विशेष लेख


volume-43, 26 January - 1 February, 2019

बोर्ड परीक्षा से पहले आखिरी महीने में क्या करें

रुचि श्रीमाली

बारहवीं क्लास के लिए सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी, 2019 से शुरू होने वाली हैं, जबकि बारहवीं क्लास के छात्रों के लिए आईएससी बोर्ड की परीक्षाएं 4 फरवरी, 2019 से शुरू होंगी. चूंकि बोर्ड की परीक्षाएं इतनी करीब हैं,  इसलिए यह इस स्थिति से निपटने और अपने बोर्ड परीक्षा के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने का समय है. इस अवधि के दौरान अपने आपको सामान्य और केंद्रित रखने के लिए कुछ सलाह दी जा रही है:

ज्ञान ही शक्ति है

बोर्ड परीक्षा की रूपरेखा के बदलावों के बारे में जानकारी रखते हुए उसके अनुसार अपनी तैयारी के तरीकों पर विचार करना महत्वपूर्ण है. जो इस वर्ष अपनी बोर्ड परीक्षा देने जा रहे हैं, उनके लिए कुछ मुख्य खबरें हैं

सीबीएसई ने अपने अंग्रेजी-कोर परीक्षा प्रश्न पत्र के सेक्शन ए (रीडिंग सेक्शन) के पैटर्न को बदल दिया है.

2018 तक,  इस भाग में तीन अंश (पैसेज) होते थे:

·         1100-1200 शब्दों के दो अंश, और

·         400-500 शब्दों का एक अंश.

·         इन अंशों पर आधारित प्रश्न इस प्रकार हैं:

·         प्रत्येक 1 अंक के लिए 6 एमसीक्यू (मल्टीपल चॉयस क्वेशचंस),

·         प्रत्येक 1 अंक के लिए 16 बहुत छोटे उत्तर वाले प्रश्न (शब्दावली पर 1 सहित),

·         3 अंकों के लिए 1 संक्षिप्त उत्तर वाला प्रश्न, और

·         5 अंकों के लिए एक लंबा उत्तर वाला प्रश्न.

·         2019 में, बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में, सीबीएसई प्रश्न पत्र में केवल दो अंश होंगे:

·         800-900 शब्दों का एक अंश, और

·         400-500 शब्दों के दो अंश.

·         अंश 1 के आधार पर पूछे जाने वाले प्रश्न इस प्रकार होंगे:

·         1 अंक के लिए 5 एमसीक्यू,

·         1 अंक के लिए 9 बहुत छोटे उत्तर वाले प्रश्न (3 शब्दावली सहित), और

·         3 अंक के लिए 3 संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्न.

अंश (पैसेज) 2 के आधार पर पूछे जाने वाले प्रश्नों में प्रत्येक 5 अंक के लिए 2 लंबे उत्तर वाले प्रश्न होंगे. 

इसलिए, सेक्शन ए में पूछे गए कुल प्रश्नों की संख्या 24 से घटकर 19 हो जाएगी. हालांकि सेक्शन के कुल अंक 30 ही रहेंगे.

सीबीएसई की वेबसाइट - द्धह्लह्लश्च://ष्ड्ढह्यद्गड्डष्ड्डस्रद्गद्वद्बष्.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ/2द्गड्ढ_ द्वड्डह्लद्गह्म्द्बड्डद्य/हृशह्लद्बद्घद्बष्ड्डह्लद्बशठ्ठह्य/२०१८/ ३०_रूस्_श्वठ्ठद्द_ष्टशह्म्द्ग.श्चस्रद्घ पर आप 2019 की इंग्लिश कोर परीक्षा के लिए नमूना प्रश्न पत्र-सैंपल पेपर (और इसकी अंक पद्धति) को देख सकते हैं.

कक्षा बारहवीं के लिए सीबीएसई अंग्रेजी कोर परीक्षा 2 मार्च, 2019 से शुरू होगी.

·         सीबीएसई कंप्यूटर विज्ञान के छात्रों को एक प्रोग्रामिंग भाषा के रूप में पाइथन पर प्रश्न हल करने की अनुमति देगा.

इससे पहले, सीबीएसई ने कक्षा 11 और 12 के कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम में प्रोग्रामिंग भाषा के रूप में पाइथन की जगह सी ++ को रखा था. फिर भी, कई स्कूलों ने निर्देश की अनदेखी की और छात्रों को पायथन पढ़ाना जारी रखा. इसलिए, इस वर्ष के लिए, कंप्यूटर विज्ञान के लिए सीबीएसई के प्रश्न पत्र में सी ++ और पायथन दोनों पर प्रश्न शामिल होंगे. छात्र किसी भी एक प्रोग्रामिंग भाषा के प्रश्नों का उत्तर दे सकते हैं.

छात्रों को प्रश्न पत्र के मुख्य पृष्ठ पर अपनी पसंद की प्रोग्रामिंग भाषा के बारे में लिखना होगा और फिर वह उससे संबंधित प्रश्नों का उत्तर दे सकते हैं.

·         इस वर्ष कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा दोनों में सीबीएसई ने अधिक विकल्प प्रदान किए हैं.

2018 तक, सीबीएसई प्रश्न पत्र आपको केवल यह चुनने की अनुमति देता था कि कौन से प्रश्नों के उत्तर विस्तार में देने हैं. 2019 से, आप कुछ विषयों के लिए संक्षिप्त उत्तर और लंबे उत्तर दोनों प्रकार के प्रश्न चुन सकेंगे.

कहा गया है कि प्रश्नपत्र के सभी खंडों में विकल्पों की संख्या में 33त्न की वृद्धि होगी और इसमें प्रत्येक प्रकार के प्रश्नों को शामिल किया जाएगा. जिन विषयों में इस वर्ष अधिक विकल्प होंगे वे हैं:

दसवीं कक्षा के लिए:

1. हिंदी कोर्स-ए 4.सोशल साइंस 7. एलीमेंट्स ऑफ बुक    10. कर्नाटक म्यूजिक     13. हिंदुस्तानी

                                कीपिंग एंड एकाउंटेंसी     परकशन इंस्ट्रूमेंटल      म्यूजिक परकशन

                                                                इंस्ट्रूमेंटल 

2. हिंदी कोर्स-बी 5. गणित       8. कर्नाटक म्यूजिक      11. हिंदुस्तानी म्यूजिक   14. होम साइंस

                                वोकल  वोकल (गृह विज्ञान)

3. साइंस       6. एलीमेंट्स ऑफ 9. कर्नाटक म्यूजिक      12. हिंदुस्तानी म्यूजिक   15. संस्कृत

                बिजनेस        मेलोडिक इंस्ट्रूमेंटल      मेलोडिक इंस्ट्रूमेंटल              

बारहवीं कक्षा के लिए:

1. इकोनॉमिक्स  9. कर्नाटक म्यूजिक      17. डांस-कथक   25. फिजिक्स    33. साइकॉलॉजी

(अर्थशास्त्र)      (परकशन              (भौतिकी)       (मनोविज्ञान)

                इंस्ट्रूमेंटल मृदंगम)   

2. फिजिकल     10. हिंदुस्तानी   18. डांस-भरतनाट्यम     26. कैमिस्ट्री     34. सोशयोलॉजी

एजुकेशन       म्यूजिक वोकल         (रसायन विज्ञान) (समाजशास्त्र)

3. बिजनेस      11. हिंदुस्तानी   19. डांस-कुचिपुड़ी 27. इंफॉर्मेटिक्स  35. एंटरप्रेन्योरशिप

स्टडीज  म्यूजिक मेलोडिक              प्रैक्टिसिस-ओल्ड

                इंस्ट्रूमेंटल    

4. अकाउंटेसी    12. हिंदुस्तानी   20. डांस-ओडिसी  28. लीगल स्टडीज       36. बायोलॉजी

(लेखा) परकशन इंस्ट्रूमेंटल      (कानूनी अध्ययन)       (जीव विज्ञान)

5. इंग्लिश कोर   13. पेंटिंग       21. डांस-मणिपुरी 29. कंप्यूटर साइंस-      37. बायोटेक्नो-

                                                ओल्ड   लॉजी

6. हिंदी इलेक्टिव        14. ग्राफिक्स    22. डांस-कथकली        30. हिस्ट्री (इतिहास)     38. संस्कृत

                                                                इलेक्टिव

7. कर्नाटक      15. स्कल्पचर    23. हिंदी कोर    31. पॉलीटिकल साइंस    39. संस्कृत कोर

म्यूजिक वोकल  (मूर्तिकला)             (राजनीति विज्ञान)

8. कर्नाटक      16. एप्लाइड /   24. गणित      32. ज्योग्राफी (भूगोल)    40. होम साइंस

म्यूजिक इंस्ट्रूमेंटल      कमर्शियल आर्ट

(मेलोडिक)     

·         बीएसई ओडिशा अपने एचएससी (हाई स्कूल सर्टिफिकेट) परीक्षा 2019 में बदलाव कर रहा है

जो छात्र ओडिशा राज्य बोर्ड से हाई स्कूल परीक्षा (या कक्षा 10 की परीक्षा) के लिए बैठने जा रहे हैं,  उन्हें इस वर्ष किए गए परिवर्तनों के बारे में जानना जरूरी है. अब, छात्रों को परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए अलग-अलग सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव पेपर में कम से कम 15 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा.

इस साल, ओडिशा राज्य बोर्ड ने प्रश्न पत्रों के ऑब्जेक्टिव खंड में भी बदलाव किए हैं. प्रश्नों के तीन ऑब्जेक्टिव सेट के बजाय, पेपर में अब प्रश्नों के चार समानांतर सेट होंगे.

सामाजिक विज्ञान और सामान्य विज्ञान के प्रश्नपत्रों में, अंक योजना को भी 10 और 5 अंकों के पैटर्न से बदलकर 7 और 8 अंकों के मार्किंग पैटर्न में बदल दिया गया है.

·         सीआईएससीई इस साल आईएससी और आईसीएसई दोनों छात्रों के लिए कंपार्टमेंटल एग्जाम शुरू करेगा.

अपनी बोर्ड परीक्षाओं को अधिक छात्र-अनुकूल बनाने के लिए,  सीआईएससीई ने घोषणा की है कि वह कक्षा 10 और कक्षा 12 के दोनों के छात्र जो फेल हो गए हैं, उन्हें एक वर्ष में एक कंपार्टमेंटल परीक्षा देने की अनुमति देगा ताकि फिर से उसमें उत्तीर्ण होने का उन्हें अवसर मिल सके. कंपार्टमेंटल परीक्षा जुलाई 2019  में होगी.

2019 से, सीआईएससीई परीक्षा से संबंधित सभी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर देगा. इसका मतलब है कि आप अपने प्रवेश पत्र, अनुकूलित समय सारिणी ऑनलाइन पा सकते हैं. इस वर्ष से बोर्ड परीक्षा के छात्रों के लिए मार्कशीट में केवल विषय के अनुसार अंक ही नहीं, बल्कि अंग्रेजी, विज्ञान, इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र के पेपर-अनुसार अंक भी शामिल होंगे.

अपनी तैयारी की अवधि को तीन चरणों में विभाजित करें

1. पहले चरण में, कोर सामग्री पर ध्यान केंद्रित करें.

जब आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए आपके पास एक महीने से भी कम का समय बचा हो तब एकमात्र तरकीब जो काम करती है, वह है कि पहले कुछ दिनों के लिए मुख्य सामग्री (कोर कंटेंट) पर ध्यान केंद्रित करें. परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए आपको यही सीखने की आवश्यकता है. उदाहरण के लिए, भौतिकी में, ऐसे प्रमेय हैं जिन्हें आपको प्रूव करने की आवश्यकता है. यदि आप उन्हें समझते हैं और उन्हें एप्लाई करना सीखते हैं, तो आप परीक्षा पास कर पाएंगे.

आप पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और सैंपल पेपर भी हल कर सकते हैं - और उनका विश्लेषण कर सकते हैं. कम से कम 3 से लेकर 5 हल किए गए पिछले साल के प्रश्न पत्र और मॉडल पेपर पढ़ें और देखें कि किस प्रकार के प्रश्न पूछे गए हैं. आप यह भी नोट करें कि किन विषयों पर सबसे अधिक बार पूछा गया है.

आप अपने शिक्षकों और दोस्तों से भी मदद ले सकते हैं, जो पूरे वर्ष अध्ययन करते हैं और आपके द्वारा अध्ययन किए जाने वाले प्रत्येक विषय के लिए महत्वपूर्ण विषय खोजते हैं. जो विषय आपको अधिक अंक दे सकते हैं, उन्हें पहले अध्ययन करने की आवश्यकता है.

2.दूसरे चरण में, जितने प्रश्न हो सकें, हल करें.

एक बार जब आप अपने बोर्ड परीक्षा के पाठ्यक्रम के प्रमुख अंश पढ़ लेते हैं, तो उन विषयों से संबंधित प्रश्नों को हल करें जिन्हें आप सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं. पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को भी हल करें. यह आपको उन विषयों के बारे में जानने में मदद करेगा, जिन पर आपको पुन: ध्यान देने की आवश्यकता है और जिन विषयों में आप अच्छे हैं और जिन्हें आप अभी छोड़ सकते हैं.

प्रश्न पत्र हल करने से आपको दो गुना लाभ मिलता है. एक तरफ, यह, जैसा कि आप कोशिश करते हैं और याद करते हैं कि आपने परीक्षा के दौरान क्या सीखा है, आपकी विषय को दोहराने में मदद करता है, और दूसरी ओर, यह आपको विश्वास दिलाता है कि आप कम से कम परीक्षा वाले दिन कुछ प्रश्न तो हल कर ही पाएंगे.

एक बार जब आप जान जाते हैं कि आप किन विषयों में कमजोर हैं, तो उन्हें एक बार फिर से दोहराएं (रिवाइज) करें और प्रश्नपत्र को फिर से हल करें. अंत में, दिए गए उत्तरों के साथ अपने उत्तरों को मिलाएं. आपको कई वेबसाइट मिलेंगी जो बोर्ड परीक्षाओं के पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों के चरण-दर-चरण समाधान प्रदान करती हैं. ये हल आपको कुछ युक्तियां और ट्रिक्स ढूंढने में मदद कर सकते हैं जिनका उपयोग आप परीक्षा के दिन कर सकते हैं. एक बार जब आप इन युक्तियों के बारे में पढ़ लेते हैं, तो कोशिश करें और उन्हें हल करें अगले पेपर में उनका उपयोग करें, ताकि आपको वे तब याद रह सकें जब आपको उनकी आवश्यकता हो.

3. तीसरे चरण में, पहले आधे भाग को दोहराएं और दूसरे-आधे भाग में पहले होने वाली दो परीक्षाओं के लिए अध्ययन करें.

बोर्ड परीक्षाओं के करीब आने का समय अपनी क्षमताओं का प्रयोग करने का समय होता है. तीसरे चरण के पहले आधे हिस्से में  उन सभी विषयों को दोहराएं जो आपने पहले दो चरणों में पड़े थे. प्रमेय, सूत्र, व्याकरण के नियमों और अध्यायों के मुख्य बिंदुओं को पढ़ें. कई साइटें मुफ्त रिविजन नोट्स और माइंड मैप्स उपलब्ध कराती हैं जिनका आप इस समय उपयोग कर सकते हैं.

तीसरे चरण के दूसरे भाग में,  पहली और दूसरी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करें. सब कुछ रिवाइज करें और हल किए गए उदाहरणों को एक बार फिर से पढ़ें.  इस चरण के दौरान, पहले परीक्षा के लिए आधा दिन पढ़ें और फिर दिन के दूसरे भाग में दूसरी परीक्षा की तैयारी करें.

सौभाग्य से, बोर्ड परीक्षा में आपको किसी भी दो परीक्षाओं के बीच तैयारी के लिए एक या दो दिन का समय मिलता है. अपने परीक्षा समय-सारिणी को देखें - और उन परीक्षाओं के लिए पहले से तैयारी करें जो एक के बाद एक हों या जिनके बीच कम दिन हों.

 बहुत ज्यादा मत सोचें. बस वही करें जो कर सकते हैं. इस समय तनाव को अपनी तैयारी प्रक्रिया को कमजोर नहीं करने दें.

आप जो पढ़ते हैं उसे कैसे याद रखें?

अधिकांश छात्र लगातार पढ़ते या रिविजन करते रहते हैं. हालांकि, वैज्ञानिक अध्ययनों यह सिद्ध हो चुका है कि किसी चीज़ को याद रखने का यह सबसे अच्छा तरीका नहीं है.

जब आप पहली बार किसी चीज़ को पढ़ते हैं, तो आप उसके एक बड़े हिस्से को ग्रहण कर पाते हैं और उसके अधिकांश बिंदुओं को समझ लेते हैं. हालांकि, जब आप इसे दूसरी बार पढ़ते हैं, तो आप यह सोचकर इसका कम गहनता से  अध्ययन करते हैं कि आप पहले से ही इसके बारे में जानते हैं. इसका मतलब यह है कि यद्यपि आप इसे पढ़ रहे हैं, लेकिन आप इससे बहुत कुछ हासिल नहीं कर रहे हैं. आपके सीखने में अभी भी बहुत सी कमियां हैं लेकिन आपका दिमाग आपकी उन कमियों को ढक देता है और आप इस प्रक्रिया से बहुत कुछ हासिल करने में विफल रहते हैं.

सैकड़ों साल पहले, अरस्तू ने बताया था कि कैसे अपनी याददाश्त को मजबूत   बनाया जाए. उन्होंने कहा कि जब हम किसी चीज को बार-बार याद करते हैं, तो वह हमें लंबे समय तक याद रहती है. इसलिए, जब परीक्षा में अपने प्रदर्शन को बढ़ाने की बात आती है तो पढ़ने के बजाय, आपके पास पहले से मौजूद जानकारी को पुन: दिमाग में एकत्र करना अधिक महत्वपूर्ण है. इसे ध्यान में रखते हुए, परीक्षा के अंत में प्रश्नों को हल करना, नमूना पत्रों को हल करना, फ्लैश कार्ड का उपयोग करना, प्रश्नोत्तरी लेना और अपने साथियों के साथ किसी विषय पर चर्चा करना उन चीजों को सीखने के कुछ सर्वोत्तम तरीके हैं जिन्हें याद रखने की आवश्यकता है.

एक बार जब आप एक परीक्षा देते हैं या किसी प्रश्न को हल करते हैं, तो अपने  पास मौजूद अध्ययन सामग्री के उत्तर खोजें. उत्तर खोजने से आपको पाठ के प्रासंगिक भाग पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी. इससे आपको अपने पास मौजूद जानकारी को पुख्ता सीमेंट करने में मदद मिलेगी और आप इसे फिर कभी नहीं भूल पाएंगे.

लंबे समय तक ध्यान कैसे केंद्रित करें?

कई छात्रों के लिए लंबे समय तक ध्यान केंद्रित करना मुश्किल होता है. वे किताब लेकर बैठते तो हैं लेकिन कुछ भी पढ़ने या सीखने में असफल रहते हैं क्योंकि उनका दिमाग थोड़ी ही देर में कदम शून्य की स्थिति में पहुंच जाता है. अपनी एकाग्रता को खोए बिना लंबी अवधि तक अध्ययन करने में मदद करने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं:

·         अगर आपकी स्टडी टेबल पर ऐसी चीजें हैं, जिनकी आपको इस समय जरूरत नहीं है, तो उन्हें तुरंत हटा दें. मोबाइल फोन, तार, गेम्स, किताबें जो आपके अध्ययन से संबंधित नहीं हैं - आपका ध्यान भटकाती हैं और आप एकाग्र नहीं रह पाते हैं. इसलिए, अपने अध्ययन डेस्क को एकदम साफ रखें. बेकार की चीजें हटाकर अपने अध्ययन कक्ष को व्यवस्थित करें ताकि आप अपनी पढ़ाई पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकें.

·         कॉफ़ी (या कैफ़ीन का कोई भी रूप) आपकी सतर्कता को कुछ समय के लिए तो बढ़ा देता है लेकिन फिर, आपकी एकाग्रता में इस तरह से गिरावट आ जाती है कि फिर से पढ़ने के लिए बैठना असंभव हो जाता है। उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) या अधिक कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बेशक आप अपने में ऊर्जा का अनुभव करते हैं, लेकिन उनसे आपको नींद आ सकती है. इस तरह के खाद्य पदार्थों में सफेद चावल, सफेद ब्रेड, आलू, पिज्जा, बर्गर, कैंडी, कुकीज, केक और कोल्ड ड्रिंक शामिल हैं. यदि आप अधिक समय तक अध्ययन करना चाहते हैं, तो आपको उनसे बचने की आवश्यकता है.

·         दूसरी ओर, अधिक प्रोटीन और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ और निम्न जीआई स्तर आपको लंबे समय तक ऊर्जावान और सतर्क बनाए रखता है. इनमें फल, मेवे, वसा रहित दूध और साबुत अनाज जैसे म्यूलसी और ओट्स शामिल हैं. चूंकि इन खाद्य पदार्थों को खाने से आपको जल्दी भूख लगने लगती है,  इसलिए हर दो से तीन घंटे में अल्प मात्रा में खाते रहना चाहिए.

·         पीले रंग का चार्ट लें और उस पर लिखें कि आपको अध्ययन करने की आवश्यकता क्यों है. यह आपके कॅरिअर के लक्ष्य हो सकते हैं, जिस कॉलेज में आप जाना चाहते हैं, उसके बारे में हो सकता है, अपने माता-पिता और परिवार को आप पर गर्व हो सकता है, या शायद, उस लड़के या लड़की को जिसे आप पसंद करते हैं. यह कुछ भी हो सकता है जो आपको प्रेरित कर सकता है. पीला खुशी का रंग है. इस चार्ट को अपने अध्ययन डेस्क के सामने रखें और जब भी आप सुस्त महसूस करें, इस कारण को देखें कि आपको अध्ययन करने की आवश्यकता क्यों है. यह आपको ऊर्जा और जोश की एक नई भावना से भर देगा.

रुचि श्रीमाली एक कॅरिअर कांउलर हैं ईमेल: rruchishrimalli@gmail.com