नौकरी फोकस


Career volume-36

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में विशेषज्ञ अधिकारी के रूप में कॅरिअर

विजय प्रकाश श्रीवास्तव

राष्ट्र के आर्थिक विकास में बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. १००० रु. और ५०० रु. के मौजूदा करेंसी नोट्स के हाल ही के विमौद्रीकरण ने हम सभी को यह आभास करा दिया है कि बैंक प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं. हमारे देश में रोज़गार तलाशने वाले व्यक्तियों के लिए भी बैंकिंग क्षेत्र बहुत बड़ी आशा है क्योंकि आज-कल बैंक अधिकतम संख्या में रोज़गार के अवसर देते हैं.

बैंक देश भर में अपना नेटवर्क फैला रहे हैं. कार्य-लागत घटाने और अपनी दक्षता तथा गति बढ़ाने के लिए लिए बैंक प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करने पर भी बल दे रहे हैं. हममें से अधिकांश व्यक्तियों के लिए बैंकिंग व्यवसाय का अभिप्राय बैंकों द्वारा हमारी जमा की जाने वाली राशि स्वीकार करना तथा ऋण देना है. इन सामान्य कार्यों के प्रबंधन के लिए बैंकों में सामान्य बैंकिंग विषय से जुड़े लिपिकीय कर्मचारी तथा अधिकारी होते हैं. इन पदों के लिए बड़ी संख्या में रिक्तियां विज्ञापित की जाती हैं और हमारे अनेक युवक यह समझते हैं कि बैंकों में केवल ये ही अवसर उपलब्ध होते हैं. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नए सामान्य बैंकिंग अधिकारी परिवीक्षाधीन अधिकारी या प्रबंधन प्रशिक्षणार्थियों के रूप में नियुक्त किए जाते हैं और हमारे देश की बहुत बड़ी युवा जनसंख्या के लिए यह एक स्वप्निल रोज़गार है.

उक्त के अतिरिक्त, बैंकों को ऐसे पर्याप्त योग्यताधारी व्यक्तियों की भी तलाश होती है जो विशेषज्ञतापूर्ण क्षेत्रों में कार्य करने के इच्छुक होते हैं. दोनों-सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों में अनेक विशेषज्ञतापूर्ण कार्य होते हैं. निजी क्षेत्र के कईं बैंक इन विशेषज्ञ रिक्तियों को कैम्पस भर्ती, जॉब साइट्स आदि के माध्यम से भरते हैं. जब कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक खुली भर्ती नीति का अनुसरण करते हैं. रिक्तियां समाचार पत्रों में और वेबसाइट्स पर विज्ञापित की जाती हैं. पात्र उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं और चयन प्रक्रिया में उपस्थित हो सकते हैं. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में विशेषज्ञ के जिन क्षेत्रों में कॅरिअर के अधिकांश अवसर हैं उन क्षेत्रों में विपणन, सुरक्षा, कृषि, इंजीनियरी, प्रौद्योगिकी, विधि, जोखिम प्रबंधन, हिंदी (राजभाषा), वित्त, मानव संसाधन प्रबंधन, अर्थशास्त्र और सूचना प्रौद्योगिकी आदि शामिल हैं. हाल ही में बैंक ऑफ बड़ौदा तथा आई.बी.पी.एस. ने कई क्षेत्रों में विशेषज्ञ अधिकारियों की रिक्तियां घोषित की हैं. इनके विवरण इनकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं.

परिवीक्षाधीन सामान्य बैंकिंग अधिकारियों के लिए, सभी स्नातक पात्र माने जाते हैं. विशेषज्ञ के पदों के लिए विशेषज्ञता के संबंधित क्षेत्रों में योग्यता होना आवश्यक होता है. विशेषज्ञ के कुछ पद एंट्री लेवल पर होते हैं और उनका कार्य प्रोफाइल निम्नानुसार है:

विपणन अधिकारी: प्रबंधन में कोई डिग्री आज-कल एक अत्यधिक वांछित योग्यता है. यदि आपके पास प्रबंधन में कोई स्नातकोत्तर डिग्री (एम.बी.ए./एम.एम.एस.) या स्नातकोत्तर डिप्लोमा के साथ विपणन में विशेषज्ञता है तो आप इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं. कुछ संस्थान विपणन प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिग्री/डिप्लोमा भी कराते हैं.

बैंकों में विपणन अधिकारी बैंकिंग सुविधाओं के विपणन की नीतियां बनाते हैं और इन्हें निष्पादित करते हैं. उन्हें बाजार अनुसंधान कार्य तथा विक्रय एवं प्रचार अभियान चलाने के कार्यों में भी लगाया जाता है. अपनी रचनात्मकता का उपयोग करके वे मौजूदा सुविधाओं में नवप्रवर्तन ला सकते हैं और नई सुविधाओं की रूपरेखा बना सकते हैं. उन्हें कॉर्पोरेट तथा फील्ड स्तर पर कार्य करने के अवसर मिलते हैं.

विधि अधिकारी: विधि में स्नातक डिग्री (एल.एल.बी.) के साथ किसी विधि-न्यायालय में कुछ विनिर्दिष्ट वर्षों की विधिक प्रैक्टिस का कुछ अनुभव आपको इस पद के लिए पात्र बनाएगा. विधि में मास्टर डिग्री को वरीयता दी जा सकती है, अनुभवहीन विधि डिग्रीधारी उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सकते.

विधि अधिकारी न्यायालय मामलों में अपने बैंक का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्हें अर्जी दावे के प्रारूप बनाने, न्यायालय मामले दायर करने और ऐसे मामलों में प्राधिकारियों को मामले की प्रगति तथा कार्यवाही की रिपोर्ट देनी होती है. आवश्यकता पडऩे पर वे बैंकिंग मामलों में कानूनी (विधिक) राय भी देते हैं. बैंक की बकाया राशि की वूसली करने के लिए विधि अधिकारी कानूनी कारवाई के माध्यम से अपना महत्वपूर्ण योगदान भी देते हैं.

वित्त/के्रडिट अधिकारी: इस पद के लिए वित्त में विशेषज्ञताधारी स्नातकोत्तर या वित्त प्रबंधन में स्नातकोत्तर योग्यताधारी व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं. कुछ मामलों में चार्टरित लेखाकार (सी.ए.), लागत एवं कार्य लेखाकार (आई.सी.डब्ल्यू.ए.), चार्टरित वित्त विश्लेषक (सी.एफ.ए.) योग्यता भी वांछित योग्यता के रूप में कार्य करती है.

वित्त/क्रेडिट अधिकारी ऋण के आवेदनों की जांच करते हैं, ऋण लेने वाले आवेदक की ऋण वापस करने की क्षमता का पता लगाते हैं. प्रस्तावित सेक्यूरिटीज का निरीक्षण करते हैं और प्रलेखों का निष्पादन करते हैं. ऋण प्रक्रिया तथा क्रेडिट पोर्टफोलियो के प्रबंधन में ये महत्वपूर्ण कार्य है. जहां कहीं आवश्यकता होती है वहां सुधारक कार्रवाई करने के लिए वे ऋण खातों की निगरानी भी करते हैं. वित्त/क्रेडिट अधिकारी ऋण की वसूली कार्य भी करते हैं.

कृषि अधिकारी: कुछ बैंकों में कृषि अधिकारी ग्रामीण बैंकिंग/ग्रामीण विकास अधिकारी या कृषि अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं. ऐसे कई पाठ्यक्रम हैं जो आपको इस पद के योग्य बनाते हैं. इन पाठ्यक्रमों में कृषि/बागवानी/पशु पालन/पशु चिकित्सा विज्ञान/डेयरी विज्ञान/मात्स्यिकी विज्ञान/मत्स्य पालन/कृषि विपणन एवं सहकार/सहकार एवं बैंकिंग/कृषि वानिकी/वानिकी/कृषि जैवप्रौद्योगिकी/खाद्य विज्ञान/कृषि व्यवसाय प्रबंधन/खाद्य प्रौद्योगिकी/डेयरी प्रौद्योगिकी/कृषि इंजीनियरी आदि में चार वर्षीय स्नातक डिग्री शामिल हैं. स्नातकोत्तर तथा पी.एचडी. डिग्रीधारी भी इस कॅरिअर में आ सकते हैं.

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पास हाई-टेक कृषि सहित कृषि क्षेत्र के वित्त पोषण की कई योजनाएं हैं. कृषि वित्त पोषण, जो बैंकिंग में एक प्राथमिकता क्षेत्र है, के लिए बैंको को सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य पूरा करना है.

कृषि अधिकारी अपने कार्य-क्षेत्र में फार्म के्रडिट की संभावनाओं तथा आवश्यकताओं का मूल्यांकन करते हैं, ऋण प्रस्तावों की जांच करते हैं, किसानों और ग्रामीण व्यक्तियों के लिए ऋण-अभियान चलाते हैं. आज-कल उनका अत्यधिक महत्वपूर्ण योगदान वित्तीय समावेशन योजना को बढ़ावा देना है, जिस पर सरकार अत्यधिक बल दे रही है.

मानव संसाधन अधिकारी: प्रबंधन में स्नातकोत्तर अध्ययन स्तर पर विशेषज्ञता के लिए मानव संसाधन एक उपलब्ध विकल्प है. इस विशेषज्ञता या मानव संसाधन प्रबंधन में किसी स्नातकोत्तर योग्यता के साथ आप इस पद के लिए ओवदन कर सकते हैं. सामाजिक कार्य में मास्टर (एम.एस.डब्ल्यू.) डिग्री भी आपको पात्र बनाती है.

बैंकिंग एक ऐसा सेवा उद्योग है जहां मानव इंटरफेस को महत्वपूर्ण माना जाता है. बैंकिंग उद्योग में एक विशाल कार्य-बल है. अन्य सभी बड़े संगठनों की तरह बैंक भी इस कार्य-बल का, अपने मानव संसाधन (एच.आर.) विभाग के माध्यम से प्रबंधन करते हैं. बैंकों के मानव संसाधन विभाग उनके कॉर्पोरेट कार्यालय तथा अन्य नियंत्रक कार्यालयों में होते हैं. मानव संसाधन अधिकारी जन शक्ति नियोजन, कार्य-निष्पादन मूल्यांकन, तैनाती, प्रतिपूर्ति तथा लाभ, प्रशिक्षण एवं विकास तथा औद्योगिक संबंध कार्य देखते हैं. मानव संसाधन सूचना का उपयुक्त रखरखाव भी उनकी जिम्मेदारी है.

हिंदी अधिकारी: बैंकों सहित सार्वजनिक क्षेत्र के सभी संगठनों को हिंदी अधिकारी की आवश्यकता होती है. हिंदी अधिकारी का अन्य पदनाम राजभाषा अधिकारी होता है. हिंदी या अंग्रेजी में स्नातकोत्तर व्यक्ति पात्र माने जाते हैं, बशर्त कि उन्होंने स्नातक स्तर पर अंग्रेजी/हिंदी विषय पढ़ा हो. संस्कृत में स्नातकोत्तर उम्मीदवारों ने स्नातक स्तर पर हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों विषय पढ़े हों. अनुवाद में कोई डिप्लोमा और/या पी.एचडी. योग्यता होने पर आपकी उम्मीदवारी मबजूत होगी.

इनके कार्यों में परिपत्रों, प्रलेखों, प्रारूपों आदि का अंग्रेजी से हिंदी में और इसके विपरीत अनुवाद करना, हिंदी कक्षाओं तथा कार्यशालाओं का संचालन, हिंदी- जो भारत संघ की राजभाषा है, के  प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन करना शामिल है. हिंदी अधिकारी केन्द्रीय सरकार की राजभाषा नीति को कार्यान्वित करने में पूरी तरह से शामिल होते हैं:

सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी: कम्प्यूटर इंजीनियरी/कम्प्यूटर अनुप्रयोग/सूचना प्रौद्योगिकी/ इलेक्ट्रॉनिकी/इलेक्ट्रॉनिकी एवं दूरसंचार/ इलेक्ट्रॉनिकी एवं संचार/ इलेक्ट्रॉनिकी एवं इंस्ट्र्रूमेंटेशन में कोई चार वर्षीय डिग्री या स्नातकोत्तर डिग्री आपको किसी बैंक में सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी बना सकती है. डी.ओ.ई.ए.सी.सी. बीलेवल उत्तीर्ण स्नातक व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं. नेटवर्किंग, प्रोग्रामिंग, लैंगुएज, डाटा बेस, आई.टी. में डिग्री/ डिप्लोमा/ प्रमाणपत्र जैसी अतिरिक्त योग्यता वांछनीय होती हैं.

प्रौद्योगिकी पर बैंकिंग की निर्भरता दिन-प्रति-दिन बढ़ती जा रही है. आई.टी. अधिकारी इस प्रक्रिया को सुसाध्य बनाते हैं. उनका कार्य हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर को समुचित कार्य-स्थिति में बनाए रखना तथा कर्मचारियों की, प्रौद्योगिकी के प्रयोग में सहायता करना है. सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कुछ बड़ी विशेषज्ञताएं भी उपलब्ध हैं, जिनमें डाटा बेस प्रशासन, नेटवर्किंग, सूचना सुरक्षा, सॉफ्टवेयर विकास, तथा परीक्षण आदि शामिल हैं.

तकनीकी अधिकारी: यांत्रिक/वैद्युत/सिविल इंजीनियरी में ४ वर्षीय पाठ्यक्रम (बी.ई./बी.टेक.) पूरा कर चुके स्नातक इंजीनियर किसी बैंक में तकनीकी अधिकारी बन सकते हैं. स्नातकोत्तर (एम.ई./एम.टेक.) व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं. वास्तुकार (बी.आर्क.) के लिए भी कुछ रिक्तियां होती हैं:

बैंक उद्योगों को वित्त देते हैं, तकनीकी विशेषज्ञ की आवश्यकता औद्योगिक वित्तपोषण के लिए प्राप्त होने वाले प्रस्तावों का मूल्यांकन करने के लिए होती है. ऐसी विशेषज्ञता के लिए बैंक अधिकांशत: अपने तकनीकी अधिकारियों पर निर्भर होते हैं. ये अधिकारी परियोजनाओं की तकनीकी संभाव्यताओंं और अन्य पहलुओं की जांच करते हैं. उनके द्वारा दी गई सूचना, प्राधिकारियों को ऐसे ऋण प्रस्तावों पर निर्णय लेने में सहायता करती है.

अर्थशास्त्री: नंबर्स तथा स्टेटिस्टिकल मेक्रो लेवल कार्य के लिए बैंक अर्थशास्त्रियों की नियुक्ति करते हैं. अर्थशास्त्री के पद के लिए उम्मीदवार को अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्रीधारी होना चाहिए और उसने स्नातक स्तर पर यह विषय पढ़ा हो. इकोनॉमीट्रिक्स/सांख्यिकी में स्नातकोत्तर भी अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं. अर्थशास्त्र में एम.फिल/पी.एचडी. डिग्री को प्राय: वांछनीय माना जाता है. अर्थशास्त्री अपने बैंकों के कार्य-निष्पादन का मूल्यांकन करते हैं और इसकी तुलना अन्य बैंकों के कार्य-निष्पादन से करते हैं. यह मूल्यांकन कॉर्पोरेट नीति बनाने में सहायक होता है. अर्थशास्त्रियों का कार्य राष्ट्रीय तथा विश्व-अर्थव्यवस्था में उभर रही प्रवृत्तियों का अध्ययन करना और उच्च प्रबंधन-तंत्र को इससे अवगत रखना भी है.

सुरक्षा अधिकारी: सुरक्षा, बैंक की कार्य प्रणाली का एक महत्वपूर्ण पहलू है और इसे मजबूत बनाने के लिए बैंक सुरक्षा अधिकारियों को नियुक्त करते हैं. सेना या पुलिस या अर्ध-सैनिक बलों में अधिकारी के रूप में विनिर्दिष्ट अनुभव रखने वाले स्नातक व्यक्ति इस पद के लिए पात्र माने जाते हैं. सुरक्षा अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवार ने भारतीय सेना में कम से कम कैप्टन के रैंक के या भारतीय नौसेना/वायुसेना में समकक्ष रैंक के किसी अधिकारी के रूप में और न्यूनतम ५ वर्ष की कमीशन प्राप्त सेवा की हो या कम से कम सहायक पुलिस अधीक्षक (एस.पी.)/उप पुलिस अधीक्षक भारतीय पुलिस/अर्ध-सैन्य बलों के सहायक कमांडेंट/उप कमांडेंट के रैंक के किसी अधिकारी के रूप में और ऐसे बलों के अधिकारी के रूप में कम से कम ५ वर्ष सेवा की हो.

स्थानीय सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए अधिकांश बैंक-शाखाओं में सुरक्षा गार्ड होते हैं. सुरक्षा अधिकारी बैंक की विभिन्न संस्थापनाओं में सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखते हैं और जहां कहीं आवश्यकता होती है सुधार-उपायों का सुझाव देते हैं. सुरक्षा उपकरणों जैसे- क्लोज सरकिट कैमरा, फायर अलार्म की खरीद, उन्हें लगाने के कार्य भी उनकी व्यापक भूमिका के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. अब उन्हें सूचना सुरक्षा का कार्य भी करना होता है.

जोखिम प्रबंधन अधिकारी: जोखिम प्रबंधन कार्य के महत्व को ध्यान में रखते हुए कईं बैंकों ने विशेषज्ञ जोखिम प्रबंधन अधिकारियों को भर्ती करना प्रारंभ कर दिया है. सांख्यिकी/ वित्तीय प्रबंधन/ सांख्यिकी/ वित्तीय इंजीनियरी/ जोखिम प्रबंधन में मास्टर डिग्रीधारी व्यक्ति इस भूमिका को स्वीकार करने के अवसर प्राप्त कर सकते हैं.

जोखिम प्रबंधन अधिकारी का कार्य ऐसे विभिन्न जोखिमों का विश्लेषण करना है जिनका बैंक को सामना करना पड़ सकता है और ये अधिकारी ऐसे जोखिमों के प्रभावों को न्यूनतम करने की नीतियां भी बनाते हैं. बाजार जोखिम, वित्तीय जोखिम, ब्याज जोखिम, परिचालन जोखिम आदि जोखिम के उदाहरण हैं.

विशेषज्ञ अधिकारियों के चयन की प्रक्रिया: स्केल-ढ्ढ के पदों के लिए लिखित परीक्षा ली जाती है जिसमें उम्मीदवारों की तर्क संगतता, अंग्रेजी भाषा, मात्रात्मक अभिरुचि या बैंकिंग के विशेष संदर्भ में सामान्य जानकारी (इनमें से दो, विशेषज्ञता के क्षेत्र के अनुसार होती है) और विशेषज्ञता के क्षेत्र में व्यावसायिक ज्ञान की जांच की जाती है. उदाहरण के लिए, विपणन अधिकारी के पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को विपणन से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देना अपेक्षित होता है. परीक्षा ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के रूप में होती है और अब यह ऑनलाइन ली जाती है. अंग्रेजी को छोडक़र अन्य प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होते हैं. उत्तीर्ण होने के लिए आपको प्रत्येक प्रश्न-पत्र में न्यूनतम निर्धारित अंक प्राप्त करने होते हैं. मैरिट में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है. उच्च स्केल के विशेषज्ञ पदों के लिए चयन साक्षात्कार/सामूहिक विचार-विमर्श/साइकोमीट्रिक परीक्षण पर आधारित होता है. यदि आवेदनपत्र अधिक संख्या में प्राप्त होते हैं तो एक लिखित परीक्षा भी ली जा सकती है. रिक्तियां बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आई.बी.पी.एस.) तथा बैंकों द्वारा विज्ञापित की जाती हैं.

लेटरल एंट्री: सामान्य बैंकिंग परीविक्षाधीन अधिकारियों की भर्ती सामान्यत: कनिष्ठ प्रबंधन संवर्ग (स्केल-I) से की जाती है, किंतु उच्च स्केल में कार्य ग्रहण करने के लिए विशेषज्ञ अधिकारियों के अवसर बेहतर होते हैं, बशर्ते कि वे अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र में कुछ कार्य अनुभव रखते हों. विशेषज्ञों के लिए, मध्य प्रबंधन स्केल II या III अथवा स्केल-IV में भी प्रवेश करना आसान होता है.

अवसर: अधिकांश बैंकों ने विशेषज्ञ अधिकारियों की पदोन्नति की नीतियां निर्धारित की हैं. उम्मीदवारों को अपनी विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में कार्य में बने रहने अथवा सामान्य बैंकिंग में जाने का विकल्प होता है. बैंक, विशेषज्ञ अधिकारियों को, कुछ वर्ष सेवा करने के बाद सामान्य अधिकारी के रूप में परिवर्तित होने की अनुमति देते हैं. वर्षों की यह संख्या अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग हो सकती है. विशेषज्ञ के रूप में कुछ वर्ष सेवा करने के बाद और सामान्य बैंकिंग कार्यों का अनुसरण करने के बाद आप इस क्षेत्र में आ सकते हैं.

 

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