विशेष लेख


Volume-27, 6-2 October, 2018

 

नेहरू युवा केन्द्र संगठन

ज़मीनी युवा संगठन

किसी भी राष्ट्र तथा समाज का विकास, पोषण और अस्तित्व उसके युवाओं की आबादी पर निर्भर करता है. यही कारण है कि सदियों से युवाओं को समाज एवं राष्ट्र के प्रमुख और सशक्त मानव संसाधन समझा जाता रहा है. उन्हें परिवर्तन का अभिकर्ता भी कहा जाता है. 

भारतीय युवाओं ने समाज की बेहतरी के लिए हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है. सामाजिक परिवर्तनों के अनेक अवसरों पर और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारतीय युवाओं ने हमेशा अग्रणी मोर्चा संभाला. समसामयिक संदर्भ में देखें तो भारत आज एक युवा राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, जिसकी आबादी में 70 प्रतिशत लोग 40 वर्ष से कम आयु के हैं. भारत की सकल राष्ट्रीय आय में युवाओं का बहुत बड़ा अंशदान है, और इस हिस्सेदारी को निश्चित रूप से और बढ़ाने की परम आवश्यकता है. वास्तव में आज का युवा न केवल राष्ट्र की वित्तीय खुशहाली बढ़ाने के लिए एक प्रमुख संसाधन है बल्कि वह उज्ज्वल भविष्य के लिए सामाजिक बदलाव और रूपांतरण का संवाहक भी है. 

विस्तृत आबादी और युवाओं की प्रधानता वाला देश होने के नाते हमारी युवा आबादी के साथ आने वाले वर्षों में एक वैश्विक संदर्भ जुड़ा रहेगा और उसका प्रभाव महसूस किया जाएगा. अत: युवा आबादी को मिश्रित ज्ञान, मूल्य और बुनियादी क्षमताएं हासिल करने का अधिकार है, जिनसे वे स्वयं और मानवता के लिए बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगे.

राष्ट्रीय युवा नीति 2014 ने देश में युवा आयु समूह के लिए 15 से 29 वर्ष की आयु निर्धारित की, ताकि विभिन्न नीतिगत उपायों में अधिक संकेंद्रित दृष्टिकोण युवाओं के प्रति अपनाए जा सकें. नेहरू युवा केंद्र संगठन युवा मामले और खेल मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन है, जो विश्व में निचले स्तर का सबसे बड़ा युवा संगठन है और यह देश में युवाओं के विकास के लिए काम कर रहा है.

नेहरू युवा केंद्र संगठन

नेहरू युवा केंद्रों की स्थापना 1972 में की गई थी. इनका लक्ष्य ग्रामीण युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में शामिल होने और साथ ही स्वयं के व्यक्तित्व और कौशल विकसित करने के अवसर प्रदान करना है. वर्ष 1987-88 के दौरान नेहरू युवा केंद्र संगठन की स्थापना भारत सरकार के तहत एक स्वायत्त संगठन के रूप में की गई थी ताकि वह इन केंद्रों के कामकाज पर निगरानी रख सके. दुनिया में निचले स्तर का सबसे बड़ा युवा संगठन होने के नाते नेहरू युवा केंद्र संगठन युवाओं की शक्ति को स्वैच्छिक, स्वयं सहायता और सामुदायिक भागीदारी के सिद्धांतों के आधार पर गति प्रदान करता है.

इस संगठन ने युवाओं की शक्ति के विकास के लिए कुछ क्षेत्रों की पहचान की है ताकि युवा क्लबों के गठन के जरिए उन क्षेत्रों में काम किया जा सके. ये युवा क्लब गांवों में निचले स्तर की स्वयंसेवी संस्थाओं के रूप में काम करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में शामिल करते हैं.

नेहरू युवा केंद्र संगठन की बुनियादी ताकत युवा क्लबों के नेटवर्क में निहित है. युवा क्लब ग्राम आधारित ऐसे संगठन हैं, जो सामुदायिक विकास और युवा सशक्तिकरण के लिए काम कर रहे हैं. युवा क्लबों की स्थापना का बुनियादी लक्ष्य विकासात्मक उपायों के जरिए सामुदायिक सहायता जुटाना है. इन उपायों में युवा सशक्तिकरण संबंधी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है. युवा क्लबों के कार्यक्रमों और गतिविधियों का कार्यान्वयन स्थानीय जरूरतों पर आधारित होता है, जिनके लिए विभिन्न सरकारी विभागों और अन्य एजेसियों से संसाधन जुटाए जाते हैं. इन एजेंसियों में राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय और बहुपक्षीय संस्थान शामिल हैं. युवा क्लब और उनके स्वयंसेवी सदस्य नेहरू युवा केंद्र संगठन के विस्तृत राष्ट्रीय ग्रामीण नेटवर्क का आधार तैयार करते हैं.

नेहरू युवा केंद्र संगठन की गतिविधियों में जिन विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, उनमें साक्षरता और शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, सफाई और स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, कौशल विकास और स्वरोज़गार, उद्यमिता विकास, नागरिक शिक्षा और आपदा राहत तथा पुनर्वास शामिल हैं.

नेहरू युवा केंद्र संगठन के उद्देश्य दो तरफा हैं:-

*ग्रामीण युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में शामिल करना.

*उनमें ऐसा कौशल और मूल्य विकसित करना, जिनसे वे आधुनिक, धर्म निरपेक्ष और प्रौद्योगिकी विषयक राष्ट्र के जिम्मेदार और उत्पादक नागरिक बन सकें.

प्रशासनिक ढांचा

नेहरू युवा केंद्र संगठन विभाग के अधीन एक स्वायत्त संगठन है. यह समिति पंजीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत एक पंजीकृत समिति है. इस संगठन का एक निदेशक मंडल होता है. निदेशक मंडल की अध्यक्षता युवा मामले और खेल मंत्री द्वारा की जाती है. नेहरू युवा केंद्र संगठन का महानिदेशक सदस्य सचिव के रूप में काम करता है. निदेशक मंडल में सम्बद्ध क्षेत्रों से आधिकारिक और गैर-आधिकारिक सदस्य शामिल होते हैं. नेहरू युवा केंद्र संगठन का महानिदेशक संगठन के मुक्त कार्यकारी अधिकारी के रूप में काम करता है.

नेहरू युवा केंद्र संगठन की गतिविधियां प्रत्येक जिले में एक जिला युवा समन्वयक (जो जिले में नेहरू युवा केंद्र का प्रभारी होता है) और प्रत्येक ब्लॉक में दो राष्ट्रीय युवा स्वयं सेवकों द्वारा संचालित की जाती हैं. नेहरू युवा केंद्र संगठन के 623 जिला अधिकारी हैं. जिला स्तर पर कार्य प्रणाली के संचालन और निगरानी के लिए, नेहरू युवा केंद्र संगठन के सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में 29 राज्य कार्यालय हैं और इसका राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली में है. उपरोक्त के अतिरिक्त जिला और राज्य स्तरीय सलाहकार समितियां भी होती हैं, जिनमें आधिकारिक और गैर-आधिकारिक सदस्य होते हैं, जो नेहरू युवा केंद्र संगठन को वांछित तरीके से अपनी गतिविधियों के संचालन के बारे में परामर्श देते हैं. जिला स्तर पर सलाहकार समिति का अध्यक्ष जिला कलेक्टर अथवा जिले का उपायुक्त होता है और राज्य स्तर पर सलाहकार समिति की अध्यक्षता युवा मामलों के प्रभारी मंत्री द्वारा की जाती है.

नेहरू युवा केंद्र संगठन के कार्यक्रम/ गतिविधियां

संगठन के कार्यक्रमों/गतिविधियों को मोटे तौर पर निम्नांकित श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है:-

*नेहरू युवा केंद्र संगठन द्वारा स्वयं के बजटीय संसाधनों (जो विभाग द्वारा ब्लॉक अनुदान के रूप में जारी किए जाते हैं) से कार्यान्वित बुनियादी कार्यक्रम.

*एनपीवाईएडी (राष्ट्रीय युवा और किशोर विकास कार्यक्रम) द्वारा वित्त पोषित कार्यक्रमों का आयोजन.

*अन्य मंत्रालयों/संगठनों के सहयोग से/द्वारा वित्त पोषित कार्यक्रमों का आयोजन.

*विभिन्न विकास विभागों/एजेंसियों के समन्वय से संचालित कार्यक्रम/ गतिविधियां.

नेहरू युवा केंद्र संगठन द्वारा कार्यान्वित बुनियादी कार्यक्रम

*युवा क्लब विकास कार्यक्रम: पांच दिन के इस कार्यक्रम का लक्ष्य युवा क्लबों के वर्तमान नेटवर्क को मजबूत बनाना और समाज के सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व के साथ नए युवा क्लबों की स्थापना.

*युवा नेतृत्व और सामुदायिक विकास प्रशिक्षण: तीन दिन चलने वाले इस आवासीय कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं की नेतृत्व क्षमता में बढ़ोतरी करना और राष्ट्र निर्माण की दिशा में योगदान करते हुए अन्य लोगों को सार्थक जीवन जीने में मदद देने की इनकी क्षमता विकसित करना है. इस दौरान सुदृढ़ चारित्रिक गुणों, आत्म अनुशासन, निष्ठा, रचनात्मक दृष्टिकोण, राष्ट्र के प्रति समर्पण और राष्ट्र निर्माण के लिए सुदृढ़ इच्छा का प्रसार जैसी  विशेषताओं के समावेश पर विशेष ध्यान दिया जाता है. इसके अतिरिक्त  प्रतिबद्ध, प्रेरित और प्रशिक्षित युवा नेताओं का एक काडर विकसित करने पर बल दिया जाता है, जो राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में शामिल होने के इच्छुक हों.

*खेलों को प्रोत्साहन: इस कार्यक्रम के तीन घटक हैं, जिनमें युवा क्लबों को खेलों संबंधी सामग्री प्रदान करना और ब्लॉक और जिला स्तर पर खेल प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन करना शामिल है. कार्यक्रम का लक्ष्य ग्रामीण युवाओं में खेल संस्कृति और खेल भावना विकसित करना है, ताकि वे खेलों को जीवन की एक शैली के रूप में अपनाएं.

*बुनियादी व्यावसायिक और सॉफ्ट स्किल्स में प्रशिक्षण: इस कार्यक्रम का लक्ष्य ग्रामीण युवाओं के व्यावसायिक कौशल को उन्नत बनाना और समाज में उनकी आत्मसम्मान की भावना को बढ़ावा देना है ताकि वे रोज़मर्रा की जिंदगी से संबंधित मुद्दों और चिंताओं का समाधान कर सकें. इसके अंतर्गत युवाओं को रोज़गार और आय सृजन के स्वयं के कार्यक्रमों के लिए प्रेरित भी किया जाता है और उन्हें ऐसे व्यवसायों का नया कौशल प्रदान किया जाता है, जिनकी बाजार में मांग निरंतर बढ़ रही है.

*जिला स्तर पर कला और संस्कृति का संवर्धन: इस कार्यक्रम का लक्ष्य ग्रामीण युवाओं को उनकी लोक कला एवं संस्कृति संबंधी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और उसे संरक्षित एवं संवद्र्धित करने की सुविधाएं प्रदान करना है. इससे ग्रामीण युवाओं को एक अवसर और मंच भी उपलब्ध होता है, ताकि वे अपनी कला एवं संस्कृति को अभिव्यक्त कर सकें और भावी कौशल उन्नयन के लिए प्रेरित हो सकें.

*राष्ट्रीय महत्व के दिवसों, राष्ट्रीय युवा दिवस और सप्ताह का आयोजन: इस कार्यक्रम का लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के खास दिनों और महत्वपूर्ण मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है.

*जिला युवा सम्मेलन: नेहरू युवा केंद्र संगठनों की जिला इकाइयों द्वारा  हर वर्ष जिला युवा सम्मेलन आयोजित किया जाता है. इस कार्यक्रम का लक्ष्य युवा नेताओं को ऐसा अवसर और मंच प्रदान करना है, जिससे वे युवा सशक्तिकरण कार्यक्रम से संबंधित सर्वोत्कृष्ट पद्धतियों के बारे में अपने विचार और अनुभव साझा कर सकें.

*महात्मा गांधी युवा स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान कार्यक्रम: इस कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं में स्वच्छता और जल संरक्षण के महत्व की आवश्यकता के बारे में जागरूकता पैदा करना है.

*युवा आदर्श ग्राम विकास कार्यक्रम: इस कार्यक्रम का उद्देश्य चुने हुए जिलों में युवाओं द्वारा युवाओं के लिए एक नोडल गांव के रूप में आदर्श ग्राम विकसित करना है. इसके लिए गांवों को खुले में शौच जाने से मुक्त करने, शत-प्रतिशत टीकाकरण, प्राथमिक स्कूल में बच्चों के शत-प्रतिशत दाखिले, सफाई, निवारक स्वास्थ्य देखभाल, अन्य गतिविधियों के अलावा सरकारी प्रमुख कार्यक्रमों को लोकप्रिय बनाने पर बल दिया जाता है.

*जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर विशिष्ट कार्य करने वाले युवा क्लबों को पुरस्कृत करना: इस कार्यक्रम का लक्ष्य युवा क्लबों द्वारा प्रदान की गई स्वयंसेवी सेवाओं को सम्मानित करना और साथ ही समुदाय कल्याण और राष्ट्र निर्माण गतिविधियां शुरू करने के लिए उन्हें प्रेरित करना है.

*रचनात्मकता के बारे में जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम: इस कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को सेवा भाव और रचनात्मक मानसिकता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे भारत को नए प्रगतिशील भारत के रूप में रूपांतरित करने के लिए काम कर सकें. इसमें उन्हें निष्काम कर्म और रोज़मर्रा की जिंदगी में रचनात्मकता और भाईचारे के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने और एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए काम करने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है.

*संकल्प से सिद्ध - नए भारत के लिए युवा सशक्तिकरण कार्यक्रम: इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के जरिए युवाओं को जागरूक बनाना और उन्हें प्रेरित करना है, ताकि वे स्वच्छ भारत, गरीबी मुक्त भारत, भ्रष्टाचार मुक्त भारत, आतंकवाद मुक्त, सांप्रदायिकता से मुक्त और जातिवाद से मुक्त भारत के निर्माण की प्रक्रिया में अपना योगदान कर सकें.

*विषयपरक जागरूकता और शिक्षा अभियान (कश्मीर घाटी के 6 जिलों और राजस्थान के 5 चुने हुए जिलों सहित 102 महत्वाकांक्षी जिलों के लिए): इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं की क्षमताओं में बढ़ोतरी करना है ताकि वे अपने जीवन को रोज़मर्रा प्रभावित करने वाले मुद्दों और सरोकारों का समाधान कर सकें. इस अभियान के दौरान कवर किए जाने वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संरक्षण तथा सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों का कार्यान्वयन शामिल है.

उपरोक्त कार्यक्रमों के अलावा नेहरू युवा केंद्र संगठन राष्ट्र निर्माण के बारे में एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता प्रतिस्पर्धा भी आयोजित करता है. इस प्रतियोगिता का लक्ष्य युवाओं में राष्ट्रवाद और राष्ट्र भक्ति की भावनाएं भरना और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना है. इसके अंतर्गत नेतृत्व के गुणों और अभिव्यक्ति कौशल में निपुण युवाओं की पहचान करने और उन्हें विकसित एवं सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है ताकि वे सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों को लोकप्रिय बनाने में प्रमुख भूमिका अदा कर सकें.

एनपीवाईएडी (राष्ट्रीय युवा और किशोर विकास कार्यक्रम) से वित्त पोषित कार्यक्रम का आयोजन

नेहरू युवा केंद्र संगठन राष्ट्रीय युवा और किशोर विकास कार्यक्रम के सहयोग से निम्नांकित कार्यक्रमों का संचालन करता है:

*राष्ट्रीय एकता शिविरों का आयोजन: इस कार्यक्रम का लक्ष्य देश के विभिन्न भागों के युवाओं को एक साझा मंच पर एकत्र करते हुए उनमें राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रोत्साहित करना, उन्हें देश की सांस्कृतिक धरोहर को समझने के अवसर प्रदान करना और सभी भारतीयों को एकजुट करने वाले विविधता में एकता के सूत्र को समझने में उनकी मदद करना है.

*युवा नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम: इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा नेताओं को प्रशिक्षित करना और ग्राम तथा युवा क्लबों के लिए दायित्व निवर्हन करने में सक्षम बनाने के लिए उनमें आवश्यक गुणों का समावेश करना है, ताकि वे गांवों के सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक व सांस्कृतिक विकास में प्रेरक भूमिका अदा कर सकें.

*किशोरों के लिए जीवन कौशल प्रशिक्षण: इस कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरों में ऐसा व्यवहार विकसित करना है, जो उन्हें स्वस्थ विकल्पों के चयन में सक्षम बना सके. इसके अंतर्गत युवाओं के ऐसे जीवन कौशलों को सुदृढ़ किया जाता है, जो उन्हें जीवन में जोखिमपूर्ण स्थितियों से निपटने में सक्षम बना सकें.

*साहसिक शिविर: इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में साहसिक भावना और जोखिम उठाने की क्षमता को प्रेरित करना है, ताकि उनमें प्राकृतिक आपदाओं और अन्य जोखिमों के दौरान स्थितियों से निपटने की क्षमता पैदा की जा सके. इसके अंतर्गत युवाओं में पारिस्थिति की और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की समझ पैदा करने के लिए उपाय किए जाते हैं.

अन्य मंत्रालयों/संगठनों के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम

नेहरू युवा केंद्र संगठन अन्य मंत्रालयों और संगठनों के साथ मिल कर युवाओं के समग्र विकास के लिए कार्यक्रमों का संचालन भी करता है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम जो हर वर्ष गृह मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जाता है, जनजातीय युवा विनिमय कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य सात राज्यों के चुने हुए 30 जिलों के जनजातीय युवाओं को अवसर प्रदान करना है, ताकि वे देश के दस अलग अलग स्थानों के सांस्कृतिक लोकाचार, भाषा, सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को दर्शाने वाली जीवन शैलियां, विविधता में एकता की राष्ट्रीय जीवन शैली को समझ सकें. जनजातीय युवाओं को देश के विभिन्न राज्यों में प्रौद्योगिकी और औद्योगिक तरक्की की भी जानकारी दी जाती है. इसमें विभिन्न विकास गतिविधियों, कौशल विकास, शैक्षिक और रोज़गार के उपलब्ध अवसरों के बारे में जनजातीय युवाओं को जागरूक बनाया जाता है ताकि उन्हें समृद्ध परम्परागत और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक बनाया जा सके और भावी पीढिय़ों के लिए उन्हें संरक्षित करने की भावना उनमें पैदा की जा सके. देश के अन्य भागों में सहयोगी समूहों के साथ भावात्मक एकता विकसित करने में जनजातीय युवाओं की मदद करने में उनका आत्मसम्मान बढ़ाने के लिए उन्हें माननीय भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य स्थानीय समुदायों, पंचायती राज संस्थानों और नेहरू युवा केंद्र संगठन, युवा क्लबों से जुड़े युवाओं से मुलाकात के अवसर दिए जाते हैं ताकि वे विकास से संबंधित मुद्दों को समझ सकें और विकास की प्रक्रिया में भागीदारी के लिए प्रेरित हो सकें. जनजातीय युवाओं के व्यक्तित्व का विकास करने के लिए 10 बुनियादी जीवन कौशलों, कौशल विकास उन्मुखी उनकी प्रशिक्षण जरूरतों की पहचान करने और रोज़गार सक्षम कौशलों के जरिए उनकी वैध व्यावसायिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भारत सरकार और राज्य सरकार के कार्यक्रम उन्हें अपेक्षित मार्गदर्शन और व्यवसाय परामर्श प्रदान करते हैं, ताकि उन्हें उद्योग और कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त हो सके. इससे जनजातीय युवाओं में रोज़गार के प्रावधान को बल मिलता है और जनजातियों के लिए केंद्र तथा राज्य से संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की जाती है.

विकास विभाग/एजेंसियों के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम

नेहरू युवा केंद्र संगठन विभिन्न विकास विभागों/एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित करता है. इनमें जिलों और ब्लॉकों की स्थानीय जरूरतों पर ध्यान दिया जाता है. इसके अंतर्गत अन्य गतिविधियों के अलावा आयोजित कुछ कार्यक्रमों में युवा क्लबों को कौशल विकास प्रशिक्षण से जोडऩा, सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों के अंतर्गत लाभ उठाने के लिए ग्रामीण आबादी को सुविधाएं प्रदान करना, नए जल निकायों का निर्माण, वर्तमान जल निकायों के रख-रखाव/मरम्मत और सुधार कार्य, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियानों का आयोजन, रक्तदान शिविरों, महिला सशक्तिकरण गतिविधियों का आयोजन शामिल है.

किसी भी राष्ट्र के मानव संसाधन, विशेष रूप से युवा आबादी के संसाधन राष्ट्र को एक पहचान प्रदान करते हैं और उसे वैश्विक मानचित्र पर प्रतिष्ठित करते हैं. अत: युवाओं को नेहरू युवा केंद्र संगठन जैसे युवा संगठनों की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए, ताकि वे अपने को बृहत्त समाज के लिए सार्थक जीवन हेतु आवश्यक ज्ञान और कौशल हासिल कर सकें.