नौकरी फोकस


Career Volume-38

सांख्यिकी में कॅरिअर के अवसर

उषा अल्बुकर्क एवं निधि प्रसाद

हम हर चीज़ के लिए आंकड़े एकत्र करते हैं विराट की बैटिंग औसत, स्टॉक बाजार में उतार- चढ़ाव, अन्य शहरों की तुलना में तापमान का स्तर और अब विमौद्रीकरण प्रयोग के माध्यम से देश के संघर्ष के रूप में प्रत्येक व्यक्ति के पास यह सूचना है कि कितनी राशि चलन में है, कितने ए.टी.एम. काम कर रहे, नए नोटों की छपाई में कितना समय लगेगा आदि विश्व अधिकाधिक परिमाणात्मक और आंकड़ा आधारित बनता जा रहा है. हमारे पास जो भी सूचना है, उसका आधार सांख्यिकी है.

सांख्यिकी अधिकांश संख्यात्मक सूचना के संकलन, विश्लेषण, व्याख्या तथा प्रस्तुति में वैज्ञानिक उपयोग के लिए गणित को अनिवार्य अंग बनाती है. सांख्यिकी आंकड़ों के संकलन, संयोजन, विश्लेषण और प्रस्तुति का अध्ययन है.

सांख्यिकी अर्थशास्त्र, औषधि, मनोविज्ञान, विपणन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, जीव-विज्ञान, खेल से लेकर अन्य क्षेत्रों के विभिन्न कई क्षेत्रों के आंकड़े तैयार, एकत्र करने एवं उनकी व्याख्या करने में इस ज्ञान का उपयोग करती है. सांख्यिकी मानव गतिविधियों के प्रत्येक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. किसी देश की प्रति व्यक्ति आय, बेरोज़गारी आवासन, चिकित्सा सुविधाओं की वर्तमान स्थिति निर्धारित करने में सांख्यिकी की अहम भूमिका होती है. सांख्यिकी के विभिन्न क्षेत्रों में अपराध सांख्यिकी, जनगणना सांख्यिकी, पारिस्थितिक सांख्यिकी, चिकित्सा सांख्यिकी, शिक्षा सांख्यिकी, फिल्म सांख्यिकी, क्रिकेट सांख्यिकी, तेल सांख्यिकी, विपणन सांख्यिकी, दुर्घटना सांख्यिकी, श्रम/श्रमिक सांख्यिकी, जन सांख्यिकी, चुनाव सांख्यिकी, जिला-शहर-राज्य सांख्यिकी, पर्यटन सांख्यिकी आदि शामिल हैं. इसलिए सांख्यिकी का अनुप्रयोग अत्यधिक विस्तृत है.

प्रत्येक क्षेत्र या विभाग में अत्यधिक आंकड़े हैं. चूंकि आंकड़े एकत्र करना आसान काम नहीं होता, इसके लिए विशेष कौशल होना आवश्यक होता है. इसलिए विश्लेषिक पहलुओं में आधारभूत प्रशिक्षण लेना सांख्यिकीविदों के लिए आवश्यक है. सांख्यिकी अनुप्रयुक्त गणित की एक शाखा है, लेकिन यह केवल अंकों के बारे में ही नहीं है. सांख्यिकीविद की भूमिका आंकड़ों को जीवन देना है.

सांख्यिकी इस आधुनिक युग- जिसे नियोजन युग कहना ही ठीक है, में अनिवार्य अंग है मजदूरी, मूल्य, समय शृंखला विश्लेषण, मांग विश्लेषण जैसी आर्थिक समस्याएं सुलझाने में सांख्यिकीय आंकड़ों और सांख्यिकी विश्लेषण की तकनीकें अत्यधिक उपयोगी हैं. उत्पादन का यह अद्वितीय साधन है.

सांख्यिकीविड् के विभिन्न दायित्वों में निम्नलिखित कार्य शामिल हैं:-

* सूचना एकत्र करना.

* आंकड़ा-संकलन की नई एवं अधिक कुशल पद्धत्तियों का विकास करना.

* आंकड़ों का संयोजन.

* सूचना विश्लेषण की नई तकनीकों का विकास करना.

उत्पादों तथा गुणवत्ता तथ्यों के विकास में भी सांख्यिकीविड् अत्यधिक निकट से जुड़े होते हैं. वे प्राय: परीक्षण जांच तथा उत्पाद मूल्यांकन में ऑटोमोबाइल, भेषज या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए भी कार्य करते हैं. विकास के अतिरिक्त, सांख्यिकीविड् फर्मों के विनिर्माण, परिसम्पत्तियों देयताओं जोखिम प्रबंधन तथा विपणन विभागों से भी जुड़े होते हैं.

कुछ ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का उल्लेख नीचे किया गया है जिनमें सांख्यिकी का पूर्णत: अनुप्रयोग किया जाता है:-

गणित : सांख्यिकी अनुप्रयुक्त गणित की एक शाखा है और यह लगभग सभी प्राकृतिक एवं सामाजिक विज्ञानों में एक केंद्रक भूमिका निभाती है. प्राकृतिक विज्ञानों की पद्धत्तियां अत्यधिक विश्वसनीय होती हैं किन्तु उनसे प्राप्त होने वाले निष्कर्ष केवल संभावित होते हैं क्योंकि वे अधूरे प्रमाण पर आधारित होते हैं. सांख्यिकी इन मापदंडों को अधिक यथार्थ रूप में वर्णित करने में सहायता करती है.

बैंकिंग: बैंकिंग में सांख्यिकी की एक अहम भूमिका है. बैंक कई उद्देश्यों के लिए सांख्यिकी का उपयोग करते हैं. बैंक इस सिद्धांत पर कार्य करते हैं कि बैंकों में अपनी धन-राशि जमा कराने वाले सभी व्यक्ति उसी समय अपनी धन-राशि वापस नहीं निकालते.

राज्य प्रबंधन (प्रशासन): किसी भी देश के लिए सांख्यिकी महत्वपूर्ण होती है. सरकार की विभिन्न नीतियां सांख्यिकी पर आधारित होती हैं. सभी प्रशासनिक निर्णय लेने में अब सांख्यिकीय सूचना का व्यापक रूप में उपयोग किया जाता है. अधिकांश सरकारी संगठन तथा एजेंसियां जनसंख्या, जनांकिकी आर्थिक मापदंडों का मूल्यांकन करने के लिए सांख्यिकीविदों की सेवाएं लेती हैं. तुलनात्मक जनसंख्या एवं जनांकिकी, बेरोजगारी दर, साक्षरता स्तर, कुपोषण संख्या, दहेज-मृत्यु तथा कई अन्य सामाजिक मामलों की स्थितियों का निर्धारण करने में सांख्यिकीविद नमूना तकनीकों का उपयोग करते हैं. उदाहरण के लिए यदि सरकार रहन-सहन लागत में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए वेतनमान में संशोधन करना चाहती है तो रहन-सहन की लागत में वृद्धि का निर्धारण करने के लिए सांख्यिकी पद्धत्तियों का प्रयोग किया जाएगा.

लेखाकरण एवं लेखा परीक्षण :

परिशुद्धता के बिना लेखाकरण असंभव है, निर्णय लेने के उद्देश्य से इतनी परिशुद्धता अनिवार्य नहीं है और निर्णय सांख्यिकी के रूप में ज्ञात अनुमानों के आधार पर लिए जा सकते हैं, लेखापरीक्षण में नमूना तकनीकें पूर्णत: उपयोग में लाई जाती हैं. कोई भी लेखापरीक्षक लेखापरीक्षित की जाने वाली बही की नमूना-स्थिति, त्रुटि के आधार पर निर्धारित करता है.

प्राकृतिक एवं सामाजिक विज्ञान में :

लगभग सभी प्राकृतिक एवं सामाजिक विज्ञानों में सांख्यिकी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. प्रयोगों के परिणामों का विश्लेषण करने, जीवविज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, मौसम विज्ञान, वाणिज्य, सामाजिकी, व्यवसाय, लोक प्रशासन, संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी आदि के अनुसंधान अध्ययन में उनके महत्व की जांच में सांख्यिकी का आमतौर पर उपयोग किया जाता है.

खगोलविज्ञान में :

खगोलविज्ञान सांख्यिकी अध्ययन की सबसे पुरानी शाखा है; यह चांद सितारों की दूरी, आकार, संख्या तथा सघनता का प्रेक्षण साधन द्वारा निर्धारण करता है. इन निर्धारण के दौरान त्रुटि होना अपरिहार्य है इसलिए सांख्यिकी पद्धतियों का उपयोग करके अत्यधिक संभावित निर्धारण किया जाता है. उदाहरण के लिए खगोलविदों ने सितारों की गति तथा पृथ्वी से चांद की दूरी का पता लगाने के लिए पुराने दिनों से ही सांख्यिकीय पद्धत्तियों का उपयोग किया है.

औषधि में :

औषधि -सांख्यिकीविद के कार्यों में अध्ययन वाले नमूनों की रोग तथा स्वास्थ्य प्रणालियों का अनुसूचन एवं निगरानी शामिल है. इसमें रोग के कारण या रोग एवं मृत्यु से जुड़ेे तथ्यों को स्थापित करना और क्या नई औषधि तथा चिकित्सा उपकरण भेषज कंपनियों, चिकित्सा अनुसंधान केन्द्रों, या खाद्य एवं औषधि विभागों के लिए सुरक्षित एवं प्रभावी हैं, तो यह निर्धारित करने के लिए अध्ययन का मूल्यांकन करना निहित है.

कृषि एवं पर्यावरण :

कृषि एवं कृषि व्यवसाय के क्षेत्र में, सांख्यिकीविड् उत्पादकता तथा पैदावार बढ़ाने के लिए कृषि प्रयोगों से आंकड़ों का विश्लेषण करते हैं. वे किसी अनुसंधान प्रयोगशाला, व्यावसायिक पर्यावरण स्वच्छता फर्म में या पर्यावरण सुरक्षा एजेंसियों के लिए हवा, पानी तथा मृदा प्रदूषक तत्वों के पर्यावरणीय प्रभावों का भी मूल्यांकन करते हैं.

पात्रता :

इस क्षेत्र में अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक योग्यता सांख्यिकी या गणित एक मुख्य विषय के साथ स्नातक डिग्री है. सांख्यिकी में किसी अधिस्नातक पाठ्यक्रम के लिए आवेदन करने हेतु छात्र १०+२ या समकक्ष परीक्षा भौतिकी, गणित तथा निम्नलिखित किसी एक विषय में न्यूनतम कुल ५०' अंक लेकर उत्तीर्ण होना चाहिए:- रसायन विज्ञान, सांख्यिकी या कम्प्यूटर विज्ञान. यद्यपि गणित का ज्ञान होना अनिवार्य है किन्तु सांख्यिकीविदों को आंकड़ों की व्याख्या करने का वैज्ञानिक ज्ञान तथा कम्प्यूटर का उपयोग करने की क्षमता भी होनी चाहिए.

भारतीय सांख्यिकीय विज्ञान संस्थान (आई.एस.आई.) बी. स्टेटिस्टिक्स (ऑनर्स) एवं सांख्यिकी में मास्टर पाठ्यक्रम चलाता है. ३ वर्षीय बी.स्टेट. (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम के लिए गणित एवं अंग्रेजी विषयों के साथ हाय सेकेण्डरी (१०+२) या समकक्ष सफलतापूर्वक पूरा करना आवश्यक है. उम्मीदवारों का चयन, संस्थान द्वारा संचालित की जाने वाली लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार में उनके निष्पादन द्वारा निर्णीत मैरिट के आधार पर किया जाता है.

भारत में सांख्यिकी में विशेषज्ञता- क्षेत्र :

कॉलेज/विश्वविद्यालय अधिस्नातक, स्नातकोत्तर तथा अनुसंधान स्तर पर सांख्यिकी में कई क्षेत्रों में विशेषज्ञता कार्यक्रम चलाते हैं. इनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:

*एक्चुरियल साइंस, अनुप्रयुक्त सूचना अर्थशास्त्र * जैवसांख्यिकी, व्यवसाय सांख्यिकी, डाटा विश्लेषण.

अपेक्षित कौशल :

*सांख्यिकीविदों को अच्छा आई.टी. कौशल, संख्यात्मक कौशल, विश्लेषणात्मक कौशलधारी होना चाहिए. * वे परिणामों का मूल्यांकन करने, प्रवृत्तियों का विश्लेषण करने, सांख्यिकीय प्रणाली विज्ञान का जटिल आंकड़ों पर अनुप्रयोग करने में सक्षम होने चाहिए. * सांख्यिकीविड् लचीले हो तथा वे जिज्ञासु तथा अनुशासित प्रवृत्ति के होने चाहिएं. * कम्प्यूटर की अच्छी जानकारी होना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कम्प्यूटरविद कम्प्यूटरों का व्यापक उपयोग करते हैं.

वे शाश्वत रचनात्मकता, विवरण के प्रति सतर्क, समस्या समाधान कौशल, तर्क संगतता, एवं स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने के गुण रखते हों.

संभावना : बी.एससी- सांख्यिकी डिग्री धारी छात्र बैंकिग, आई.टी., गुणवत्ता नियंत्रण आदि विभिन्न रोजगारों के लिए आवेदन करने के पात्र होते हैं, वे एक्चुरियल साइंस में विशेषज्ञता भी कर सकते हैं और विभिन्न वित्तीय तथा शेयर ट्रेडिंग कंपनियों में कार्यग्रहण कर सकते हैं. सांख्यिकी में अच्छी सूक्ष्मदर्शिता ज्ञान रखने वाले उम्मीदवार आज की परिदृश्य में भारी मांग में हैं.

सांख्यिकी में मास्टर या पीएच-डी डिग्री धारी छात्र व्यवसाय विश्लेषण, सांख्यिकी लेक्चरर, प्रोफेसर आदि जैसी सेवा में जा सकते हैं. वे सॉफ्टवेयर इंजीनियर अन्वेषक अधिकारी, सांख्यिकी की विश्लेषक, अनुसंधानकर्ता आदि रोज़गार भी प्राप्त कर सकते हैं.

सांख्यिकीविद् निम्न रूप में कार्य कर सकते हैं.

*इकोनॉमिट्रिशियन *सांख्यिकीविड्, * अनुसंधान विश्लेषक, * जैव सांख्यिकीविड्, * बायोमीट्रिशियन, * जानपदिक रोग विज्ञानी, * डाटा (आंकड़ा/वैज्ञानिक) * खेल सांख्यिकीविड् * चिकित्सा सांख्यिकीविड्.

सांख्यिकी में स्नातक डिग्री के बाद सरकारी क्षेत्र में रोज़गार

अधिकांश सरकारी संगठन तथा एजेंसियां जनसंख्या, जनांकिकी तथा आर्थिक मापदंड के मूल्यांकन के लिए सांख्यिकीविदों को सेवाओं में रखती हैं. कई अन्य पर्यावरणीय, वैज्ञानिक तथा कृषि एजेंसियां सांख्यिकीविदों को अपने संबंधित क्षेत्रों में समतुल्य प्रकृति के कार्यों पर रखती हैं. यहां तक कि रक्षा संगठन भी शस्त्रों तथा सामरिक नीतियों की प्रभावकारिता के मूल्यांकन के लिए सांख्यिकीविदों की सेवाएं लेते हैं.

सरकारी क्षेत्र में, सं.लो.से.आ. भारतीय सांख्यिकी सेवा में उम्मीदवारों की भर्ती करने के लिए प्रवेश परीक्षा संचालित करती है. इसके लिए सांख्यिकी या गणित में मास्टर डिग्री पद पर आवेदन करने के लिए अपेक्षित होती है. कर्मचारी चयन आयोग (एस.एस.सी.) भी सांख्यिकी अन्वेषक पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति करने के लिए भर्ती- प्रक्रिया संचालित करता है. निजी क्षेत्र को भी बीमा, आई.टी. तथा सॉफ्टवेयर क्षेत्र में योग्य सांख्यिकीविदों की आवश्यकता होती है. यूरो-स्टेट, आई.ए.ओ.एस., ओ.ई.सी.डी., पेरिस २१ तथा युनेस्कों आदि विश्व के अत्यधिक प्रसिद्ध सांख्यिकी संगठन हैं.

सांख्यिकी में पाठ्यक्रम चलाने वाले कुछ कॉलेज:

* भारतीय सांख्यिकी संस्थान, बंगलौर, * भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर, मुंबई * भारतीय सांख्यिकी की संस्थान, दिल्ली, * दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली, * भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान, * लोयोलॉ कॉलेज, चेन्नै, * भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कलकत्ता, सेंट जेवियर कॉलेज, मुंबई

(उषा अल्बुकर्क एवं निधि प्रसाद कॅरिअर्स स्मार्ट प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली में क्रमश: निदेशक और काउंसिलिंग सायकोलोजिस्ट हैं
careerssmartonline@gmail.com)