नौकरी फोकस


Volume-6

प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में रोजग़ार के अवसर

संजय भारती

मुद्रित संचार सुदृढ़ और शक्तिशाली जनसंचार माध्यमों में से एक है, जो तेजी से विकसित हो रहा है. जब हम मुद्रित उत्पादों की बात कर रहे हैं, तो हमारे जेहन में अक्सर पुस्तकें, अखबार और पत्रिकाएं आती हैं. इन चीजों से सभी का परिचय है. मुद्रित सामग्री शक्ति का प्रतीक है. प्रसिद्ध कहावत है कि ‘‘पुस्तकें स्वयं लेखक से अधिक दिन तक जीवित रहती हैं’’. यह भी कहा जाता है कि पुस्तकें स्वयं में अपरिहार्य दस्तावेज हैं, जो मुद्रण के महत्व को रेखांकित करती हैं.
मुद्रित सामग्री चाहे वह पुस्तक, पत्रिका या अखबार जो भी हो, उसका समाज पर सुदृढ़ प्रभाव पड़ता है और वह राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. हम अपने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मुद्रित सामग्री का प्रभाव महसूस करते हैं और यह सामग्री लोगों को शिक्षित करने और उन्हें वर्तमान की स्पष्ट स्थितियों से अवगत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है. जोहानिस गुटेनबर्ग ने चल टाइप और प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार करके वास्तव में प्रिंट मीडिया में क्रांति ला दी थी. उनके इस आविष्कार ने दुनिया में मुद्रित सामग्री जिस रूप में लोगों के सामने रखी, उससे दुनिया के जीने का अंदाज बदल गया.
प्रिंटिंग उद्योग एक ऐसा उद्योग है, जिसमें तकनीकी कौशल सर्वोपरि महत्व रखता है. टाइप सेटिंग, डिजाइनिंग, पेस्टिंग, प्लेट मेकिंग, इमेज सेटिंग, कैमरा वर्क, प्रिंटिंग और बाइंडिंग जैसे किसी भी अनुभाग में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति की विशिष्ट और विशेषज्ञतापूर्ण भूमिका होती है. हर व्यक्ति अंतिम आउटपुट को आकार प्रदान करने में अपना योगदान करता है.
प्रिंटिंग में रोजग़ार
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी देश के सर्वाधिक विकासमान क्षेत्रों में से एक है. आज की युवा पीढ़ी प्रिंट मीडिया में रोजग़ार के अवसर चुनती नजर आती है, क्योंकि यह क्षेत्र तेजी से आगे बढऩे के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है. परंतु, प्रिंट मीडिया में रोजग़ार प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम और धैर्य की आवश्यकता पड़ती है. प्रिंटिंग प्रौद्योगिकीविदों के लिए रोजग़ार के अवसर विज्ञापन  एजेंसियों, अखबारों/ पत्रिकाओं, सरकारी प्रेस, मशीन विनिर्माताओं, पैकेजिंग उद्योग, बुक प्रिंटर्स और यहां तक कि प्राइवेट कमर्शियल प्रेस में टेक्नोलॉजी कंसल्टेंट के रूप में भी रोजग़ार के अवसर उपलब्ध होते हैं.
इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर मुख्य रूप से निम्नांकित विषयों में उपलब्ध होते हैं:-
*केंद्र और राज्य सरकारों के अंतर्गत प्रकाशन गृह.
*केंद्र और राज्य सरकारों के अंतर्गत प्रिंटिंग प्रेस.
*ऑफसेट, फ्लेक्सोग्राफी, नक्काशी और स्क्रीन प्रिंटिंग सहित वाणिज्यिक प्रिंटिंग प्रेस.
*निजी क्षेत्र में प्रकाशन गृह.
*प्रिंटिंग उद्योग के लिए प्री-प्रेस सोल्यूशन.
*डिजाइनिंग और डिजिटल प्रिंटिंग.
*प्रतिभूति मुद्रण.
*प्रिंट उद्योग के लिए सॉफ्टवेयर सोल्यूशन.
*इलेक्ट्रॉनिक पब्लिशिंग.
*कलर मैनेजमेंट सोल्यूशन.
*पैकेजिंग.
*प्रिंट फिनिशिंग और कनवर्टिंग.
*मशीन मेन्युफैक्चरिंग/सर्विस.
*विपणन प्रबंधन कार्यकारी.
*अनुसंधान और विकास.
*संपूर्ण गुणवत्ता नियंत्रण.
प्रिंटिंग उद्योग भारत में तेजी से विकसित होता हुआ उद्योग है. देश के प्रमुख मेट्रो शहरों में हजारों क्वालिटी प्रिंटिंग हाउस हैं. लगभग सभी सरकारी विभाग/स्वायत्त निकाय, जैसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग, साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी, नेशनल बुक ट्रस्ट, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं सूचना संसाधन परिषद, प्रकाशन विभाग, भारतीय प्राणी वैज्ञानिक सर्वेक्षण, भारतीय मानक ब्यूरो, रोजगार समाचार, भारतीय सर्वेक्षण, सभी विश्वविद्यालय, सभी राज्य पाठ्य पुस्तक निगम, भारतीय व्यापार मेला प्राधिकरण, भारतीय प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड, भारत सरकार मुद्रणालय, राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, ज्वाइंट साइफर ब्यूरो, भारतीय संसद, भारत के महापंजीयक के कार्यालय, राष्ट्रीय संग्रहालय, मुद्रण और लेखन सामग्री निदेशालय, भारतीय जनसंचार संस्थान आदि प्रिंटिंग/प्रकाशन गतिविधियों में संलग्न हैं.
प्रिंटिंग में रोजग़ार आपको विभिन्न पदों पर काम करने का अवसर प्रदान करेगा, जैसे महाप्रबंधक, रजिस्ट्रार, निदेशक, प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर, परामर्शदाता, विभागाध्यक्ष, मुख्य प्रकाशन अधिकारी, सहायक निदेशक (प्रकाशन)तकनीकी अधिकारी, प्रिंटिंग अधिकारी, प्रबंधक प्रिंटिंग, सुपरवाइजर, प्रकाशन अधिकारी. इन पदों के अलावा और भी बहुत सारे पद हैं, जिन पर काम करने का मौका मिलता है.
नई पीढ़ी के लिए इस क्षेत्र में रोजग़ार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं. प्रिंटिंग प्रौद्योगिकीविद् अखबारों, पत्रिकाओं और विज्ञापन एजेंसियों, सरकारी विभागों, बैंकों और निजी प्रकाशन गृहों में रोजगार प्राप्त कर सकता है. वह ऐसी कंपनियों के विपणन और बिक्री विभाग में काम कर सकता है, जो प्रिंटिंग और फोटोग्राफिक फिल्मों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति करती हंै. इस क्षेत्र में एक विकल्प शिक्षण का भी है, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों और पोलिटेक्निक संस्थानों में रोजग़ार के अवसर उपलब्ध हैं, जो प्रिंटिंग में व्यावसायिक पाठ्यक्रम, डिप्लोमा, डिग्री और स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रमों का संचालन करते हैं. किसी अखबार या पत्रिका के प्रकाशन विभाग में प्रिंट प्रौद्योगिकी में प्रकाशन सुपरवाइजर के रूप में अपना कॅरिअर प्रारंभ कर सकता है और महाप्रबंधक के पद तक पदोन्नति प्राप्त कर सकता है.
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रमों में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होने के बाद विद्यार्थी देशभर में फैली प्रिंटिंग कंपनियों और मीडिया हाउसों में रोजग़ार प्राप्त कर सकते हैं. आमतौर पर विद्यार्थियों की भर्ती प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों, अखबारों/पत्रिकाओं, मशीन विनिर्माताओं, पैकेजिंग उद्योगों द्वारा कैम्पस साक्षात्कार के जरिए की जाती है. सभी प्रमुख प्रकाशक जैसे प्रेंटिस हॉल, मैकमिलन और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, रचना सागर, मोतीलाल बनारसी दास, एस चांद एंड कंपनी लिमिटेड, सेज पब्लिकेशंस, द टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस, दैनिक भास्कर, अमर उजाला, दैनिक जागरण, थॉमसन प्रेस, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, यू-फ्लेक्स, मोजरबीयर, क्वार्क एक्सप्रेस, मैकमिलन स्कोलास्टिक, यूएसआईएस, द वीक, कोडक, ह्यूलेट पैकार्ड, इंडिया टुडे गु्रप, आईटीसी इंडिया लिमिटेड, जेरोक्स, फुजी, टेक्नोवा, हेडलबर्ग (इंडिया) लिमिटेड, आरपैक, सिक्पा, माइक्रो इंक, टाटा प्रेस, थॉमसन डिजिटल, पेपर प्रोडक्ट लिमिटेड, एसएल, प्रोपेक जैसे संगठन कैम्पस इंटरव्यू के जरिए विद्यार्थियों की भर्ती करते हैं. कुछ विद्यार्थियों को बहु-राष्ट्रीय कंपनियों में भी रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं. अडोब, टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो और आईबीएम आदि प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनियां भी विभिन्न पदों पर प्रिंटिंग प्रौद्योगिकीविदों की भर्ती करती हैं. भारत में प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम चार स्तरों पर संचालित किए जाते हैं. ये हैं - डिप्लोमा, डिग्री, मास्टर्स डिग्री और पीएच.डी. ये पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय संस्थानों और पोलिटेक्निक स्तर पर उपलब्ध हैं. प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्रता निम्नांकित अनुसार है:-
 
क्र सं-1
पाठ्यक्रम- प्रिंटिंग में डिप्लोमा
प्रवेश मानदंड- गणित और विज्ञान के साथ 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो
अवधि-3 वर्ष
 
क्र सं-2
पाठ्यक्रम- प्रिंटिंग/पैकेजिंग टेक्नोलॉजी में बीटेक/बी.ई.
प्रवेश मानदंड- भौतिक विज्ञान, गणित अनिवार्य विषय रखते हुए रसायन विज्ञान, कम्प्यूटर विज्ञान, बायोटेक/ जीव विज्ञान विषयों के साथ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो. दाखिला एआईईईई अथवा राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग प्रतियोगी परीक्षा में प्राप्त मैरिट के आधार पर किया जाता है. अथवा डिप्लोमाधारक एलईईपी के जरिए सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं
अवधि-4 वर्ष
क्र सं-3
पाठ्यक्रम- प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी/ प्रिंटिंग और पब्लिशिंग में बी.वोकेशनल
प्रवेश मानदंड- किसी भी विषय में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो  
अवधि-3 वर्ष                               
क्र सं-4
पाठ्यक्रम- प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में एमटेक/ एमई
प्रवेश मानदंड- प्रिंटिंग/पैकेजिंग टेक्नोलॉजी में बीई/बी.टेक
अवधि-2 वर्ष              
क्र सं-5
पाठ्यक्रम- प्रिंटिंग में पीएच.डी
प्रवेश मानदंड- तकनीकी विश्वविद्यालयों के अध्यादेश के अनुसार
अवधि-2 से 4 वर्ष
 
वर्तमान सरकार के नए उपायों के अंतर्गत अनेक कॉलेजों/संस्थानों में प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में बी.वोकेशनल पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं. इन पाठ्यक्रमों में सीमांत युवाओं को दाखिला दिया जाता है, जो कौशल आधारित शैक्षिक पाठ्यक्रम कर रहे होते हैं. इसका उद्देश्य उनकी रोजगार सक्षमता में बढ़ोतरी करना और आजीविका स्थितियों में सुधार लाना है. बी. वोकेशनल पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने तैयार किया है. इसे कौशल विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) कार्यक्रम के अनुरूप तैयार किया गया है. इसमें राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के परामर्श से कौशल आधारित शिक्षा पर बल दिया जाता है. 
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) प्लेट मेकिंग, ऑफसेट मशीन ऑपरेशन, स्क्रीन प्रिंटिंग, कैमरा ऑपरेशन, डेस्क टॉप पब्लिशिंग और बुक बाइंडिंग जैसे विषयों में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं. ये पाठ्यक्रम इस बात को ध्यान में रख कर तैयार किए जाते हैं कि विद्यार्थी किसी व्यवसाय के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं की भलीभांति जानकारी प्राप्त कर सके, ताकि उद्योग में शॉप फ्लोर स्तर पर उसे रोजग़ार मिल सके.
अध्ययन के दौरान विद्यार्थी प्रिंटिंग प्रक्रियाओं, प्रिंटिंग सामग्री, प्री-प्रेस प्रौद्योगिकियों, बाइंडिंग और फिनिशिंग प्रौद्योगिकी, व्यापार प्रबंधन, उद्यमशीलता विकास, लागत प्राक्कलन आदि से संबंधित विस्तृत पहलुओं की जानकारी प्राप्त करते हैं. स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम बहु-विषयक स्वरूप के होते हैं, जिनमें मैकेनिकल, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर्स, कैमिकल, संपूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन, प्रचालन प्रबंधन, संगठनात्मक व्यवहार, परियोजना प्रबंधन, प्रौद्योगिकी प्रबंधन, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान के अतिरिक्त प्रतिभूति मुद्रण जैसे विषय शामिल होते हैं. प्रिंटिंग अध्ययन के अंतर्गत न केवल प्रक्रियाएं और प्रौद्योगिकियां शामिल हैं, बल्कि स्याही, कागज और अन्य उपयोज्य वस्तुओं की भी विस्तृत जानकारी दी जाती है.
प्रिंटिंग में रोजगार अनेक क्षेत्रों में उपलब्ध हैं. ऑफसेट प्रिंटिंग के अलावा अनेक प्रिंटिंग हाउस हैं, जो ऑफसेट प्रिंटिंग, फ्लेक्सोग्राफी और नक्काशी मुद्रण जैसे कार्यों में संलग्न हैं. प्रशिक्षित प्रिंटिंग व्यवसायी प्रिंटिंग मशीन विनिर्माण कंपनियों और उपयोज्य सामग्री बनाने वाली कंपनियों में भी रोजगार प्राप्त कर सकते हैं. आजकल ज्यादातर प्रिंटिंग हाउस आधुनिक ऑफसेट प्रिंटिंग मशीनों का इस्तेमाल प्रोडक्शन/प्रिंटिंग कार्यों के लिए कर रहे हैं. ये ऑफसेट प्रेस प्रशिक्षित प्रिंटिंग प्रौद्योगिकीविदों की भर्ती नीचे दर्शाए गए विभिन्न पदों पर करती हैं. नियोक्ता की विशेष जरूरतों के अनुकूल प्रारंभिक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रौद्योगिकीविद् नियोक्ता की जरूरतें पूरी करने में सक्षम हो जाते हैं.
*बड़े प्रेस कार्यालयों के शॉप फ्लोर सुपरविजन के लिए मिडल-मैनेजमेंट स्तर के सुपरवाइजरी कार्मिक.
*आधुनिक वाणिज्यिक प्रेस, समाचारपत्र प्रेस, सरकारी प्रेस, प्रकाशक और विशेषज्ञ प्रिंटरों के लिए वक्र्स मैनेजर, प्रोडक्शन मैनेजर और प्रोडक्शन कार्यकारी.
*प्रिंटिंग मशीनरी विनिर्माण और प्रिंटिंग सामग्री विनिर्माण के लिए डिजाइन कार्यालय और फैक्टरी फ्लोर शॉप, दोनों में इंजीनियर.
*बड़े प्रिंटिंग प्रतिष्ठानों में इन-प्लांट मेंटेनेंस के लिए रख-रखाव इंजीनियर.
*प्रिंटिंग मशीनरी विनिर्माताओं के लिए सेल्स/मेंटेनेंस इंजीनियर और आधुनिक प्रिंटिंग प्रेसों के लिए सेल्स/मार्केटिंग कार्यकारी.
*प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा और डिग्री स्तर के पाठ्यक्रम संचालित करने वाले प्रिंटिंग संस्थानों में प्रशिक्षक के पद.
*विज्ञापन एजेंसियों में प्रोडक्शन कार्यकारी/प्रबधक.
अगले दो दशकों में प्रशिक्षित प्रिंट व्यवसायियों की वार्षिक वृद्धि दर और मांग की अत्यंत उज्ज्वल संभावनाएं हैं.
भारत में कॉलेज और संस्थान प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा, डिग्री, मास्टर डिग्री और पीएच.डी पाठ्यक्रम संचालित करते हैं. भारत में प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में पाठ्यक्रम संचालित करने वाले प्रमुख संस्थान इस
प्रकार हैं:-
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में पीएच.डी पाठ्यक्रम संचालित करने वाले विश्वविद्यालय/संस्थान:-
1.अन्ना यूनिवर्सिटी, कॉलेज ऑफ  इंजीनियरिंग, ग्विंडी, चेन्नई -600025
2.गुरू जम्बेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार - 125001, हरियाणा.
3.जादवपुर यूनिवर्सिटी, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, राजा एस सी मल्लिक रोड, कोलकाता - 700032, पश्चिम बंगाल
4.मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी, मणिपाल- 576104, कर्नाटक
5.पुणे विद्यार्थी गृह (पीवीजी) कॉलेज ऑफ  इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, 44 विद्यानगरी, शिवदर्शन पार्वती, पुणे 411009, महाराष्ट्र
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में स्नातकोत्तर उपाधि प्रदान करने वाले विश्वविद्यालय/संस्थान
1.अन्ना यूनिवर्सिटी, कॉलेज ऑफ  इंजीनियरिंग, ग्विंडी, चेन्नई -600025
2.गुरू जम्बेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार - 125001, हरियाणा.
3.जादवपुर यूनिवर्सिटी, फैकल्टी ऑफ  इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, राजा एस सी मल्लिक रोड, कोलकाता - 700032, पश्चिम बंगाल
4.मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी, मणिपाल - 576104, कर्नाटक
5.ओएम इंस्टीट्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, हिसार, हरियाणा
6.पुणे विद्यार्थी गृह (पीवीजी) कॉलेज ऑफ  इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, 44 विद्यानगरी, शिवदर्शन पार्वती, पुणे 411009, महाराष्ट्र
7.सोमानी इंस्टीट्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, रिवाड़ी, हरियाणा.
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में स्नातक उपाधि प्रदान करने वाले विश्वविद्यालय/संस्थान
1.अन्ना यूनिवर्सिटी, कॉलेज ऑफ  इंजीनियरिंग, ग्विंडी, चेन्नई -600025
2.अविनाशलिंगम यूनिवर्सिटी फॉर वीमेन, कोयम्बटूर, तमिलनाडु 641043
3.बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पीओ बॉक्स नं 1908, बुल टैम्पल रोड, बासवनागुडी, बंगलौर 560019
4.कालीकट यूनिवर्सिटी: इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मल्लप्पुरम, कालीकट, केरल
5.गुरू जम्बेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार - 125001, हरियाणा.
6.जादवपुर यूनिवर्सिटी, फैकल्टी ऑफ  इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, राजा एस सी मल्लिक रोड, कोलकाता - 700032, पश्चिम बंगाल
7.जेएनटीयू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कुकटपल्ली, हैदराबाद 500872, तेलंगाना
8.माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय, बी-38, विकास भवन, अपोजिट डाक भवन, प्रेस कॉम्प्लैक्स, जोन-1, एमपी नगर, भोपाल - 462011
9.मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी, मणिपाल - 576104, कर्नाटक
10.ओएम इंस्टीट्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, हिसार, हरियाणा
11.पुणे विद्यार्थी गृह (पीवीजी) कॉलेज ऑफ  इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, 44 विद्यानगरी, शिवदर्शन पार्वती, पुणे 411009, महाराष्ट्र
12.कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी, कुरूक्षेत्र, हरियाणा
13.सोमानी इंस्टीट्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, रिवाड़ी, हरियाणा.
14.सिंघानिया यूनिवर्सिटी, पचेरीबारी, झुनझुनू, राजस्थान
15.टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ  सोशल साइंसेज, वीएन पूर्व मार्ग, देवनार, मुम्बई, महाराष्ट्र 400088
16.वीपीजीआर इंस्टीट्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी, कस्तूरीबाई नगर, आडियार, तमिलनाडु
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में बी. वोकेशनल पाठ्यक्रम प्रदान करने वाले विश्वविद्यालय/संस्थान
1.देरोजियो मेमोरियल कॉलेज, परगना 700138 पश्चिम बंगाल
2.जयसिंहपुर कॉलेज, कोल्हापुर, महाराष्ट्र
3.कालिंदी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, पूर्वी पटेल नगर, नई दिल्ली 110008
4.खानदेश कॉलेज एजुकेशन सोसायटी, मूलजी जैथा कॉलेज, जिला पेट, जलगांव, महाराष्ट्र
5.केआरटी आटर््स, बीएच कॉमर्स एंड एएम साइंस कॉलेज, शिवाजी नगर, गंगापुर रोड, नासिक, महाराष्ट्र
6.लायलपुर खालसा कॉलेज, जालंधर, पंजाब.
7.गुरु गोविंद सिंह इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के अंतर्गत पूसा इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली - 110012
8.टाटा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंसेज, वीएन पूर्व मार्ग, देवनार, मुम्बई, महाराष्ट्र 400088
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा संचालित करने वाले संस्थान
1.प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग, पूसा इंस्टीट्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी, पूसा, नई दिल्ली - 110002
2.प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग, कला निकेतन, जबलपुर (मध्य प्रदेश)
3.प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग, राजकीय पोलिटेक्निक, गुलजारबाग, पटना साहिब, बिहार
4.प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग, राजकीय पोलिटेक्निक, गांधी नगर, अहमदाबाद, गुजरात
5.प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, शोरानूर, केरल
6.डॉन बास्को स्कूल ऑफ प्रिंटिंग, ओखला रोड, नई दिल्ली - 110025
7.राजकीय प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी संस्थान, ईस्ट नेहरू नगर, सिकंदराबाद
8.राजकीय पोलिटेक्निक कॉलेज, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग, मखुपुरा, अजमेर, राजस्थान
9.राजकीय प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी संस्थान, बंगलौर, कर्नाटक
10.ग्राफिक आट्र्स टेक्नोलॉजी एंड एजुकेशन, 12, श्रीमिल्स, मुम्बई-आगरा रोड, कुर्ला, मुम्बई 400070, महाराष्ट्र
11.प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी संस्थान, शिवकासी - 626123 (तमिलनाडु)
12.इंस्टीट्यूट ऑफ  प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, 87, कामराज रोड, शिवकासी - 626123 (तमिलनाडु)
13.इंगोल इंस्टीट्यूट ऑफ  प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, 272, सेंट्रल बाजार रोड, रामासपेठ, नागपुर 440010, महाराष्ट्र
14.प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई,  (तमिलनाडु)
15.प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद (तेलंगाना)
16.महाराष्ट्र मुद्रण परिषद, इंस्टीट्यूट ऑफ  प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च प्लाट 3, सेक्टर 11, खांडा कालोनी, बालभारती मार्ग, निकट रेलवे क्रासिंग, न्यू पनवेल (पश्चिम) - 410206 महाराष्ट्र, भारत
17.महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, 1786, सदाशिवपेट, पुणे, महाराष्ट्र
18.एनआर इंस्टीट्यूट ऑफ  प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, तेलियरगंज, इलाहाबाद-4, (उत्तर प्रदेश)
19.क्षेत्रीय इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, जाधवपुर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
20.सेल्सियन इंस्टीट्यूट ऑफ  ग्रॉफिक आट्र्स, 22, टेलर्स रोड, चेन्नई 600010 (तमिलनाडु)
21.स्कूल ऑफ  प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, बंगलौर, कर्नाटक
22.सदर्न रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ  प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, अडियार, चेन्नई 600113 (तमिलनाडु)
23.थॉमसन प्रेस ट्रेनिंग सेंटर, थॉमसन प्रेस, दिल्ली-मथुरा रोड, फरीदाबाद
24.टाइम्स इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग मैनेजमेंट, टाइम्स ऑफ इंडिया प्रेस, अपोजिट वीटी स्टेशन, मुम्बई, महाराष्ट्र
25.पश्चिम क्षेत्रीय प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी संस्थान, जेजे स्कूल ऑफ आटर््स कैम्पस, अपोजिट वीटी स्टेशन, मुम्बई (महाराष्ट्र)
(यह सूची संकेतात्मक है)
यह सर्वविदित तथ्य है कि प्रिंट मीडिया में समाज और समूचे राष्ट्र को प्रभावित करने की क्षमता है. सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर से पता चलता है कि प्रति व्यक्ति कागज की खपत में वृद्धि हुई है. पेपर की खपत और प्रेस आउटपुट से देश की सम्पदा, सभ्यता और आर्थिक शक्ति का पता चलता है. आज मीडिया के डिजिटीकरण और कम्प्यूटरीकरण तथा इंटरनेट के प्रसार की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए प्रिंट मीडिया के भविष्य को लेकर कुछ संदेह पैदा हुए हैं, लेकिन तथ्य यह है कि प्रिंट मीडिया हमेशा रहेगा. यह सदाबहार क्षेत्र है, अत: प्रिंटिंग प्रौद्योगिकीविदों के लिए संभावनाएं उज्ज्वल हैं. इस विषय में असंख्य अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं. आने वाले वर्षों में प्रशिक्षित प्रिंटिंग व्यवसायियों की मांग में और बढ़ोतरी होगी.
(लेखक दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज, पूर्वी पटेल नगर, नई दिल्ली के प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं. ईमेल: sunnyapp24@gmail.com)
चित्र: गूगल के सौजन्य से