि वह अधिक से अधिक सामग्री पढक़र अतिरिक्त जानकारी हासिल कर लेगा अथवा अधिक ज्ञान प्राप्त कर लेगा परंतु आपको अंत में यह याद रखना है कि किसी को भी कम से कम 2-3 बार पुन: अध्ययन करना चाहियें. यदि आप विभिन्न संसाधानों से पढ़ भी रहे हैं तो प्रत्येक विषय पर संक्षिप्त नोट्स बनाने की कोशिश करें और विभिन्न संसाधनों में से उत्कृष्ट संकलन एक स्थान पर तैयार करके रख लें ताकि परीक्षा से पहले आप इनका दो-तीन बार अध्ययन कर सकें.
लघु नोट्स: विभिन्न विषयों पर लघु नोट्स और स्मरणोकारी सामग्री तैयार करने का प्रयास करें इससे आपको इनका तेज़ी के साथ पुन: अध्ययन करने में अवश्य सहायता मिलेगी. संक्षेप में सामग्री बनाने की कोशिश करें ताकि आप शीघ्रता के साथ इनका पुन: अध्ययन कर सकें.
टेस्ट सीरिज और साथियों के समूह का महत्व: इसके अलावा, साथियों के एक अच्छे समूह का गठन करने की कोशिश करें जो कि आपको संपूर्ण तैयारी के दौरान प्रेरित कर सके. सहयोगियों का समूह न केवल किसी को प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ दक्ष बनाता है बल्कि कोई भी उन क्षेत्रों को समझने के लिये लाभान्वित हो सकता है जहां उसके लिये सहजता नहीं है. मेरे साथियों के समूह ने मेरी बहुत मदद की विशेषकर जब कई बार मेरा प्रदर्शन कुछेक विषयों में अच्छा नहीं होता था. बहुत से उतार चढ़ाव होंगे  लेकिन निरन्तरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है. इसके लिये कोई भी अच्छी टेस्ट सीरिज से जुड़ सकता है. इससे दो प्रकार से सहायता मिलेगी-एक समूची तैयारी के लिये शेड्यूलिंग बनाने और साथ ही साथ तैयारी का सिलसिला बनाए रखने में. जब आप कुल मिलाकर सभी विषयों को लेकर सहज महसूस करें तो पिछले 10 वर्षों के प्रारंभिक परीक्षा के पेपरों को हल करें.
समय प्रबंधन: यह प्रमुख क्षेत्रों में से एक है. यहां पर मैं कहना चाहूंगा कि अगले 3-4 महीने की लक्षित योजना बनाने का प्रयास करें और तब मासिक तथा साप्ताहिक योजनाओं में बांटने का प्रयास करें. अपने शेड्यूल के आधार पर इसे दैनिक लक्ष्यों में बांटें. ऐसा कहा जाता है कि जब कोई कार्यरत होता है  वह सप्ताहांत अथवा अवकाश के दिनों में अधिक समय दे सकता है और कार्य दिवसों में हल्की पढ़ाई कर सकता है.
मैं पहले ही आखिऱी 15 दिनों की रणनीति का उल्लेख कर चुका हूं जिसके बारे में मेरा मानना है कि यह प्रारंभिक परीक्षा में सर्वाधिक महत्वपूर्ण चरणों में से एक है. मैं आप सभी को अपने प्रयासों के लिये शुभकामनाएं देता हूं. 
(लेखक सचिन गुप्ता ने सं.लो.से.आ. सिविल सेवाएं परीक्षा 2017 में तीसरा स्थान प्राप्त किया है. उन्होंने सिविल सेवाएं परीक्षा 2016 में 575वां रैंक प्राप्त किया था और इंडियन कार्पोरेट लॉ सर्विस (आईसीएलएस) हासिल की. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, सिरसा (हरियाणा) से प्राप्त की और थापर यूनिवर्सिटी, पटियाला से बी.ई. मैकेनिकल में स्नातक की पढ़ाई पूरी की)