नौकरी फोकस


Volume-20, 18-24 August, 2018

 
डाटा विज्ञान में कॅरिअर

उषा अल्बुकर्क़ एवं निधि प्रसाद

‘‘बड़ा डाटा व्याप्त हो रहे वृह्द प्रचलनों का आधार है’’-
क्रिस लिंच, वर्टिका सिस्टम
डाटा सर्वत्र है. वास्तव में, विद्यमान डिजिटल डाटा की मात्रा तीव्र दर पर विकसित हो रही है और हमारी जीवन जीने की शैली को बदल रही है. यह ऐसा क्षेत्र है जो २० वर्षों पहले तक प्रचलन में नहीं था. फोब्र्स पत्रिका में एक लेख के अनुसार, डाटा अब तक की अपनी सबसे तीव्र गति से विकासशील है और वर्ष २०२० तक, भूमंडल पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रति सेकेंड लगभग १.७ मेगाबाइट नई सूचना सृजित करेगा. डाटा विज्ञान ऐसा क्षेत्र है जो कईं शीर्षों को प्रौद्योगिकी और व्यवसाय संभावनाओं में अंतरित कर रहा है.
डाटा तत्वत: सूचना विज्ञान का नया अंश है, और दूसरी ओर यह वैज्ञानिक पद्धति के अनुगामी किसी कार्य समूह के आशय से उपयोग में लाया जा सकता है. इस तरह, डाटा विज्ञान एक ऐसा क्षेत्र है जो वैज्ञानिक पद्धति को डाटा के बड़े  अंश पर प्रयोग में लाता है. इस डाटा को, व्यवसाय पर इसके की जांच के लिए संचित, व्यवस्थित एवं विश्लेषित किया जाता है.
डाटा विज्ञान, डाटा से प्राप्त निष्कर्षों को उद्घाटित करने से संबद्ध है. यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें डाटा अपमार्जन, विश्लेषण तथा तैयार करने से संबंधित सभी तथ्य निहित हैं. डाटा विज्ञान, मूल डाटा से गुप्त पद्धतियों का पता लगाने के उद्देश्य से विभिन्न साधनों, एल्गोरिद्म और मशीन ज्ञान सिद्धांतों का बहु विषयीय मिश्रण है. यह, विभिन्न तकनीकों और साधनों के उपयोग के माध्यम से डाटा अंतरण एवं संग्रहण तथा निर्णय लेने में सहायता हेतु मूल डाटा से व्यवसाय कुशाग्रता प्राप्त करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया है. सूचना की इस सुनामी के प्रबंधन, इसमें निहित स्पॉट पद्धतियों, निष्कर्ष एवं कुशाग्रता प्राप्त करने का ज्ञान रखने वालों को डाटा वैज्ञानिक या डाटा विश्लेषक कहते हैं.
डाटा विज्ञान का जादू सर्वत्र है-राजनीतिक चुनावों में हमारे वोट देने से लेकर इंस्टीग्राम पर अपलोड की जाने वाली पिक्चरों, इंटरनेट खोजने, फेसबुक, गेमिंग तथा वेबसाइट पर मूल्य की तुलना करने तक-सूचना का प्रत्येक अंश डाटा है. इतनी अधिक मात्रा में डाटा एवं सूचना उपलब्ध होने से, संगठन प्रगति का मूल्यांकन करने, समाधान निकालने तथा निर्णय लेने में इस डाटा से अंतर्दृष्टि/कुशाग्रता का उपयोग करने पर अधिकाधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.
डाटा विज्ञान को ‘‘इक्कीसवीं शताब्दी का सबसे आकर्षक रोज़गार’’ कहा जा रहा है. यह सर्वत्र अपनी उपस्थिति अनुमत करा रहा है, और मैककिनसे एंड कंपनी के अनुसार बिग डाटा उत्पादकता वृद्धि, नवप्रवर्तन एवं उपभोक्ता अतिरेक की नई लहरों को वेग देते हुए, प्रतिस्पर्धा का एक मुख्य आधार बनेगा.
डाटा विज्ञान, बिग डाटा एवं डाटा विश्लेषण-विज्ञान के बीच अंतर चूंकि ये सभी तीनों शब्द ‘‘डाटा’’ शब्द से संबद्ध हैं, इसलिए इन तीनों शब्दों के बारे में एक व्यापक भ्रांति है. ये तीनों शब्द समान नहीं हैं और इन तीनों शब्दों के बीच काफी भिन्नता है.
*डाटा विज्ञान : डाटा अध्ययन का एक विज्ञान है और इसमें, डाटा से ज्ञान प्राप्त करने के लिए एल्गोरिद्म तथा मॉडलों का सृजन करना
निहित है.
*डाटा विश्लेषण विज्ञान : इसका आशय डाटा से निष्कर्ष तैयार करने के लिए डाटा का विश्लेषण करने से है. इसका मुख्य रूप से उपयोग कार्य-नीतिगत निर्णय लेने एवं समस्या समाधान के लिए व्यवसायों द्वारा किया जाता है.
*बिग डाटा : मूलत: ऐसा शब्द है जो डाटा की बड़ी मात्राओं का विवरण देता है. यह स्वयं में एक क्षेत्र नहीं है, किंतु बिग डाटा के विश्लेषण का उपयोग कईं विभिन्न क्षेत्रों में और व्यवसायों द्वारा बेहतर निर्णय लेने में किया जाता है.
इस तरह डाटा वैज्ञानिक साधनों तथा एल्गोरिद्म का सृजन करते हैं जिनका उपयोग बिग डाटा सहित डाटा की समझ के लिए किया जा सकता है. इसके लिए वे प्रौद्योगिकी, मशीन ज्ञान और गणितीय सिद्धांतों का उपयोग करते हैं. दूसरी ओर डाटा विश्लेषक इन मॉडलों को, अच्छे व्यवसाय निर्णय लेने में सहायता करने हेतु सभी प्रकार के व्यवसाय डाटा का विश्लेषण करने में प्रयोग में लाते हैं.
सामान्यत: किसी डाटा वैज्ञानिक को यह जानने की आवश्यकता होती है कि उस बिग डाटा का आउटपुट क्या हो सकता है, जिसका वह विश्लेषण कर रहा है. उसके पास एक ऐसी स्पष्ट परिभाषित योजना भी होनी चाहिए कि आउटपुट को उपलब्ध संसाधनों एवं समय के साथ कैसे प्राप्त किया जा सकता है. अधिकांश सभी डाटा विज्ञानियों को बिग डाटा का विश्लेषण करने के अपने प्रयास के पीछे छुपे कारणों का पता होना चाहिए.
किसी निर्धारित दिन, उक्त सभी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए डाटा विज्ञानी को निम्नलिखित की आवश्यकता हो सकती है :
*बहु-स्रोतों से व्यापक डाटा संकलन.
*उपलब्ध मेसी डाटा पर अनुसंधान करना और एकत्र किए गए डाटा पर विश्लेषण द्वारा ऐसे प्रश्न तैयार करना जिनका उत्तर देना अपेक्षित हो.
*डाटा के भविष्य सूचक मॉडल में संयोजन के लिए उच्च विश्लेषिक कार्यक्रमों, मशीन ज्ञान तथा सांख्यिकीय पद्धतियों को उपयोग में लाना.
*अप्रासंगिक सूचना को हटाने के लिए डाटा की बड़ी मात्रा को अद्यतन करना.
*रुझान, अवसरों और कमजोरियों को भी निर्धारित करने के लिए डाटा का अन्वेषण एवं विश्लेषण करना.
*अत्यधिक दबाव वाली चुनौतियों पर विजय प्राप्त करने के लिए डाटा समर्थित समाधान देना.
*समस्याओं के समाधान हेतु, यदि आवश्यक हो, नए एल्गोरिद्म बनाना.
*डाटा मानसिक चित्रण एवं रिपोर्टों के माध्यम से विश्लेषित डाटा से अनुमानों का संचार.
*कंपनियों को विद्यमान कार्य-नीतियों हेतु प्रभावी परिवर्तनों की अनुशंसा करना.
पात्रता :
सफल डाटा विज्ञानी अनेक विभिन्न विषयों : इंजीनियरी, सांख्यिकी, इकॉनोमीट्रिक्स, कंप्यूटर विज्ञान, भौतिकी, अनुप्रयुक्त गणित तथा अन्य परस्पर संबद्ध विषयों से आते हैं. यद्धपि प्रोग्रामिंग एवं सांख्यिकीय विशेषज्ञता किसी भी डाटा विज्ञानी के लिए आधार है, किंतु व्यवसाय और कार्य नीति का सशक्त ज्ञान आपको अपना कॅरिअर आगे बढ़ाने में सहायक हो सकता है.
अपेक्षित कौशल : डाटा विज्ञान की प्रकृति बहु-विषयीय होने के कारण, आपको गणित, सांख्यिकी, कंप्यूटर विज्ञान, एवं हैकिंग/कोडिंग के ज्ञान सहित तकनीक तथा व्यवसाय कौशल एवं व्यवसाय या विज्ञान के किसी क्षेत्र में विशेषज्ञताधारी होना चाहिए. कृत्रिम आसूचना की संकल्पना एवं मशीन शिक्षण के बारे में भी ज्ञान लाभकारी है.
डाटा विष्लेषक में निम्नलिखित गुण होने अपेक्षित हैं :
*सशक्त विश्लेषिक कौशल.
*किसी डाटा विश्लेषक में प्रभावी संचारी एवं प्रस्तुति कौशल भी होने चाहिएं, क्योंकि यह डाटा प्रबंधन एवं समझ को बढ़ाता है और अच्छे निर्णय लेने में सहायता करता है.
*सांख्यिकीय साधनों का बुनियादी उपयोग एवं गणितीय परिकलन तीव्रता से करना.
*बड़ी संख्याओं एवं परिकलनों के साथ कार्य करने की क्षमता.
*प्रोग्रामिंग भाषाओं जैसे जावा, पर्ल, सी++, पाइथॉन आदि की अच्छी समझ.
*एसएएस, आर, हेडूप एवं टेबल्यू जैसे डाटा विश्लेषण सॉफ्टवेयर का व्यापक ज्ञान.
*एसक्यूएल डाटाबेस तकनीकों की जानकारी.
*सूक्ष्म तर्कणा कौशल और समस्या-समाधान कौशल.
*डाटा मानसचित्रण एवं संचार क्षमता.
संभावना : डाटा विज्ञानी मांग में हैं और उपयुक्त कौशल रखने वाले उम्मीदवारों को आकर्षक कॅरिअर उपलब्ध होगा, डाटा विज्ञानियों की व्यापक मांग है, यह मांग उपलब्ध उम्मीदवारों की तुलना में अधिक संख्या में है.
डाटा विज्ञानियों की भूमिकाएं किसी एक विशेष उद्योग तक ही सीमित नहीं हैं. वित्तीय सेवाएं, विनिर्माणी एवं संभार-तंत्र क्षेत्र नए उभर रहे बाजार हैं, तथा सरकारी संकेंद्रित डाटा विज्ञानियों की भूमिकाओं की लोकप्रियता में हाल ही में वृद्धि हुई है. तथापि, हमें आशा है कि डाटा विज्ञानियों की भूमिकाएं सभी उद्योगों में सर्वव्यापी होंगी. कंपनियों को उद्योग विशिष्ट अनुभव की आवश्यकता है,  इसलिए सुनिश्चित कर लें कि आप अपनी पसंद के क्षेत्र की खोज कर रहे हैं तथा अपने कौशल को इतना तीक्षण कर लें कि आपका जीवनवृत्त भर्तीकर्ताओं को महत्वपूर्ण लगे.
डाटा विज्ञानी, डाटा विश्लेषक, बिग डाटा इंजीनियर और सांख्यिकीविद् जैसी रोज़गार प्रोफाइल कंपनियों द्वारा व्यापक रूप में तलाश की जा रही है.
डाटा विज्ञान थोक से लेकर सरकारी, जैव प्रौद्योगिकी से लेकर निम्नलिखित अनेक क्षेत्रों में एक बिग डील है :
*ऊर्जा
* वित्त
*गेमिंग एवं आतिथ्य
*सरकारी
*स्वास्थ्य परिचर्या
*बीमा
*इंटरनेट
*विनिर्माण
*भेषज
*थोक
*दूरसंचार
*भ्रमण एवं परिवहन
*जनोपयोगी सेवा
डाटा विज्ञानियों को रखने वाली कुछ बड़ी भारतीय कंपनियां :
*सेवा आधारित कंपनी-फ्रैक्टल एनालिस्टिक्स, क्यू सिगमा, सिटी बैंक, एचसीएल, उबर, गोल्डमैन सेश, आईबीएम, जेपी मोर्गन, चेज, एसेंच्योर, केपीएमजी, ई एंड वाई एंड कैपजेमिनी.
*उत्पाद से जुड़ी कंपनी-एमाज़ोन, फिल्पकार्ट, पेटीएम, हैप्टिक आदि.
*एसएएएस-आधारित कंपनी-विंगीफाई, वेबएंगेज आदि.
कंपनियों ने ऐसे व्यापक व्यवसाय मूल्य को स्वीकार किया गया है जो डाटा का उपयोग करके दिया जा सकता है. गूगल, एमज़ोन, फेस-बुक, बाइडू कुछ ऐसी कंपनियां हैं जिन्होंने डाटा उत्पाद में निवेश किया है.
डाटा विज्ञान में पाठ्यक्रम चलाने वाले कुछ कॉलेज :
इस तरह डाटा विज्ञानी के रूप में कॅरिअर बनाने के लिए गणित, सांख्यिकी, अर्थशास्त्र,  इंजीनियरी, कंप्यूटर विज्ञान आदि में डिग्रियां एक अच्छा आधार देने में सहायक हो सकती हैं. डाटा विज्ञान में किसी कॅरिअर के लिए आधार देने में सहायक सांख्यिकी, गणित, अर्थशास्त्र, कंप्यूटर विज्ञान डिग्रियां चलाने वाले कुछ उच्च स्नातक कॉलेज :
*भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) बहु-स्थानिक.
*दिल्ली विश्वविद्यालय (विभिन्न कॉलेज).
*आईआईटी कानपुर गणित एवं वैज्ञानिक कंप्यूटिंग में बीटेक (विभिन्न शाखाएं), बीएस कराता है.
*भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, (बहु-स्थानिक) विज्ञान उपयुक्त छात्रों के लिए एकीकृत पाठ्यक्रम-बीएस-एमएस कार्यक्रम चलाता है.
स्नातकोत्तर योग्यता हेतु आप व्यवसाय विश्लेषण विज्ञान, बिग डाटा, डाटा विज्ञान या उक्त उल्लिखित किसी अन्य क्षेत्र (गणित, सांख्यिकी, कंप्यूटर विज्ञान, आदि) में स्नातकोत्तर डिग्री कर सकते हैं.
डाटा विज्ञान/डाटा विश्लेषण विज्ञान में कॅरिअर बनाने के लिए कुछ उच्च स्नातकोत्तर संस्थान :
*भारतीय व्यवसाय विद्यालय (आईएसबी), हैदराबाद- व्यवसाय विश्लेषण विज्ञान में प्रमाणपत्र (सीबीए) चलाता है.
*आईआईएम बंगलौर - व्यवसाय विश्लेषण विज्ञान तथा आसूचना में कार्यक्रम चलाता है.
*आईआईएम कलकत्ता - डाटा विज्ञान में उच्च कार्यक्रम चलाता है.
*आईआईटी खडग़पुर (आईएसआई, आईआईटी खडग़पुर एवं आईआईएम कलकत्ता संयुक्त कार्यक्रम) -व्यवसाय विश्लेषण विज्ञान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा चलाता है.
*आईआईएम लखनऊ कार्यपालकों हेतु व्यवसाय विश्लेषण विज्ञान में प्रमाणपत्र कार्यक्रम (सीपीबीएई) चलाता है.
*आईआईटी बंबई - व्यवसाय विश्लेषण विज्ञान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा चलाता है.
*एसपी जैन वैश्विक प्रबंधन स्कूल बिग डाटा एवं विजुअल विश्लेषण विज्ञान में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम चलाता है.
*राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (एनआईएसएम) डाटा विज्ञान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा चलाता है.
कुछ प्रसिद्ध डाटा विज्ञान प्रमाणन में निम्नलिखित शामिल हैं :
*प्रमाणित विश्लेषण विज्ञान व्यवसायी (सीएपी)-कैम कार्यक्रम.
*भविष्य सूचक विश्लेषण विज्ञान में प्रमाणित विशेषज्ञ (सीएसपीए)-सीएएस संस्थान
*क्लाउडरा प्रमाणित व्यवसायी : सीसीपी डाटा इंजीनियर-क्लाउडरा
*आईएपीए विश्लेषण विज्ञान शंसापत्र आईएपीए
*एसएएस डाटा विज्ञान अकादमी-एसएएस संस्थान
*एसएएस प्रमाणित बिग डाटा व्यवसायी/डाटा विज्ञानी-एसएएस संस्थान
*सिम्पलीलर्न डाटा विज्ञान प्रमाणन प्रशिक्षण सिम्पलीलर्न
*टेराडाटा एस्टर विश्लेषण विज्ञान प्रमाणन-टेराडाटा
भारत में अनेक ऐसे व्यक्ति हैं जो मात्रात्मक, गणितीय एवं सांख्यिकीय कौशल में सुप्रशिक्षित हैं. किंतु यदि आप वास्तव में डाटा विज्ञानी बनना चाहते हैं तो आपको आधुनिक कौशल की आवश्यकता होगी, क्योंकि डाटा व्यवसाय का नया मूल आधार बनता जा रहा है.
डाटा विज्ञान में कॅरिअर बनाने के लिए ३ कार्यनितियां उपयोगी हैं :
*उद्योग के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लेकर अपने कौशल का निर्माण करना और उसे उन्नत करना प्रारंभ करें.
*चालू परियोजनाएं करें ताकि इस क्षेत्र में अपना कौशल प्रदर्शित करते समय यह आपके जीवनवृत्त में एक अतिरिक्त विशेषज्ञता जोड़ सके.
*और सेवा प्राप्त करें.
(उषा अल्बुकर्क एवं निधि प्रसाद कॅरिअर्स स्मार्ट, नई दिल्ली में क्रमश: निदेशक और काउंसलिंग सायकोलोजिस्ट हैं) ई-मेल: careerssmartonline @gmail.com