विशेष लेख


volume-47, 23 February -1 march, 2019

प्रधानमंत्री ने महिला सरपंचों को स्वच्छ

शक्ति-2019 पुरस्कार से सम्मानित किया

स्वच्छ शक्ति-2019 की तृतीय शृंखला कुरुक्षेत्र, हरियाणा में आयोजित की गयी. स्वच्छ भारत मिशन में ग्रामीण महिलाओं द्वारा निभाई गयी नेतृत्व भूमिका पर प्रकाश डालने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 12 फरवरी, 2019 को राष्ट्रीय समारोह का उद्घाटन किया. उन्होंने स्वच्छ शक्ति २०१९ पुरस्कार वितरित किए. इस अवसर पर बोलते हुए श्री मोदी ने कहा, ‘‘हम सभी ने कईं सौंदर्य प्रतिस्पर्धाओं के बारे में सुना है, लेकिन क्या हमने कभी ‘‘शौचालय प्रतिस्पर्धा’’ के बारे में भी सुना है? ग्रामीण भारत में हाल ही में एक अनूठी प्रतिस्पर्धा-स्वच्छ सुंदर शौचालय प्रतिस्पर्धा प्रारंभ की गयी, जिसके अंतर्गत लोगों ने अपने शौचालयों को पेंटिंग, स्थानीय कला तथा स्वच्छ भारत अभियान संदेशों और लोगो से सजाया. ऐसी प्रगति से, मेरा विश्वास है कि एक ऐसा समय आएगा जब कोई गांव एक सफल पर्र्यटक-स्थल बनेगा जहां लोग रंग-बिरंगे शौचालय देखने आया करेंगे.’’

यह समारोह पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा हरियाणा सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया. महिला सशक्तिकरण पर लक्षित इस समारोह में पूरे भारत से महिला सरपंचों और पंचों ने भाग लिया. उन्होंने स्वच्छ भारत हेतु सतही स्तर से प्रक्रियाएं साझा कीं. इस समारोह में स्वच्छ भारत की उपलब्धियां और हाल ही में संचालित स्वच्छ सुंदर शौचालय-विश्व में एक अनूठी तथा अपनी किस्म के पहले अभियान को उजागर किया गया. यह आंदोलन, भारत को 2 अक्तूबर, 2019 तक स्वच्छ एवं खुले में शोच मुक्त भारत बनाने के उद्देश्य से 2 अक्तूबर, 2014 को प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत मिशन के संरक्षण में चल रहे कार्यकलापों का एक भाग है. श्री मोदी ने पहला स्वच्छ शक्ति कार्यक्रम 2017 में गांधीनगर गुजरात में प्रारंभ किया था. स्वच्छ शक्ति 2017 के बैनर तले अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पूरे देश से 6000 महिला सरपंच गुजरात में एकत्र हुईं थी. द्वितीय स्वच्छ शक्ति समारोह -स्वच्छ शक्ति-2018 उत्तर प्रदेश में लखनऊ में आयोजित किया गया. पूरे देश से 8000 महिला सरपंचों, 3000 महिला स्वच्छागृहियों और जीवन के अन्य क्षेत्र की महिला चैंपियनों को समारोह के दौरान स्वच्छ भारत के निर्माण के संबंध में उनके उत्कृष्ट योगदान को सम्मान एवं मान्यता दी गयी. स्वच्छ शक्ति एक ऐसा उदाहरण है कि किसी तरह सतही स्तर पर ग्रामीण महिला चैंपियन समाज को संघटित करने के लिए एक चेंज एजेंट के रूप में कार्य कर रही हैं और स्वच्छ भारत हेतु

पहल करने वाली महिलाओं का नेतृत्व करती हैं.

यह आंदोलन भारत को 2 अक्तूबर, 2019 तक स्वच्छ एवं खुले में शौच मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा  2 अक्तूबर, 2014 को प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत

मिशन के संरक्षण में चालू गतिविधियों का एक भाग है.