नौकरी फोकस


Volume-1-7 September, 2018

 
केन्द्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना

श्वेता तिवारी

राष्ट्र-निर्माण में अध्यापक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वे भारत के अधिकांश नागरिकों के लिए ज्ञान का मूल स्त्रोत होते हैं, उनका कार्य बच्चों को शिक्षित करने तक ही सीमित नहीं होता है, बल्कि उन्हें ज्ञान से सम्पन्न बनाना भी उनका कार्य है. वे छात्रों के व्यक्तित्व को निखारते हैं और उनके सामथ्र्य को पूर्ण बनाते हैं. एक प्रसिद्ध कहावत है, ‘‘अध्यापन एक ऐसा व्यवसाय है जो अन्य सभी व्यवसायों का सृजन करता है.’’ यह एक श्रेष्ठ तथा चुनौतीपूर्ण व्यवसाय है क्योंकि किसी भी बच्चे के विकास में सहायता करने के लिए यह कई पहलुओं को जोड़ता है. किसी भी अच्छे अध्यापक में अच्छे संचार कौशल, प्रबंधकीय कौशल, पठन एवं लेखन कौशल, कथाकारिता कौशल होना अनिवार्य रूप से आवश्यक है. भारत को एक शिक्षित राष्ट्र तथा विश्व गुरू बनाने के लिए देश को, अध्यापन एक व्यवसाय के रूप में चुनने वाले एक प्रतिभा सम्पन्न पूल की आवश्यकता है. सी.टी.ई.टी. (केन्द्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा) २०११ में भारत सरकार द्वारा लागू अध्यापकों के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है जो इस उद्देश्य को पूरा करने के संबंध में एक बड़ा कदम है.
सी.टी.ई.टी. यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई थी कि सभी छात्रों के लिए ज्ञान के एक निश्चित स्तर वाले अध्यापक उपलब्ध हों और अध्यापन समुदाय में राष्ट्रीय मानक भी लागू किए जा सके. इस परीक्षा में वे न्यूनतम पात्रता योग्यताएं शामिल हैं जो कक्षा- I से VIII तक के अध्यापक के रूप में नियुक्ति के लिए किसी व्यक्ति के पास होनी चाहिएं. यह परीक्षा स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत बच्चों के लिए नि:शुल्क शिक्षा के लक्ष्य को प्रभावी रूप में पूरा करने के लिए संचालित की जाती है. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एन.सी.टी.ई.) ने, शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा २३ की उप-धारा (१) के प्रावधानों के अनुसार कक्षा- II से VIII में अध्यापकों के लिए न्यूनतम योग्यताएं निर्धारित की हैं. शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा २ के खंड (एन) में यथा उल्लिखित, किसी स्कूल में एक अध्यापक के रूप में नियुक्ति हेतु किसी व्यक्ति को पात्र माने जाने के लिए एक अनिवार्य योग्यता यह है कि वह, एन.सी.टी.ई. द्वारा उल्लिखित किए जाने वाले दिशानिर्देशों के अनुसार सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली अध्यापक पात्रता परीक्षा (टी.ई.टी.) उत्तीर्ण होना चाहिए. एक अध्यापक के रूप में नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में टी.ई.टी. का आधार यह है कि (क) भर्ती- पद्धति में अध्यापक गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानक तथा मानदण्ड लाना. (ख) अध्यापक शिक्षा संस्थाओं और इन संस्थाओं के छात्रों को बढ़ावा देना और निष्पादन स्तर को बढ़ाना. (ग) सभी सहभागियों (स्टेकहोल्डर्स) को एक सकारात्मक संकेत देना कि अध्यापक गुणवत्ता पर सरकार विशेष ध्यान देती है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने केन्द्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सी.टी.ई.टी.) का संचालन करने की जिम्मेदारी केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई.), दिल्ली को सौंपी है.
सी.टी.ई.टी. उत्तीर्ण करना उन उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है जो केन्द्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, केन्द्रीय तिब्बती विद्यालयों, केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव तथा अंडमान नीकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन स्कूलों सहित केन्द्र सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के इच्छुक है. अनेक गैर- सरकारी सहायता प्राप्त निजी स्कूल भी अध्यापकों की नियुक्ति करते समय सी.टी.ई.टी. अंकों पर विचार करते हैं. राज्य अध्यापक पात्रता परीक्षा (टी.ई.टी.) संचालित नहीं करने वाली कुछ राज्य सरकारें भी सी.टी.ई.टी. पर विचार करती हैं. तथापि, यह नोट किया जाना चाहिए कि यह परीक्षा उत्तीर्ण करना अध्यापन रोज़गार की गारंटी नहीं है. नियुक्तियां, अनेक अन्य तथ्यों पर भी निर्भर करती है
सीटीईटी वर्ष में दो बार -फरवरी और सितंबर में आयोजित की जाती है. यह ऑफलाइन आयोजित की जाती है. किसी व्यक्ति द्वारा सी.टी.ई.टी. प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए किए जाने वाले प्रयासों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है. एक उम्मीदवार जिसने परीक्षा उत्तीर्ण की है वह भी अपने स्कोर में सुधार के लिए फिर से यह परीक्षा दे सकता है. छात्र इसकी आधिकारिक वेबसाइट : ctet.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है और ऑनलाइन पंजीकरण पूरा कर सकता है. ऑनलाइन पंजीकरण आमतौर पर परीक्षा की तारीख से ३ महीने पहले खुलता है और १ महीने तक चलता रहता है. परीक्षा में उपस्थित उम्मीदवारों को अंक-विवरण जारी किया जाता है. ६०' और उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को पात्रता प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं. सभी श्रेणियों के योग्यताप्राप्त उम्मीदवारों के अंक इस परिणाम की घोषणा की तारीख से ७ वर्ष के लिए मान्य होते हैं.
कक्षा I-VIII  के अध्यापक बनने के लिए मूल योग्यता:
सीबीएसई संबद्धता उप-नियम ५३ सीबीएसई से जुड़े स्कूलों में कक्षा १ से आठवीं कक्षा तक विभिन्न विषयों को पढ़ाने के लिए अध्यापकों के लिए न्यूनतम योग्यता निर्धारित करता है. इसके प्रावधानों के अनुसार, यह अनिवार्य है कि मार्च २०१२ के बाद नियुक्त अध्यापकों को सीटीईटी या टीईटी अर्हता प्राप्त करना आवश्यक है. प्राथमिक चरण (कक्षा I-V) के लिए सीटीईटी में उपस्थित होने के लिए उम्मीदवार कम से कम ५०' अंकों के साथ वरिष्ठ माध्यमिक पास होना चाहिए और प्रारंभिक शिक्षा में २ वर्षीय डिप्लोमा उत्तीर्ण हो या उसकी अंतिम परीक्षा में बैठा हो अथवा प्रारंभिक शिक्षा की ४-वर्षीय स्नातक डिग्री. (बी.ई.एल.एड.) उत्तीर्ण हो या अंतिम वर्ष की परीक्षा में बैठा हो. कक्षा ङ्कII से VIII (प्रारंभिक चरण) के अध्यापक बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक है और प्रारंभिक शिक्षा में २ वर्षीय डिप्लोमा उत्तीर्ण होना चाहिए अथवा अंतिम वर्ष में बैठे हों या न्यूनतम ५०' अंकों के साथ स्नातक हों और १- वर्षीय शिक्षा स्नातक (बी.एड.) उत्तीर्ण हों या बैठे हों अथवा प्रारंभिक शिक्षा में ४ वर्षीय स्नातक डिग्री (बी.ई.एल.एड) उत्तीर्ण हों या अंतिम वर्ष में बैठे हों.
सी.टी.ई.टी. परीक्षा की संरचना:
सी.टी.ई.टी. परीक्षा में बहु- विकल्प वाले प्रश्न (एम.सी.क्यू.) पूछे जाते हैं, जिसमें प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होता है. गलत उत्तर के अंक नहीं काटे जाते हैं. इसके दो प्रश्न पत्र होते हैं. प्रश्न-पत्र -II उन उम्मीदवारों के लिए होता हैजो कक्षा II से ङ्क तक के अध्यापक बनना चाहते हैं, जबकि प्रश्न पत्र-IIII उन उम्मीदवारों के लिए होता है जो कक्षा- V से VIII तक के अध्यापक बनना चाहते हैं. दोनों स्तर के अध्यापक बनने के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को दोनों प्रश्न-पत्रों में बैठना आवश्यक होता है. परीक्षा की अवधि ढ़ाई (२-१/२) घंटे होती है.
सीटीईटी पाठ्यक्रम:
प्रश्न-पत्र  II और IIII के लिए सीटीईटी २०१८ के पाठ्यक्रम में कक्षा १ से आठवीं कक्षा के लिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में निर्धारित विषय शामिल होते हैं. कठिनाई का स्तर भी वरिष्ठ माध्यमिक चरण के स्तर तक का होता है. उम्मीदवारों का दो भाषाओं के लिए परीक्षण किया जाता है, एक शिक्षा के माध्यम  के रूप में और दूसरी भाषा जिसे वे चुन सकते हैं. दूसरी भाषा के लिए, उम्मीदवारों का भाषा, संचार और समझ क्षमताओं के तत्वों पर परीक्षण किया जाता है. बाल विकास और शिक्षा शास्त्र भाग के पाठ्यक्रम में शिक्षण क्षमता और छात्रों से संबंधित विषय शामिल हैं जो वे भारत में प्राथमिक एवं प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों के रूप में सीटीईटी और भर्ती के योग्य होने के बाद पढ़ाएंगे.  पेपर-II में, बाल विकास और अध्यापन पर परीक्षण मदें ६-११ वर्षों के आयु वर्ग के लिए प्रासंगिक शिक्षण और अध्यापन के शैक्षणिक मनोविज्ञान पर केंद्रित हैं. वे विविध शिक्षार्थियों की विशेषताओं और आवश्यकताओं, शिक्षार्थियों के साथ बातचीत और सीखने की एक अच्छी सुविधा के गुणों को समझने पर केंद्रित होती हैं.
प्रश्न-पत्र-II की परीक्षा पद्धति
विषय:    
बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र
प्रश्न 
३०
अंक
३०
विषय:    
भाषा-II (अनिवार्य)
प्रश्न 
३०
अंक
३०
 
विषय:    
भाषा-IIII (अनिवार्य)   
प्रश्न 
३०
अंक
३०
 
विषय:    
गणित    
प्रश्न 
३०
अंक
३०
 
विषय:    
पर्यावरणीय अध्ययन
प्रश्न 
३०
अंक
३०
कुल १५०  १५०
प्रश्न-पत्र IIII में बाल विकास तथा शिक्षा शास्त्र पर परीक्षण मदें ११ से १४ वर्ष की आयु-समूह से प्रासंगिक अध्यापन एवं शिक्षण के शैक्षिक मनोविज्ञान पर केंद्रित होती हैं. वे विविध शिक्षार्थियों की विशेषताओं, आवश्यकताओं तथा मनोविज्ञान को समझने, शिक्षार्थियों से बातचीत तथा शिक्षण की अच्छी सुविधा के गुणों पर ध्यान केंद्रित होती हैं. बाल विकाय एवं शिक्षा शास्त्र के महत्वपूर्ण विषयों में ज्ञान के सिद्धांत, बाल विकास के सिद्धांत, शिक्षण सिद्धांत, आसूचना सिद्धांत, निर्धारण तथा मूल्यांकन, मनोविज्ञान की संकल्पना शामिल हैं.
सी.टी.ई.टी.
गणित एवं विज्ञान अध्यापकों के लिए प्रश्न-पत्र IIII की सी.टी.ई.टी. २०१८ परीक्षा पद्धति :
विषय:
बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (अनिवार्य)
प्रश्न 
३०
अंक
३०
 
विषय:
भाषा-II (अनिवार्य) प्रश्न 
प्रश्न 
३०
अंक
३०
 
विषय:
भाषा-IIII (अनिवार्य)   
प्रश्न 
३०
अंक
३०
    
विषय:
गणित एवं विज्ञान (गणित एवं विज्ञान के अध्यापकों के लिए)
प्रश्न 
६०
अंक
६०
कुल १५०  १५०
सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान अध्यापकों के लिए प्रश्न-पत्र-IIII की सी.टी.ई.टी. २०१८ परीक्षा पद्धति
विषय:
बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (अनिवार्य)
प्रश्न 
३०
अंक
३०
 
विषय:
भाषा-II (अनिवार्य)
प्रश्न 
३०
अंक
३०
 
विषय:
भाषा-IIII (अनिवार्य)   
प्रश्न 
३०
अंक
३०
 
विषय:
सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान (सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान के अध्यापकों के लिए)
प्रश्न 
६०
अंक
६०
कुल १५०  १५०
प्रश्न-पत्र IIII की सी.टी.ई.टी. २०१८ परीक्षा पद्धति :
(सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान, गणित एवं विज्ञान के अध्यापकों के अतिरिक्त)
विषय:    
बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (अनिवार्य)
प्रश्न 
३०
अंक
३०
 
विषय:    
भाषा-II (अनिवार्य)
प्रश्न 
३०
अंक
३०
 
विषय:    
भाषा-IIII (अनिवार्य)
प्रश्न 
३०
अंक
३०
विषय:    
गणित एवं विज्ञान (गणित एवं विज्ञान के अध्यापकों के लिए) या सामाजिक अध्ययन/ सामाजिक विज्ञान
(सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान के अध्यापकों के लिए)
प्रश्न 
६०
अंक
६०
कुल १५०  १५०
सी.टी.ई.टी. परीक्षा में पूछे गए प्रश्न सामान्य और बुनियादी होते हैं. अभ्यर्थियों को एनसीईआरटी पुस्तकों का पूरी तरह से अध्ययन करना चाहिए. उन्हें प्रतिदिन समाचार पत्र पढऩा चाहिए और दैनिक समाचार देखने चाहिएं. पिछले वर्ष के पेपरों और प्रश्न पत्रों को हल करें और अभ्यास करें. प्रश्नों का उत्तर देने के लिए समय प्रबंधन महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रश्न आसान दिखाई देते हैं लेकिन उत्तर कभी-कभी मुश्किल हो सकते हैं क्योंकि अनुमानित डेटा उपलब्ध होता है.
सी.टी.ई.टी. २०१८
सी.टी.ई.टी. २०१८ ऑनलाइन आवेदन पत्र अब वेबसाइट ctet.nic.in है. इच्छुक उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर २७ अगस्त, २०१८ से पहले आवेदन करना होगा. अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए पोर्टल २७ अगस्त, २०१८ को दिन के अंत तक खुला रहेगा. हालांकि, शुल्क ३० अगस्त, २०१८ को दोपहर ३.३० बजे तक भुगतान किया जा सकता है. इससे पहले, १६ सितंबर, २०१८ परीक्षा की तारीख के रूप में अधिसूचित की गयी थी लेकिन इसे अब बदल दिया गया है. सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा तिथि से संबंधित किसी भी अद्यतन जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें.
लेखिका मुंबई स्थित फ्रीलांस काउंसलर है उनकी ई-मेल आईडी : shweta82saras@gmail.com. है