सफलता की कहानी


ताज़ा अंक 14, 6 - 12 जुलाई 2019

सफलता के लिए सामंजस्यपूर्ण अध्ययन महत्वपूर्ण:

सौम्य सिंह, क्लैट एवं ऐलेट 2019 में प्रथम रैंक

प्रिया जिंदल

इस संस्करण में सौम्य सिंह- जिन्होंने सामान्य विधि प्रवेश परीक्षा 2019 तथा ऐलेट 2019 में प्रथम रैंक प्राप्त की है - रोज़गार समाचार के पाठकों को अपनी रणनीति के बारे में बताएंगे. सामान्य विधि प्रवेश परीक्षा (क्लैट) परीक्षा अंक स्वीकार करने वाले राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (एनएलयू) तथा अन्य महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में ऑफर किये जाने वाले पूर्व-स्नातक तथा स्नातकोत्तर विधि कार्यक्रमों में उम्मीदवारों को प्रवेश उपलब्ध कराने हेतु संचालित एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है. सौम्य ने यह उपलब्धि अपने प्रथम प्रयास में ही प्राप्त की है. प्रिया जिन्दल ने उनकी रणनीति, परीक्षा प्रतिमान तथा अन्य विषयों के बारे में जानने के लिए उनसे बातचीत की है जो हमारे देश की इन दो महत्वाकांक्षी विधि परीक्षाओं के लिए तैयारी करने वाले प्रतिस्पर्धियों हेतु उपयोगी हो सकते हैं.

प्रश्न : क्लैट तथा अखिल भारतीय विधि प्रवेश परीक्षा ऐलेट परीक्षा में आपके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाइयां! परीक्षा में अपने रैंक की जानकारी मिलने पर आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी?

परीक्षाओं में अपने रैंक की जानकारी पाकर मैं आश्चर्यचकित तथा हर्षित दोनों था. अपने प्रदर्शन के आधार पर मैंने शीर्ष 10 रैंक में आने की आशा की थी किन्तु प्रथम स्थान प्राप्त कर लेना एक सुखद आश्चर्य था.

प्रश्न. सौम्य, क्या आप संक्षेप में अपनी क्लैट रणनीति के बारे में बताएंगे?

मैंने 11वीं में तैयारी प्रारंभ की थी और 12वीं के साथ परीक्षा दी. मैंने अपनी शक्ति और दुर्बलता के आधार पर विषयों को समानुपातिक समय दिया. मैंने प्रतिरूपों के माध्यम से नियमित रूप से अभ्यास किया और इससे मुझे अपनी शक्ति और दुर्बलता का विश्लेषण करने तथा मेरे समय प्रबंधन में मदद मिली. मैंने बोर्ड परीक्षा की तैयारी को आखिर के लिए नहीं छोड़ा था और उसके लिए क्लैट के साथ पूरे वर्ष भर तैयारी की थी.

प्रश्न : क्लैट ऐलेट से किस प्रकार भिन्न है और दोनों परीक्षाओं के लिए तैयारी को आपने कैसे प्रबंधित किया?

दोनों के लिए पाठ्य-विवरण भिन्न नहीं है. यद्यपि पेपर प्रतिमान तथा पूछे गये प्रश्नों के प्रकार ने परीक्षाओं को भिन्न बना दिया था. मेरा विश्वास है कि एक छात्र जो अंग्रेजी तथा बौद्धिक तर्कण में समान रूप से अच्छा है क्लैट में सरलता के साथ अच्छा स्थान प्राप्त कर लेगा. दूसरी तरफ, ऐलेट व्यक्ति के आत्मविश्वास तथा हाजिर-जवाबी पर ज्यादा निर्भर करता है. मैंने ऐलेट के लिए प्रतिमान के प्रयोग तथा तथ्यात्मक विज्ञान की तैयारी दोनों के लिए प्रतिरूपों का सहारा लिया था.

प्रश्न : सौम्य आपके पिता और मां दोनों शिक्षाविद् हैं और वे विश्वविद्यालय में भूगोल पढ़ाते हैं, ऐसे में विधि की पढ़ाई करने के लिए आपको किसने प्रेरित किया?

मेरे पिताजी को विधि में सदैव रुचि रही है और वह इसका अच्छा ज्ञान रखते हैं. इसके अतिरिक्त, यह मेरी मां ही थीं जिन्होनें मुझको विधि की पढ़ाई करने हेतु प्रेरित किया क्योंकि इससे अपने समुदाय के लिए तथा राजनीति विज्ञान एवं अन्य विधि संबंधित मुद्दों के अन्तर्गत मेरी निजी अभिरुचि हेतु कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा.

प्रश्न : कृपया हमें अपनी परीक्षा के दौरान अपनाई समय-सारणी के बारे में बतायें.

अपने विद्यालय दिवसों में मैं बोर्ड तथा क्लैट दोनों की तैयारी के लिए समय देता था. प्रतिदिन समाचारपत्र पढऩे सामान्य ज्ञान तथा शब्दकोष पर ध्यान देने के अतिरिक्त, मैं पाठ्यक्रम दोहराने एवं अपनी दुर्बलता पर कार्य करने में ध्यान केंद्रित करता था. सप्ताहांत में मैं मुख्य रूप से सामान्य ज्ञान दोहराता था.

प्रश्न : सौम्य विधिक अभिक्षमता तथा नवीनतम घटनाचक्र अंश प्रत्येक 50-50 अंक के होते हैं, इसलिए क्या आपने विधिक अभिक्षमता तथा नवीनतम घटनाचक्र अंश के अभ्यास हेतु अतिरिक्ति समय दिया था?

इन दो खंडों पर ध्यान केंद्रित करना बहुत आवश्यक है क्योंकि वे सर्वाधिक अंक के होते हैं. इसके अतिरिक्त, तर्कवितर्क खंड उस स्थिति में एक निर्णायक के रूप में कार्य करता है यदि दो उम्मीदवार समान अंक प्राप्त करते हैं.

तर्कवितर्क के लिए मैंने अपनी कोचिंग द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामग्री, विगत वर्ष के प्रश्नपत्रों एवं प्रतिरूपों के आधार पर पर्याप्त तैयारी की. मेरा ध्यान प्रत्येक प्रश्न के पीछे की अवधारणा को जानने पर केंद्रित था ताकि मैं पेचीदे प्रश्नों का भी उत्तर दे सकूं.

मैंने अपने सामान्य ज्ञान की तैयारी पर सर्वाधिक समय दिया. मैंने नवीनतम घटनाचक्र की तैयारी ६ स्रोतों से की थी जिसमें समाचारपत्र, जीकेटुडे, स्टडी आईक्यू एक मासिक पत्रिका तथा लॉ प्रेप. द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामग्री शामिल है. स्थैतिक सामान्य ज्ञान के लिए मैंने तरुण गोयल की पुस्तक का अध्ययन किया.

प्रश्न : क्या आप इससे पूर्व किसी प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुए थे, कृपया हमें उसके बारे में बतायें?

मैं सिम्बायोसिस द्वारा संचालित स्लैट 2019 मेें सम्मिलित हुआ था. इसमें मुझको 150 में से 135 अंक मिले थे.

प्रश्न : क्या आपने प्रतिरूप परीक्षाओं और सैम्पल पेपरों का सहारा लिया था- इनकी सहायता से आपने कितना व्यापक अभ्यास किया था? क्या आपने सोचा था कि पूर्व वर्ष क प्रश्नपत्रों से अभ्यास करने से मदद मिलेगी और कैसे?

मैंने लॉ प्रेप में लगभग 80 प्रतिरुप परीक्षायें दी थी. मैंने प्रत्येक सप्ताह प्रतिरुप परीक्षा दिया और अपनी तैयारी के अन्त में प्राय: प्रत्येक दिन. मैं मानता हूं कि प्रतिरुप परीक्षा से सहायता मिलती है क्योंकि इससे हम 200 प्रश्नों पर अभ्यास करने, बेहतर समय प्रबंधन करने तथा अपनी शक्ति एवं दुर्बलता को जानने में समर्थ होते हैं. मैं उन प्रतिरुपों का विश्लेषण करने में 1-2 घंटे का समय देता था तथा सुधार का मार्ग खोजने हेतु प्रयास करता था.

पूर्व वर्ष के प्रश्नपत्रों से अभ्यास करने से बहुत अधिक मदद नहीं मिलती है. इससे एक जानकारी मिल जाती है कि क्लैट में वास्तव में क्या पूछा जाता है तथा क्लैट बहुत अप्रत्याशित भी है. इससे अपनी तैयारी की संरचना तैयार करने तथा अधिक महत्वपूर्ण विषयों को पहले आवृत्त करने में सक्षमता प्राप्त होती है. क्लैट 2019 हमें यह भी दर्शाता है कि कभी-कभी विगत वर्ष के प्रश्नपत्रों से प्रश्नों की पुनरावृत्ति की जाती है.

प्रश्न : क्या आप हमें उन पाठ्य पुस्तकों तथा संदर्भ पुस्तकों के बारे में बताएंगे जिनका आपने अध्ययन किया था, कृपया अन्य ऑफलाइन तथा ऑनलाइन संसाधनों का भी उल्लेख करें.

सामान्य ज्ञान के लिए मैंने हिंदू समाचारपत्र नियमित रूप से पढ़ा था. मैंने जीके टुडे तथा स्टडी आईक्यू को भी पढ़ा था. इसके अतिरिक्त, मैंने पत्रिका कम्पटीशन इन फोकस तथा लॉ प्रेप द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामग्री पढ़ी थी.

बौद्धिक वितर्क के लिए मैंने लॉ  प्रेप द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामग्री तथा महत्वपूर्ण विषयों के लिए आर एस अग्रवाल की पुस्तक का अध्ययन किया था. आलोचनात्मक तर्कण के लिए मैंने एम के पाण्डेय की पुस्तक पढ़ी थी.

विधिक तर्कवितर्क के लिए मैंने लॉ प्रेप द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामग्री पर निर्भर किया जिसमें क्लास नोट्स, कक्षा परीक्षायें तथा प्रतिरुप परीक्षायें शामिल हैं. पूर्व वर्ष के प्रश्नपत्रों ने भी सहायता की. अंग्रेजी शब्दकोष के लिए मैंने नार्मन लीविस की दो (2) पुस्तकों (वर्ड पॉवर मेड इजी तथा 30 डेज़ टू ए फास्टर वोकेबलरी) का अध्ययन किया. मैंने नियमित रूप से जीआरई हेतु शब्द सूचियों का अवलोकन किया जिससे मुझे नये शब्द सीखने तथा प्रचलित शब्दों को दोहराने में मदद मिली. मैं शब्दकोष के लिए रजिस्टर अनुरक्षित करता था और प्रतिदिन उन्हें अद्यतन करता था. व्याकरण के लिए मैंने लॉ प्रेप द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामग्री के अतिरिक्त अंग्रेजी सरल हैपुस्तक पढ़ता था. समाचारपत्र पढऩा भी बहुत अधिक मददगार रहा.

गणित के लिए मैंने कोचिंग द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामग्री तथा ऑनलाइन स्रोतों, जहां आवश्यकता हुई, पर निर्भर किया.

प्रश्न : आपकी आश्चर्यजनक सफलता के पीछे कौन से मुख्य कारक हैं?

मैं मानती हूं कि मेरी मुख्य शक्ति सदैव निरन्तरता रही है. पहले दिन से ही मैंने इस तरह तैयारी की जैसे क्लैट 2018 मेरा क्लैट रहा हो. मैं अन्त तक अपनी गति बनाये रखने में समर्थ रहा और उसी के कारण मुझे यह स्थान प्राप्त करने में सहायत मिली.

इसके अतिरिक्त, मैं परीक्षा के दिन तनाव मुक्त रहने में समर्थ रहा. क्योंकि शान्त चित्त सर्वोत्तम प्रदर्शन करने में सहायक होता है.

प्रश्न : तैयारी के दौरान आपने अपना समय प्रबंधन कैसे किया और कैसे तनाव मुक्त रहे?

यद्यपि मेरा सर्वाधिक समय तैयारी में व्यतीत होता था फिर भी मैं अपने अध्ययन सत्रों के बीच अन्तराल ले लेता था. मैं अपने परिवार से बात करता था, टहलने जाता था, बैडमिंटन खेलता था अथवा संगीत सुनता था. मेरा मानना है मस्तिष्क को नई ऊर्जा देने के लिए अन्तराल लेना आवश्यक है.

प्रश्न : आपकी भावी योजना क्या है - न्यायिक सेवा अथवा विधिक सेवा अथवा कोई अन्य सेवा, कृपया इसके ऊपर प्रकाश डालें.

अभी तक मेरी योजना सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में न्यायिक सेवा में जाना है लेकिन मैं अन्य अवसरों हेतु भी तैयार हूं.

(लेखक नॉलेज स्टार्ट अप दिल्ली नॉलेज ट्रैककी फाउंडर निदेशक हैं. उनसे priyarjindal@gmail.com) पर संपर्क कर सकते हैं)

व्यक्त विचार व्यक्तिगत हैं