सफलता की कहानी


Success Story-11

रचनात्मकता को प्रोत्साहन दें और जोश एवं आशावाद को आत्मसात् करें 

यूथ4वर्कएक ऐसा मंच है, जहां व्यक्ति अपनी प्रतिभा और कौशल को प्रदर्शित करता है, और उसके बाद हजारों अन्य लोगों की तुलना में परखा जाता है और सफलता प्राप्त करता है। पहले से मूल्यांकन की प्रक्रिया से गुजर चुके इन प्रोफाइल्स को ऐसी कंपनियों को उपलब्ध कराया जाता है, जो आकर्षक और अपने ब्रांड की जानकारी देने वाली हों या अधिक कुशलता और तत्परता से नियुक्तियां करने वाली हों। यह मंच कम्पनियों को विशिष्ट कौशलों से समृद्ध लोगों को साथ जोडऩे में भी सहायता करता है। यूथ4 वर्क की तकनीक कॉलेजों को एक वर्ष में कई बार छात्रों का आकलन करने और अन्य छात्रों की तुलना में उनके प्रदर्शन की रूपरेखा बनाने में सक्षम बनाती है।

2014 में, एक कम्पनी ने एंजेल इन्वेस्टर्स संजय बंसल, दान संधू, ऑरम इक्विटी पार्टनर्स एलएलपी और जीएपी इन्वेस्टमेंट्स सहित निवेशकों के एक समूह से  500,000 डॉलर तात्कालिक पूंजी जुटाई। वर्तमान सरकार ने डिजिटल इंडियाऔर मेक इन इंडियाजैसी  पहल की शुरूआत करके काफी हद तक यह स्पष्ट कर दिया है कि सूचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्र भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यूथ4वर्कके प्रमुख रचित जैन का कहना है कि मेक इन इंडियाअभियान इच्छुक उद्यमियों और प्रौद्योगिकी प्रेरित स्टार्टअप्स को पहले से ही प्रोत्साहन दे रहा है। जैन ने रोजगार समाचार को अपनी उद्यमिता की यात्रा के बारे में बताया, उनके साक्षात्कार के अंश निम्नलिखित हैं:

प्रश्न : आपको ऐसा कारोबार करने का विचार कहां से आया?

उत्तर : बीटेक पूरा करने के बाद मैंने मुम्बई में महिंद्रा एंड महिंद्रा  में नौकरी करनी शुरू कर दी। मैं  बहुत अच्छा  काम कर  रहा  था  और मेरा कॅरियर का  ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा था, लेकिन  मैं अपने बलबूते पर कुछ शुरू करना चाहता था, मैं कुछ ऐसा करना चाहता था, जो कोई और न कर रहा हो और मैं चाहता था कि मेरे  उत्पाद  से हर उम्र के लोगों को मदद  मिल सके। मैंने जेएजी ब्रदर्स का प्रारंभ किया। मैं  प्राइवेट  रेडियो  टैक्सियों  की  तरह  मुंबई  की पीली- काली  टैक्सियों  पर  विज्ञापन प्रदर्शित करने  के  विचार  को दोहराना चाहता था। कानूनी चिंताओं की वजह से इस विचार को तो अमल में नहीं लाया जा सका, लेकिन इस प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार करते हुए मैंने महसूस किया कि किसी को काम पर रखना, खास तौर पर सही प्रतिभा को काम पर रखना बहुत कठिन है। इसलिए मैंने इस बिल्कुल अनछुए बाजार  में  कदम  रखा, और  इसे यूथ4वर्कका नाम दिया।

प्रश्न : शुरूआत में आपका मिशन क्या था?

उत्तर : मैंने सही प्रतिभा को सही अवसर प्राप्त करने में सहायता देने के लक्ष्य के साथ शुरूआत की थी और तमाम चुनौतियों के बावजूद मैं अपने मिशन से नहीं भटका।

हमारे मिशन का ध्येय :

ऐसी मानव प्रौद्योगिकी बनना है, जो लोगों की पेशेवर समझ एवं यात्रा में, आगे बढक़र पारदर्शी और विवेकपूर्ण तरीके से उनकी सहायता कर सके।

रचनात्मकता को प्रेरित करे और जोश एवं आशावाद को लोगों में अंतर्निविष्ट कर सके।

प्रभावपूर्ण तरीके से प्रतिभा मिलान करते हुए भारत के युवाओं के भीतर मौजूद असली क्षमता को उपयोग में लाने में संगठनों की सहायता करना।

प्रश्न :उद्यमों में कितने लोग काम करते हैं?

उत्तर : हम 32 जोशीले और गतिशील सदस्यों वाली एक छोटी, लेकिन मजबूत टीम हैं।

प्रश्न : आप कौन सी सेवाएं मुहैया कराते हैं?

उत्तर : हमारे द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं को मोटे तौर में निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा जा सकता है:

*ऑनलाइन शिक्षा- यूथ4वर्कमंच ऑनलाइन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों की पेशकश करता है।

*परीक्षा की तैयारी - यूथ4वर्कमंच शैक्षणिक और नौकरी, दोनों उद्देश्यों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की पेशकश करते हैं।

*प्रतिभा को अपनाना - यूथ4वर्कमंच नियोक्ताओं को सही प्रतिभाओं को तलाशने में मदद करता है।

प्रश्न : आप अपने व्यापार का विज्ञापन किस प्रकार करते हैं?

उत्तर: हम उन उत्पादों के साथ सरोकार नहीं रखते, जहां रोजमर्रा की टीवीसी /विपणन रणनीति कारगर रहती है। हमारी सेवाएं हमारे उपयोगकर्ताओं पर केंद्रित हैं। हम जितनी बेहतर सेवाओं और प्रौद्योगिकी का पेशकश करेंगे, हमारे उपयोगकर्ता उतने ही ज्यादा संतुष्ट होंगे। इस प्रकार यूथ4वर्क’  के लिए विपणन का सबसे बड़ा साधन मौखिक रूप से साझा की गयी सूचनाएंहैं।

प्रश्न : आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देते हैं?

उत्तर:  हमारी सफलता में सबसे महत्वपूर्ण योगदान हमारी दृढ़ताका है। उसके बाद का योगदान हमारी अद्वितीय सेवाएं और प्रस्तुतियां देती हैं।

प्रश्न : आपको वर्तमान स्थान का चयन करने के लिए किसने प्रेरित किया?

उत्तर: मैं दिल्ली का रहने वाला हूं और अपने परिवार का इकलौता बेटा हूं। वैसे तो मुंबई को अवसरों की धरतीकहा जाता है, लेकिन मैं साबित करना चाहता था कि हमारी दिल्ली में भी वही सामथ्र्य है। इस तरह से मैं अपने परिवार के करीब आ सका और अपने सपनों को साकार कर सका।

प्रश्न : आपके व्यापार की विशिष्टता क्या है?

उत्तर: यूथ4वर्ककी विशिष्टता उसकी सेवाओं में निहित है। केवल हमारा मंच ऐसा है, जो सही कॉलेज/संस्थान की तलाश करने में सहायता प्रदान करने से शुरूआत करता है, ताकि अपने ख्वाबों की नौकरी प्राप्त की जा सके। ङ्घशह्वह्लद्ध४2शह्म्द्म।ष्शद्व जनता का मंचहै, जो युवाओं को खुद का आकलन करनेअपनी प्रतिभा में निखार लाने और अपनी प्रतिभा और पेशेवर उपलब्धियों को दर्शाने के लिए स्वयं को प्रदर्शित करने का सामथ्र्य प्रदान करता है।

हमारा कहना है कि हम मानव तकनीकतैयार कर रहे हैं, जो यूथ4वर्कके प्रत्येक सदस्य के बारे में सूचना एकत्र करती है और उसकी गहरी परख करती है ।

प्रश्न : किसी कम्पनी के प्रमुख के रूप में आपके क्या उत्तरदायित्व हैं?

उत्तर: एक स्टार्टअप का मालिक होने के नाते मेरे कंधों पर कई जिम्मेदारियां हैं मुझे: अपने शेयरधारकों को लाभ प्रदान करना होगा, अपनी टीम के सदस्यों की आगे बढऩे में मदद करनी होगी, हमारे मंच का उपयोग करने वालों का कौशल विकास करने और आकलन करने में मदद करनी होगी।

प्रश्न : क्या आपकी कंपनी, स्थानीय समुदाय की सहायता करती है?

उत्तर: हमारा लक्ष्य देश भर के लोगों की मदद करना है। हम जरूरतमंदों को प्रोत्साहन देने के लिए मुफ्त उपहार उपलब्ध कराते हैं या उनकी उम्मीदवारी को नि:शुल्क अद्यतन करते हैं।

प्रश्न : हाल ही में कारोबार शुरू करने वाले को आप क्या परामर्श देना चाहेंगे?

उत्तर: किसी स्टार्ट-अप के संस्थापक बनने के लिए किसी काल्पनिक दुनिया या आकर्षण से प्रेरित न हों। यह एक लंबी यात्रा है जिसका लक्ष्य दूसरों से कुछ हट कर दिखाना होना चाहिए। खुद पर यकीन रखिए। धन की बजाय, अपने उत्पाद और सेवाओं पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित कीजिए।

सीईओ पद सुनने में आकर्षक लगता है, लेकिन यह न भूलें कि स्टार्ट-अप में आपको कई तरह के काम अच्छे बखूबी करने आने चाहिए।

प्रश्न : आपको अपने व्यवसाय में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

उत्तर: जैसा मैंने पहले बताया, मेरे पहले स्टार्टअप उद्यम में लोगों को काम पर रखना बहुत बड़ी चुनौती थी, जिसने मुझे यूथ4वर्क’  शुरू करने के लिए प्रेरित किया। अगली चुनौती अपनी टीम से पूरे जोश के साथ काम कराना है।

आप सही प्रतिभा को नियुक्त करने और काम में उनकी रुचि बरकरार रखने में सक्षम हैं, तो आपकी राह में कोई अड़चन नहीं है। जादुई असर तभी होता है, जब आप सही काम पर सही लोगों को लगाते हैं और उन्हें प्रदर्शन करने का उद्देश्य प्रदान करते हैं।

प्रश्न :  भारत में स्टार्टअप्स की निरंतरता के बारे में क्या महसूस करते हैं?

उत्तर: स्टार्टअप और उद्यमी शब्द बहुत सुंदर हैं, उनमें काफी आकर्षण है, लेकिन वे सभी सफल नहीं हो पाते। दुर्भाग्यवश लोग स्पष्ट दृष्टि और इससे जुड़ी जिम्मेदारियों को पूरी तरह समझे बिना ही इस दुनिया में कदम रख देते हैं। स्टार्टअप्स को एक काल्पनिक दुनिया के रूप में पेश किया गया है, लेकिन सच्चाई इसके एकदम विपरीत है। इनके लिए व्यक्ति में दृष्टि, दृढ़ता, धैर्य, अपने आप में विश्वास और टीम लीडर जैसे गुण होने चाहिए।

स्टार्ट-अप के लिए भविष्य बहुत उज्ज्वल है, बशर्ते उनकी अवधारणा विलक्षण हो। लेकिन इसके साथ ही एक वैधानिक चेतावनी यह भी है कि किसी उद्यमी की राह आसान नहीं होती             

 

-अमित त्यागी