विशेष लेख


Special article vol.31

सरकार ने राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन

योजना अधिसूचित की

सरकार ने राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना अधिसूचित कर दी है। यह पहली बार है जब नियोक्ताओं को वित्तीय प्रोत्साहन देने के लिये कोई योजना अधिसूचित की गई है। योजना 2019-20 तक 50 लाख प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य के साथ 10,000 करोड़ रु के परिव्यय के साथ शुरू की गई है। प्रशिक्षुता प्रशिक्षण को देश में कुशल मानवशक्ति के विकास के लिये एक सबसे दक्ष मार्ग के तौर पर देखा जाता है। इससे औद्योगिक उन्मुख, व्यवहार उन्मुख, प्रभावी और दक्षतापूर्ण औपचारिक प्रशिक्षण की पद्धति उपलब्ध होती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता नीति, 2015 में भारत में कुशल मानवशक्ति के सृजन के लिये एक प्रमुख घटक के तौर पर प्रशिक्षुता पर फ़ोकस किया गया है। नीति में 2020 तक देश में एमएसएमई सहित उद्योग क्षेत्र में सक्रियता के साथ रोजग़ार के अवसरों में दस गुणा वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है।

 

किसी प्रशिक्षु को देय निर्धारित वृत्तिका के 25 प्रतिशत की भारत सरकार द्वारा सीधे नियोक्ता को प्रतिपूर्ति की जायेगी। योजना में उन प्रशिक्षुओं के सम्बंध में जो कि बगैर किसी औपचारिक ट्रेड प्रशिक्षण के (रिफ्रेशर अप्रेंटिसिस) सीधे प्रशिक्षुता के लिये आते हैं, बुनियादी प्रशिक्षण प्रदाताओं के साथ बुनियादी प्रशिक्षण लागत की हिस्सेदारी करते हुए बुनियादी प्रशिक्षण के लिये भी सहयोग किया जाता है जो कि प्रशिक्षुता प्रशिक्षण का एक अनिवार्य घटक है। प्रशिक्षण कार्य सुगम बनाने के लिये एक ऑनलाइन पोर्टल की भी शुरूआत की गई है। नियोक्ताओं, प्रशिक्षुओं द्वारा पंजीकरण, संविदा का पंजीकरण और नियोक्ताओं को भुगतान सहित सभी तरह के कार्य ऑनलाइन पद्धति से किये जायेंगे। पात्र नियोक्ता प्रशिक्षुओं को स्थापना की कुल संख्या के 25 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक के बैंड में नियुक्त करेंगे। नियोक्ताओं के लिये प्रशिक्षुता पोर्टल पर पंजीकरण करना अपेक्षित होता है और उनके पास टिनटैन तथा ईपीएफओईएसआईसी एनआईएन में से कोई एक होना चाहिये। योजना के अंतर्गत नियोक्ताओं को लाभ लेने के वास्ते प्रशिक्षुता पोर्टल पर पंजीकरण के लिये आमंत्रित किया जाता है। प्रशिक्षुता प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिये सुविधा प्रदाताओं और प्रमोटर्स के तौर पर कार्य करने के लिये राज्यों और स्थानीय औद्योगिक कलस्टरों के लिये ब्रैंड एम्बेसडर नियुक्त किये जायेंगे।