विशेष लेख


volume-1 , 2017

स्वच्छ भारत के बारे में काम करने वाले युवा व्यवसायियों
के लिए जिलों में प्रशिक्षण प्रारंभ

सितंबर 25, 2016 को ‘‘मन की बात’’ रेडियो कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कॉर्पोरेट जगत से अपील की थी कि वह ऐसे युवा व्यवसायियों को प्रायोजित करे, जो स्वच्छ भारत मिशन के कार्यान्वयन में देशभर में जिला प्रशासनों की मदद कर सकें। प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए, टाटा ट्रस्ट्स, जो देश के प्रमुख परोपकारी संगठनों में से एक है, ने पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के सहयोग से 600 जिला स्वच्छ भारत प्रेरक प्रदान करने का प्रस्ताव किया, जिसके अनुसार देश के प्रत्येक जिले में एक वर्ष के लिए एक प्रेरक तैनात करने का प्रस्ताव किया गया। इस उपाय की घोषणा केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा दिसंबर 15, 2016 को की गई। इन युवा व्यवसायियों के प्रथम बैच, जिसमें 50 व्यवसायी शामिल थे, का प्रशिक्षण 23 मार्च को नई दिल्ली में प्रारंभ हुआ। जिला प्रेरकों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जिला प्रेरक कार्यक्रम से देश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान के लक्ष्य हासिल करने की दृष्टि से निर्णायक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि इससे जिला कलेक्टर/ सीईओ को अधिक उत्साह और गति के साथ अभियान संचालन के अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिला प्रेरकों की भूमिका ग्रहण करने से उन्होंने 2019 तक स्वच्छ भारत अभियान का नेतृत्व करने का संकल्प ले लिया है। इससे वे स्वच्छ भारत अभियान के माननीय प्रधानमंत्री के लक्ष्य हासिल करने में अपना योगदान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रेरकों के कंधों पर बड़ा दायित्व है और उन्हें विश्वास है कि वे अपने कठिन परिश्रम और प्रतिबद्धता के साथ इस लक्ष्य को हासिल कर सकेंगे। मंत्री ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि जिला प्रेरकों के पहले बैच को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उसमें महिलाओं की अच्छी भागीदारी है।

पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने भी जिला प्रेरकों को संबोधित किया और कहा कि वे इस अभियान में वैचारिक ताजगी और गतिशीलता लाएंगे और उनकी भूमिका समाज के निचले स्तर पर व्यवहारगत परिवर्तन लाने की गतिविधियों में बेहतर समन्वयक की होगी। वे किए जा रहे कार्यों पर कारगर निगरानी सुनिश्चित करेंगे और जिला स्तर पर कार्य संचालन की गति बनाए रखेंगे। तीन दिन के कड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन दिशा-निर्देशों, स्वच्छ भारत मिशन में धन के प्रवाह, स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की एमआईएस आधारित निगरानी, केंद्र-राज्य समन्वय, स्वच्छता में तकनीकी प्रशिक्षण, नेतृत्व और प्रबंधन प्रशिक्षण के बारे में विशेष माड्यूल शामिल किए गए थे। शेष जिला प्रेरकों को अगले आठ हफ्तों के भीतर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।      (पीआईबी)सि  तंबर 25, 2016 को ‘‘मन की बात’’ रेडियो कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कॉर्पोरेट जगत से अपील की थी कि वह ऐसे युवा व्यवसायियों को प्रायोजित करे, जो स्वच्छ भारत मिशन के कार्यान्वयन में देशभर में जिला प्रशासनों की मदद कर सकें। प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए, टाटा ट्रस्ट्स, जो देश के प्रमुख परोपकारी संगठनों में से एक है, ने पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के सहयोग से 600 जिला स्वच्छ भारत प्रेरक प्रदान करने का प्रस्ताव किया, जिसके अनुसार देश के प्रत्येक जिले में एक वर्ष के लिए एक प्रेरक तैनात करने का प्रस्ताव किया गया। इस उपाय की घोषणा केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा दिसंबर 15, 2016 को की गई। इन युवा व्यवसायियों के प्रथम बैच, जिसमें 50 व्यवसायी शामिल थे, का प्रशिक्षण 23 मार्च को नई दिल्ली में प्रारंभ हुआ। जिला प्रेरकों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जिला प्रेरक कार्यक्रम से देश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान के लक्ष्य हासिल करने की दृष्टि से निर्णायक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि इससे जिला कलेक्टर/ सीईओ को अधिक उत्साह और गति के साथ अभियान संचालन के अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिला प्रेरकों की भूमिका ग्रहण करने से उन्होंने 2019 तक स्वच्छ भारत अभियान का नेतृत्व करने का संकल्प ले लिया है। इससे वे स्वच्छ भारत अभियान के माननीय प्रधानमंत्री के लक्ष्य हासिल करने में अपना योगदान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रेरकों के कंधों पर बड़ा दायित्व है और उन्हें विश्वास है कि वे अपने कठिन परिश्रम और प्रतिबद्धता के साथ इस लक्ष्य को हासिल कर सकेंगे। मंत्री ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि जिला प्रेरकों के पहले बैच को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उसमें महिलाओं की अच्छी भागीदारी है।

पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने भी जिला प्रेरकों को संबोधित किया और कहा कि वे इस अभियान में वैचारिक ताजगी और गतिशीलता लाएंगे और उनकी भूमिका समाज के निचले स्तर पर व्यवहारगत परिवर्तन लाने की गतिविधियों में बेहतर समन्वयक की होगी। वे किए जा रहे कार्यों पर कारगर निगरानी सुनिश्चित करेंगे और जिला स्तर पर कार्य संचालन की गति बनाए रखेंगे। तीन दिन के कड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन दिशा-निर्देशों, स्वच्छ भारत मिशन में धन के प्रवाह, स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की एमआईएस आधारित निगरानी, केंद्र-राज्य समन्वय, स्वच्छता में तकनीकी प्रशिक्षण, नेतृत्व और प्रबंधन प्रशिक्षण के बारे में विशेष माड्यूल शामिल किए गए थे। शेष जिला प्रेरकों को अगले आठ हफ्तों के भीतर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

 

      (पीआईबी)