नौकरी फोकस


Volume-51,16 - 22 March, 2019

 

उद्देश्यपूर्ण कॅरिअर का निर्माण

रुचि श्रीमाली

इस सप्ताहांत, मेरी 12वीं कक्षा के एक प्रतिभावान छात्र के साथ रोचक बातचीत हुई. सिमरन कौर (परिवर्तित नाम) ने अपनी 10वीं कक्षा की परीक्षा में 97त्न अंक अर्जित किये और कक्षा 11 में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित (पीसीएम) का विकल्प चुन लिया और उसने ऐसा केवल इसलिये किया क्योंकि उसकी कक्षा के सभी प्रतिभावान छात्र ऐसा कर रहे थे. उसने एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कोचिंग क्लास में भी प्रवेश ले लिया और वह काफी अच्छा कर रही हैं. उसके सभी शिक्षक उत्साहित हैं कि वह निश्चित तौर पर जेईई परीक्षा में सफल होंगी और एक स्टार अचीवरके तौर पर उनका मान बढ़ायेंगी.

केवल एकमात्र समस्या यह है कि वह स्वयं आनंद महसूस नहीं कर रही है. इंजीनियरिंग की कोचिंग उसका बहुत ज़्यादा समय ले लेती है. स्कूल के बाद, सप्ताहांत के दौरान वह अपनी कोचिंग क्लास के लिये दो घण्टे ख़र्च करती है-और दिन में बाकी समय वह होमवर्क और स्व: अध्ययन करने में व्यस्त रहती हैं. सप्ताहांत में -शनिवार और रविवार-उसकी 8-घंटे की क्लास होती है और जाहिर तौर पर उसे होमवर्क और अभ्यास शीट करनी होती है.

जैसे जैसे मैं गहराई में पहुंची, मैंने पाया कि यह लडक़ी जब 5वीं कक्षा में पहुंची थी तो इसने एक आईएएस अधिकारी बनने का $फैसला किया था. वह इंजीनियरिंग कोचिंग में शामिल हो गई और इंजीनियरिंग की परीक्षा इसलिये देना चाहती है क्योंकि वह अपने साथियों को दिखाना चाहती है कि वह ऐसा कर सकती है. उसे पेंट करना, पढऩा और लिखना बहुत पसंद है. यदि उसने मानविकी को चुना होता है तो वह अब तक एक आदर्श छात्र बन चुकी होती.

याद रखें, इस युवती ने कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक अर्जित किये थे और आईएमओ, आईईओ तथा कई अन्य ओलंपियाड में उत्कृष्टता हासिल की थी. वह उदीयमान और अध्ययनशील है. और अब भी वह अपने साथियों को प्रमाण देने की ज़रूरत महसूस कर रही है.  

यह इस बात का परिचायक है कि साथियों का दबाव कैसे काम करता है: इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, आप कितने उज्ज्वल हैं, आप कितने प्रतिभावान हैं, अथवा आपके पास कितनी उपलब्धियां हैं, आपको अब भी सामाजिक प्रमाणीकरण और अनुमोदन की आवश्यकता है. और इस प्रक्रिया में, हम अपने सपनों की दिशा में काम करना भूल जाते हैं.

मुझे एक अन्य प्रश्न ऑनलाइन मिला. सिद्धार्थ कक्षा 12 तक एक पीसीएमबी (भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और जीवविज्ञान) का छात्र था. उसने अपनी इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के बाद बीए का विकल्प चुना क्योंकि वह भी एक आईएएस अधिकारी बनना चाहता था. परंतु अब, स्नातक के अंतिम वर्ष में, उसने महसूस किया कि वह व्यवसाय के लिये उपयुक्त नहीं है. पुन:, वह अपने कठोर परिश्रम के वर्षों को बर्बाद करना नहीं चाहता था और अपने लिये एक प्लान बी के साथ मेरी मदद चाहता था.

यहां पर ऐसे कुछेक प्रश्न हैं जो कि छात्रों ने मुझ से पूछे हैं और इन प्रश्नों के लिये मेरे उत्तर भी दिये गये हैं:

मैंने कक्षा 10 वें 95त्न अंक अर्जित किये थे और इसके बाद गणित विषय

क्षेत्र को चुना क्योंकि मेरे इर्दगिर्द सभी प्रतिभावान छात्र ऐसा कर रहे थे. अब, मेरी कक्षा 12 की परीक्षा एकदम नज़दीक है. मैंने अपनी इंजीनियरिंग की कोचिंग में बहुत मेहनत की है और मेरे शिक्षकों को मुझ से बड़ी आशाएं हैं. मैं इंजीनियर बनना नहीं चाहता हूं और जेईई परीक्षाओं में उपस्थित न होकर एक मूर्ख बनकर दिखाई नहीं देना चाहता. आप मेरे लिये क्या सुझाव देंगे.

मनोविज्ञान कहता है कि मनुष्य अपने आसपास के दूसरे लोगों से स्वीकृति लेने पर अडिग रहता है-चाहे ये उसके माता-पिता हों या सगे-संबंधी अथवा साथी. कुछ समय के लिये वे अपने निर्णय पर कायम रहने की आवश्यकता भी महसूस करते हैं, भले ही कुछ क्षण के लिये यह मूर्खतापूर्ण क्यों न हो. डॉ. राबर्ट सियालडिनि की पुस्तक इन्फ्ल्युएंस: दि साइकोलॉजी ऑफ  परसुएशनमें इस बारे में लंबी चर्चा की गई है.

सौभाग्य से, हमारे पास इन प्रभावों को समझने और इनसे पार पाने की ताक़त भी होती है.

आपने काफी कड़ी मेहनत की है. आपने पीसीएम को चुना और आपने यह साबित कर दिया कि आपके पास अपनी कक्षा के श्रेष्ठ छात्रों के बराबर तार्किकता और तर्क कौशल भी है. आप पहले ही यह साबित कर चुके हैं कि आप इंजीनियरिंग कोचिंग में यदि करना चाहें तो उत्कृष्टता दिखा सकते हैं. लेकिन आप जो कुछ करना चाहते हैं उसे चुनने की अपनी शक्ति पर प्रमाणीकरण करने की अपनी आवश्यकता को कतई भारी न पडऩे दें.

यदि इंजीनियरिंग आपका आखिऱी लक्ष्य नहीं है, आपको इसे चुनने की आवश्यकता नहीं है.

मैं मूलत: एक चिकित्सक बनना चाहता था. अब, मैं संगीतकार बनना चाहता हूं. क्या होगा यदि मैं अब संगीत पाठ्यक्रम में शामिल हो जाता हूं और बाद में अपने निर्णय पर पछतावा होने लगे?

लता मंगेशकर को अंडर-16 के लिये टीम इंडिया चयन से चूकने पर कभी पछतावा नहीं हुआ होगा. सचिन तेंदुलकर को कभी इंडियन आइडल टेलेंट शो के लिये उपस्थित नहीं होने को लेकर कभी पछतावा नहीं हुआ होगा. आपको उन फैसलों पर कभी पछतावा नहीं होगा जो कि आपके अंतिम कॅरिअर उद्देश्यों के अनुरूप नहीं होते हैं.

यदि आप इस बात के लिये पक्के हैं कि आपको एक संगीतकार ही बनना है, आपको इसके लिये सभी प्रकार की कोशिशें करनी चाहियें. यदि आप निश्चित नहीं हैं कि आप संगीतकार बनकर खुश होंगे या नहीं, तो इसके लिये आपको एक वर्ष का ब्रेक ले लेना चाहिये, संगीत में हाथ जमाएं और देखें कि क्या आप लंबी अवधि तक इसके लिये प्रतिबद्ध बने रह सकते हैं या नहीं.

कई बार, आपका दिमाग कठिन मार्ग से बचने के तरीके खोज़ लेता है. अत:, आप डॉक्टर बनना चाहते हैं परंतु इस लक्ष्य को हासिल करना कठिन है, आपका दिमाग इससे बचने और कुछ ऐसा चुनने का प्रयास करता है जो कि आसान लगता है. ऐसे मामले में आपको एक कॅरिअर काउंसलर से मिलना चाहिये और बेहतर निर्देशन के लिये एक विस्तृत परीक्षा दें.

मेरे माता-पिता मुझे इंजीनियर बनाना चाहते हैं और मैं आईएएस अधिकारी बनना चाहता हूं. क्या मुझे पहले इंजीनियरिंग करनी चाहिये और इसके बाद सिविल सेवाओं के लिये तैयारी करनी चाहिये.

इसमें कोई संशय नहीं है कि कई इंजीनियर आईएएस परीक्षा में सफल हो जाते हैं और आप भी पहले बी.टेक कर सकते हैं और इसके बाद संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं. इंजीनियरिंग से यदि आपको इतना प्यार है तो इसे करने में कोई हानि नहीं है. लेकिन, यदि आप इंजीनियरिंग केवल इसलिये करते हैं क्योंकि आपके माता-पिता ऐसा चाहते हैं, आप चार वर्षों की पढ़ाई का आनंद नहीं ले पायेंगे. आप असंतुष्ट और निराश महसूस करेंगे तथा वह पढ़ाई नहीं कर पायेंगे जो आपको करनी चाहिये.

एक निश्चित मार्ग पर चलने के लिये दबाव महसूस न करें. यदि आपको लगता है कि आप इतिहास या भूगोल का अध्ययन करके अधिक खुश होंगे, तो वही ऐसे विषय हैं जिनमें प्रवेश ले लेना चाहिये.

यदि मैं पीसीएम का छात्र हूं तो क्या दिल्ली विश्वविद्यालय के कालेजों में मानविकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकता हूं?

आप ऐसा कर तो सकते हैं परंतु जब दिल्ली विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में बदलाव करेंगे तो आपको 2 प्रतिशत अंकों का घाटा उठाना पड़ेगा. अत:, यदि आप पीसीएम छात्र हैं और कक्षा 12वीं में 96 प्रतिशत अंक अर्जित किये हैं तो डीयू कॉलेज में भूगोल में बी.ए के लिये आवेदन करेंगे तो पाठ्यक्रम के लिये कॉलेजों द्वारा तैयार की जाने वाली कट-ऑफ  सूची में आपके अंकों की गणना 94 प्रतिशत के तौर पर की जायेगी (क्योंकि आपने अपने विषयक्षेत्र में बदलाव कर लिया है).

सभी विश्वविद्यालयों के भिन्न-भिन्न कड़े नियम होते हैं. कुछेक विश्वविद्यालयों में अपने विषयक्षेत्र को बदलने की कोशिश में आपको अंकों की कटौती का सामना शायद नहीं करना पड़ता है.

यदि मैं सिविल सेवाओं के लिये कोचिंग कक्षाओं का विकल्प चुन लेता हूं, तो क्या एक नियमित पाठ्यक्रम की बजाए मुक्त विश्वविद्यालय से अध्ययन करना परामर्श योग्य होगा?

सही अर्थों में, एक परंपरागत विश्वविद्यालय के नियमित पाठ्यक्रम के मुकाबले एक मुक्त विश्वविद्यालय अथवा दूरस्थ पाठ्यक्रम वास्तविक दुनिया में अधिक मूल्यवान होता है. इसके अलावा जब आप एक नियमित कक्षा में पढ़ाई करेंगे और अकेले पढ़ेंगे तो इसमें अंतर तो आयेगा ही.

 

यही कहना है कि आपको निचले ग्रेड के कॉलेज में प्रवेश लेने पर विचार करना चाहिये, जहां उपस्थिति और अन्य अपेक्षाओं में लचीलापन मौजूद है. यदि कोचिंग आपकी प्राथमिकता है, आप संघ लोक सेवा आयोग के लिये उत्कृष्ट कोचिंग कक्षाओं के साथ-साथ भारत के सर्वोच्च कालेजों के कठिन लक्ष्य को नहीं भेद पायेंगे.

क्या कोई ऐसे स्व-मूल्यांकन टूल्स हैं जो कि मेरी यह पहचान करने में सहायता कर सकते हैं कि मुझे कौन सा कॅरिअर चुनना चाहिये.

यह किसी जादूगर से जादू की चाल पूछने जैसा है. लेकिन यहां पर कुछेक ऐसे नि:शुल्क स्व-मूल्यांकन टूल्स हैं जिनका आप अपने को बेहतर तौर पर समझने के लिये इस्तेमाल कर सकते हैं:

स्वयं को समझने के लिये टूल्स

·         O*Net Interest Profiler अमरीकी श्रम विभाग द्वारा प्रायोजित टूल है. यह आरआईएएसईसी पैमाने पर आपकी व्यावसायिक अभिरुचियों का मूल्यांकन करने के लिये एक नि:शुल्क टूल है. यह रुचियों को छह श्रेणियों में श्रेणीबद्ध करता है: यथार्थवादी, खोज़ी, कलात्मक, सामाजिक, उद्यमी और पारंपरिक. यह आपके लिये नौकरियों की एक सूची भी पेश करता है जो कि आपकी रुचि के अनुरूप है जिसके लिये उन्हें बहुत अधिक तैयारी करने की आवश्यकता नहीं होती है और जिसकी किसी अन्य के लिये सघन तैयारी की ज़रूरत रहती है.

·         Kiersey Temperament Sorter आपके व्यक्तित्व की प्रकृति पहचान करने का एक अन्य टूल है. यह स्व-मूल्यांकन प्रश्नावली आपको चार प्रमुख प्रकृतियों के तहत रखती है: कारीगर, संरक्षक, आदर्शवादी और तर्कसंगत. इन प्रकृतियों में से प्रत्येक को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिनमें से प्रत्येक का उद्देश्य एक विशिष्ट रोजग़ार की भूमिका है. प्रत्येक कार्य भूमिका को आगे दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है जो भूमिका की दो प्रकृतियों को परिभाषित करता है. आप परीक्षा दे सकते हैं और इसके बाद शद्घद्घद्बष्द्बड्डद्य ्यद्गद्बह्म्ह्यद्ग4 2द्गड्ढह्यद्बह्लद्ग पर अपने व्यक्तित्व की प्रकृति के बारे में अधिक अध्ययन कर सकते हैं. 

कौशल-आधारित मूल्यांकन टूल्स

·         O*NET Online करने का एक अच्छा स्थान है. यह टूल आपको अपनी रुचियों, कार्य गतिविधियों, कार्य शैलियों, कार्य मूल्यों, कार्य संदर्भों और भौतिक कार्य स्थितियों द्वारा नौकरियों को ढूंढऩे में सहायता करता है. आप उन संभावित कॅरिअर्स की भी खोज़ कर सकते हैं जिन्हें आप अपने पास मौजूद कौशल के माध्यम से चुन सकते हैं.

·         कनाडा सरकार ने इसी तरह की एक साइट विकसित की है जहां पर आप ऐसे उन अनिवार्य कौशलों के जरिए रोजग़ार तलाश सकते हैं, जो कि आपके पास अवश्य होने चाहियें.

·         प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) इस वक्त 30 से अधिक क्षेत्रों में कौशल-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रही है. आप इन क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न रोजग़ार भूमिकाओं के लिये संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को देखने के लिये विभिन्न क्षेत्र-विनिर्दिष्ट कौशलों की पहचान कर सकते हैं.

मूल्य मूल्यांकन परीक्षा

·         रोजग़ार से संबंधित मूल्यांकन MyPlan Career Values Assessment Test पर नि:शुल्क उपलब्ध है. यह परीक्षण आपको यह आकलन करने में मदद करता है कि किस तरह का काम आपको प्रेरित करता है और किस तरह का कार्य वातावरण या विशेषताएं आपको रोजग़ार से संतुष्टि प्राप्त करने के लिये अपेक्षित हंै. यह परीक्षा आपको अपने मूल्यों के अनुरूप रोजग़ारों के बारे में भी सुझाव देता है.

·         Career Perfect's Insight Values Inventory  नामक कार्यक्रम आपको रोजग़ार के विकल्प प्रदान नहीं करता है परंतु यह आपके कार्य मूल्यों का बहुत ज़्यादा विस्तृत विश्लेषण प्रदान करता है. यह टूल भी नि:शुल्क उपलब्ध है.

मेरे द्वारा चुने गये विषयक्षेत्र के आधार पर मेरे लिये कौन से कॅरिअर्स खुले हैं?

विज्ञान, वाणिज्य अथवा मानविकी-सभी तीनों प्रमुख विषयक्षेत्रों के स्नातकों के लिये अवसरों की कोई कमी नहीं है. अधिकांश कॅरिअर काउंसलर्स के पास अलग-अलग कॅरिअर की व्यापक सूची होती है, जिन्हें कोई भी अपनेे विषयक्षेत्र के आधार पर चुन सकता है. अधिक मार्गदर्शन के लिये आप उनसे मुलाकात कर सकते हैं.

यदि आप किसी अच्छे काउंसलर के पास नहीं जा पाते हैं, आप अपने स्वयं के अनुरूप विकल्पों पर विचार कर सकते हैं. गूगल पर for "<Careers/ Courses> after <Class 10/ Class12/ graduation/post graduation> for <subject/ stream> student"क्लिक करें और आपको ढेर सारे विकल्प आसानी से मिल जायेंगे.

मान लीजिए आपने पीसीएम के साथ अपनी 12वीं की पढ़ाई की है और अपने लिये कॅरिअर विकल्प तलाश रहे हैं, आप निम्नानुसार टाइप कर सकते हैं:

Careers after Class 12 for PCM student

आपको भिन्न-भिन्न विकल्पों के साथ हज़ारों-लाखों लिंक मिल जायेंगे, जिनमें आप कॅरिअर की तलाश कर सकते हैं.

क्या मैं एक चित्रकार के रूप में अपना जीवन संचालित कर सकता हूं?

उनके लिये रोजग़ार का परामर्श देना सबसे कठिन क्षेत्रों में से है जो एक सृजनात्मक कलाकार के तौर पर जीवन जीना चाहते हैं. Pay scale India के अनुसार, चित्रकार 72,000 से लेकर 10,00,000 रु. तक कहीं भी प्रति वर्ष कमा सकते हैं. मान लीजिए कि आप एक फाइन आर्टिस्ट बनने के बारे में बात कर रहे हैं, आप एक चित्रकार अथवा आकृति रचनाकार के तौर पर 1,00,000 से लेकर 20,00,000 रु. तक कहीं भी कमा सकते हैं.

अंत में, यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आपमें कितनी प्रतिभा है, आप कितना एक विशिष्ट और कल्पनाशील कार्य कर सकते हैं और आप इसे कितना भुना सकते हैं.

सौभाग्य से, आपकी पुस्तकें बेचने के लिये साहित्यिक एजेंट हैं, आपके कलात्मक कार्य को प्रोत्साहन देने के लिये एजेंट हैं, और अन्य ऐसे एजेंट हैं, जो कलाकारों, नर्तकों और अन्य प्रकार के आर्टिस्टों को बाज़ार में अपनी पहचान बनाने में सहायता प्रदान करते हैं. जब आप अपने काम में अच्छे होते हैं तो आप हमेशा इन लोगों की मदद से सही अवसरों को प्राप्त कर सकते हैं.

मेरे पास आने वाले सभी छात्रों या पेशेवरों के लिये मेरी सलाह है-आप जिस काम में रुचि रखते हैं उससे भयभीत मत हों. आप जब एक बार उस काम को शुरू कर देते हैं, जिसमें आपकी गहन रुचि है तो आप पूर्ण क्षमता तक अवश्य पहुंचेंगे.

अपने सपनों पर काम करना शुरू करने में कभी देरी नहीं होती. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप 14 या 40 वर्ष के हैं. जब तक आप अपने लक्ष्यों के बारे में स्पष्ट हैं और उन्हें प्राप्त करने के लिये कुछ भी करने को तैयार हैं, तब तक कुछ भी आपको खुशहाल और सार्थक जीवन जीने से नहीं रोक पायेगा.

रुचि श्रीमाली एक कॅरिअर कांउलर हैं ईमेल rruchi shrimalli@gmail.com.

व्यक्त विचार व्यक्तिगत हैं.