विशेष लेख


Volume-26, 29 September to 5 October, 2018

 

 

प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान का शुभारंभ किया दिल्ली के स्कूल में किया श्रमदान

प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान में राष्ट्रव्यापी भागीदारी को बढ़ावा देने एवं बापू के स्वच्छ भारत के स्वप्न को पूरा करने के लिए 15 सितंबर, 2018 को स्वच्छता ही सेवाअभियान का शुभारंभ किया. स्वच्छता ही सेवाअभियान का उद्देश्य स्वच्छता की दिशा में सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाना है. इसका आयोजन

2 अक्टूबर, 2018 को स्वच्छ भारत मिशन की चौथी वर्षगांठ की तैयारी के सिलसिले में किया जा रहा है, जो महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समरोहों की शुरूआत को भी चिह्नित करेगा. प्रधानमंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति से इस अभियान का हिस्सा बनने और एक स्वच्छ भारतके निर्माण के प्रयासों को सुदृढ़ बनाने की अपील की है. उन्होंने पूरे देश के 17 स्थानों पर विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ वीडियो कांफ्रेंस से बातचीत की.

बातचीत आरंभ करते हुए, प्रधानमंत्री ने कुछ प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया, इसमें यह बात भी शामिल थी कि किस प्रकार चार वर्षों के भीतर ही भारत के 450 जिले खुले में शौचालय से मुक्त (ओडीएफ) बन गए हैं. इसी प्रकार, 20 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने इस अवधि के दौरान खुद को ओडीएफ घोषित कर लिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि शौचालय अथवा कूड़ादान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है और यह भी कहा कि स्वच्छता एक आदत है जिसे मन में बिठाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि देश भर के लोग अब इस आदत के विकास में भागीदारी कर रहे हैं.

असम के डिब्रूगढ़ के बच्चों ने प्रधानमंत्री को अपने स्कूल एवं क्षेत्र को स्वच्छ बनाने की दिशा में अपने योगदान के बारे में बताया. प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि युवा सामाजिक बदलाव के राजदूत हैं. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बच्चों ने स्वच्छता के संदेश को आगे बढ़ाया है, वह सराहनीय है.

गुजरात के मेहसाणा में दूध एवं कृषि सहकारी संघों के सदस्य स्वच्छता की दिशा में अपनी पहलों के बारे में प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करने के लिए एकत्र हुए. प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि स्वच्छ  भारत अभियान ने डायरिया जैसी बीमारियों के मामलों में कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान किया है. मुंबई के गेट वे ऑफ इंडिया से फिल्म कलाकार अमिताभ बच्चन ने विभिन्न स्वच्छता कार्यकलापों के बारे में जानकारी दी, जिनसे वह जुड़े हुए हैं. विख्यात उद्योगपति श्री रतन टाटा भी इस बातचीत में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि एक ऐसे आंदोलन की शुरूआत में सहायता करना सम्मान और गौरव की बात है जो कि भारत के प्रत्येक नागरिक का सपना होना चाहिये. प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि निजी क्षेत्र स्वच्छ भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. दैनिक जागरण से श्री संजय गुप्ता सहित वरिष्ठ मीडिया जनों ने नोएडा से बातचीत में भाग लिया और स्वच्छता को आगे बढ़ाने के अपने प्रयासों को साझा किया. लद्दाख में अत्याधिक ऊंचाई वाली पैन्गोंग झील से आईटीबीपी के जवानों ने भी बातचीत में भाग लिया. प्रधानमंत्री ने आईटीबीपी के जवानों की उनकी बहादुरी और देश सेवा के लिये प्रशंसा की. सदगुरू जग्गी वासुदेव कोयम्बत्तूर से बातचीत में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के प्रति बहुत उत्साह है जो उन्होंने अपनी यात्राओं में देखा है. उन्होंने इसे प्रोत्साहन देने के लिये प्रधानमंत्री की सराहना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान किसी सरकार या किसी प्रधानमंत्री का अभियान नहीं है बल्कि यह समूचे देश का अभियान है. छत्तीसगढ़ में दांतेवाड़ा और तमिलनाडु में सलेम से महिला स्वच्छताग्राहियों ने प्रधानमंत्री को स्वच्छता के प्रति अपने प्रयासों के बारे में बताया. पटना साहिब गुरुद्वारा और माउंट आबू से दादी जानकीजी  से आध्यात्मिक नेताओं और नागरिकों ने भी प्रधानमंत्री से बातचीत की. प्रधानमंत्री ने ब्रह्मकुमारी संस्थान की स्वच्छता के प्रति उनके प्रयासों की विशेष तौर पर प्रशंसा की. प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश में राजगढ़ और उत्तर प्रदेश में फतेहपुर से, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ सहित, नागरिकों से बातचीत की. आध्यात्मिक नेता श्री श्री रवि शंकर बंगुलरु से बातचीत में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश और विशेष तौर पर युवाओं को प्रोत्सातहित किया है.

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में बिजनौर से गंगा की सफाई में लगे स्वयंसेवियों के साथ बातचीत की. उन्होंने मां गंगाकी सफाई में उनके प्रयासों के लिये प्रशंसा की. उन्होंने गंगा नदी के किनारे रहने वाले सभी नागरिकों का स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान नदी की सफाई के लिये स्वेेच्छा से सेवा करने का आह्वान किया. अजमेर शरीफ दरगाह में श्रद्धालुओं और हरियाणा में रिवाड़ी से रेलवे कर्मचारियों ने भी प्रधानमंत्री के साथ बातचीत की. मां अमृतानंदमयी कोलम से बातचीत में शामिल हुईं. बातचीत को समाप्त करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वच्छाग्रहियों की भूमिका की प्रशंसा की और कहा कि उनके कार्यों को इतिहास में सदैव याद रखा जायेगा. उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति हमारा संकल्प और विश्वास आसमान की ऊंचाइयों तक है. उन्होंने लोगों का स्वच्छता ही सेवा के लिये काम करने का आह्वान किया. प्रधानमंत्री ने दिल्ली में एक स्कूल में श्रमदान भी किया. देशभर में 17 स्थानों से विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बातचीत करने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मध्य दिल्ली में रानी झांसी रोड पर बाबासाहेब अम्बेडकर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल गये. उन्होंने बाबासाहेब अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांंजलि अर्पित की. उन्होंने स्कूल में युवा छात्रों से भी बातचीत की और उन्हें स्वच्छता के लिये प्रोत्साहित किया.

प्रधानमंत्री सामान्य यातायात में और बिना किसी परंपरागत प्रोटोकॉल के स्कूल पहुंचे और वहां से लौटे. उनकी यात्रा के लिये कोई विशेष यात्रा प्रबंध नहीं किया गया था. डॉ. अंबेडकर ने 1946 में अनुसूचित जातियों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए खुद इस स्कूल परिसर को खरीदा था.    -पीआईबी