विशेष लेख


volume-42,19 - 25 January 2019

 

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला, 2019 में प्रकाशन विभाग की भागीदारी

प्रकाशन विभाग, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 5 से 13 जनवरी, 2019 तक प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में भाग लिया. विश्व पुस्तक मेले के उद्घाटन दिवस पर  विभाग द्वारा प्रकाशित सात पुस्तकों का सचिव, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय श्री अमित खरे ने विमोचन किया. पुस्तक पठन के महत्व पर बल देते हुए, श्री अमित खरे, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि यद्यपि इंटरनेट से कोई भी व्यक्ति सूचना प्राप्त कर सकता है, लेकिन सच्चा ज्ञान प्राप्त करने और अपनी समझ को व्यापक बनाने के लिए किसी को भी हमेशा पुस्तकों का सहारा लेना पड़ता है. प्रकाशन विभाग द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य की सराहना  करते हुए उन्होंने कहा कि यह विभाग पूरे देश के अच्छे लेखकों को न केवल अवसर देता है, बल्कि भारतीय साहित्य के विदेश में प्रसार में भी सहायता करता है. श्री खरे ने प्रकाशन विभाग के प्रतिनिधियों एवं उपस्थित लेखकों सहित समारोह में महिलाओं की व्यापक उपस्थिति की प्रशंसा की और कहा कि सही अर्थों में महिला अधिकारिता का प्रतिनिधित्व था. इस अवसर पर डॉ. वर्षा दास, पूर्व निदेशक, राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय, डॉ. रीता रानी पालीवाल, सचिव, सस्ता साहित्य मंडल, डॉ. साधना राउत, महानिदेशक, प्रकाशन विभाग तथा प्रकाशन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित थे.

विमोचित पुस्तकों की सूची निम्नानुसार है:-

बापू के आशीर्वाद: विचारों के महत्व और प्रति दिन के कष्टों से निपटने में उनके संभावित प्रभाव को समर्पित संकलन, पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें महात्मा गांधी के मूल हस्तलिखित विचार और संदेश शामिल हैं.

बौद्ध धर्म के 2500 वर्ष: यह, पिछले 2500 वर्षों में बौद्ध धर्म का संपूर्ण विवरण देती है. 1956 में इसके प्रथम प्रकाशन का प्राक्कथन विश्व प्रसिद्ध दार्शनिक एवं भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन द्वारा लिखा गया था. वर्तमान संस्करण को, भारत की प्रतिष्ठित सीमित पुस्तकों की सूची में शामिल किए जाने के बाद कई दृष्टांतों के साथ प्रकाशित किया गया है. ये सीमित प्रकाशन 'भारत एक परिचयकार्यक्रम के अंतर्गत विदेश मंत्रालय द्वारा विदेश में भारतीय मिशनों एवं पुस्तकालयों हेतु चुने गए हैं.

पोट्रेट ऑफ स्ट्रेंथ: यह पुस्तक कठिनाइयों/बाधाओं में बहादुरी को सलाम करती है. यह पुस्तक दूर-दराज के क्षेत्रों की उन महिलाओं के बारे में है जिनके योगदान को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में सराहा है.

हिंदी स्वदेश में और विदेश में: यह पुस्तक हिंदी भाषा के युग एवं इसके साहित्य के न केवल देश में बल्कि देश के बाहर भी प्रसार के बारे में है. यह पुस्तक शोध वाली विद्वतापूर्ण कृति होने के बावजूद अत्यधिक सरल एवं स्पष्ट भाषा में है.

रंग-बिरंगी कहानियां: एक विलक्षण बाल- पुस्तक.

बादल की सैर: बड़े होते हुए बच्चों को ध्यान में रखते हुए लिखी गई लघु कहानियों का संकलन. ये कहानियां इस तरह लिखी गई हैं कि मुंशी प्रेमचंद की कहानी लेखन शैली को लोक प्रिय बनाया जा सके.

आओ पर्यावरण बचाएं और धरा को स्वर्ग बनाएं: यह पुस्तक विकास की आग से झुलस रहे पर्यावरण की रक्षा करने के बारे में है. सस्ता साहित्य मंडल की सह-प्रकाशन व्यवस्था में प्रकाशित यह पुस्तक प्रकृति के तिरस्कार के दुष्प्रभावों के बारे में है.

विभाग ने विश्व पुस्तक मेले में 10 जनवरी, 2019 को बाल साहित्य एवं इलेक्ट्रॉनिक गजेट्स में फंसे युवा पाठक विषयों पर चर्चा का आयोजन किया. इस चर्चा में पुस्तकों के महत्व और आधुनिक युग के उपकरणों (गजेट्स) में खोए बच्चों पर पुस्तकों के प्रभाव पर प्रकाश डाला गया. इस  चर्चा में उठाया गया एक मुख्य विषय यह था कि प्रौद्योगिकी, कल्पना का एक सीमित समूह प्रस्तुत करके बाल कल्पनाओं को सीमित करती है, किंतु पुस्तकें बच्चों की कल्पनाओं को कई गुना विकास करती हैं. इस समारोह के दौरान प्रकाशन विभाग ने 10 पुस्तकें भी जारी कीं- अंग्रेजी में सरल पंचतंत्र भाग-ढ्ढ, बच्चों के विवेकानंद, बच्चों का महाभारत हिंदी में शेखावटी की लोक संस्कृति, हमारे समय में उपनिषद, हार की खुशी, मां का जन्मदिन, बापू की वाणी, वेद गाथा और बाल महाभारत, सरल पंचतंत्र भाग-ढ्ढ को विश्व भर के बाल-साहित्य में स्थान प्राप्त होने का गर्व है. दो से अधिक सहस्राब्दियों पूर्व मूल रूप से संस्कृत में संकलित में अंत: संबंधित दंत कथाएं दैनिक सामान्य ज्ञान के साथ-साथ राजनीति एवं अभिशासन की मूल बारीकियों की शिक्षा देती है. बच्चों के विवेकानंद, भारत के आध्यात्मिक राजदूत की एक रेखाचित्रमयी जीवनी है, जिसे रोचक एवं आकर्षक शैली में प्रस्तुत किया गया है. यह पुस्तक उनके जीवन के सभी महत्वपूर्ण चरणों को संक्षिप्त रूप में संजोए हुए है.

बाल महाभारत: यह पुस्तक विश्व के एक महान महाकाव्य- महाभारत की कहानी है. जिसे बच्चों को ध्यान में रखते हुए लिखा गया है. बाल महाभारत हिंंदी के युवा-पाठकों के लिए कालातीत कहानी प्रस्तुत करती है. शेखावटी की लोक संस्कृति एक शीर्षक है, जो राजस्थान के एक अर्ध-शुष्क किंतु ऐतिहासिक क्षेत्र-शेखावटी से संबंधित है. साहसी एवं मेहनती व्यक्तियों की इस भूमि ने राजपूताना संस्कृति में बड़ा योगदान दिया है. यह पुस्तक उनके इस योगदान पर प्रकाश डालती है.

हमारे समय में उपनिषद पुस्तक उपनिषदों की कहानी कहती है. यह पुस्तक किसी भी आयु-वर्ग के पाठकों को प्राचीन विश्वज्ञान देने का प्रयास है.

हार की खुशी और मां का जन्मदिन बाल-पुस्तकें हैं. मां का जन्मदिन एक कविता-संकलन है, जबकि हार की खुशी लघु कहानियों का संकलन है जो बढ़ते बच्चों को ध्यान में रखते हुए लिखी गई हैं. ये कहानियां इस तरह निबंधित की गई हैं कि मुंशी प्रेमचंद द्वारा लोकप्रिय बनाई गई बोधगम्य कहानी-लेखन शैली पर प्रकाश डाला जा सके.

बापू की वाणी युवा पाठकों के लिए गांधीजी के जीवन एवं विचारों को उजागर करने का प्रयास है.

वेद गाथा पुस्तक युवा पाठकों को ध्यान में रखते हुए वेदों को सरल रूप में प्रस्तुत करती है. यह पुस्तक प्राचीन विश्व के ज्ञान एवं अध्यात्म की खोज करने का प्रयास है.

डॉ. सच्चिदानंद जोशी, सदस्य सचिव, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए), डॉ. साधना राउत, महानिदेशक, प्रकाशन विभाग, अनेक जाने-माने लेखकों और प्रकाशन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने समारोह में भाग लिया. -पी.आई.बी.