नौकरी फोकस


volume-468, 2 - 8 March, 2019

एक्चुरियल साइंस में कॅरिअर

 

उषा अल्बुकर्क़ एवं निधि प्रसाद

एक्चुरियल साइंस विशेषज्ञ संख्याओं का, न कि क्रिस्टल बाल का प्रयोग करके भविष्य में होने वाली घटनाओं की संभावना का विश्लेषण करते हैं.

यदि आपको संख्याओं से खेलने और डेटा का विश्लेषण करने, सांख्यिकी की व्याख्या करने में आनंद आता है और आप महत्वकांक्षी हैं तो एक्चुरियल साइंस ही वह कॅरिअर है जिसकी आपको तलाश है. यह एक ऐसा विकल्प है जो आपको एक सफल कॅरिअर और आकर्षक वेतन देता है.

एक्चुरियल साइंस वह विषय है जो बीमा, वित्त और अन्य उद्योगों तथा व्यवसाओं में जोखिम आकलन के लिए गणितीय और सांख्यिकीय पद्वतियों का प्रयोग करता है. एक्चुरियल साइंस विश्लेषण, संगणना, तर्कणा और डेटा से जुड़ा एक क्षेत्र है, बीमा नीतियों की रूपरेखा तैयार करने से लेकर व्यवसाय समस्याओं का समाधान करने तक एक्चुअरी की मांग है.

एक्चुरियल विज्ञान का कोई पाठ्यक्रम आपको विभिन्न क्षेत्रों के, किंतु मुख्य रूप से बीमा, व्यवसाय और वित्त में जोखिम का वैज्ञानिक रूप से आकलन करने में सक्षम बनाता है. किसी भी संगठन के लिए एक्चुअरी जोखिम मूल्यांकन और जोखिम प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण घटक होता है, वे अपना आकलन देने में विभिन्न सांख्यिकीय, गणितीय और संगणनात्मक पद्वतियों का उपयोग करते हैं. जीवन और सामान्य बीमा व्यवसाय में इस कार्य प्रोफाइल की कुछ कार्य जिम्मेदारियों में पॉलिसी की रूपरेखा तैयार करना और मूल्य निर्धारण करना, निधियों की निगरानी करना, जहां लागू हो बोनस की उचित दर की सिफारिश करना, बीमा जोखिम, कानूनी दायित्व, हानि एवं लाभ आदि शामिल हैं.

एक्चुअरी इस विषय में प्रशिक्षित व्यवसायी होते हैं. कोई भी एक्चुअरी ऐसा व्यवसाय व्यवसायी होता है जो जोखिम के वित्तीय परिणामों का विश्लेषण करता है. एक्चुअरी भविष्य की अनिश्चित घटनाओं, विशेष रूप से बीमा और पेंशन कार्यक्रमों से संबंधित, का अध्ययन करने के लिए गणित, सांख्यिकी और वित्तीय सिद्धांत का उपयोग करते हैं. एक्चुरियल साइंस एक अत्यधिक उच्च वेतन वाला व्यवसाय है.

एक्चुरियल साइंटिस्ट क्या करते हैं?

यदि आपके पास कोई कार है तो आपके पास कार बीमा होगा. आपकी आयु कितनी है? आपकी कार कितनी पुरानी है? आने वाले प्रत्येक वर्ष में कार जितनी पुरानी होती जाएगी उसका मूल्य भी उतना ही कम होता चला जाएगा. पेट्रोल का बढ़ता मूल्य कार के उपयोग को कैसे प्रभावित करता है? चोरी की सर्वमान्यता, मरम्मत की लागत आदि क्या है? इन सभी और ऐसे अनेक घटकों पर एक्चुअरी द्वारा ध्यान रखा जाता है.

जोखिम का परिकलन तथा प्रबंधन करने के लिए एक्चुअरी विभिन्न प्रकार के डेटा का विश्लेषण करते हैं, इस तरह, वे, कंपनियों को भविष्य की अनिश्चित और अवांछित घटनाओं से बचाकर कुशल नीतियां बनाने में उनकी सहायता करते हैं विश्लेषण एक्चुअरी की आवश्यकता बैंकिंग, बीमा, स्वास्थ्य परिचर्या और  यहां तक कि गैर-वित्तीय क्षेत्रों सहित किसी भी ऐसे में होती है जिसमें जोखिम शामिल होता है.

जोखिम को समझने के लिए डेटा का विश्लेषण करने की उनकी क्षमता उन्हें बीमा के क्षेत्र में, विशेष रूप से उपयोगी बनाती है. एक्चुअरी बीमा पॉलिसियों की योजना बनाने वाले मुख्य व्यक्ति होते हैं. विभिन्न बीमा कार्यक्रमों को तैयार करने के लिए वे तथ्यों, आंकड़ों और रुझानों का विश्लेषण करते हैं:-

एक्चुअरी के कार्य-दायित्वों में निम्नलिखित शामिल हैं:-

·         यदि कंपनी में पर्याप्त निधि हो तो वित्तीय नीतियां तैयार करना और निगरानी करना.

·         बीमा पॉलिसियों के लिए ग्राहकों को दिए जाने वाले ब्याज की दर निर्धारित करना.

·         हानि को न्यूनतम करने के लिए बीमा जोखिमों पर निगरानी रखना.

·         बीमा नीतियों की रूपरेखा तैयार करते समय हृदय रोग, कैंसर आदि के जोखिमों को शामिल करने के लिए विभिन्न समूहों में ऐसे विभिन्न रोगों की घटना का पूर्वानुमान लगाना.

·         कंपनी की वित्तीय योजना हेतु जोखिम का मूल्यांकन करना.

भारत में एक्चुअरी निम्नलिखित क्षेत्र में कार्य करते हैं:-

·         जीवन बीमा

·         सामान्य बीमा

·         स्वास्थ्य बीमा

·         पुनर्बीमा कंपनियां

·         पेंशन निधि

·         सलाहकार

·         निवेश

·         सरकारी

·         शैक्षिक

·         जोखिम प्रबंधन

इनमें से किसी भी क्षेत्र में एक्चुअरी विविध भूमिकाएं निभा सकता है, जैसे किउत्पाद मूल्य निर्धारण, वित्तीय मॉडलिंग, मूल्यांकन, जोखिम प्रबंधन, पीआर समीक्षा करना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की रूपरेखा बनाना, प्रभारित किए जाने वाले प्रीमियम पर परामर्श देना आदि.

एक्चुअरी कैसे बनें? इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के लिए आपको क्या करना आवश्यक है?

भारत में एक्चुअरी बनने के लिए किए जाने वाले उपाय:

1.            भारतीय एक्चुअरीज़ संस्थान (आईएआई) भारत में एक्चुअरीज़ की शिक्षा और प्रशिक्षण को विनियमित करता है. जब कोई छात्र एसीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करके आईएआई का सदस्य बनता है तो एक्चुअरी बनने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंड पूरे करने होते हैं:-

1.            दसवीं कक्षा के बाद गणित या  पीसीएम के साथ वाणिज्य विषय लें-एक्चुरियल साइंस डेटा, संख्या और आंकड़ों से जुड़ा क्षेत्र है. इसलिए इसमें सफल कॅरिअर बनाने के लिए गणित और सांख्यिकी पर अच्छा अधिकार होना चाहिए गणित के साथ वाणिज्य या गणित के साथ विज्ञान (पीसीएम) अनुशंसित विषय है:

2.            अपनी स्नातक योग्यता गणित, सांख्यिकी या बी. कॉम. या एक्चुरियल साइंस में करें या इन विषयों में अपनी स्नातकोत्तर योग्यता पूरी कर चुके छात्र भी इसमें प्रवेश के पात्र होते हैं. किसी भी विषय में इंजीनियर और सीए./ सीएस / सीडब्ल्यूए / एमबीए (वित्त)/ एमसीए पूरी कर चुके व्यक्ति भी एक्चुरियल साइंस में किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के पात्र होते हैं. स्नातक योग्यता के लिए कोई विशेष पात्रता अपेक्षा नहीं होती है, किंतु बी.एससी गणित और बीएससी सांख्यिकी इसके लिए अनुशंसित पाठ्यक्रम हैं, वे आपको गणित, संभावना संकल्पना, विश्लेषिक और समस्या-समाधान कौशल तथा सांख्यिकी में एक मजबूत आधार देंगे जो एक्चुरियल साइंस की नींव तैयार करेगा.

3.            एक्चुअरी सामान्य प्रवेश परीक्षा (एसीईटी) दें- जो भारतीय एक्चुअरी संस्थान (आईएआई) का सदस्य बनने की दिशा में पहला कदम है. प्रैक्टिसरत एक्चुअरी बनने के लिए उनकी एक्चुरियल सामान्य प्रवेश परीक्षा (एसीईटी) उत्तीर्ण करना अपेक्षित है. आप अपनी बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद या स्नातक/स्नातकोत्तर योग्यताधारी होने पर भी प्रवेश परीक्षा में बैठ सकते हैं.

4.         इसके अलावा अन्य पाठ्यक्रम भी हैं जो आपको इस क्षेत्र में सीधे कार्य करने की अनुमति देते हैं, इनमें बी.एससी., (एक्चुरियल साइंस) और एमएससी (एक्चुरियल साइंस) शामिल हैं. इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने के बाद आप सीधे अपना कार्य प्रारंभ कर सकते हैं, तथापि, इसके साथ एक्चुरियल साइंस स्तर उत्तीर्ण करने का भी परामर्श दिया जाता है.

5.            एक्चुरियल साइंस के चरण उत्तीर्ण करना-कुल 15 प्रश्न-पत्र हैं जो चार चरणों में विभाजित होते हैं-किसी भी व्यक्ति को कोर तकनीकी क्षेत्र से सभी प्रश्न-पत्र (कुल 9), कोर अनुप्रयोग क्षेत्र से कुल 3 प्रश्नपत्र, विशेषज्ञ तकनीकी (एसटी) क्षेत्र से कोई 2 (8 में सेे) तथा विशेषज्ञ अनुप्रयोग, क्षेत्र से कोई एक (6 में से) उत्तीर्ण करना अपेक्षित होता है, पहले दो चरणों मेें सभी प्रश्नपत्र उत्तीर्ण करने के बाद उम्मीदवार एक एसोसिएट बन जाता है और सभी चार चरणों के प्रश्नपत्र उत्तीर्ण करने के बाद एसोसिएट अध्येतावृत्ति स्थिति प्राप्त करते हैं.

6.            चंूकि एक्चुरियल साइंस एक व्यावसायिक पाठ्यक्रम है इसलिए इसे क्षेत्र में आने के लिए आपको विभिन्न परीक्षाएं/चरण उत्तीर्ण करना आवश्यक है. ये परीक्षाएं आईएआई द्वारा संचालित की जाने वाली लिखित और व्यावहारिक परीक्षाएं होती हैं. इस पाठ्यक्रम के लिए कोई नियमित कॉलेज या कक्षाएं नहीं हैं आपको केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना ही जरूरी है.

7.            प्रथम दो चरण उत्तीर्ण करने के बाद आपको आईएआई का एसोशिएट कहा जाता है. सभी चार चरण उत्तीर्ण करने के बाद और 3 वर्ष का अनुभव प्राप्त करने के बाद आप अध्येता बन जाते हैं. अध्येता के रूप में आप इस क्षेत्र में आगे अध्ययन और अनुसंधान कर सकते हैं.

8.            निम्नलिखित व्यावसायिक निकायों के पूर्ण अर्हताप्राप्त सदस्य, यथा-

·         भारतीय चार्टरित लेखाकार संस्थान

·         भारतीय लागत एवं कार्य लेखाकार संस्थान

·         भारतीय प्रमाणित वित्तीय विश्लेषक संस्थान

·         भारतीय बीमा संस्थान के अध्येता

एसीईटी परीक्षा से छूट

कुछ मामलों में आपको, एसीईटी परीक्षा में बैठने से छूट दी जा सकती है.

भारतीय एक्चुअरी संस्थान (आईएआई) की, कुछ अंतर्राष्ट्रीय एक्चुरियल निकायों के साथ आपसी करार हैं जो उन छात्रों को एसीईटी परीक्षा में बैठने से छूट देते हैं जो इन निकायों से कम से कम तीन विषय उत्तीर्ण होते हैं. इन निकायों मेें इंस्टीट्यूट एंड फैकल्टी ऑफ एक्चुअरीज़ (आईएफओए), यूके, कैजुअल्टी एक्चुरियल सोसायटी और इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं.

भारत के छात्र आईएफओए के लिए आवेदन करना पसंद करते हैं क्योंकि इनके प्रश्नपत्र तुलनात्मक रूप से आसान होते हैं, लेकिन इनकी न्यूनतम उत्तीर्णता प्रतिशतता और परीक्षा शुल्क बहुत अधिक होता है.

अपेक्षित कौशल: एक्चुरियल साइंस योग्यता प्राप्त करना कोई आसान कार्य नहीं है और एक्चुअरी बनने की प्रक्रिया काफी लंबी होती है. इसलिए इस कॅरिअर में आने से पहले आप यह जांच लें कि आप कुछ महत्वपूर्ण कौशल रखते हैं या नहीं.

यदि आपके पास निम्नलिखित कौशल हैं आप यह कॅरिअर चुन सकते हैं:-

·         आप कुशलता से संख्याओं के साथ काम करने मेें सक्षम हैं.

·         कैलकुलस, सांख्यिकी और संभाव्यता अवधारणाओं पर आपकी मजबूत पकड़ है.

·         आपके पास मजबूत विश्लेषणात्मक कौशल हैं.

·         आप बड़ी मात्रा में डेटा से निपटने में सहज हैं.

·         आप निरंतर लंबी अवधि के लिए काम कर सकते हैं.

एक्चुअरी से प्रत्याशा होती है कि वे गणित, सांख्यिकी में अच्छे हों तथा अच्छा मॉडलिंग कौशल रखते हों.

·         व्यापार के माहौल, अर्थशास्त्र, वित्तीय बाजारों और खातों की बहुत अच्छी और गहन समझ रखते हों.

·         एक अच्छे कंप्यूटर और संचार कौशल से लैस होना चाहिए.

संभावना: निम्नलिखित क्षेत्रों में एक्चुरियल साइंस में कॅरिअर के अवसर हैं:

·         बीमा क्षेत्र

·         व्यापार क्षेत्र

·         बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं

·         स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र

एक्चुरियल साइंस उन लोगों में सबसे लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में से एक है, जिनके पास संख्या, सांख्यिकी और डेटा के लिए लगन है. यदि आपके पास कौशल और विश्लेषणात्मक क्षमताओं का सही सेट है, तो इसमें आपके लिए काफी गुंजाइश है.

आप निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में कई क्षेत्रों में काम कर सकते हैं. बीमा के क्षेत्र में, आप विभिन्न क्षेत्रों में काम कर सकते हैं, जैसे स्वास्थ्य बीमा, वाहन बीमा, जीवन बीमा, कर्मचारी सेवानिवृत्ति और लाभ योजना, सामान्य बीमा, आदि. बीमा कंपनियों के अलावा, कोई भी पेंशन और लाभ फर्मों में काम कर सकता है.

बीमा या एक्चुरियल साइंस में एमबीए बीमा और जोखिम परियोजनाओं के प्रबंधन बीमा और उनकी सुचारू कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञता प्रदान करेगा. आय जीवन बीमा, कराधान, कर्मचारी लाभ जोखिम प्रबंधन, निवेश आदि कई क्षेत्रों में सलाहकार और सलाह कंपनियों के रूप में कार्य कर सकते हैं

एक्चुरियल साइंस में पाठ्यक्रम चलाने वाले कुछ कॉलेज:-

·         इंस्टीटयूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया, मुंबई

·         क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु (एम.एससी. एक्चुरियल साइंस)

·         बिशप हेबर कॉलेज, तिरुचिरापल्ली (बी.एससी. एक्चुरियल मैथमेटिक्स साइंस)

·         बिडला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा पीजीडीएम (इंश्योरेंस बिजनेस मैनेजेटमेंट)

·         एमिटी स्कूल ऑफ इंश्योरेंस एंड एक्चुरियल साइंस, नोएडा

·         मद्रास विश्वविद्यालय

अधिकांश लोग, एक पूर्ण अर्हताप्राप्त एक्चुअरी बनने के उद्देश्य से ही एक्चुरियल साइंस के व्यवसाय में जाते हैं. एक्चुरियल विश्लेषक कार्य इस दिशा मेें एक आगे का कदम है. इसलिए आपको वास्तव में सोचना होगा कि क्या एक्चुअरी के रूप में कॅरिअर आपके लिए सही है, आपको लक्ष्य-उन्मुखी और अटल होने की आवश्यकता है एक्चुरियल की सभी परीक्षा उत्तीर्ण करना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया होती है. यह एक सबसे अधिक कठिन पाठ्यक्रम है. चूंकि एक्चुरियल कार्य की संभावानाएं अत्यधिक व्यापक हैं, इसलिए स्वयं को नवीनतम परिकलन तकनीकों, और साधनों से अद्यतन बनाए रखना बहुत अधिक महत्वपूर्ण है. सभी जीवन बीमाकर्ता, पुन: बीमाकर्ता, एक्चुरियल परामर्शदाता फर्में और सामान्य बीमाकर्ता अग्रणी नियोक्ता हैं. कुछ ऐसे के.पी.ओ./ बी.पी.ओ हैं जो विदेश में अपने ग्राहकों को एक्चुरियल सेवाएं दे रहे हैं; वे एक्चुरियल प्रतिभाओं को भर्ती भी करते हैं

(उषा अल्बु$कर्क एवं निधि प्रसाद कॅरिअर्स स्मार्ट, नई दिल्ली में क्रमश: निदेशक और वरिष्ठ काउंसलिंग सायकोलोजिस्ट हैं)

ई-मेल: careerssmartonline @gmail.com व्यक्त विचार व्यक्तिगत हैं.