विशेष लेख


Volume-51, 16 - 22 March, 2019

श्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री के चुने हुए भाषणों के संकलन सबका साथ सबका विकासका विमोचन किया

केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने 8 मार्च,  2019 को सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में आयोजित एक समारोह में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के चुने हुए भाषणों के संकलन  सबका साथ सबका विकासका विमोचन किया. इस अवसर पर केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ भी मौजूद थे.

श्री अरुण जेटली ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री जी को विविध विषयों की गहरी और व्यापक पकड़ है जिनमें अन्य विषयों के अलावा राजनीतिक इतिहास सहित, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, रणनीतिक मुद्दे विशेष रूप से शामिल हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री की स्पष्ट सोच और सीखने की जन्मजात क्षमता की सराहना की और कहा कि इसी क्षमता की बदौलत वे धारा-प्रवाह भाषण करते हैं.

श्री जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण न केवल देश पर, बल्कि समूचे विश्व पर स्थायी प्रभाव छोड़ते हैं. उन्होंने इस अवसर पर भारत के हाल के इतिहास से कुछ महान वक्ताओं को भी याद किया जिनमें  महात्मा गांधी सहित, श्री अटल बिहारी वाजपेयी, श्री जगजीवनराम और श्री इंद्रजीत गुप्ता शामिल थे, जिनके भाषणों में देश की स्मृति और चेतना व्यक्त होती रही है.

कर्नल राज्यवर्धन राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण विभिन्न समस्याओं के व्यावहारिक समाधान का भंडार हैं, जिनमें उनकी सादगी और जमीन से जुड़े हुए नेता की छवि समाहित है. उन्होंने कहा कि वे जिस सरल भाषा का इस्तेमाल करते हैं उससे जन-जन के प्रति उनका जुड़ाव और भी गहरा हो जाता है. उन्होंने कहा कि विविध विषयों की एक विस्तृत शृंखला को कवर करते हुए, उनके भाषण सरकार की नीतियों और देश के कोने-कोने के लोगों तक पहुंचने की उनकी वचनबद्धता को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के भाषणों के ये पांच संकलन शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और पत्रकारों के लिए समान रूप से विश्व कोष का काम करेंगे.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, कर्नल राठौड़ ने समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि महिलाओं में अंदर से कोमल होने, परन्तु साथ ही प्रचंड शक्ति संपन्न होने की अनोखी क्षमता है.

श्री अमित खरे ने श्री कंचन गुप्ता द्वारा इन पांच संस्करणों के संपादन में निभाई गई भूमिका पर प्रकाश डाला.  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषणों के इन पांच संस्करणों में देश के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद और रचनात्मकता का संदेश है. श्री खरे ने इन संकलनों के प्रकाशन को मुकाम तक पहुंचाने में प्रकाशन विभाग की महानिदेशक साधना राउत, अपर महानिदेशक वसुधा गुप्ता और उनकी टीम के प्रयासों की भी सराहना की.

इस अवसर पर भारत सरकार के कई सचिव, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और उसकी मीडिया इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.

पुस्तकों के बारे में

सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रकाशित ये पांच संकलन हिन्दी और अंग्रेजी में जारी किए गए हैं. प्रत्येक संकलन को पांच खंडों में विभाजित किया गया है, जिनमें सुशासन, भारत को योग्य और सक्षम बनाने, राष्ट्र निर्माण में नौकरशाहों, अन्नदाता किसानों और प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों के योगदान के बारे में प्रधानमंत्री के विचार शामिल किए गए हैं. इसके अतिरिक्त लोगों को समावेशी विकास के मार्ग पर ले जाने और भारत के जागरूक होने का संदेश विश्व समुदायों को देने का भी इन भाषणों में प्रयास किया गया है.

इन भाषणों से प्रधानमंत्री द्वारा देश के सभी नागरिकों को एक समान दृष्टि से देखने और सभी को समावेशी विकास के मार्ग पर अग्रसर करने का लक्ष्य प्रतिध्वनित होता है.

ये संकलन प्रकाशन विभाग के बिक्री केन्द्रों और सूचना भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स में स्थित डीपीडी की पुस्तक दीर्घा पर उलब्ध हैं. ये ग्रंथ भारत कोष ई-पेमेंट गेटवे के जरिए ऑनलाइन भी खरीदे जा सकते हैं. ये पुस्तकें ऐमेजन और गूगल प्ले पर ई-बुक्स के रूप में भी उपलब्ध हैं.

-पसूका