नौकरी फोकस


Volume 46

क्लाउड कम्प्यूटिंग में कॅरिअर

उषा अल्बुकर्क एवं निधि प्रसाद

क्लाउड कम्प्यूटिंगकी गूंज हर तरफ है. सरल शब्दों में क्लाउड कम्प्यूटिंग इंटरनेट पर आधारित कम्प्यूटिंग होती है. पूर्व में लोग एप्लीकेशन्स या प्रोग्रामों को भौतिक कम्प्यूटर अथवा अपनी बिल्डिंग में सर्वर पर डाउनलोड किये गये सॉफ्टवेयर से संचालित करते थे, क्लाउड कम्प्यूटिंग समान प्रकृति के एप्लीकेशन्स की पहुंच एक वर्चुअल सर्वर पर, इंटरनेट के जरिये उपलब्ध करवाती है.

जब आप अपने फेसबुक की स्थिति को अद्यतन करते हैं तो आप क्लाउड कम्प्यूटिंग का इस्तेमाल कर रहे होते हैं. अपने फोन पर अपने बैंक बैलेंस की जांच करना? आप फिर क्लाउड में होते हैं. ऐसे अवसर होते हैं कि आप क्लाउड कम्प्यूटिंग पर अपने छोटे व्यवसायों को लेकर पेश आ रही चुनौतियों का समाधान क्लाउड से करने पर भरोसा करते हैं, चाहे आप अपने ई-मेल मूव पर फायरिंग ऑफ कर रहे हैं अथवा अपने कार्य के बोझ को व्यवस्थित करने में सहायता के लिये अनेक एप्लीकेशन्स का इस्तेमाल कर रहे होते हैं. यह भण्डारण के लिये एक बड़े भण्डारगृह रखने जैसा है जो कि न केवल आपकी कम्प्यूटर सामग्री को बचाकर रखता है बल्कि अनेक प्रकार की अन्य सेवाओं का वितरण और संपर्क भी करता है.

संक्षेप में, क्लाउड तेज़ी से एक नये रूप में सामान्य हो रहा है.

 क्लाउड कम्प्यूटिंग इंटरनेट क्लाउड में प्रदान की जा रही बहुत सी भिन्न-2 प्रकृति की सेवाओं और अनुप्रयोगों से संबंधित है. क्लाउड कम्प्यूटिंग में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर  वितरित तरीके से रखे जाते हैं और क्लाउडके रूप में खड़ा करने के लिये आपस में जोड़े जाते हैं तथा एप्लीकेशन्स या सेवाओं को एक सेवा (स्ड्डड्डस्) के तौर पर सॉफ्टवेयर के रूप में सेवाएं प्रदान करता है. सभी प्रोसेसिंग और फाइल-सेविंग इंटरनेट के ‘‘क्लाउडमें की जायेंगी और उपयोगकर्ता उस क्लाउड से अपने कार्य को जोड़ेगा. इसे पूर्णत: उपयोग आधार पर किया जा सकता है. जब इस तरह के क्लाउड को उपयोगकर्ताओं को ‘‘किराया आधार‘‘ पर अथवा ‘‘जितना इस्तेमाल करें भुगतान करें‘‘ आधार पर उपलब्ध करवाया जाता है तो क्लाउड को ‘‘पब्लिक क्लाउड‘‘ पुकारा जाता है. मौलिक रूप से क्लाउड कम्प्यूटिंग इस्तेमाल किये गये संसाधनों और उपयोगकर्ता के निजी कम्प्यूटर के बीच एक विरल अलगाव उपलब्ध करवाता है.

क्लाउड कम्प्यूटिंग आपकी अपेक्षा के अनुरूप कम्प्यूटर अनुप्रयोगों में लॉगिंग में सहायता करता है. इसकी सेवाओं में इंटरनेट पर उपलब्ध करवाये गये सॉफ्टवेयर  समाधान, अथवा सेवा के रूप में सॉफ्टवेयर (स्ड्डड्डस्), वर्चुअल सर्वर स्टोरेज (इन्फ्रास्ट्रक्चर-एक सेवा के तौर पर अथवा ढ्ढड्डड्डस्), जैसे कि एमेज़ोन वेब सेवाएं और सॉफ्टवेयर  तथा उत्पाद विकास टूल्स (प्लेटफार्म-एक सेवा के तौर पर अथवा क्कड्डड्डस्), जैसे कि गूगल ऐप्स हैं. प्रमुख क्लाउड कम्प्यूटिंग प्रदाताओं में एमेज़ोन, याहू और गूगल शामिल हैं.

अनेक बिजऩेस क्लाउड की तरफ क्यों जा रहे हैं?

क्लाउड कम्प्यूटिंग दक्षता को बढ़ाता है, नकदी प्रवाह में सुधार में सहायता करता है और निम्नलिखित प्रकार के कई अन्य फायदे प्रदान करता है:
*लचीलापन
*आपदा बहाली
*स्वचालित सॉफ्टवेयर  अद्यतन
*मुक्त पूंजी-व्यय
*कहीं से भी कार्य
*दस्तावेज नियंत्रण
*सुरक्षा

क्लाउड कम्प्यूटिंग संगठनों के लिये जीवन को आसान बनाता है और उनकी समय और धन को लेकर अनावश्यक लागतों की बचत करने में मदद करता है. इस सेवा का लाभ लेने के लिये सभी कंपनी के लिये एक इंटरनेट कनेक्शन अपेक्षित होता है. इन दिनों क्लाउड कम्प्यूटिंग में कॅरिअर की काफी मांग है क्योंकि सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ ये महसूस कर रहे हैं कि इस नई प्रौद्योगिकी के साथ बाज़ार में काफी संभावना और क्षमता है.

पात्रता

चूंकि यह अभी एक उभरता बाज़ार है, विशिष्ट तौर पर क्लाउड कम्प्यूटिंग के लिये मुश्किल से ही कोई पूर्णकालिक पाठ्यक्रम है. लेकिन अधिकतर बी.टेक (आईटी, कम्प्यूटर साइंस, आदि) और एम.एससी (सॉफ्टवेयर  इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर साइंस और इसी तरह के पाठ्यक्रम) पाठ्यक्रमों में क्लाउड कम्प्यूटिंग और इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बेसिक पर मॉड्यूल्स प्रस्तुत किया जाता है. कम्प्यूटर प्रशिक्षण संस्थान जैसे कि एनआईआईटी और अन्य इस विषय पर कुछ प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित करते हैं.

यद्यपि इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि अनिवार्य नहीं है, विकास कौशल जैसे कि एजेक्स, सोप, वेब सेवाएं जैसे कि नेट, जावा, परीक्षण कौशल इस क्षेत्र में बने रहे और आगे बढऩे के लिये अपेक्षित हैं.

आईबीएम ने भी क्लाउड कम्प्यूटिंग पर एक पाठ्यक्रम शुरू किया है.

क्लाउड कम्प्यूटिंग के क्षेत्र में कार्य करने के वास्ते योग्यता के लिये कुछेक प्रकार की निपुणता या अनुभव अपेक्षित होता, विशेषकर किसी एक बड़े क्लाउड कम्प्यूटिंग सेवा प्रदाता के पास अनुभव प्राप्त करना जरूरी होता है. यहां तक कि वर्चुलाइजेशन प्रौद्योगिकियों जैसे कि वीएमवेअर या रनिंग सर्वर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर्स आदि में अनुभव भी लाभदायक हो सकता है. क्लाउड सर्विस का ज्ञान में मददगार हो सकता है.

आप अपने पास उपलब्ध समय और अन्य संसाधनों के अनुरूप एक प्रमाणपत्र कार्यक्रम या डिप्लोमा/डिग्री भी कर सकते हैं. आप नियमित, दूरस्थ शिक्षा अथवा ऑनलाइन शिक्षा माध्यम को भी चुन सकते हैं. क्लाउड्स कम्प्यूटिंग में पाठ्यक्रमों में सामान्य क्लाउड कम्प्यूटिंग की आधारभूत बातें, ग्रिड कम्प्यूटिंग और क्लस्टरिंग, क्लाउड्स के प्रकार, क्लाउड कम्प्यूटिंग वास्तुकला, वर्चुलाइजेशन तकनीकें, इन्फ्रास्ट्रक्चर-एक सेवा के तौर पर अथवा (ढ्ढड्डड्डह्य), सेवा के रूप में सॉफ्टवेयर  (स्ड्डड्डस्), क्लाउड मैनेजमेंट टूल्स, क्लाउड भण्डारण हासिल करना, नेटवर्क लेवल सिक्यूरिटी, डाटा सेंटर्स और स्टोरेज का परिचय आदि शामिल होते हैं. पाठ्यक्रम विंडोज एज़ुरे, वीएमवेअर या रेड हैट कम्प्यूटिंग प्लेटफार्मों से संबंधित होते हैं.

अपेक्षित कौशल

क्लाउड कम्प्यूटिंग में कॅरिअर बनाने के लिये अपेक्षित महत्वपूर्ण कौशलों में अवसंरचना और अनुप्रयोगों का एकीकरण और संयोजन करना तथा सेवा उन्मुख वास्तुकला का विकास करना है.

व्यावसायिक अनुभव के अलावा, अर्हताएं और अपेक्षित कौशलों में निम्नलिखित शामिल हैं.:-

*तकनीकी कौशल
*उद्यम वास्तुकला और व्यवसाय प्रबंधन
*परियोजना प्रबंधन कौशल
*डाटा एकीकरण और विश्लेषण कौशल
*मोबाइल ऐप विकास ज्ञान
*सुरक्षा प्रोटोकॉल ज्ञान
*कम्प्यूटर कौशल
कार्यक्षेत्र

            क्लाउड कम्प्यूटिंग डिजिटल परिदृश्य में एक व्यापक नवोन्मेष है जिसने आई टी समाधानों की डिलीवरी के मार्ग को परिवर्तित कर दिया है और यह देखना होगा कि किस प्रकार अंतिम उपयोगकर्ता इनका इस्तेमाल करते हैं. क्लाउड कम्प्यूटिंग क्षेत्र विकसित हो रहा है और इसका विकास जारी रहेगा.

क्लाउड कम्प्यूटिंग कॅरिअर्स की दो श्रेणियां हैं जो कि इस क्षेत्र में उभर रही हैं-विशिष्ट क्लाउड कौशलों के साथ आईटी पेशेवरों के वास्तुकलात्मक ज्ञान वाले पद और क्लाउड के बारे में जानकारी के साथ आईटी एडमिनिस्ट्रेशन के लिये पद. क्लाउड वास्तुकलात्मक रोजगार विशेष तौर पर क्लाउड सॉल्यूशन आर्किटेक्ट अथवा अन्य वर्णनात्मक शर्तों पर आधारित होते हैं. क्लाउड कम्प्यूटिंग का विस्तार मुख्यत: आईटी संबंधी क्षेत्रों जैसे कि डाटा भण्डारण और इस्तेमाल, क्लाउड नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर, एप्लीकेशन्स स्केलिंग, क्लाउड आधारित सेवाओं का प्रचालन और अनुरक्षण में है. चूंकि कोई मानकीकृत पद नहीं हैं आप नये-नये पद प्राप्त करेंगे. कुछेक रोजगारों, जिनमें नियोक्ता तैनाती करते हैं, शामिल हैं:-

*SaaS (सेवा विकासकर्ता के तौर पर सॉफ्टवेयर)
*क्लाउड सुरक्षा इंजीनियर्स
*वेब सेवाएं सिस्टम्स इंजीनियर
*प्रोग्रामर्स (स्क्रिप्टिंग लेंग्वेज में ज्ञान जैसे कि पैथेन और हाडूप तथा डाटा मैनेजमेंट लैंग्वेज एसक्यूएल)
*डेवलपर्स इंजीनियर्स

अपेक्षित अर्हता के साथ एक बार लैस हो जाने पर, आप किसी आईटी कंपनी में क्लाउड आर्किटेक्ट, क्लाउड सिक्यूरिटी विशेषज्ञ, क्लाउड डेवलपर या क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजर के तौर पर काम करने के योग्य हो सकते हैं.

चूंकि एक क्लाउड सर्विस में व्यापक संभावनाएं होती हैं, विशेषज्ञों के लिये मांग आने वाले वर्षों में समान रूप से अधिक होगी. डाटा स्ट्रक्चर्स, बिग डाटा एनालिटिक्स और मैप-रिड्यूज प्रोग्रामिंग के क्षेत्रों में पहले से ही रोजग़ारों का सृजन हो चुका है. भविष्य में बैकिंग और टेलीमेडिसिन जैसे क्षेत्रों में अधिक एप्लीकेशन्स की मांग हो सकती है.

एक अनुमान के अनुसार भारत को अगले चार वर्षों में करीब 3 लाख क्लाउड कम्प्यूटिंग पेशेवरों की आवश्यकता होगी. चूंकि यह एक नई प्रौद्योगिकी है और इस तरह के आईटी विशेषज्ञ बाजार की मांग से कम है, क्लाउड कम्प्यूटिंग विशेषज्ञों का वेतन स्तर भी उच्च है.

क्लाउड वास्तुकला जैसे कि विजुअलाइजेशन अथवा (सेवा विकासकर्ता के तौर पर सॉफ्टवेयर ) पहले से ही आईटी कंपनियों जैसे कि गूगल, एमेज़ोन और माइक्रोसॅाफ्ट में कार्यान्वित किया जा रहा है और यह आशा की जाती है कि अन्य कंपनियां भी शीघ्र ही इसे अपनायेंगी क्योंकि यह उनकी स्टार्ट-अप लागतों और निवेशों को कम करता है, स्केल अप या डाउन के लिये आसान है और बहुत ही लचीला तथा शक्ति शाली कम्प्यूटिंग प्लेटफार्म है जिसके लिये लाइसेंसर अथवा अनुरक्षण की कोई आवश्यकता नहीं होती है.

(उषा अल्बुकर्क कॅरिअर्स स्मार्ट प्रा. लिमि. में निदेशक और निधि प्रसाद वरिष्ठ काउंसिलिंग मनोवैज्ञानिक हैं. ई-मेल:careerssmartonline@ gmail.com)