नौकरी फोकस


volume-46, 16 - 22 February, 2019

कॅरिअर के रूप में अनुवाद और इसकी संभावनाएं

(अंतिम भाग)

डॉ. भरत सिंह नेगी और प्रभा नेगी

मल्टीमीडिया स्थानीकरण

वीडियोग्राफिक्स, एनिमेशन, जीआईएफ, इन्फोग्राफिक्स- इन सभी को मल्टीमीडिया के अंतर्गत एक समूह में रखा जा सकता है, और यह आज बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकाधिक कंपनियां श्रोताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए और उन्हें व्यस्त रखने के लिए मल्टीमीडिया सामग्रियों का निर्माण कर रही हैं. इस सामग्री को स्थानीय बनाना अत्यधिक पेचीदा कार्य हो सकता है, यद्यपि ऊपर से कार्य आसान दिख सकता है- क्योंकि  इसे स्थानीय संस्कृति के लिए उपयुक्त होना ही होगा और उस क्षेत्र के ग्राहकों के लिए प्रभावकारी होना होगा. यदि आप इसे सही रूप में स्थानीय नहीं बनाते हैं तो आप अपने ग्राहकों को खो देंगे और वे आपसे दूर हो जाएंगे.

अनुवाद अनेक क्षेत्रों या प्रकृति का होता है यह केवल शब्दों से शब्दों का अनुवाद नहीं होता है. विभिन्न प्रकार के अनुवाद करने के लिए अलग-अलग तरीकों की आवश्यकता होती है. इसके परिणामस्वरूप, कई अनुवादक अनुवाद के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता करते हैं जिससे उनके पास श्रेष्ठ विशेषज्ञता और अनुभव होता है. किसी ऐसे अनुवादक को ढंूढना अत्यधिक कठिन होता है जो सभी प्रकार के अनुवाद करने में सक्षम हो और उच्च कोटि का अनुवाद कार्य कर सकें. 

मौखिक अनुवाद

यह अनुवाद मौखिक रूप में किया जाता है, इसे, इसके परिवेश की प्रकृति- जिसमें इसे किया जाता है, के बावजूद व्याख्या के रूप में संदर्भित किया जाता है. यह व्यावसायिक अथवा गैर-व्यावसायिक हो सकता है.

लिखित अनुवाद

ऐसा अनुवाद लिखित रूप में किया जाता है. इसे स्रोत भाषा से लक्षित भाषा में लिखा जाता है और प्रलेख रूप में प्रस्तुत किया जाता है. मौखिक अनुवाद और लिखित अनुवाद में अंतर बहुत स्पष्ट है क्योंकि हमने उन्हें क्रमश: परिभाषित किया है. मैं यहां यही कहना चाहूंगा कि मौखिक अनुवाद दुभाषिये द्वारा किया जाता है और लिखित अनुवाद अनुवादक द्वारा.

कंप्यूटर/मशीन आधारित अनुवाद

यह इस प्रकार का अनुवाद है जिसे प्रोग्रामबद्ध सॉफ्टवेयर का उपयोग करके किया जाता है. सॉफ्टवेयर, पाठ का विश्लेषण करता है. भाषा का पता लगाता है और अनुदित पाठ को लक्षित भाषा में प्रस्तुत करता है- यद्यपि उक्त अधिकांश प्रकार के अनुवादों के कई उप-क्षेत्र होते हैं या उनके अंतर्गत अनुवाद के कई प्रकार है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:-

शब्दश: अनुवाद

यहां किसी प्रलेख का अनुवाद शब्दश: आधार पर किया जाता है. ऐसे अनुवाद में कई बार संपूर्ण प्रलेख के अर्थ पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है, केवल प्रत्येक शब्द को मूल भाषा से लक्षित भाषा में अनुदित किया जाता है.

शाब्दिक अनुवाद

यह मुख्य रूप से, अनुदित प्रलेख में उनके अर्थ को बनाए रखने के लिए, विवरणों के व्याकरणिक निर्माण पर कार्य करता है.

मुक्त अनुवाद

इस प्रकार का अनुवाद मुख्य रूप से लक्षित भाषा के मूल निवासियों द्वारा आसानी से समझने के लिए लक्षित भाषा के प्राकृतिक रूप अर्थात संदर्भ और वाक्य विन्यास में

किया जाता है, किंतु इसके साथ प्रलेख के मूल अर्थ को भी बनाए रखा जाता है.

मुहावरेदार अनुवाद

यह अनुवाद मुक्त अनुवाद जैसा ही होता है जहां प्रलेख का अनुवाद, उसके मूल अर्थ को बनाए रखते हुए किया जाता है, किंतु इसे आसानी से समझने के लिए इसमें लक्षित भाषा के प्राकृतिक मुहावरों और लोकोक्तियों को रखा जाता है.

व्याख्यात्मक अनुवाद

इस प्रकार का अनुवाद मूल या स्रोत पाठ की व्यापक व्याख्या, विवरण और अर्थ देता है न कि मूल पाठ अथवा प्रलेख के शब्दों का  केवल अनुवाद.

आस्थावान अनुवाद

ये इस प्रकार के अनुवाद हैं जो मूल पाठ या दस्तावेज के प्रति वफादार बने रहते हैं और दस्तावेज का अनुवाद करते समय प्रासंगिक प्रस्तुति और दस्तावेज में उपयोग किए जाने वाले सांस्कृतिक शब्दों को पुन: प्रस्तुत करने की कोशिश करते हैं. इसलिए, किसी भी अनुवादक या अनुवाद एजेंसी के लिए अपनी अनुवाद सेवाओं को सही करने के लिए, उन्हें पहले विभिन्न प्रकार के अनुवादकों को पूरी तरहे से समझना होता है और मूल और अनुदित दस्तावेज दोनों के बेहतर उपयोग के लिए कैसे शुरू किया जाए. किसी भी अनुवाद कार्य को करते समय इस प्रकार के अनुवाद को समझना एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अनुवादकों को यह निर्धारित करने की आवश्यकता होती है कि एक भाषा से दूसरी भाषा में केवल शब्दों के रूपांतरण के बजाय किस तरह का अनुवाद उपयुक्त होता है.

जब आपको अनुवाद सेवाओं की आवश्यकता होती है, तो आपको सलाह दी जाती है कि एक ऐसी अनुवाद एजेंसी से परामर्श करें जो पेशेवर सेवाएं दे सकें. ऐसा इसलिए है क्योंकि अनुवाद कंपनियों को इन अनुवाद प्रकारों की बेहतर समझ होती है और वे उचित मार्गदर्शन कर सकते हैं. यह पाठकों, पर्यावरण या स्थिति से मेल खाने के लिए किसी दिए गए पाठ या शब्द का सही अनुवाद सुनिश्चित करना है. अनुवादक हमेशा अपने संबंधित क्षेत्रों में अनुवाद के विभिन्न कौशल और विशेषज्ञता रखते हैं. आपकी आवश्यकता के लिए सापेक्ष कौशल वाले अनुवादक का लाभ उठाने के लिए सबसे अच्छा स्रोत अनुवाद एजेंसियां होती हैं. वे हमेशा अपने ग्राहकों के लिए सही अनुवाद तैयार करने के लिए कड़ी मेहतन करती हैं.

भारतीय में दुभाषिया या अनुवाद पाठ्यक्रम

दुभाषिया और अनुवाद के लिए शिक्षा

आमतौर पर कम से कम दो भाषाओं- जिनमें से एक आमतौर पर अंग्रेजी होती है- में प्रवीण दुभाषिया या अनुवादक बनने के लिए स्नातक डिग्री की आवश्यकता होती है.

दुभाषिया या अनुवादक बनने में रुचि रखने वाले हाई स्कूल के छात्रों को पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत शृंखला लेनी चाहिए जो विदेशी भाषाओं और अंग्रेजी लेखन और समझ पर ध्यान केंद्रित करती हैं.

हाई स्कूल के बाद आगे दुभाषिया या अनुवादक बनने के इच्छुक लोगों के पास कई शैक्षिक विकल्प होते हैं. कॉलेज के छात्र आमतौर पर एक विशेष भाषा को अपने प्रमुख विषय के रूप में चुनते हैं, जैसे कि स्पेनिश या फ्रेंच. हालांकि कई रोज़गार के लिए स्नातक डिग्री की आवश्यकता होती है, लेकिन किसी भाषा में पढ़ाई करना हमेशा आवश्यक नहीं होता है.

सामुदायिक संगठनों के माध्यम से, सांकेतिक भाषा की व्याख्या करने में रुचि रखने वाले छात्र अमरीकी सांकेतिक भाषा (ASL) में परिचयात्मक कक्षाएं ले सकते हैं और ऐसे लोगों के साथ काम करने के लिए स्वयं सेवक के अवसर की तलाश कर सकते हैं जो बहरे या कम सुनते हों.

दुभाषिया और अनुवादक प्रशिक्षण

दुभाषियों और अनुवादकों को सामान्यत: किसी औपचारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि उनसे, उन्हें सेवा में रखे जाने से पहले दुभाषिया और अनुवादक कार्य में सक्षम  होने की आशा की जाती है. तथापि, न्यायालय अथवा चिकित्सा दुभाषिये या अनुवादक के रूप में समुदाय में कार्य करने वाले व्यक्तियों को कोई रोज़गार विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम या प्रमाणपत्र पूरा करने की अधिक संभावना होती है.

सतत शिक्षा अधिकांश राज्य न्यायालय एवं चिकित्सा दुभाषिया प्रमाणन कार्यक्रम के लिए एक अपेक्षा होती है. यह व्यावसायिक दुभाषिया और अनुवादक संघों जैसे अमेरिकन अनुवादक संघ और राष्ट्रीय न्यायिक दुभाषिया संघ द्वारा नियमित आधार पर दी जाती है.

दुभाषियों और  अनुवादकों के लिए लाइसेंस, प्रमाणन और पंजीकरण

वर्तमान में दुभाषियों और अनुवादकों को किसी सार्वभौमिक प्रमाणन की आवश्यकता नहीं होती है. उनके लिए केवल अधिकांश राज्यों द्वारा प्रस्तुत न्यायालय दुभाषिया परीक्षाएं उत्तीर्ण करना ही अपेक्षित होता है. तथापि, ऐसे कार्य करने वाले व्यक्ति विभिन्न परीक्षाएं दे सकते हैं जो उन्हें दक्षता देती हो. उदाहरण के लिए, अमेरिकन अनुवादक संघ २९ भाषा युग्मकों में प्रमाणपत्र प्रदान करता है. संघीय न्यायालय स्पेनिश भाषा दुभाषियों के लिए न्यायालय दुभाषिया प्रमाणपत्र चलाता है. राज्य स्तर पर, न्यायालय कम से कम २० भाषाओं में प्रमाणपत्र देता है. राष्ट्रीय बधिर संघ और बधिर दुभाषिया रजिस्ट्री सामान्य संकेत भाषा दुभाषिया प्रमाणपत्र चलाती है. इसके अतिरिक्त रजिस्ट्री विधिक व्याख्या, वाक-पठन और बधिर से बधिर व्याख्या में विशेषज्ञ परीक्षाएं चलाती है जिसमें विभिन्न मूल भाषाओं के बधिर वक्ताओं और एएसएल से टेक्टाइल संकेत में व्याख्या शामिल है.

दुभाषियों और अनुवादकों के लिए अन्य अनुभव

इस करिअर को प्रारंभ करने के लिए अन्य सहायक अनुभव में निम्नलिखित शामिल हैं : किसी विदेश में समय बिताना, विदेशी संस्कृतियों से सीधे संपर्क रखना और अंग्रेजी में तथा कम से कम एक अन्य भाषा के विभिन्न विषयों को पढ़ना.  कुछ छात्र किसी विशेषज्ञता जैसे विधि,  इंजीनियरी या औषधि का अध्यन्न करते हैं ताकि उन्हें दुभाषिया और अनुवाद कार्य का उच्च स्तर प्राप्त  हो सके. किसी व्यवसाय के बारे में प्रारंभिक ज्ञान लेने के लिए किसी अनुवाद कंपनी में कार्य प्रारंभ करना एक अच्छा उपाय है. अनुभव प्राप्त करने के लिए दुभाषिया  अथवा अनुवादक रोज़गार के इच्छुक व्यक्तियों के लिए अनौपचारिक अथवा स्वयंसेवी कार्य करना एक अच्छा तरीका है. दुभाषियों के स्वैच्छिक कार्य करने के अवसर सामुदायिक संगठनों, अस्पतालों और खेल मदों जैसे मैराथन के माध्यम से उपलब्ध है जिनमें अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी शामिल होते हैं. भुगतान प्राप्त अथवा गैर-भुगतान प्राप्त छात्रवृत्तियां ऐसे अन्य तरीके हैं जिनके माध्यम से दुभाषिये और अनुवादक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं. एस्कॉर्ट दुभाषिया कार्य, अधिक अनुभवी दुभाषियों के साथ कार्य करना अनुभवहीन उम्मीदवारों के लिए एक अच्छा अवसर है. दुभाषियों को उद्योगों में कार्य प्रारंभ करना भी आसान हो सकता है जहां भाषा सेवाओं - जैसे कि न्यायालय या चिकित्सा दुभाषिये की अधिक मांग  होती है.

नये दुभाषिये और अनुवादक प्रवेश का जो भी नया मार्ग चुनते हों उन्हें अपना आत्मविश्वास बढ़ाने और व्यापक संपर्क तंत्र स्थापित करने के लिए इस क्षेत्र में कार्य करने वाले अनुभवी व्यक्तियों से विश्वसनीय संबंधों की स्थापना करनी चाहिए. यह विश्वसनीयता औपचारिक हो सकती है जैसे कि किसी व्यावसायिक संघ से अथवा किसी सहकर्मी या परिचित व्यक्ति-जिसे दुभाषिये या अनुवादक के रूप में अधिक अनुभव है, से प्राप्त किया जा सकता है. अमेरिकन अनुवादक संघ और बधिर दुभाषिया रजिस्ट्री औपचारिक मेंटोरिंग कार्यक्रम चलाते हैं.

दुभाषियों और अनुवादकों की प्रगति

दुभाषियों और अनुवादकों को पर्याप्त अनुभव हो जाने के बाद वे अधिक कठिन कार्य के लिए प्रयास कर सकते हैं, प्रमाणन के लिए प्रयास कर सकते हैं और संपादकीय जिम्मेदारी ले सकते हैं. वे  अपना निजी व्यवसाय भी चला सकते हैं.

अनेक स्व: रोज़गार दुभाषिये और अनुवादक प्रगति के एक साधन के रूप में स्व:-रोज़गारधारी बनना पसंद करते हैं. वे विभिन्न अनुवाद एवं दुभाषिया कंपनियों को अपने जीवनवृत्त और नमूने भेज सकते हैं, जो उनके कौशल का विभिन्न रोज़गार के साथ मिलान करेंगे. ऐसे अनेक व्यक्ति अपनी प्रतिष्ठा के माध्यम से या अपने ग्राहकों अथवा सहकर्मियों से संदर्भ के माध्यम से कार्य प्राप्त करते हैं. कई व्यक्ति अपनी कंपनियां भी खोल सकते हैं जहां वे अन्य अनुवादकों और दुभाषियों को अपने साथ कार्य करने के लिए सेवा में रखते हैं.

दुभाषियों और अनुवादकों के महत्वपूर्ण गुण

·         व्यावसायिक कौशल : स्व:-रोज़गार प्राप्त दुभाषियों और अनुवादकों को अपनी वित्तीय और अपनी करिअर की सफलता के लिए सामान्य व्यावसायिक कौशल के प्रबंधन की आवश्यकता होती है. उन्हें अपने कार्य का मूल्य निर्धारित करना चाहिए और ग्राहकों का बिल रखना चाहिए, उनका रिकॉर्ड रखना चाहिए और अपने ग्राहक आधार का सृजन करने के लिए उन्हें अपनी सेवाओं की मार्किटिंग करनी होगी.

·         एकाग्रता : दुभाषियों और अनुवादकों को अपने आसपास बोल रहे अथवा घूम रहे लोगों के बीच अपना ध्यान अपने विषय पर केंद्रित करने में सक्षम होना चाहिए.

·         संवेदनशीलता : दुभाषियों और अनुवादकों को उन लोगों के बीच सांस्कृतिक अंतर और अपेक्षाओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए, जिनसे वे संवाद करने में सहायता करते हैं. सफलतापूर्ण दुभाषिया और अनुवाद कार्य न केवल विभिन्न भाषाओं के शब्दों के ज्ञान में, बल्कि लोगों की संस्कृतियों को समझने में भी निहित है.

·         निपुणता : सांकेतिक भाषा दुभाषियों को हाथ, अंगुलियों और भुजाओं के संकेतों में तीव्र एवं समन्वय कार्य बनाये रखने में सक्षम होना चाहिए.

·         अंतर-वैयक्तिक कौशल : दुभाषियों और अनुवादकों, विशेषरूप से स्व:-रोज़गार प्राप्त ऐसे व्यक्तियों को ग्राहक बनाए रखने और उनकी सेवाएं किराये पर लेने अथवा उपयोग में लाने में सक्षम होना चाहिए.

·         श्रवण कौशल : श्रोताओं के लिए दुभाषिया कार्य करते समय दुभाषियों को सावधानीपूर्वक श्रवण करना चाहिए ताकि वे सुनिश्चित कर सकें कि वे ठीक से सुन एवं व्याख्या कर सकते हैं.

·         पठन कौशल : अनुवादकों को उन सभी भाषाओं को पढ़ने में सक्षम होना चाहिए जिन भाषाओं में वे कार्य कर रहे हैं.

·         त्लेखन कौशल : अनुवादकों को उन सभी भाषाओं में स्पष्ट एवं प्रभावपूर्ण रूप में लिखने की क्षमता होनी चाहिए जिन भाषाओं में वे कार्य कर रहे हैं.

योग्यता : विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थाओं में विभिन्न प्रकार के संबंधित पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं :- यह पाठ्यक्रम प्रमाणपत्र, डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रम हैं. योग्यताएं पाठ्यक्रम के स्तर पर निर्भर होती हैं. इस क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए किसी विदेशी भाषा का ज्ञान रखने का सुझाव दिया जाता है. यह ज्ञान बुनियादी स्तर से उच्च स्तर पर ले जाने वाले अल्पकालीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है. एलायंस फ्रैंचेज (www.afindia.org) अथवा मैक्स म्यूलर भवन (www.gothe.de/unn/adr/wwt/ina/deindex.hem) जैसे संस्थान ऐसे पाठ्यक्रम चलाते हैं.

भारत में प्रतिष्ठित संस्थाएं

1.                   भाषा, साहित्य और संस्कृति अध्ययन विद्यालय, जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय, दिल्ली (www.jnu.ac.in)

2.                   केंद्रीय अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा संस्थान, हैदराबाद (www.ciefl.ac.in)

3.                   दिल्ली विश्वविद्यालय (www.du. ac.in)

4.                   मुंबई विश्वविद्यालय (www.mu.ac.in)

5.                   इंस्टीट्यूटों हिस्पेनिया-स्पेनिश लैंगवेज एंड कल्चरल सेंटर (www.institutohispania.com)

6.                   एंबेसी ऑफ पुर्तगाल, इंस्टीट्यूटो कैमोज-पुर्तगीज कल्चरल सेंटर, नई दिल्ली (www.icccpindia.com)

7.                   भारत-जापानी संघ, ऑरिकन हाउस, 7वीं मंजिल, 12 के डुबास मार्ग, मुंबई

8.                   जे एन भाषा अकादेमी, नई दिल्ली. (www.bvbdelhi. org)

अनुवाद में स्नातकोत्तर डिप्लोमा

अनुवाद में स्नातकोत्तर डिप्लोमा अंग्रेजी अनुवाद में डिप्लोमा स्तर का पाठ्यक्रम है. यह पाठ्यक्रम हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बुनियादी कौशल प्रदान करता है ताकि कोई भी उम्मीदवार स्क्रीप्ट कार्य का हिंदी से अंग्रेजी एवं उसके विपरीत अनुवाद कर सके. जो छात्र हिंदी एवं अंग्रेजी में रुचि रखते हैं वे यह पाठ्यक्रम कर सकते हैं. इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्र होने हेतु उम्मीदवार स्नातक पाठ्यक्रम में डिग्रीधारी हों. अनुवाद में स्नातकोत्तर डिप्लोमा आजकल एक प्रचलित पाठ्यक्रम है.

अनुवाद में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीटी) भाषाई पाठ्यक्रम का एक स्नातकोत्तर डिप्लोमा स्तर है. इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य अंग्रेजी से हिंदी और इसके विपरीत अनुवाद करना है. यह पाठ्यक्रम हमारे सामाजिक -सांस्कृतिक और विशेषज्ञ क्षेत्रों में वार्तालाप की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है.

अनुवाद में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की अवधि : 12महीने

अनुवाद में स्नातकोत्तर डिप्लोमा हेतु पात्रता : स्नातक

अनुवाद में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कराने वाले कॉलेज :

यह पाठ्यक्रम चलाने वाले विभिन्न महाविद्यालय हैं, इनमें से कुछ निम्नलिखित हैं :

·         सागा प्रबंधन अध्ययन संस्थान-एसआईएमएस, मालाप्पुरम.

·         भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय-बीपीएसएमवी, सोनीपत.

·         बृह्न महाराष्ट्र वाणिज्य महाविद्यालय, पुणे

·         गुजरात विश्वविद्यालय-जीयू, अहमदाबाद

(यह सूची केवल संकेतात्मक है)

(डॉ. भरत सिंह नेगी, शिक्षा निदेशालय, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार में वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर अंग्रेजी पढ़ाते हैं और सुश्री प्रतिभा नेगी एक फ्रीलांसर हैं, ई-मेल : prabha1102@gmail.com)