विशेष लेख


Special article vol.31

स्वच्छ भारत अभियान का सबसे दूरदराज के इलाकों तक प्रभाव

 

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में आदिवासी बहुल कोटेया गांव में महिलाओं के एक समूह ने घर-घर अभियान चला कर ग्रामवासियों को खुले में शौच की बुरी आदत को बदलने के लिये मनाया है। इस छोटे से गांव की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अमिति सरदार ने खुले में शौच करने की परिपाटी को खत्म करने के लिये एक अनूठा और सफल अभियान चलाया। कोटेया गांव के निवासी शौचालय बनाने और उनका इस्तेमाल करने के लिये राजी नहीं थे। वे मानते थे कि पीढिय़ों से चली आ रही खुले में शौच करने की परिपाटी से कोई नुकसान नहीं हुआ है। अमिति ने इस परिपाटी को रोकने के लिये 20 साथी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का एक समूह बनाया। इन महिलाओं ने गांव के हर दरवाजे पर दस्तक दी और ग्रामवासियों से अनुरोध किया के वे अपने परिवारों की औरतों का सम्मान बनाये रखने के लिये शौचालय बनवायें। इन महिलाओं ने ग्रामवासियों को यह भी बताया कि खुले में शौच से कई तरह की बीमारियां फैलती हैं। आखिरकार इन महिलाओं की कोशिश रंग लायी। कोटेया की ग्राम पंचायत स्वच्छ भारत अभियान के लक्ष्य के अनुरूप अब गांव को खुले शौच की परिपाटी से मुक्त बनाने के लिये गंभीरता से काम कर रही है।