नौकरी फोकस


volume-47, 23 February - 1 March, 2019

रसायन विज्ञान में कॅरिअर

डॉ. ओ.एस. शेखर सिंह

रसायन विज्ञान सबसे महत्वपूर्ण मूलभूत विज्ञान विषयों में शामिल है. इसमें पदार्थ, उसके गुणों, एक से अधिक वस्तुएं आपस में मिलकर अथवा अलग होकर क्यों तथा कैसे एक भिन्न वस्तु का निर्माण करते हैं तथा वस्तुएं किस प्रकार ऊर्जा के साथ क्रिया करती हैं, आदि के बारे में अध्ययन किया जाता है. एक विषय के रूप में रसायन विज्ञान का स्थान भौतिक विज्ञान और जीवविज्ञान के बीच एक मध्यवर्ती विषय के रूप में है.

रसायन विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास के फलस्वरूप हमें साबुन, शृंगार प्रसाधन से लेकर औषधियां आदि प्राप्त हुई हैं. रसायन विज्ञान के क्षेत्र में मूलत: वस्तुओं के बारे में और एक-दूसरे के साथ इनकी क्रिया के बारे में अध्ययन किया जाता है. इस क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्ति को रसायनविद के नाम से जानते हैं. दूसरे शब्दों में, रसायन विज्ञान एक ऐसा विषय है, जिसमें परमाणुओं, अणुओं और आयनों से बने तत्वों और यौगिकों, उनके संघटन, उनकी संरचना, उनके गुणों, व्यवहार तथा अन्य

वस्तुओं के साथ प्रतिक्रिया के दौरान उनके बदलावों के बारे में अध्ययन किया

जाता है. रसायनविद बनने के अनेक रास्ते है.

दैनिक जीवन में रसायन विज्ञान

रसायन विज्ञान हमारे दैनिक जीवन का एक हिस्सा है. हम रसायन विज्ञान के साथ दिन की शुरुआत करते हैं. दैनिक जीवन में जो हम भोजन करते हैं, जिस हवा में हम सांस लेते हैं, सफाई में इस्तेमाल होने वाले रसायन, हमारे मनोभाव और ऐसी प्रत्येक चीज जिसे हम देखते हैं अथवा जिसका स्पर्श करते हैं, उनमें हम रसायन विज्ञान को पाते हैं. हमारा शरीर रासायनिक यौगिकों से बना है, जो तत्वों का संघटन है. हमारे मनोभाव मुख्यत: न्यूरोट्रांसमीटरों जैसे रासायनिक संदेशवाहकों के परिणाम हैं. प्रेम, उत्साह, ईष्र्या, उत्तेजना तथा संदेह जैसी स्थितियों में भी रसायन विज्ञान की भूमिका है. जब हम प्याज काटते हैं तो आंखों से आंसू निकलते हैं. प्याज में ऐसा क्या है, जो हमारी आंखों में जलन पैदा करता है? साबुन एक ऐसा रसायन है, जिसका निर्माण मनुष्य काफी समय से करता आ रहा है. क्या आप इस बात की कल्पना कर सकते हैं कि यदि बर्फ पानी में डूब जाता तो आपके आसपास की दुनिया किस प्रकार भिन्न होती? रसायन विज्ञान इस बात की व्याख्या करता है कि बर्फ क्यों तैरता है, जबकि जमने के बाद अधिकांश पदार्थ पानी में डूब जाते हैं. सनस्क्रीन में रसायन विज्ञान का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि सूर्य की नुकसानदायक पराबैंगनी किरणों से, चर्म कैंसर से आपको बचाया जा सके. क्या आप जानते हैं कि सनस्क्रीन किस प्रकार कार्य करता है अथवा एसपीएफ रेटिंग का वास्तविक अर्थ क्या है? क्या बोतलबंद पानी खराब हो जाता है? घरेलू रासायनिक वस्तुओं के कब तथा कहां इस्तेमाल होने को लेकर आप रसायन विज्ञान का प्रयोग कर सकते हैं. खाद्य पदार्थ के अणुओं के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया होने के कारण खाने की चीजें खराब हो जाती हैं. वसा में बदबू पैदा हो सकती है. उसमें बैक्टीरिया पैदा होकर आपको बीमार बना सकता है. ऐसे उत्पादों के बारे में क्या, जिनमें वसा शामिल नहीं है? जब आप सोचते हैं कि एक डिटर्जेंट तो डिटेर्जेंट ही है, इसलिए इसके इस्तेमाल के कई विकल्प हैं, किंतु ऐसे कई अच्छे कारण हो सकते हैं कि वाशिंग मशीन में किस डिटर्जेंट का टिकाऊ तौर पर इस्तेमाल किया जाए. वास्तव में हमारे दैनिक जीवन में रसायन विज्ञान मौजूद है. आप खुद ही रसायनों की एक बड़ी खेप हैं.

रसायन व्यवसायी के तौर पर रोज़गार परिदृश्य एवं अवसर

औद्योगिक विकास के परिणामस्वरूप प्रशिक्षित रसायनविदों के लिए काफी मांग पैदा हुई है तथा इसके कायम रहने की संभावना है. कपड़ा उत्पादन उद्योग, पेट्रोलियम उत्पादों, रबर, प्लास्टिक, कृषि उत्पाद, पेपर एवं पल्प, धातु, सीमेंट एवं एयरोस्पेस उद्योगों, औषधि, खाद्य, उर्वरक, पेंट एवं सौंदर्य तथा अन्य सुगंधित उत्पादों के निर्माण उद्योगों में रसायन विज्ञान के छात्रों के लिए अवसर मौजूद हैं. खाद्य पदार्थों को सुगंधित बनाने, पालतू जानवरों के लिए खाद्य, खाद्य पदार्थों के संरक्षण के क्रम में खाद्य रसायन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में रसायनविदों की सेवाएं ली जाती हैं. अनुसंधान एवं उत्पादन की दृष्टि से ये विकासशील क्षेत्र हैं. सरकारी अनुसंधान प्रयोगशालाओं में भी रसायन विज्ञान के छात्रों के लिए अवसर मौजूद हैं. वैज्ञानिक व्यवसाय की जगह प्रशासन में रूचि रखने वालों के लिए सिविल सेवा का विकल्प भी उपलब्ध है. कृषि रसायनविद बेहतर एवं उन्नत फसल के लिए, विकसित उर्वरकों एवं कृषि रसायनों के लिए अनुसंधान करते हैं. आणविक जीव विज्ञान, जैव-प्रौद्योगिकी और पॉलीमर रसायन विज्ञान आदि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां अवसर उपलब्ध हैं. अनुसंधान प्रयोगशालाओं में पीएच.डी. करने वाले तथा पर्यावरण के क्षेत्र में रूचि रखने वाले रसायन वैज्ञानिकों के लिए जल उपचार, स्वच्छता एवं सीवेज उपचार प्लांटों में कार्य के अवसर भी उपलब्ध हैं. पैकेजिंग एवं प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग में भी विकल्प उपलब्ध हैं. स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में भी रसायन विज्ञान के स्नातक मेडिकल प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी के साथ-साथ फार्मास्यूटिकल उत्पादों के विक्रय के क्षेत्र में भी विकल्प चुनते हैं. वाणिज्यिक रूचि रखने वाले छात्र रसायन विज्ञान में स्नातक होने के बाद किसी प्रबंधन पाठ्यक्रम का विकल्प भी चुन सकता है, ताकि पेंटों, उर्वरकों, कीटनाशकों आदि जैसी औद्योगिक विपणन वस्तुओं के प्रबंधन क्षेत्र में समुचित रोज़गार मिल सके. थल सेना में खाद्य वैज्ञानिकों के रूप में सैन्य सेवा कोर के लिए महिला उम्मीदवारों की भर्ती की जाती है. ऐसे उम्मीदवाररों के लिए खाद्य कार्बनिक रसायन विज्ञान/जैव- रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री की आवश्यकता है. रसायन विज्ञान के स्नातकों को सैन्य आयुध कोर में प्रवेश दिया जाता है. रसायनविदों और रासायनिक अभियंताओं को अपनी अनुसंधान विशेषज्ञता से संबंधित क्षेत्रों में विशेष मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से कंसल्टेंसी फर्मों में रोज़गार प्रदान किया जाता है. रसायन विज्ञान के अनुसंधानकर्ता कलात्मक वस्तुओं के संरक्षण एवं भंडारण, कार्बन १४ डेटिंग तथा विश्लेषण की रासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से कलात्मक वस्तुओं के औचित्य के विश्लेषण के लिए संग्रहालयों में काम करते हैं. अपराध अण्वेषण के लिए फोरेंसिक प्रयोगशालाओं में फोरेंसिक रसायनविद काम  करते हैं. विषविज्ञानविद ऐसे रसायनविद हैं, जो जैवकीय तंत्रों पर रसायनों के नुकसानदायक प्रभावों का अध्ययन करते हैं.

रसायन विज्ञान विषयों में रोज़गार के कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं:-

·         सरकारी अनुसंधान प्रयोगशाला

·         पेंट निर्माण फर्म

·         उर्वरक कम्पनियां

·         खाद्य उद्योग

·         एयरोस्पेस उद्योग

·         सीमेंट उद्योग

·         पैकेजिंग उद्योग

·         फोरेंसिक प्रयोगशाला

·         कंसल्टेंसी फर्म

·         दवा फर्म और कीटनाशक कम्पनियां

·         कपड़ा निर्माण आदि

·         दवा कम्पनियां

·         कृषि रसायन उद्योग

·         पेट्रो-रसायन उद्योग

·         स्वच्छता उद्योग

·         प्लास्टिक निर्माण संयंत्र

·         रासायनिक उत्पादन

·         पेेंट निर्माण कंपनी

·         प्लास्टिक उद्योग

·         शैक्षिक संस्थान

·         स्वतंत्र प्रयोगशाला

·         पर्यावरण कानून

·         पेटेंट कानून फर्म

·         अंतरिक्ष खोज एजेंसी

·         फोरेंसिक विज्ञान विभाग

·         सिरेमिक उद्योग

·         पेपर उद्योग

·         सौंदर्य रसायन

रसायन विज्ञान विविध आजीविकाओं तथा चुनौतीपूर्ण अवसरों से परिपूर्ण है. कार्य करने के लिहाज से यह एक उत्साहवद्र्धक एवं परिणामोन्मुखी क्षेत्र है. रसायन विज्ञान के स्नातकों के लिए अनुसंधान का विकल्प सबसे लोकप्रिय आजीविका है. सार्वजनिक अनुसंधान संस्थानों के साथ-साथ सरकारी संस्थानों में भी रसायनविदों के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं. आपसे यह आशा की जाती है कि आप सरकार की अनेक स्वास्थ्य एवं औद्योगिक परियोजनाओं में वैज्ञानिक अथवा वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में काम करेंगे. समाचारपत्रों के विज्ञापनों अथवा सरकार के जॉब पोर्टलों के माध्यम से आप इन अवसरों के बारे में पता लगा सकते हैं.

प्रोफेसनलों के रूप में संभावनाएं

·         शिक्षक- स्कूल से अनुसंधान संस्थान

·         प्रयोगशाला रसायनविद

·         विश्लेषण रसायनविद

·         अनुसंधान एवं विकास निदेशक

·         उत्पादन रसायनविद

·         आर एंड डी प्रबंधक

·         जैव-चिकित्सा रसायनविद

·         गुणता नियंत्रक

·         उत्पादन अधिकारी

·         सामग्री प्रौद्योगिकीविद

·         रासायनिक अभियंत्रण एसोशिएट

·         औद्योगिक अनुसंधान वैज्ञानिक

·         सुरक्षा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण विशेषज्ञ

·         जैव-प्रौद्योगिकीविद

·         स्वास्थ्य सेवा वैज्ञानिक

·         फोरेंसिक वैज्ञानिक

·         नैनो-प्रौद्योगिकीविद

·         फार्माकोलॉजिस्ट

·         अनुसंधान वैज्ञानिक (भौतिक विज्ञान)

·         वैज्ञानिक प्रयोगशाला तकनीशियन

·         विष विज्ञानविद

·         सिविल सर्विस फास्ट स्ट्रीमर

·         पर्यावरण परामर्शक

·         प्रबंधक परामर्शक

·         नाभिकीय अभियंता

·         पेटेंट एटॉर्नी

·         विज्ञान लेखक

·         भू-रसायनविद

·         जोखिमपूर्ण कचरा रसायनविद

·         सामग्री वैज्ञानिक

·         चिकित्सा प्रौद्योगिकीविद

·         अपराध प्रयोगशाला विश्लेषक

·         रंग विकास विशेषज्ञ

·         कीट नियंत्रण तकनीशियन

·         प्रयोगशाला समन्वयक

·         प्रदूषण नियंत्रक

·         रासायनिक सुरक्षा अधिकारी

·         तकनीकी लेखक

·         तकनीकी विक्रय प्रतिनिधि

फार्माकोलॉजिस्ट: फार्माकोलॉजिस्ट औषधियों का विकास एवं परीक्षण करते हैं तथा जैवकीय तंत्र के साथ उनकी क्रिया का विश्लेषण करते हैं. लोगों के इस्तेमाल के लिए औषधियों को प्रभावकारी एवं सुरक्षित सुनिश्चित करना अनिवार्य है तथा इस प्रक्रिया में पशुओं अथवा मानव स्वयंसेवियों पर दवाओं का परीक्षण करना शामिल हो सकता है. फार्माकोलॉजी की भूमिका में अक्सर प्रयोगशाला-आधारित कार्य शामिल होते हैं तथा प्रयोगों की निगरानी के क्रम में निर्धारित अवधि से अलग समय भी देना पड़ता है.

विषविज्ञानविद: विषविज्ञानविद का कार्य जैवकीय तंत्र पर दवाओं के प्रभाव का अध्ययन करने के साथ-साथ प्राकृतिक और मानव निर्मित अन्य चीजों के प्रभावों का अध्ययन करना भी है. वे वस्तुओं के नुकसानदायक प्रभावों के निर्धारण की प्रक्रिया विकसित करने के लिए कार्य करते हैं, साथ ही, वे सही मात्रा के बारे में निर्णय लेने तथा असंतुलित मात्रा से बचने के लिए भी कार्य करते हैं. फार्माकोलॉजी और विषविज्ञान की भूमिकाएं अक्सर प्रयोगशाला आधारित हैं इसमें प्रयोगों की निगरानी एवं परिणामों का निरूपण करना शामिल है.

जल रसायनविद : जैसा कि नाम से स्पष्ट है, जल रसायनविदों का सरोकार जल की गुणवत्ता का विश्लेषण करना तथा उसे कायम रखना है, जो पृथ्वी पर मानव जीवन के लिए अनिवार्य है. यह एक अंतर्विषयी क्षेत्र है, जिसमें रसायन विज्ञान की जानकारी के साथ-साथ सूक्ष्म जीव विज्ञान और भू-विज्ञान जैसे क्षेत्रों की जानकारी भी जरूरी है. विविध नामों के तहत आप एक समान भूमिकाएं पा सकते हैं, उदाहरणार्थ जलविज्ञानविद् अथवा जल भूविज्ञानविद.

विश्लेषणात्मक रसायनविद : विश्लेषणात्मक रसायनविद अपने कौशल और विशेषज्ञता का इस्तेमाल पदार्थों के विश्लेषण, मौजूद घटकों की पहचान तथा उसकी मात्रा के निर्धारण के साथ-साथ एक-दूसरे के साथ इनके व्यवहार और प्रतिक्रिया का भी पता लगाते हैं. दवाओं, खाद्य पदार्थों तथा अन्य उत्पादों के विश्लेषण द्वारा उनके प्रभावों, उनकी गुणवत्ता का निर्धारण किया जाता है तथा यह सुनिश्चित किया जाता है कि वे मानव के उपभोग अथवा इस्तेमाल के लिए सुरक्षित हैं.

फोरेंसिक वैज्ञानिक : फोरेंसिक वैज्ञानिक अपराध के स्थानों पर फोरेंसिक सामग्रियों की तलाश और उनका विश्लेषण करते हैं, जैसे- रक्त, शरीर के अन्य तरल पदार्थ, बाल अथवा पेंट जैसे अन्य अजैवकीय पदार्थ. इसके बाद वे वैधानिक अण्वेषणों में इस्तेमाल के लिए तथा न्यायालयों में साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत करते हैं. कभी-कभी फोरेंसिक वैज्ञानिकों को अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ के रूप में न्यायालय में बोलने के लिए अथवा न्यायाधीश के सामने साक्ष्य का वर्णन करने के लिए बुलाया जाता है.

नुकसानदायक कचरा रसायनविद: नुकसानदायक कचरा रसायनविद नुकसानदायक सामग्रियों के प्रबंधन तथा सुरक्षित स्थान पर पहुंचाये जाने के कार्य की देखरेख करते हैं. वे वायु, जल अथवा मिट्टी में मौजूद नुकसानदायक रासायनिक घटकों की पहचान करने के साथ-साथ उनके जोखिमों के मूल्यांकन तथा उन्हें हटाने तथा रखने के बारे में समन्वय कायम करने में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हैं.

भू-रसायनविद : भू-रसायनविद भूमि के भौतिक एवं रासायनिक गुणों, विशेषकर चट्टानों और खनिजों का अध्ययन करते हैं. वे चट्टानों और खनिज घटकों की बनावट एवं वितरण के निर्धारण के लिए अपनी जानकारी का इस्तेमाल करते हैं तथा मिट्टी एवं जल पर उनके प्रभावों का अध्ययन करते हैं. भू-रसायनविद तेल उत्खनन स्थानों की पहचान करने, जल की गुणवत्ता में सुधार लाने अथवा नुकसानदेह कचरे को हटाने के तरीके निर्धारित करने में मददगार हो सकते हैं.

रासायनिक अभियंता : रासायनिक अभियंता नयी सामग्रियों से नये उत्पादों की डिजाइन बनाने तथा उन्हें विकसित करते हैं. वे रासायनिक गुणों तथा प्रतिक्रियाओं के बारे में अपनी जानकारी का इस्तेमाल सामग्रियों को एक रूप से अन्य रूप में परिवर्तित करने में करते हैं, जैसे-तेल से प्लास्टिक बनाना. रासायनिक अभियंता किसी उद्योग में काम कर सकते हैं. अपने कार्य के रूप में वे नये उत्पादन, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों में सहायता करते हैं, जैसे अत्यधिक मजबूत रेशा आदि.

सामग्री वैज्ञानिक : सामग्री वैज्ञानिक मानव निर्मित तथा प्राकृतिक पदार्थों का अध्ययन करके उनके गुणों तथा संघटन का निर्धारण करते हैं तथा उनकी प्रभावोत्पादकता बढ़ाने अथवा नई सामग्री के सृजन के लिए उसे परिवर्तित करने अथवा संघटित करने का उपाय करते हैं. मौजूदा सामग्रियों के विश्लेषण एवं प्रयोगों द्वारा, सामग्री वैज्ञानिक लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए उनका उपयोग बढ़ाते हैं तथा नयी सामग्रियों का सृजन करते हैं.

कार्बनिक रसायनविद जैविक कार्बन यौगिकों के साथ काम करते हैं तथा पेट्रोलियम, फर्में, रबर, अल्कोहल, तेल, प्राकृतिक वसा, कार्बनिक अम्ल, कीटनाशकों, कार्बनिक यौगिकों और उनके बहुलीकरण तथा अन्य उत्पादों की विशेषता बताते हैं जिनमें प्लास्टिक एवं साबुन शामिल हैं.

अकार्बनिक रसायनविद के कार्य धातुओं, अम्लों, नमकों एवं गैसों से संबंधित हैं. अम्लों, नमकों, खनिजों, धातुओं आदि के उत्पादन में उनकी विशेषज्ञता होती है.

भौतिक रसायनविद धातुओं, अयस्कों, गैसों और विभिन्न रासायनिक तत्वों तथा यौगिकों के साथ काम करके उनके भौतिक एवं रासायनिक गुणों, रेडियो सक्रियता, संरचना, परमाणु एवं अणु भार आदि निर्धारित करते हैं. विद्युत रसायनविज्ञान, ताप गतिविज्ञान, रंगविज्ञान आदि क्षेत्रों में वे विशेषज्ञ के तौर पर कार्य करते हैं.

पारिश्रमिक

वैश्विक क्रांति के दौर में रसायनविद के कार्य के लिए अच्छा पारिश्रमिक मिलता है. इस क्षेत्र में अपनी आजीविका सुनिश्चित करने के इच्छुक व्यक्ति को शुरुआत में 20,000-55,000रुपए प्रतिमाह के बीच वेतन मिलने की संभावना है. हालांकि, व्यक्तिगत योग्यता, अनुभव, संस्थानों के आकार व प्रकृति के आधार पर रसायनविज्ञान के व्यवसायियों के वेतन में अंतर होता है. बेहतर रिकार्ड एवं उच्च योग्यता वाले व्यक्ति ऊंचे पदों तक पहुंच सकते हैं.

महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के विभागों में मिलने वाले वेतन की तुलना शिक्षकों से की जा सकती है. वस्तुत: विशेष व्यवसायियों का वेतन अधिक होता है. अनुसंधान संस्थानों और निजी अनुसंधान केन्द्रों में काम करने वाले रसायनविदों की भी अच्छी कमाई होती है. कई कम्पनियां नये रसायनविदों को अच्छा वेतन देने के प्रति इच्छुक रहती हैं.

12वीं के बाद रसायनविज्ञान में विभिन्न पाठ्यक्रम :

·         बी.कॉम- एक्चूएरियल विज्ञान

·         विज्ञान स्नातक

·         बी.एससी- रसायन विज्ञान एवं जैव-रसायन विज्ञान में विश्लेषणात्मक विधियां

·         बी.एससी- प्रयुक्त रसायन विज्ञान

·         बी.एससी- ऑनर्स रसायन विज्ञान

·         विज्ञान स्नातक + रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर

·         एम.एससी- औद्योगिक रसायन विज्ञान

·         एम. एससी- विश्लेषणात्मक रसायन विज्ञान

·         एम. एससी- रसायन विज्ञान

·         एम. एससी- औषधि रसायन विज्ञान

·         एम. एससी-कार्बनिक औषधि रसायन विज्ञान

·         एम. एससी- भौतिक एवं सामग्री रसायन विज्ञान

·         एम. एससी- विद्युत रसायन विज्ञान

·         पी जी डिप्लोमा पाठ्यक्रम

·         एम. फिल- भू- अभियंत्रण

·         2पीएच.डी- आयन आदान-प्रदान, सामग्री विज्ञान और पॉलीमर संघटक एवं अन्य.

हमारे देश में 100 से अधिक संस्थानों में रसायन विज्ञान में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट डिग्री प्रदान की जाती है, जिनमेें सरकारी प्रयोशालाएं, विश्वविद्यालय तथा अन्य व्यावसायिक संस्थान शामिल हैं. बी. एससी सामान्य अथवा ऑनर्स में प्रवेश के लिए विज्ञान सहित 10+2 की आवश्यकता होती है. स्नातकोत्तर डिग्री के लिए, एक विषय के रूप में रसायन विज्ञान सहित स्नातक डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक और पीएच.डी के लिए स्नातकोत्तर डिग्री में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों की आवश्यकता होती है. तथापि, स्नातक, स्नातकोत्तर और अनुसंधान डिग्री में प्रवेश के नियमों में एक विश्वविद्यालय/संस्थान से लेकर अन्य के बीच अंतर पाया जाता है.

अपने देश में अनेक विश्वविद्यालय/ संस्थानों में रसायन विज्ञान की विभिन्न शाखाओं की पढ़ाई होती है. रसायन विज्ञान की शिक्षा प्रदान करने वाले  विश्वविद्यालय/ संस्थानों की सूची निम्नानुसार है:-

पाठ्यक्रम प्रदान करने वाले संस्थान

·         भारतीय सांख्यिकी संस्थान, बंगलुरू

·         भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता-035

·         आई आई टी कानपुर, मुम्बई, रुडक़ी, खडग़पुर

·         बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी

·         पंजाब विश्वविद्यालय, चंड़ीगढ़-०१४

·         देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर

·         महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी

·         रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर-01

·         विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन-456010

·         पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर

·         दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली

·         मोहनलान सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय, उदयपुर

·         उत्तर गुजरात विश्वविद्यालय, पाटन-गुजरात

·         सरदार पटेल विश्वविद्यालय, वल्लभ विद्यानगर-388120 गुजरात

·         सौराष्ट्र विश्वविद्यालय, राजकोट-360005

·         शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर-416004

·         पूना विश्वविद्यालय, पुणे

·         डॉ. बी. आर. अम्बेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, औरंगाबाद 431004

·         दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय, सूरत

·         राजस्थान विश्वविद्यालय,जयपुर-004

·         उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद

·         भरतियार विश्वविद्यालय, कोयम्बटूर

·         मदुरै कामराज विश्वविद्यालय, पालकालै

·         भारतीदेशन विश्वविद्यालय, तिरुचिरापल्ली

·         गौहाटी विश्वविद्यालय, गुवाहाटी

·         कलकत्ता विश्वविद्यालय, कोलकाता

·         जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता

·         विद्यासागर विश्वविद्यालय, मिदनापारा, प. बंगाल

·         सम्बलपुर विश्वविद्यालय

·         रिजनल इंजीनियरिंग कॉलेज, राउरकेला-769008

·         जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर

·         देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर

·         बरकतुल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल

·         गवर्नमेंट इंंजीनियरिंग कॉलेज, उज्जैन

·         विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन

·         बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी

·         लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ

·         जी. बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर

·         अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़

·         भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली

·         भारतीय सांख्यिकी संस्थान, नई दिल्ली

·         महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक-124001, हरियाणा

·         कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र-132119, हरियाणा

·         गुरु जम्बेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार-125001

·         पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला-147002

·         महाराजा सायाजी राव विश्वविद्यालय, बड़ौदा, वडोदरा 390002, गुजरात

·         उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, जलगांव 425002

·         पूना विश्वविद्यालय, गणेशखिंड, पुणे-411007

·         मराठा विश्वविद्यालय, औरंगाबाद 431004

·         शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर 416004

·         आंध्र विश्वविद्यालय, वाल्टेयर-530003, आंध्रप्रदेश

·         उस्मानिया विश्वविद्यालय, प्रशासनिक भवन, हैदराबाद-500007, आंध्र प्रदेश

·         श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, तिरुपति-517502

·         आंध्र विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम-530003

·         रिजनल इंजीनियरिंग कॉलेज, वारंगल 506004

·         काकरिया विश्वविद्यालय, वारंगल 506009

·         हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद-500134

·         आई आई टी मद्रास, चेन्नई-600005, तमिलनाडु

·         मदुरै-कामराज विश्वविद्यालय, पालकलै नगर, मुदरै-625021

·         भारतीदेशम विश्वविद्यालय, पेरूम 620024 तमिलनाडु

·         रिजनल इंजीनियरिंग कॉलेज, तिरुचिरापल्ली 620015

·         त्यागराज कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मुदरै-625015

·         कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, चेन्नई-600025

·         श्री पद्मावती महिला विश्वविद्यालय, तिरुपति 517502

·         अन्नामलई विश्वविद्यालय, अन्नामलई नगर-608002, तमिलनाडु

·         कर्नाटक विश्वविद्यालय, पावाते नगर, धारवाड़-580003, कर्नाटक

·         महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, कोट्टायम 686560, केरल

(उपर्युक्त सूची केवल संकेतात्मक है)

ईमेल: shekharlib22@gmail.com

(छायाचित्र: गूगल के सौजन्य से)