नौकरी फोकस


Career Volume-40

जैवसूचनाविज्ञान में कॅरिअर

उषा अल्बुकर्क एवं निधि प्रसाद

यह चाहे रोग से लडऩे, नए बीजों का विकास करने या प्रदूषण का सामना करने का मामला हो, जैव प्रौद्योगिकी कृषि से लेकर उद्योग (खाद्य, भेषज, रसायन, जैव उत्पाद, वस्त्र आदि), औषधि, आहार, पर्यावरण-संरक्षण, पशु विज्ञान तथा ऐसे ही अन्य क्षेत्रों में दैनिक जीवन के प्रत्येक पहलू में अपने व्यावहारिक रूप में उपयोग तथा अनुप्रयोग के साथ एक सबसे तीव्र विकासशील क्षेत्र है.

जैव सूचना विज्ञान जैव प्रौद्योगिकी की एक उभर रही शाखा है जिसमें व्यापक जैविकीय डाटाबेस से सूचना का उपयोग करने के लिए ऐसे सॉफ्टवेयर का प्रयोग करना निहित है जिसका विकास अनुभवी जैव प्रौद्योगिकीविदों द्वारा किया जाता है.

जैवसूचना विज्ञान क्या है?

जैव सूचना विज्ञान, कुछ प्रकार के जैविकीय डाटा में रखी गई सूचना प्राप्त करने के लिए कंप्यूटर प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग है. जैव सूचना-विज्ञान मुख्य, वैश्विक रूप से सुलभ डाटाबेस उपलब्ध कराता है जो वैज्ञानिकों को सूचना प्रस्तुत करने, खोजने एवं विश्लेषण करने में सक्षम बनाता है.

यह डाटा अध्ययन तथा तुलना/मिलान करने के लिए विश्लेषण साफ्टवेयर देता है और डाटा मॉडलिंग, संकल्पना करने, खोज करने एवं प्रतिपादन करने के साधन उपलब्ध कराता है. इसका मुख्य लक्ष्य बहु-जटिल डाटा को उपयोगी सूचना तथा ज्ञान में परिवर्तित करना है.

जैव सूचना विज्ञान दृष्टिकोण का प्रयोग जीन्स के कार्य को समझने, कोशाणुओं के नियंत्रण, औषधि लक्ष्य चयन, औषधि डिज़ाइन और रोगों को समझने के लिए किया जाता है. विभिन्न प्रणालियों द्वारा सृजित जैविकीय डाटा विशाल परिमाण के मात्रात्मक विश्लेषण के बिना जीव विज्ञान और ओमिक्स डाटा का प्रतिपादन नहीं किया जा सकता या उपयोग में नहीं लाया जा सकता.

जैव सूचना विज्ञान एक ऐसा विज्ञान है जो जैविकीय कंप्यूटेशन तथा कम्प्यूटेशनल जीव विज्ञान जैसा तो है, किंतु उससे विशिष्ट है जैविकीय कम्प्यूटेशन जैविकीय कंप्यूटर बनाने में जैव-इंजीनियरी एवं जीव विज्ञान का उपयोग करता है, जबकि जैवसूचना विज्ञान जीव विज्ञान को बेहतर रूप से समझने के लिए कंप्यूटेशन का उपयोग करता है.

इसे, जैविकीय सांख्यिकी के विश्लेषण तथा प्रबंधन में, कंप्यूटर प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग को समर्पित अध्ययन पंक्ति समझा जा सकता है. जबकि इस विषय का हमारे जीवन के प्रत्येक भाग पर गहरा प्रभाव होता है, यह अब महत्त्वपूर्ण विषय माना जाने लगा है.

जैव सूचना विज्ञान में क्या निहित होता है?

*एमिनो एसिड्स सीक्वेंसेस, प्रोटीन डोमेंस तथा प्रोटीन स्ट्रक्चर्स सहित विभिन्न प्रकार के जैविकीय डाटा का विश्लेषण एवं प्रतिपादन.

*नए एल्गोरिद्म्स तथा सांख्यिकी का विकास

*विभिन्न प्रकार की सूचना जैसे विभिन्न डाटा बेस, एकीकृत मैपिंग सूचना की कुशल सुगमता और प्रबंधन को सक्षम बनाने वाले साधनों का विकास तथा कार्यान्वयन.

अपेक्षित कौशल:

मोलेक्यूलर जीव विज्ञान पैकेजों (जीसीजी, ब्लास्ट आदि) के व्यापक ज्ञान के अतिरिक्त किसी को भी एचटीएमएल, पर्ल, जावा एवं सी ++ सहित वेब तथा प्रोग्रामिंग कौशल सीखने और विविध परिचालन प्रणालियों (विशेष रूप से यूनिक्स) से अवगत होना आवश्यक होता है. रिलेशनल डाटा बेस कौशल होना भी बहुत अधिक वांछित होता है. इस तरह एस.क्यू.एल. का ज्ञान और साइबेस अथवा ऑरेकल जैसे किसी बड़े डाटा बेस अनुप्रयोग का ज्ञान अत्यधिक लाभप्रद होगा.

जैव सूचना विज्ञान का एक क्षेत्र- जो विस्तारशील है, स्ट्रक्चर्स तथा सीक्वेंस के बीच संबंधों का निर्धारण है. यदि कोई इस क्षेत्र में आना चाहता है तो उसके लिए संरचनात्मक जीव विज्ञान एवं मॉडलिंग, गणित इष्टतमीकरण, कंप्यूटर ग्राफिक्स सिद्धांत एवं लीनियर बीजगणित सीखना आवश्यक होगा.

पात्रता

जैव सूचना विज्ञान में किसी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए विज्ञान एक मुख्य के रूप में लेकर १० +२ पूरी करना एक बुनियादी शैक्षिक योग्यता है. कुछ भारतीय कॉलेज जैव सूचना विज्ञान में बी.टेक. पाठ्यक्रम चलाते हैं. अधिकांश उम्मीदवार जैव प्रौद्योगिकी अथवा अन्य विज्ञान पाठ्यक्रमों में स्नातक डिग्री प्राप्त करने के बाद इस क्षेत्र में आते हैं. जैव सूचना विज्ञान में बी.टेक. उम्मीदवार भारतीय तथा विदेशी विश्वविद्यालयों में जैव सूचना विज्ञान में मास्टर और डॉक्टोरल डिग्री करने के पात्र होते हैं.

जैवसूचना विज्ञान में मास्टर डिग्री के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार की बी.एससी/बी.एससी. (कृषि)/बी.सी.एस/ बी.टेक/ बी.ई./एम.बी.बी.एस/बी.फार्मा/बी.ए.एम.एस/बी.एच./एम.एस./बी.वी.एस.सी आदि जैसे किसी विषय में अपनी स्नातक डिग्री प्राप्त होनी चाहिए. जैव सूचना विज्ञान में उच्च डिप्लोमा करने के इच्छुक उम्मीदवारों को जीवन विज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, जैव प्रौद्योगिकी, जैव भौतिकी, वनस्पति विज्ञान, प्राणि विज्ञान, जैव रसायन विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान, फार्माकोलॉजी, कंप्यूटर विज्ञान में मास्टर डिग्री या एम.एससी. अथवा समकक्ष. एम.एससी. (कृषि) या एम.टेक या एम.बी.बी.एस. डिग्रीधारी होना चाहिए.

जैव सूचना विज्ञान में पाठ्यक्रम:

*जैव सूचना विज्ञान में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (जैव सूचना विज्ञान में बी.टेक)

*जैव सूचना विज्ञान में विज्ञान स्नातक (जैव सूचना विज्ञान में बी.ई.)

*जैव सूचना विज्ञान में मास्टर ऑफ साइंस (जैव सूचना विज्ञान में एम.एससी.)

*जैव सूचना विज्ञान में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (जैव सूचना विज्ञान में एम.टेक)

*जैव सूचना विज्ञान में मास्टर ऑफ फिलोस्फी (जैव सूचना विज्ञान में एम.फिल)

*जैव सूचना विज्ञान में डॉक्टर ऑफ फिलोस्फी (जैव सूचना में पीएच.डी.)

*जैव सूचना विज्ञान में उच्च डिप्लोमा

*जैव सूचना विज्ञान में डिप्लोमा

*जैव सूचना विज्ञान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा

संभावना

जैव सूचना विज्ञानियों के लिए अनेक क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर हैं:-

*चिकित्सा अनुप्रयोग:

1. स्वास्थ्य एवं रोग अवस्था में जीवन प्रक्रिया को समझना.

2. आनुवंशिक रोग

*भेषज तथा जैव प्रौद्योगिकी उद्योग

1. नई एवं बेहतर औषधियों का पता लगाना/विकास करना.

2. जीन आधारित या संरचना आधारित औषधि डिज़ाइन.

*कृषि अनुप्रयोग

1.रोग, सूखा प्रतिरोधी पादप

2.अधिक पैदावार फसल

प्रमुख संस्थानों से जैव सूचना विज्ञान में डिग्रीधारी छात्र अग्रणी आईटी फर्मों में जा सकते हैं. कई सॉफ्टवेयर कंपनियां समय-समय पर जैव सूचना विज्ञानियों की भर्ती करती हैं. आज कल जैविकीय एवं चिकित्सा प्रयोगशालाएं ऐसी पद्धत्तियों का उपयोग करती हैं जो अत्यधिक बड़े डाटा बेस देती हैं, जिनका विश्लेषण हाथों से नहीं किया जा सकता- उदाहरण मानवीय जीनोम्स की सीक्वेंसिंग. इस तरह आधुनिक जैविकीय एवं चिकित्सा अनुसंधान तथा विकास कार्य जैव सूचना विज्ञान के बिना नहीं किए जा सकते.

इसके भावी अनुप्रयोग जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भेषज विज्ञान, औषधि तथा कृषि में हैं. इसके अतिरिक्त, जैव सूचना विज्ञानी जैव चिकित्सा अनुसंधान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. आनुवंशिक रोगों तथा चिकित्सा जीनोमिक्स में अनुसंधान कार्य तीव्रता से बढ़ रहा है और वैयक्तिक या विशेष औषधियों का भविष्य जैव सूचना विज्ञान दृष्टिकोण पर निर्भर है.

जैव सूचना विज्ञान में कोई डिग्रीधारी उम्मीदवार निम्नलिखित पद धारण कर सकता है:-

*प्रोट्योमिक्स

*वैज्ञानिक क्यूरेटर

*अनुसंधानकर्ता

*सीक्वेंस विश्लेषक

*फार्माकोलॉजी

*कम्प्यूटेशनल कैमिस्ट

*फार्माकोजीनोमिक्स

*जैव विश्लेषक

*कन्टेन्ट एडिटर

*जैव सूचना विज्ञानी

जैव सूचना विज्ञान को आज मुख्य रूप से नई औषधियों की खोज में गति लाने पर अनुप्रयुक्त रूप से देखा जाता है. किंतु अन्य क्षेत्र जो निरंतर उच्च महत्व प्राप्त कर रहा है वह है संपूर्ण जीवन विज्ञान क्षेत्र पर सूचना प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग और इस उद्देश्य के लिए अन्य औद्योगिक क्षेत्रों- दक्षता में सुधार लाने, लागत कम करने, व्यापक सुलभता आदि पर भी प्रयोग में लाया जाता है. उदाहरण के लिए जैच वैविध्य डाटा प्रबंधन एक ऐसा क्षेत्र है जिसके लिए श्रेष्ठ डाटा बेस डिज़ाइन तकनीकों का अनुप्रयोग और डाटा वेयरहाउसिंग तथा डाटा-माइनिंग के लिए योजना अपेक्षित होती है. कॉर्पोरेशन्स पर यथा अनुप्रयुक्त ज्ञान प्रबंधन यह सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक संदर्भ में भी प्रासंगिक होगा कि भारतीय वैज्ञानिक नई शाश्वत सम्पत्ति के सृजन के लिए नेटवर्क एवं सहयोग में सहायता हेतु अपने नए अनुसंधान से संबंधित संबद्ध एवं समय पर सूचना प्राप्त कर सकें.

गैर-आईटी संभावना

सूचना प्रौद्योगिकी में कोई रोज़गार प्राप्त करने के अतिरिक्त, सही कौशल तथा ज्ञान रखने वाले उम्मीदवार भेषज कंपनियों, जैव चिकित्सा संगठनों, जैव प्रौद्योगिक अनुसंधान केंद्रों, कृषि कंपनियों को भी आवेदन कर सकते हैं और गैर-सरकारी संगठनों को भी जैव सूचना विज्ञानियों की आवश्यकता है. जैव सूचना विज्ञानी, अपना अध्ययन पूरा करने के बाद शिक्षाविद् भी बन सकता है.

इस क्षेत्र के लिए अनुसंधान संस्थाओं, भेषज कंपनियों, रसायन उद्योगों, कृषि एवं समवर्गी उद्योग कार्य पद्धति में सूचना क्षेत्र के प्रसार के लिए रोज़गार अवसर विद्यमान हैं.

भारत में जैव सूचना विज्ञान पाठ्यक्रम चलाने वाले संस्थानों की सूची

*जैव सूचना विज्ञान एवं अनुप्रयुक्त जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, बंगलौर

*जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली

*मदुरै कामराज विश्वविद्यालय

*भारतीय जैवसूचना विज्ञान संस्थान, नोएडा

*भारती विद्यापीठ विश्वविद्यालय, पुणे

*भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी), इलाहाबाद

*हैदराबाद विश्वविद्यालय

*भारतीय जैव सूचना विज्ञान संस्थान, नोएडा

*जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली

            (सूची उदाहरण मात्र है)

जैव सूचना विज्ञानियों को सेवा में रखने वाली उच्च भारतीय कंपनियां

कई ऐसी भारतीय कंपनियां हैं जो जैव सूचना विज्ञानियों को भर्ती करने वाली अग्रणी कंपनियों के रूप में उभरी हैें. इनमें निम्नलिखित कंपनियां शामिल हैं.

*रेनबैक्सी

*जी.वी. के बायोसाइंसेज

*टोरेंट फार्मास्युटिक्ल्स

*अस्ट्रा जीनेका रिसर्च सेंटर बिस्कॉन

*डॉ. रेड्डी प्रयोगशाला

*स्ट्रैण्ड लाइफ साइंसेज

*क्यूरा जेन

*सेलेरा जीनोमिक्स

*अवेस्था जिंग्रेन टेक्नोलोजीज प्राइवेट लिमिटेड

 

(उषा अल्बुकर्क एवं निधि प्रसाद कॅरिअर्स स्मार्ट प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली में क्रमश: निदेशक एवं वरिष्ठ काउंसिलिंग सॉयकोलोजिस्ट हैं. ईमेल: careerssmartonline@gmail.com)