नौकरी फोकस


Volume-52, 30 March - 5 April, 2019

क्रिकेट में कॅरिअर

श्री प्रकाश शर्मा

भारत में क्रिकेट मनोरंजन का एक प्रिय खेल है. यह खेल न केवल व्यावसायिक खिलाडिय़ों द्वारा, बल्कि देश भर में अन्य व्यक्तियों द्वारा भी खेला जाता है.

भारत में क्रिकेट का इतिहास ब्रिटिश काल से है. भारत में क्रिकेट का विकास औपनिवेशिक काल से प्रारंभ हुआ. माना जाता है कि भारत में क्रिकेट खेल अट्ठारहवीं शताब्दी में यूरोपीय व्यापारी नाविक लाए थे और तत्कालीन कलकत्ता को 1792 में प्रथम क्रिकेट क्लब स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है. किंतु भारत ने अपना पहला टेस्ट मैच 1932 में लंदन के लॉर्ड्स मैदान में खेला. तब से लेकर हम विश्व रिकॉर्ड बना रहे हैं और तोड़ रहे हैं.

क्रिकेटर बनने के लिए पूर्वापेक्षित कौशल

आज के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी युग में, क्रिकेट में कॅरिअर बनाने एवं एक क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में सफलता प्राप्त करना चुनौतियों से भरा कार्य है. इस युद्ध जैसी स्थिति में बने रहने और सफल होने के लिए किसी भावी क्रिकेट खिलाड़ी में, सबसे सफल खिलाडिय़ों में बने रहने के लिए निम्नलिखित गुण होने चाहिएं:-

-              वह बहुत अच्छा खिलाड़ी और प्राकृतिक एथलीट होना चाहिए, और सबसे महत्वपूर्ण बात, कड़ी मेहनत और कभी हार नहीं मानने की भावना.

-              अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की विषम परिस्थितियों जैसे संस्कृति, भोजन, पंथ, भाषा, मौसम, प्रतिकूल दर्शकों और विदेशों के प्रशंसक अनुयायियों को स्वीकार करने की अनुकूलता.

-              क्रिकेट एक गतिशील खेल है, जहां खिलाडिय़ों से अपेक्षा की जाती है कि वे घंटों तक बॉलिंग और बल्लेबाजी करें और जिस मुकाबले के लिए आपको सबसे ज्यादा जरूरत है वह है शारीरिक फिटनेस और मानसिक दृढ़ता.

-              एथलेटिक्स, फिटनेस, दृष्टिकोण, बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में उत्कृष्ट कौशल.

क्रिकेट के इच्छुक खिलाड़ी को इन आठ सेगमेंट में पारंगत होना चाहिए- एथलेटिज्म, फिटनेस, तनावपूर्ण परिस्थितियों को बहादुरी से झेलना, फील्डिंग, विकटों के बीच दौडऩा, डेंजर जोन में गेंदबाजी करना, गेंदों को सही तरीके से डक करना और सबसे महत्वपूर्ण बात है, मौके पर- निर्णय लेने की क्षमता.

-              आकांक्षी खिलाड़ी को एक लक्ष्य तक पहुंचने के लिए समय का पाबंद और निश्चित रूप से दृढ़संकल्प होना चाहिए.

-              क्रिकेट के तीनों पहलुओं- गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में प्रतिभा होनी चाहिए.

-              कठोर व्यक्तित्व जो हार को यथासंभव स्वाभाविक रूप से स्वीकार कर लेता है.

-              कई टूर्नामेंट और मैचों की शृंखला खेलने के लिए विश्व के देशों में यात्रा

करने के लिए स्वभाव होना चाहिए.

-              महीनों तक परिवार और दोस्तों से अलग रहने के लिए मजबूत भावनात्मक लचीलापन हो.

-              उदासीन भावनाएं खिलाडिय़ों के प्रदर्शन को बर्बाद कर देती हैं.

-              और उसके पास अपने परिवार के साथ एक मधुर भावनात्मक लगाव होना चाहिए और जीवन को शांतिपूर्वक और आराम से जीने के लिए बहुत अच्छी वित्तीय पृष्ठभूमि होनी चाहिए, भले ही वह किसी विशेष शृंखला, टूर्नामेंट, चैंपियनशिप या राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए चयनित न हो.

मूलभूत जानकारी

सभी महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रारूपों को निम्नलिखित तीन श्रेणियों में रखा गया है-

1.       अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट मैच

2.       वन डे इंटरनेशनल मैच, और

3.       टी२० इंटरनेशनल मैच

घरेलू क्रिकेट में क्रिकेट मैचों के निम्नलिखित प्रारूप हैं:

1.       प्रथम श्रेणी

2.       सूची क और

3.       टी20 मैच

इसका मतलब यह नहीं है कि संभी आकांक्षी क्रिकेट खिलाड़ी क्रिकेट प्रारूपों के संपूर्ण क्षेत्र के नायक खिलाड़ी के रूप में सफल होते हैं. भावी क्रिकेट खिलाडिय़ों में से अधिकांश स्वयं को एक विशेष प्रारूप में यह कभी-कभी उनमें से दो के लिए तैयार करने की कोशिश करते हैं. जो खिलाड़ी केवल टी-20 मैच खेलना चाहते हैं वे खुद को टी-20 क्रिकेट के साथ प्रतिबंधित करते हैं और इसलिए एक विशेष टी-20 प्रीमियर लीग में शामिल होते हैं. हालांकि, यह दूसरी बात है कि इन खिलाडिय़ों को भारत के टी-20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के लिए भी चुना जाता है.

जहां तक क्रिकेट के विभिन्न प्रारूपों के लिए खिलाडिय़ों के चयन का संबंध है, उस देश के क्रिकेट का शासी निकाय खिलाडिय़ों का चयन करता है. उदाहरण के लिए, बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) एक शासी निकाय और दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट निकाय है जो एक कॉर्पोरेट संगठन की तर्ज पर काम करता है.

टीम के सभी खिलाडिय़ों, कोच, फिजियोथेरेपिस्ट और दल के  अन्य सदस्यों को बीसीसीआई द्वारा चुना जाता है जिसके लिए खिलाडिय़ों को एक निश्चित अवधि के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होती है. बीसीसीआई क्रिकेट खेलने वाले 10 प्रमुख देशों, अर्थात भारत, पाकिस्तान, बंग्लादेश, श्रीलंका, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के साथ मैचों की व्यवस्था करने का कार्य भी करता है. खिलाडिय़ों को बीसीसीआई द्वारा भुगतान भी किया जाता है, जिसका लाभ और बैलेंस शीट कॉर्पोरेट सेक्टर की बहुत अधिक लाभ कमाने वाली कंपनियों से कम नहीं है.

क्रिकेट में कॅरिअर- कैसे शुरू करें?

कॅरिअर बनाने की महत्वाकांक्षा के साथ क्रिकेट की दुनिया में प्रवेश करने के लिए, उम्मीदवार के पास दो विकल्प  हैं. पहली पसंद स्कूल से शुरू होती है जहां से कोई भी क्रिकेट की दुनिया में प्रवेश कर सकता है. स्कूल क्रिकेट मैच इंटर कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर खेले जाने वाले मैचों और टूर्नामेंटों का मार्ग प्रशस्त करता है.

हमारे पास अभी तक व्यावसायिक क्रिकेट की दुनिया में प्रवेश करने के लिए एक और बहुत लोकप्रिय विकल्प है जिसमें कड़े परिश्रम की आवश्यकता होती है और क्रिकेट की दुनिया में इस एवेन्यू को ओपन क्रिकेटकहा जाता है, जो तुलनात्मक रूप से उन क्रिकेट मैचों की तुलना में कठिन होता है, जो स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर खेले जाते हैं.

ओपन क्रिकेट मैच विभिन्न क्रिकेट संघों द्वारा संचालित किए जाते हैं जिनका स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर के मैचों से कोई संबंध नहीं होता है.

देश के प्रत्येक जिले में एक जिला संघ है. ये सभी जिला संघ आगे चलकर राज्य संघ बनाते हैं. जिला संघ जिला स्तर पर आगे के मैचों के लिए होनहार क्रिकेटरों की चयन समिति के रूप में कार्य करता है. इसके लिए जिला एसोसिएशन चयन समिति, खिलाडिय़ों के मैचों का बहुत ही सूक्ष्मता से निरीक्षण करती है और खिलाडिय़ों को उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर चुना जाता है और टीम बनाई जाती है. जिला स्तर पर इच्छुक खिलाडिय़ों के प्रदर्शन के आधार पर, उन्हें अपने राज्य के लिए खेलने का अवसर मिलता है. आगे राज्य स्तर पर खिलाडिय़ों के प्रदर्शन के आधार पर, राष्ट्रीय स्तर की चयन समिति राष्ट्रीय स्तर की टीम के लिए खिलाडिय़ों का चयन करती है.

राष्ट्रीय खेल टीम के लिए खिलाड़ी कैसे चुने जाते हैं?

रणजी ट्रॉफी को भारत में राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाडिय़ों के चयन के लिए एक और स्वर्णिम पासपोर्ट माना जाता है. यह सबसे महत्वपूर्ण चरण भी है जो देश की क्रिकेट टीम में एक संभावित खिलाड़ी के प्रवेश की सुविधा देता है.

रणजी ट्रॉफी का नाम रणजीत सिंह जी के नाम पर रखा गया है, जो पहले भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी थे और जो इंग्लैंड और ससेक्स के लिए खेले हैं. रणजी ट्रॉफी भारत की प्रथम श्रेणी की घरेलू क्रिकेट चैम्पियनशिप है. रणजी ट्रॉफी को लोकप्रिय रूप से रणजी भी कहा जाता है. इसे पहले भारत की क्रिकेट चैम्पियनशिपके नाम से जाना जाता था.

रणजी ट्रॉफी में देश के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाली टीमें शामिल होती हैं. इसलिए रणजी ट्रॉफी टीम में हर राज्य का अपना प्रतिनिधित्व होता है. कुछ राज्य एक से अधिक राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. रणजी ट्रॉफी में 28 राज्यों में प्रतियोगिता है, जिसमें छत्तीसगढ़ सबसे नवीनतम है. रणजी ट्रॉफी टीम के खिलाडिय़ों का चयन देश के 29 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों के श्रेष्ठ खिलाडिय़ों में से किया जाता है. यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि विभिन्न क्रिकेट संघों और क्रिकेट क्लबों के खिलाडिय़ों को भी प्रतिष्ठित रणजी ट्रॉफी के लिए खेलने का अवसर मिलता है. इसलिए, सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि रणजी ट्रॉफी में चयनित कैसे हुआ जाए.

वास्तव में, रणजी ट्रॉफी में चयन के लिए एक महत्वाकांक्षी खिलाड़ी को निम्नलिखित कठिन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है-

सबसे पहले, बचपन से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दें, जब आप आमतौर पर अपने प्राथमिक विद्यालय में होते हैं और इसके लिए बेहतर होगा कि आप स्थानीय क्लब में स्वयं को क्रिकेट टीम में शामिल करवाएं.

अभ्यास किसी को भी परिपूर्ण बनाता है, और इसलिए आपको हर दिन लगातार अभ्यास करने और बिना असफल हुए क्रिकेट खेलने की आवश्यकता होती है. अधिक से अधिक क्रिकेट मैचों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें. स्कूल और अन्य विभिन्न टूर्नामेंट और मैचों में आपकी उत्कृष्टता आपको जिला स्तरीय टूर्नामेंट के लिए चयनित करने में सक्षम बनाती है.

एक डिवीजन में कई जिले होते हैं. डिवीजन स्तरों पर चयन के लिए, चयन ट्रायल जिला स्तर पर आयोजित किए जाते हैं, जिनके मापदंड स्थानीय टूर्नामेंट में खिलाडिय़ों के प्रदर्शन के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं. अंतर जिला टूर्नामेंट भी आयोजित किए जाते हैं, जिनमें अच्छे प्रदर्शन से खिलाडिय़ों को रणजी ट्रॉफी और भारत की राष्ट्रीय टीम के लिए भी खेलने का मौका मिलता है.

अंतर-मंडल टूर्नामेंट में खिलाडिय़ों का प्रदर्शन शिविरों के लिए उन खिलाडिय़ों के चयन का मापदंड बन जाता है. ये शिविर, विभिन्न राज्य संघों के प्रसिद्ध कोचों के व्यावसायिक मार्गदर्शन में और कभी-कभी प्रसिद्ध सेवानिवृत्त अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाडिय़ों के मार्गदर्शन में चयनित खिलाडिय़ों के कठोर प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करते हैं. ये प्रशिक्षु खिलाड़ी विभिन्न टूर्नामेंट भी खेलते हैं जिन्हें उनके राज्य और क्षेत्र की रणजी ट्रॉफी की प्रवेश परीक्षा के रूप में माना जाता है. यहां तक कि यदि आप इन मैचों में चमकने में विफल रहते हैं, तो वर्तमान में क्रिकेट टूर्नामेंट के अधिक शृंखला दिखाई दे रही हैं, जिन्होंने युवा पीढ़ी को  आकर्षित किया है. आईपीएल क्रिकेट मैच अब बहुत अच्छे मंच साबित हुए हैं, जिनमें से टीमें रणजी ट्रॉफी टीमों से तैयार की जाती हैं. इंडियन प्रीमियर लीग और टी20 -सीरीज- मैच 2007-2008में बीसीसीआई द्वारा शुरू किए गए थे, जिसके लिए खिलाडिय़ों का चयन नीलामी के बाद किया गया था. वे फ्रेंचाइजी के स्वामित्व वाली टीमों के लिए खेलते हैं. पहले आईपीएल मैच अप्रैल और जून 2008के महीनों में आयोजित किए गए थे.

आपको कितना भुगतान किया जाएगा?

आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रसिद्ध राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाडिय़ों की व्यक्तिगत कमाई लाखों से अधिक है. क्रिकेट खिलाडिय़ों को बीसीसीआई द्वारा आकर्षक भुगतान किया जाता है और यह इस खेल का सबसे बड़ा आकर्षण है.

इसके अलावा, कॉर्पोरेट कंपनियां भी इन खिलाडिय़ों की लोकप्रियता को भुना रही हैं और ऑडियो-विजुअल और प्रिंट मीडिया में अपने उत्पादों के प्रचार के लिए उनके साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करा रही हैं. सार्वजनिक और निजी-दोनों क्षेत्रों द्वारा अपने विभिन्न अभियानों और उत्पादों के ब्रांड एंबेसडर के रूप में इन खिलाडिय़ों की नियुक्ति को बहुत बड़ी दौलत और असंख्य प्रशंसाओं के साथ मिलाया जाता है, जिसकी समानताएं सामान्य रूप से अन्य खेलों में नहीं पाई जाती हैं.

बीसीसीआई ने खिलाडिय़ों को वेतन संरचना के दृष्टिकोण से ए+ , , बी और सी की चार श्रेणियों में विभाजित किया है, इस पैरामीटर में व्यक्तिगत खिलाड़ी द्वारा खेले जाने वाले मैचों में उसके अनुभव और पिछले वर्ष के प्रदर्शन को देखते हैं. खिलाडिय़ों की रैंकिंग एक वर्ष तक रहती है और यदि कोई नवोदित खिलाड़ी वर्ष के बीच में जुड़ जाता है तो उसे ग्रेड सी में स्लॉट दिया जाता है. खिलाडिय़ों की वेतन संरचना का विवरण निम्नानुसार है-

प्रतिधारण शुल्क

यह वह शुल्क है जो केंद्रीय अनुबंध और उस श्रेणी के अनुसार भुगतान किया जाता है जिसमें खिलाडिय़ों को रखा जाता है. ग्रेड ए+ में खिलाडिय़ों को 7 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है. ग्रेड ए के खिलाडिय़ों को  करोड़ रुपए और ग्रेड बी के खिलाडिय़ों को 3 करोड़ रुपए मिलते हैं. सी गे्रड के खिलाड़ी 1 करोड़ रुपये पाने के हकदार होते हैं.

मैच शुल्क

यह वह शुल्क है जो अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने के लिए भुगतान किया जाता है. यह केंद्रीय अनुबंध की सभी चार श्रेणियों में  समान है. प्रत्येक टेस्ट मैच में खेलने के लिए मैच फीस के रूप में 1500,000 रु. का भुगतान किया जाता है. वन डे इंटरनेशनल मैच के लिए यह रुपये 600000 है और प्रत्येक टी20  मैच के लिए रुपये 300000के शुल्क का भुगतान किया जाता है.

व्यक्तिगत प्रदर्शन बोनस

व्यक्तिगत प्रदर्शन की गुणवत्ता इस बोनस का मानदंड होती है. टैस्ट या एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ओ.डी.आई.) में लगाए गए प्रत्येक शतक के लिए खिलाड़ी को 500000 रु. का भुगतान किया जाता है. जबकि टैस्ट या ओडीआई में लगाए गए दोहरे शतक के लिए 700000लाख रु. का भुगतान किया जाता है. टैस्ट या ओडीआई अथवा टी-20 मैचों में 5 विकेट लेने पर 500000/- रु. और १० विकट लेने पर 700000/- रु. के बोनस का भुगतान किया जाता है.

यह बोनांजा केवल यहीं तक सीमित नहीं है. आईसीसी की उच्च 3 रैंकिंग वाली किसी टीम के विरुद्ध किसी टैस्ट मैच में विजय प्राप्त करने पर खिलाडिय़ों के मैच शुल्क में 50 प्रतिशत वृद्धि कर दी जाती है. आईसीसी की उच्च 3 रैंकिंग वाली किसी टीम के विरुद्ध शृंखला जीतने पर खिलाडिय़ों को 100 प्रतिशत अधिक शुल्क का भुगतान किया जाता है. ओडीआई और टी-20 दोनों में आईसीसी विश्व कप में विजय प्राप्त करने पर मैच शुल्कों में 300 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है.

बीसीसीआई के बारे में:

भारत में क्रिकेट के राष्ट्रीय शासी निकाय- भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) की स्थापना दिसंबर १९२८ में की गई थी. यह प्रशासकों की एक समिति है जिसे विभिन्न स्तरों पर खेले जाने वाले मैचों के लिए क्रिकेट खिलाडिय़ों का चयन करने की जिम्मेदारी दी जाती है. बीसीसीआई में चयनकर्ता की दो श्रेणियां शामिल हैं:-

1. अखिल भारतीय वरिष्ठ चयन समिति

इस समिति की जिम्मेदारियों में सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए टीमों का चयन करना शामिल है, जैसे टेस्ट मैच, वन डे इंटरनेशनल मैच और टी-२० अंतर्राष्ट्रीय मैच. यह भारत ए टीमों के लिए खिलाडिय़ों का चयन भी करता है. इस समिति द्वारा राष्ट्रपति ङ्गढ्ढ या बीसीसीआई ङ्गढ्ढ जैसी टीमों के लिए खिलाडिय़ों का चयन भी किया जाता है. प्रेसिडेंट्स ङ्गढ्ढ टीम उन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के साथ क्रिकेट मैच खेलती है जो देश का दौरा करती है.

2. अखिल भारतीय कनिष्ठ चयन समिति

यह टीम निम्नलिखित टीमों के गठन के लिए खिलाडिय़ों का चयन करती है-

* अंडर-१९ क्रिकेट

* अंडर-१७ क्रिकेट

* अंडर-१५ क्रिकेट

बीसीसीआई में 5 सदस्य होते हैं जिन्हें उत्तर क्षेत्र, मध्य क्षेत्र, पश्चिम क्षेत्र, पूर्व क्षेत्र और दक्षिण क्षेत्र से चुना जाता है.

क्रिकेट में सफलता के उच्च रहस्य

अन्य व्यवसायों की तरह, क्रिकेट में भी कॅरिअर मुश्किलों से भरा है. यह कांटों भरी शैय्या है. महत्वाकांक्षी खिलाड़ी पूर्णत: क्रिकेट के प्रति समर्पित होना चाहिए. उसका ध्यान क्रिकेट पर संकेंद्रित होना चाहिए. कहते हैं कि उदीयमान एवं प्रत्याशित क्रिकेट खिलाड़ी को खाते, पीते, सोते और जागते समय क्रिकेट पर ही ध्यान देना चाहिए.

क्या आपने कभी सोचा है कि बल्लेबाज जब किसी मैच में चौके और छक्के मारता है और कोई एकल या दोहरा शतक मारता है तो उसके पीछे कौन सी कैमिस्ट्री कार्य करती है? नि:संदेह इसका उत्तर बहुत आसान है- क्रिकेट में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए कठोर एवं निरंतर परिश्रम.

कभी-कभी क्रिकेट जगत में प्रवेश करना आसान होता है, किंतु वहां टिकना बहुत कठिन होता है, क्योंकि दर्शकों की दीवानगी और प्रशंसकों की अपेक्षाएं इतनी अधिक होती हैं कि यदि आप उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने में असफल रहते हैं तो उन्हें आपके घरों पर पथराव करने, आपके ऊपर जूते और सड़े हुए अण्डे फैंकने में ज्यादा समय नहीं लगता. इसलिए किसी क्रिकेट खिलाड़ी का कार्य इतना सरल नहीं होता जितना कि हम समझते हैं.

अत: क्रिकेट के क्षेत्र में एक शानदार तथा बहु-प्रतीक्षित सफलता प्राप्त करने और लंबे समय तक बहने रहने के लिए इच्छुक युवाओं को निम्नलिखित बातों को बहुत गंभीरता के साथ ध्यान में रखना चाहिए:-

सभी को समान अवसर नहीं मिलते

यह एक कटु-सत्य है कि ग्रामीण युवाओं की तुलना में शहरी युवाओं को एक सफल क्रिकेटर बनने के अधिक अवसर होते हैं. तथापि, ऐसा नहीं है कि हमेशा ऐसा ही होता है. किंतु नगरों और बड़े शहरों के युवकों के पास अधिक सुविधाएं एवं जानकारी होती है और इसके परिणाम स्वरूप वे आसानी से क्रिकेट संघों में पंजीकरण करा सकते हैं और उनके द्वारा संचालित अकादमी में प्रशिक्षण ले सकते हैं.

इसके अलावा, शहरी उम्मीदवारों को अनेक क्रिकेट क्लबों और निजी क्रिकेट प्रशिक्षण संस्थानों की सुविधाएं होती हैं. किंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि ग्रामीण व्यक्तियों को स्टार क्रिकेटर बनने का कोई अवसर नहीं होता है. ग्रामीण क्रिकेटरों के पास अपने पसंदीदा क्रिकेट खेल को समर्पित करने के लिए अधिक समय और एकाग्रता होती है. इसलिए इसमें कोई हताशा नहीं होनी चाहिए कि आप किसी शहरी क्षेत्र से नहीं हैं.

एक आलराउंडर खिलाड़ी बनें

पिछले कुछ दशकों में क्रिकेट जगत में बड़े बदलाव आएं हैं और इसमें सफलता का एक ही मंत्र है श्रेष्ठ खिलाडिय़ों का बने रहनासर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट’.

क्रिकेट खेल की सभी भूमिकाओं जैसे गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्र रक्षण में आपको हमेशा फिट रहने की आवश्यकता होती है. यदि आप कभी अद्र्ध-शतक या शतक बनाने से चूक जाते हैं तो कोई बात नहीं, आप विरोधी टीम द्वारा मारे जाने वाले चौकों और छक्कों को आप अपनी गेंदबाजी में तेज गति से फैंके जाने वाली प्रत्येक बाल से रोक कर अपनी टीम को विजय पथ पर अग्रसर कर सकते हैं. किसी दिन आप कोई विकट नहीं लेते तो कोई बात नहीं, आप अपनी टीम को विजेता बनाने के लिए कुछ जरूरी रन बनाकर टीम में अपनी अनिवार्यता प्रमाणित कर सकते हैं. इसलिए क्रिकेट के प्रत्येक क्षेत्र में दक्षता प्राप्त करने, देश की टीम में अपना स्थान सुनिश्चित करने का निश्चित फार्मूला है.

आत्म-विश्वास और अदम्य धैर्य बनाएं रखें

आप यह देख कर हताश और नाराज होंगे कि आपका स्टार क्रिकेट खिलाड़ी क्रीज पर खड़ा है और वह, उसे फैंके जाने वाली किसी भी बाल पर रन बनाने में असफल हो रहा है. किंतु खेल के मैदान में खड़े रहने की वास्तविक स्थिति और स्टेडियम की आराम देह सीटों पर बैठ कर क्रिकेट के अपने नायक खिलाड़ी को देखने में अंतर होता है.

क्रिकेट में, स्टेडियम के अंदर और बाहर की प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए अत्यधिक साहस और धैर्य की आवश्यकता होती है. इतना ही नहीं, अपने कठोर परिश्रम, सच्चे प्रयासों और संपूर्ण समर्पण के बावजूद खिलाडिय़ों की राष्ट्रीय सूची में स्थान बनाने में असफल होने के समय आपको अत्यधिक धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता होती है. अधिकाधिक मैच खेलें, जो आपको अंत में माहिर बनाएंगे. इसके अतिरिक्त, आपको मानसिक रूप से सशक्त होना चाहिए. प्रतिकूल टिप्पणियों और आलोचना पर ध्यान न दें क्योंकि आपके चहेते दर्शक आपकी असफलता पर स्वाभाविक रूप में ऐसे टिप्पणियां करते हैं. वे आपसे बेहतर करने की आशा करते हैं और आप जैसा बनने का सपना देखते हैं.

यह खेल अनिश्चितताओं से भरा है. इस खेल में सफलता का एक ही नियम है, जिसे

किसी भी क्रिकेटर को नहीं भूलना चािहए- अपनी प्रशंसा पर ध्यान दिए बिना अपने प्रयासों पर डटे रहें.

(लेखक जवाहर नवोदय विद्यालय में अध्यापन कार्य करते हैं. ई-मेल आईडी: spsharma.rishu@gmail. com

व्यक्त विचार व्यक्तिगत हैं.

(छायाचित्र: गूगल से साभार)