विशेष लेख


volume-41,12-18 January 2019

 

पीसीएम के छात्र बारहवीं के बाद

सर्वश्रेष्ठ पाठ्यक्रम का चयन कैसे करें

रुचि श्रीमाली

जल्दी ही छात्र अपनी बारहवीं क्लास की परीक्षा देने वाले हैं. पीसीएम (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) स्ट्रीम (विषयों) के कई छात्र जिन्होंने विज्ञान (साइंस) का विषय लिया है, इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा (जैसे जेईई परीक्षा या बीआईटीएसटी) देंगे, जबकि अधिकांश छात्र जिनके पास पीसीबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) विषय के रूप में है, मेडिकल की प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) देंगे. लेकिन ऐसे कई छात्र हैं जो इन दो इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के दायरे से बाहर हैं या सिर्फ एक अलग कॅरिअर बनाने की कोशिश करना चाहते हैं.

अगर आपके पास भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित (पीसीएम) स्ट्रीम है तो इस लेख के जरिए आप विभिन्न पाठ्यक्रमों के बारे में जान सकेंगे जिन्हें आप बारहवीं क्लास के बाद कर सकते हैं और निम्नलिखित संभावित क्षेत्रों में कॅरिअर बनाकर आगे बढ़ सकते हैं:

बी.टेक. (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी) या बी.ई. (बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग)

जेईई की मुख्य (मेन) परीक्षा 31 एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान), 23 आईआईआईटी (भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान), 23 सीएफटीआई (केंद्र द्वारा वित्तपोषित तकनीकी संस्थान) और परीक्षा में हिस्सा लेने वाले कई अन्य संस्थानों का प्रवेश द्वार है. आप जेईई की एडवांस परीक्षा में उत्तीर्ण होकर भारत के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों-आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों) में प्रवेश पा सकते हैं.

भारत में कुछ अन्य इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाएं जो पीसीएम के छात्र बी.टेक. में प्रवेश पाने के लिए दे सकते हैं:

·         एएमयूईईई (अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा)

·          बीआईटीएसटी (बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस के लिए प्रवेश परीक्षा)

·         सीओएमईटीके यूजीईटी (कर्नाटक के कंसोर्टियम ऑफ मेडिकल इंजीनियरिंग, और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए स्नातक प्रवेश परीक्षा)

·         आईपीयू सीईटी (गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा),

·         केआईआईटीईई (कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी के लिए प्रवेश परीक्षा)

·         एमईटी (मेट) (मनीपाल प्रवेश परीक्षा जो पहले मनीपाल विश्वविद्यालय की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा (एमयू ओईटी) के रूप में जाना जाता था)

·         एसईटी (सेट) (सिम्बायोसिस एंट्रेंस टेस्ट)

·         एसआरएमजेईई (एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के लिए इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा), और

·         वीआईटीईईई (वीआईटी विश्वविद्यालय की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा).

बी.ई. या बी.टेक. की डिग्री प्राप्त करने के बाद छात्र एक सरकारी ठेकेदार (उदाहरण के लिए, सिविल या इलेक्ट्रिकल इंजीनियर) बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं, एमबीए का विकल्प चुन सकते हैं और प्रबंधन में जा सकते हैं. किसी प्रतिष्ठित भारतीय कॉलेज या विदेश के विश्वविद्यालय से एम.टेक., एम.ई. या एम.एस. कर सकते हैं और एक इंजीनियर के रूप में काम कर सकते या फिर किसी इंजीनियरिंग कॉलेज में अध्यापन का काम भी कर सकते हैं, एक आईएएस अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी परीक्षा दे सकते हैं, (या अन्य प्रशासनिक परीक्षाओं को दे सकते हैं), या आईईएस (भारतीय इंजीनियरिंग सेवा) परीक्षा देकर रेलवे या सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में काम करें.

यदि आप नौसेना (मर्चेंट नेवी) में नौकरी करना चाहते हैं, तो आप मरीन इंजीनियरिंग में बी.ई. या बी.टेक. कर समुद्र विषय से जुड़े पाठ्यक्रमों का विकल्प चुन सकते हैं. अपनी डिग्री पूरी करने के बाद, नौसेना के जहाज में मरीन इंजीनियर के रूप में काम करने से पहले आपको एक वर्ष का ग्रेजुएट मरीन इंजीनियरिंग (जीएमई) का कोर्स करना होगा.

भारतीय सेना में तकनीकी प्रवेश

बारहवीं के तुरंत बाद भारतीय सेना में स्थायी कमीशन के लिए 16 साल 6 महीने और 19 साल 6 महीने के बीच के अविवाहित पुरुष उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आपको बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में कम से कम 70त्न कुल अंक चाहिएं. चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह 21,000 रुपये का वजीफा और 4 साल का प्रशिक्षण दिया जाता है. 3 साल पूरे होने के बाद, उम्मीदवार एनडीए में जा सकते हैं, जबकि 4 साल पूरे होने पर, वे सीधे लेफ्टिनेंट के पद पर सेना में जा सकते हैं.

जॉइन इंडियन आर्मी की वेबसाइट के माध्यम से योग्य उम्मीदवार सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी-स्स्क्च) साक्षात्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं. साक्षात्कार पांच दिनों के लिए आयोजित किया जाता है जो इस प्रकार है:

दिन 1: स्टेज 1 स्क्रीनिंग टेस्ट (इंटेलिजेंस (बुद्धिमत्ता) टेस्ट) - इसमें इंटेलिजेंस टेस्ट शामिल होता है जो उम्मीदवार की तार्किक या विश्लेषणात्मक योग्यता की जांच करता है और साथ ही पिक्चर परसेप्शन (चित्र परीक्षण) और डिस्कशन टेस्ट (विचार-विमर्श परीक्षण) भी होता है जो यह जांचता है कि आप कैसे एक तस्वीर का वर्णन करते हैं, भाषा का आपको कितना ज्ञान है, और विचार-विमर्श और कार्यों के दौरान आपक समग्र प्रदर्शन कैसा रहा.

जो स्टेज 1 पास कर लेते हैं, उन्हें स्टेज 2 परीक्षा देनी होती है.

दिन 2: स्टेज 2 मनोवैज्ञानिक परीक्षण- इसमें विभिन्न मनोवैज्ञानिक परीक्षण, समूह कार्य और व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल होते हैं. इस चरण में सफल होने  के लिए आपसे पास अधिकारी की तरह 15 योग्यताएं (ओएलक्यू) होने की अपेक्षा की जाएगी.

दिन 2 से 4: स्टेज 2 साक्षात्कार- साक्षात्कार अधिकारी सशस्त्र बलों का एक वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी होता है और यह जानने की कोशिश करता है कि आप एक सेना अधिकारी के जीवन के लिए उपयुक्त हैं या नहीं. इस साक्षात्कार में झूठ बोलना और झूठे बहाने आपके विरुद्ध जा सकते हैं. ईमानदारी बरतें. आपका सामान्य ज्ञान और अपनी क्षमताओं के बारे में आपकी जागरूकता इस चरण में सफल होने की एक बहुत बड़ी योग्यता साबित होती है.

दिन 3 और 4: स्टेज 2 ग्राउंड टेस्टिंग अफसर (जीटीओ) टेस्ट - इसमें दो ग्रुप डिस्कशन, (सामूहिक विचार-विमर्श), ग्रुप प्लानिंग एक्सरसाइज (सामूहिक विचार-विमर्श कार्य-जीपीई) शामिल हैं (जहां समूह के सदस्यों को दी गई समस्या का समाधान ढूंढना होता है), ग्रुप आब्सटेकल रेस (सामूहिक बाधा दौड़), प्रोग्रेसिव ग्रुप टास्क (पीजीटी), (जहां समूह को रस्सियों या तख्तों की मदद से बाधाओं को दूर करना होता है), हाफ ग्रुप टास्क (जिसमें एक समूह को दो में विभाजित किया जाता है और फिर कार्यों को पूरा करना होता है), व्याख्यान (जिसमें उम्मीदवारों को 3 मिनट के लिए एक विषय पर बोलेना होता है), कमांड टास्क (जहां एक उम्मीदवार को अपने समूह से दो अधीनस्थों को अपने दम पर एक छोटी बाधा से बाहर लाना होता है), व्यक्तिगत बाधा (जिसमें एक व्यक्ति को 3 मिनट के अंतराल में दस बाधाओं को पार करना होता है), और अंतिम समूह कार्य (जो पीजीटी के समान है, लेकिन केवल 5-10 मिनट का ही होता है).

दिन 5: स्टेज 2 सम्मेलन - इस चरण के दौरान, सभी बोर्ड के सदस्य और तीन मूल्यांकनकर्ता, उम्मीदवार के व्यक्तिगत आकलन और उसकी ताकत और कमजोरियों के परिणामों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए मिलते हैं. उच्चतम बुद्धिमत्ता अंक पाने वाले उम्मीदवारों को यहां अतिरिक्त लाभ मिलता है. इस दिन परिणामों को तय किया जाता है और उम्मीदवारों को उसके बारे में सूचित किया जाता है.

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए)

यदि आप भारतीय सेना, नौसेना या वायु सेना में जाने में रुचि रखते हैं, तो बारहवीं के बाद सीधा ऐसा कर सकते हैं. पुणे के पास स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, संयुक्त सेवा अकादमी है जहां तीनों सेवाओं के उम्मीदवार अपने संबंधित अकादमियों में और प्रशिक्षण लेने जाने से पहले एक साथ प्रशिक्षण लेते हैं.

एनडीए में शामिल होने के लिए, आपको इसकी प्रवेश परीक्षा देनी होगी जो संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), नई दिल्ली द्वारा वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है. केवल साढ़े 16 से साढ़े 19 वर्ष के बीच के अविवाहित उम्मीदवार ही इसकी परीक्षा दे सकते हैं. परीक्षा में दो पेपर होते हैं:

·         पेपर 1: गणित (300 अंकों के लिए), और

·         पेपर 2: जनरल एबिलिटी टेस्ट - सामान्य योग्यता परीक्षण-(जिसमें दो भाग होते हैं: 200 अंकों की अंग्रेजी और 400 अंकों का सामान्य ज्ञान)

परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न होते हैं और इसकी अवधि 3 घंटे या 180  मिनट होती है.

यदि आप लिखित परीक्षा पास कर लेते हैं, तो आपको सेवा चयन बोर्ड (एसएस बी-सर्विसेस सेलेक्शन बोर्ड) या वायु सेना चयन बोर्ड (एएफएसबी- एयरफोर्स सेलेक्शन बोर्ड) के साक्षात्कार के लिए उपस्थित होना होगा. एनडीए के लिए एसएसबी साक्षात्कार प्रक्रिया वही है जो भारतीय सेना में तकनीकी प्रवेश के लिए ऊपर बताई गई है.

5 दिवसीय एसएसबी या एएफएसबी साक्षात्कार प्रक्रिया में सफल होने के बाद  चिकित्सा परीक्षा से गुजरना होगा और तभी नौकरी के लिए उपयुक्त घोषित किया जाएगा.

बी.आर्क (बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर)

एनआईटी और केंद्रीय वित्तपोषित सरकारी संस्थानों द्वारा प्रदान किए जाने वाले स्नातक आर्किटेक्चर (वास्तुकला) पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए आप जेईई मेन्स पेपर 2 की परीक्षा दे सकते हैं. आईआईटी के बी.आर्क. पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए, आपको जी मेन्स  पेपर 1 परीक्षा देने की आवश्यकता है, जी एडवांस परीक्षा को पास करने और फिर आईआईटी के लिए एएटी ्र्रञ्ज- (आर्किटेक्चर एप्टीट्यूड टेस्ट) लिखना होता है.

आर्किटेक्चर (वास्तुकला) में नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट (एनएटीए हृ्रञ्ज्र) भारत में निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में किया जाता है जो वास्तुकला पाठ्यक्रमों के लिए आपके लिए प्रवेश द्वार खोलता है. कई राज्य विश्वविद्यालय और निजी विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाएं होती हैं जो आप पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए दे सकते हैं (जैसे कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की बी.आर्क परीक्षा, और कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (केईए)  द्वारा संचालित वास्तुकला के लिए केसीईटी परीक्षा).

5 वर्षीय बी.आर्क का कोर्स पूरा करने के बाद, यदि आप रुचि रखते हैं, तो इंटीरियर डिजाइनिंग या लैंडस्केप डिजाइनिंग में डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं.

बी.प्लान (क्च.क्कद्यड्डठ्ठ बैचलर ऑफ प्लानिंग)

·         पीसीएम स्ट्रीम में कम से कम 50 प्रतिशत अंक पाने वाले छात्र 4 वर्षीय बैचलर ऑफ प्लानिंग कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए आपको कुछ परीक्षाएं देनी होंगी:

·         जेईई मेन पेपर 2 परीक्षा

·          एनएटीए (नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्चर)

·          जीयूईई (जादवपुर विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा)

·          यूपीएसईई (उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा)

·          टीएनसीटी (तमिलनाडु कॉमन एंट्रेंस टेस्ट)

कुछ शीर्ष संस्थानों जैसे नई दिल्ली में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), सुशांत स्कूल ऑफ आर्ट एंड आर्किटेक्चर (एसएसएए) गुडग़ांव,  भोपाल में मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएएनआईटी MANIT), और लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय (एलपीयू), जालंधर, से इस कोर्स को किया जा सकता है.

इस कोर्स को पूरा करने के बाद आप अर्बन प्लानर, डिज़ाइन आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिज़ाइनर और प्रोजेक्ट प्लानर के रूप में कॅरिअर बना सकते हैं.

बी.डिज. (बैचलर ऑफ डिजाइन)

यदि आप फैशन डिजाइनिंग, प्रोडक्ट डिजाइनिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग या टेक्सटाइल डिजाइनिंग में रुचि रखते हैं, तो आप इस कोर्स को कर सकते हैं. विभिन्न कॉलेजों में यह 3 या 4 साल के लिए उपलब्ध है. कुछ शीर्ष कॉलेज जहां से आप बैचलर ऑफ डिजाइनिंग कर सकते हैं:

आईआईटी

आईआईटी मुंबई, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटीडीएम जबलपुर और आईईटी हैदराबाद के बी.डिज. पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए यूसीईईडी (अंडर ग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिज़ाइन) देना पड़ता है.

यूसीईईडी एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा होती है और इसमें एक प्रश्नपत्र होता है जिसकी अवधि तीन घंटे की होती है. इसके तीन खंड हैं:

·          संख्यात्मक उत्तर प्रकार (हNAT) प्रश्न

·          एकाधिक चयन प्रश्न (MSQ) जहां प्रत्येक प्रश्न में दिए गए चार विकल्पों में से एक या अधिक सही उत्तर हो सकते हैं.

·          बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) जहां प्रत्येक प्रश्न में दिए गए चार विकल्पों में से केवल एक सही उत्तर होता है.

आईआईटी के अलावा, कई अन्य संस्थानों में यूसीईईडी अंक को मान्यता देते हैं, वे हैं   निरमा विश्वविद्यालय, अहमदाबाद,  वीआईटी विश्वविद्यालय, वेल्लोर; यूपीईएस, देहरादून; लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा, पंजाब; दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, दिल्ली; आर्क  कॉलेज ऑफ डिजाइन एंड बिजनेस, जयपुर; और यू.पी. इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, नोएडा.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद

एनआईडी अहमदाबाद की चयन प्रक्रिया के तीन चरण हैं:

पहला चरण डिजाइन एप्टीट्यूड टेस्ट (डीएटी) है जो 100 अंकों का होता है और जो  ऑफलाइन लिखित परीक्षा है. पेपर की अवधि 3 घंटे की होती है, जिसके दौरान छात्रों को 64 एमसीक्यू और 3 सब्जेक्टिव प्रश्नों को हल करना होता है. इस परीक्षा को पास करने वालों को चयन प्रक्रिया के दूसरे चरण के लिए बुलाया जाता है.

दूसरा चरण एक स्टूडियो टेस्ट है जो 100 अंकों का होता है. इसमें ड्राइंग या स्केचिंग, हस्तकला मॉडलिंग, समूह चर्चा और प्रस्तुतियां शामिल होती हैं. इस परीक्षा के कुछ महत्वपूर्ण पहलू हैं थ्रीडी  मॉडलिंग, पोर्टफोलियो तैयार करना, ऑब्जर्वेशन टेस्ट, मैटेरियल मैनिपुलेशन और क्रिएटिव थिंकिंग. यदि आप स्टूडियो टेस्ट पास कर लेते हैं, तो आपको तुरंत इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा.

तीसरा चरण या साक्षात्कार उसी केंद्र में होता है. यह एनआईडी चयन प्रक्रिया का अंतिम दौर है.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी

निफ्ट प्रवेश परीक्षा तीन भागों में संचालित की जाती है. छात्रों को सबसे पहले 3 घंटे लंबे क्रिएटिव एबिलिटी टेस्ट (कैट ष्ट्रञ्ज) देना होता है और  उसके बाद 2 घंटे की सामान्य योग्यता परीक्षा (जनरल एबिलिटी टेस्ट (त्र्रञ्ज). बी.डिज. कोर्स के लिए अंतिम चरण एक सिचुएशन टेस्ट होता है.

निफ्ट का मुख्यालय दिल्ली में है, लेकिन भारत भर में इसके कई केंद्र हैं, जिनमें बेंगलुरु, भोपाल, भुवनेश्वर, चेन्नै, गांधीनगर, हैदराबाद, जोधपुर, कांगड़ा, कन्नूर, कोलकाता, मुंबई, पटना, रायबरेली, शिलांग और श्रीनगर शामिल हैं.

इसके अलावा, कई अन्य प्रतिष्ठित संस्थान हैं जो यह पाठ्यक्रम कराते हैं,  जैसे सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, पुणे; और पर्ल अकेडमी ऑफ फैशन मैनेजमेंट, जयपुर.

बी.एस.सी. (विज्ञान स्नातक) या बी.सी.ए. (कंप्यूटर अनुप्रयोग (एप्लीकेशन) में स्नातक)

आप बीसीए या बीसीएस (बैचलर ऑफ कंप्यूटर साइंस) पाठ्यक्रम का विकल्प चुन सकते हैं, जिसके बाद एमसीए या एमसीएस किया जा सकता है. ये पाठ्यक्रम सॉफ्टवेयर विकास, प्रोग्रामिंग, नेटवर्क प्रशासन, हार्डवेयर विकास या आईटीईएस (सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएं) के क्षेत्र में कॅरिअर खोलते हैं. बैंक और सरकारी विभाग समय-समय पर एमसीएस या एमसीए डिग्री वाले उम्मीदवारों के लिए नौकरियों का विज्ञापन देते हैं.

इसके अलावा, शिक्षा क्षेत्र और कई निजी कंपनियां भी विभिन्न स्तरों पर सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और आईटी विशेषज्ञों को रखती हैं.

बी.एससी पाठ्यक्रम आपके लिए कई प्रकार के रोज़गार के विकल्प खोलते हैं. आप बाद में एम.एससी कर सकते हैं, नेट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा दे सकते हैं और लेक्चरर बन सकते हैं. आप अंतरराष्ट्रीय शिक्षण नौकरियों के लिए बुनियादी शिक्षक प्रशिक्षण भी कर सकते हैं.

शिक्षण के अलावा बहुत कुछ है जो आप विज्ञान में स्नातक के रूप में कर सकते हैं. आप भारतीय रेलवे में वाणिज्यिक निरीक्षक/ पर्यवेक्षक, यातायात निरीक्षक/पर्यवेक्षक और टिकट कलेक्टर की स्थिति के लिए आवेदन कर सकते हैं; बैंकिंग क्षेत्र में लिपिक और परिवीक्षाधीन अधिकारी (पीओ) के पद; सिविल सेवा, रक्षा नौकरियां, और अन्य सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियां कर सकते हैं.

क्या आपको कौशल-आधारित प्रशिक्षण की तलाश है?

यदि आपको लगता है कि आपने ग्यारहवीं कक्षा में गलत विषय चुन लिया है और फिल्म निर्माण या टीवी शो प्रोडक्शन या शायद होटल मैनेजमेंट में अपना कॅरिअर बनाना चाहते हैं, तो बहुत देर नहीं हुई है. आप अभी भी एक संबंधित डिग्री कोर्स करने के लिए चुन सकते हैं और अपनी पसंद के कॅरिअर में एक जगह बना सकते हैं.

स्किल इंडिया कार्यक्रम के तहत, सरकार विभिन्न उद्योगों से संबंधित कौशल को रोज़गार में बढ़ाने के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए कई योजनाएं चला रही है. इनमें से सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाएं हैं:

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई-PMKVY)

यह कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की प्रमुख योजना है. आपको अपने घर के पास पीएमकेवाई प्रशिक्षण केंद्र मिल जाएंगे:

http:www.pmkvyofficial.org find-a-training-centre.aspx

आप जो नौकरी करना चाहते हैं या जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, उसके अनुसार आप प्रशिक्षण केंद्र ढूंढ सकते हैं. कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिनके लिए आप इन केंद्रों से प्रशिक्षण ले सकते हैं उनमें कृषि, परिधान, मोटर वाहन, सौंदर्य और कल्याण, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर, खाद्य प्रसंस्करण, खुदरा, बिजली, दूरसंचार आदि शामिल हैं.

उड़ान

यह जम्मू और कश्मीर के युवाओं के लिए एक विशेष उद्योग पहल (एसआईआई-स्ढ्ढढ्ढ) है. यह गृह मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी-हृस्ष्ठष्ट) द्वारा कार्यान्वित की जाती है. यदि आप जम्मू-कश्मीर से हैं,  तो आप तीन से छह महीने के लिए अपना 3 साल का डिप्लोमा या डिग्री प्रोग्राम पूरा करने के बाद उड़ान योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं और नौकरी के अच्छे अवसर प्राप्त कर सकते हैं.

प्रशिक्षण अवधि के दौरान रहने व खाने की सुविधाएं उड़ान कॉर्पोरेट द्वारा प्रदान की जाती हैं. एक तरफ़ा यात्रा की लागत भी प्रतिपूर्ति की जाती है. जो लोग प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए चुने जाते हैं, उन्हें कार्यक्रम की अवधि के लिए एक वजीफा मिलता है.

अंतर्राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण

एनएसडीसी द्वारा स्थापित भारत अंतर्राष्ट्रीय कौशल केंद्र (ढ्ढढ्ढस्ष्टह्य) विश्व स्तरीय कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन कोर्स उपलब्ध कराता है. यदि आप विदेश जाना चाहते हैं, तो ये कोर्स  आपको विदेशी नौकरियों के लिए तैयार करने में मदद कर सकते हैं. विदेश मंत्रालय (एमईए) अपने प्रवासी कौशल विकास योजना (पीकेवीवाई) के तहत प्री-प्रस्थान ओरिएंटेशन ट्रेनिंग (पीडीओटी) भी प्रदान करता है.

एक दिवसीय पीडीओटी कार्यक्रम देश-विशिष्ट अभिविन्यास प्रदान करता है, भाषा कौशल और कुछ डिजिटल साक्षरता मॉड्यूल को परीक्षित करता है. यदि आप किसी अन्य देश में काम करने में रुचि रखते हैं, तो एक बार अपने निकटतम आईआईएससी में जाना एक अच्छा विचार हो सकता है.

कई निजी क्षेत्र के प्रशिक्षण संस्थान और शैक्षणिक संस्थान भी कौशल-आधारित डिप्लोमा या डिग्री प्रोग्राम प्रदान करते हैं जो आपको भविष्य में अच्छा पैसा देने में मदद कर सकते हैं.

कैसे तय करें कि कौन सा कॅरिअर मुझे सबसे अच्छा लगता है?

कई छात्र इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि उन्हें कौन-सा कैरियर चुनना चाहिए. ऐसे में कॅरिअर एप्टीट्यूड टेस्ट लेना आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है. मान लें कि  में आप एक डीआईवाई हैं, (यह अपने आप करें) आपको नीचे लिखना चाहिए:

·          आपकी व्यक्तिगत ताकत

·          आपकी व्यक्तिगत कमजोरी

·          वे गतिविधियां व विषय जो आप करना पसंद करते हैं

·          काम का कैसा माहौल और जीवन शैली आप चाहेंगे

·         आपके दिल के करीब व्यक्तिगत मूल्य

एक बार जब आप यह कर लेते हैं, तो विभिन्न प्रकार के कॅरिअर का अवलोकन करें और देखें कि आपकी सूची में कौन-से बिंदू शामिल हैं. उदाहरण के लिए, यदि आप जेल में पीडि़त ऐसे लोगों के लिए बहुत भावुकता से जिन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है, तो आप वकील बनना चाहते हैं. दूसरी ओर, आप उच्च तकनीक वाले गैजेट और स्मार्टफ़ोन के प्रति आकर्षित होते हैं और आपको इस बात का आश्चर्य होता है कि आखिर वे कैसे काम करते हैं तो आप मोबाइल सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर कोर्स या ऐप डेवलपमेंट कोर्स कर सकते हैं.

भारत में कौन-कौन से कॅरिअर हैं, इसके बारे में गूगल पर हजारों विकल्प मौजूद हैं.

रुचि श्रीमाली एक कॅरिअर कांउलर हैं ईमेल: rruchishrimalli@gmail.com