विशेष लेख


Special article vol.26

रोजग़ार सबसे बड़ा शांतिरक्षक है:वानी

जम्मू एवं कश्मीर के युवा नबील अहमद वानी को वर्दी पहनने और अपने देश के लिये लडऩे पर गर्व होता है। वानी ने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सीमा सुरक्षा बल की सहायक कमांडेंट (वक्र्स) की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। उसने सीसुब सहायक कमांडेंट (वक्र्स) की अखिल भारतीय परीक्षा में पहला स्थान हासिल करने पर अपने क्षेत्र, जम्मू को गौरवान्वित किया है। दो वर्ष पहले उसके पिता रफीक अहमद वानी का देहांत हो गया था और अपनी मां और बहन की मदद के वास्ते नौकरी हासिल करनी पड़ी। परंतु कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसका लक्ष्य साफ था-वह सुरक्षा बलों में शामिल होकर अपने राष्ट्र की सेवा करना चाहता था। जम्मू से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ऊधमपुर जिले के निवासी वानी को अपने कॉलेज में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति प्राप्त हो गई जिसने उसकी इंजीनियरी की पढ़ाई पूरी करने के लिये मार्ग प्रशस्त किया। वह अपने कॉलेज का टॉपर था। उसने ऊधमपुर में एनआईटीएल हायर सेकेंडरी स्कूल से सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत 2012 में बी.टैक में प्रवेश प्राप्त किया। नबील ने कहा कि उसने 2013 में सीसुब की परीक्षा दी थी परंतु कुछ अंकों से पीछे रह गया था, लेकिन उसने कड़ी मेहनत की और अखिल भारतीय स्तर पर पहला रैंक हासिल कर लिया।

रोजग़ार समाचार के साथ बातचीत करते हुए वानी ने कहा कि वह अपने देश और मातृभूमि के लिये कुछ करना चाहता था। ‘‘गलत रास्ता पकडऩा आसान होता है परंतु सही मार्ग पर चलना कठिन होता है। लेकिन अंत में वही लोग सफल होते हैं जो सही मार्ग पर चलते हैं।‘‘

भौगोलिक बाधाओं, पहचान की राजनीति और अक्सर विपरीत आकांक्षाएं, जम्मू एवं कश्मीर राज्य में बहुसंख्यक समुदाय के बीच मतभेदों का कारण हैं। उनके विचार में घाटी के ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं के बारे में और अधिक जागरूकता फैलाये जाने की आवश्यकता है। वानी ने कहा ‘‘शिक्षा कश्मीरी युवाओं के लिये सबसे महत्वपूर्ण है और यदि आप शिक्षित हो जाते हैं तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है।‘‘

वानी ने ज़ोर देकर कहा कि उचित शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात ही हम जीवन में अच्छी और बुरी बातों के बीच भेद करने में सक्षम होंगे। उन्होंने सलाह दी कि, ‘‘गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आवश्यक है और अध्ययन सीखने के लिये होना चाहिये न कि अंक अर्जित करने के लिये।’’ उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजग़ार राज्य और देश के चेहरे में बदलाव ला सकते हैं। जितना अधिक हम शिक्षा प्राप्त करेंगे हमें बेहतर और अधिक रोजग़ार के अवसर प्राप्त होंगे। हम केवल एक पैन धारण करके शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। वानी ने आगे कहा, ‘‘वह महसूस करते हैं कि इस देश के युवाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या बेरोजग़ारी है और इसे केवल शिक्षा तथा अधिक रोजग़ार सृजन से ही हल किया जा सकता है।

वानी वर्तमान में ऊधमपुर जिले में जूनियर इंजीनियर के तौर पर सेवारत हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों में शामिल होना और देश की सेवा करना उनका एक सपना था जो अब पूरा हो गया। वानी ने कहा, ‘‘मैं गांव से हूं। हमारे पास कोई संसाधन नहीं हैं परंतु मेरी मां और पिताजी ने मेरी सहायता की। मैंने पंजाब से इंजीनियरिंग की और परीक्षाओं में प्रथम रैंक हासिल किया।

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश की सेवा करना चाहता हूं जहां पर मेरा जन्म हुआ, राष्ट्र का नाम रोशन करने और पूरे समर्पण तथा ईमानदारी से कार्य करना चाहता हूं।’’ वानी ने कहा, ‘‘बल में शामिल होने के पीछे मेरा उद्देश्य देश की सेवा करना और देश के सुरक्षा बल में योगदान करना है।’’