सफलता की कहानी


SKILL vOL.17

अपने जीवन कौशल और करियर को समृद्ध बनाएं

डॉ.जितेंद्र नागपाल

जीवन कौशलअनुकूल और सकारात्मक व्यवहार से संबंधित वे योग्यताएं हैंजो हमारे युवाओं को रोज़मर्रा के जीवन की आवश्यकताओं और चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने में सक्षम बनाती हैं. ये ऐसे मानव कौशल हैंजिन्हें शिक्षण अथवा रोजमर्रा के जीवन में सामान्य रूप से सामने वाली समस्याओं और सवालों से निपटने के प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से प्राप्त किया जाता है. डॉ. जितेंद्र नागपाल जीवन कौशल प्रशिक्षक (लाइफ स्किल कोच) हैं. वे युवाओं के कल्याण और स्कूलोंकॉलेजों और कार्पोरेट क्षेत्र के लिए व्यवहार कौशल (सॉफ्ट स्किल्स) से संबंधित डेवलपमेंटल ट्रेनर हैं. इस नियमित कॉलम में वे हमारे पाठकों के प्रश्नों के उत्तर देंगे.

प्रश्न : मेरी आयु 22 वर्ष है और आईआईटी में पढ़ता हूं. मैंने स्कूल के बाद एक साल ड्रॉप भी किया था. वैसे तो मैं जिस कॉलेज में हूं,  वह शीर्षतम कॉलेजों में से एक हैलेकिन इसके बावजूद मैं इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हूं कि मेरा चुनाव सही है या नहीं. इसके बाद मेरी एमबीए नहीं करने की इच्छा नहीं है,लेकिन इन दिनों बी-टैक-एमबीए संयोग या कॉम्बिनेशन सफल माना जा रहा है. मैं अपने जीवन में क्या करना चाहता हूंइस बारे में पक्के तौर पर आश्वस्त नहीं हूं . कभी-कभी तो मैंने लोक सेवाओं में शामिल होने पर भी विचार किया है. मैं बहुत दुविधा में हूं. कृपया मेरी सहायता कीजिए.

उत्तर : सबसे पहले तो मैं आपको यह याद दिलाना चाहता हूं कि शिक्षा कभी बर्बाद नहीं होती. आपका शीर्षतम कॉलेजों में से एक में पढऩाइस बात का प्रमाण है कि आपका इंजीनियरिंग के प्रति रुझान है. आगे चलकर यकीनन इससे आपको लाभ पहुंचेगाइसलिए अच्छा यही होगा कि आप इसे अधूरा न छोड़ें. जहां तक एमबीए करने का सवाल हैतो इसे करना तभी बेहतर होगा,  जब आपको लगे कि आपमें प्रबंधन करने की योग्यता है,अन्यथा आप संभवत: उतनी कामयाबी हासिल नहीं करेंगेजितनी आप अपने रुझान वाला रास्ता चुनने के बाद हासिल करेंगे. आप इंजीनियरिंग करने के बाद भी लोक सेवा परीक्षा दे सकते हैंक्योंकि यदि आप प्रशासनिक क्षेत्र में कुछ करना चाहते हैंतो यह कॅरिअर का एक अच्छा विकल्प है. यदि आपकी दुविधा अब तक बरकरार हो और अपने रुझान और दिलचस्पी के मुताबिक अन्य विकल्पों को जानना चाहते हैंतो किसी कॅरिअर काउंसलर के पास जाना आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. तनावमुक्त होने और स्वयं को केंद्रित रखने के लिए कॉलेज की अन्य गतिविधियों से जुडऩे की कोशिश करें. याद रखिए यदि आप अपने कार्य को लेकर भावनात्मक रूप से संतुष्ट होंगेतो वित्तीय सफलता खुद ब खुद मिल जाएगी.

प्रश्न : मेरी आयु 23 साल है. कार्यस्थल पर अक्सर मुझे ऐसा लगता है कि मैं सही जगह पर नहीं हूं. मुझमें आत्मविश्वास की बेहद कमी है या कहिए कि मुझमें आत्मविश्वास बिल्कुल नहीं है और मैं लोगों का सामना नहीं कर सकता. मुझे अक्सर लगता है कि लोग मुझ पर हावी हो रहे हैं या वे मेरा मखौल उड़ा रहे हैं और मैं कभी भी उन्हें पलटकर जवाब नहीं दे सकता या मिलनसार नहीं बन सकता. कृपया मेरी सहायता कीजिएमैं खुद में आत्मविश्वास कैसे जगाऊं और अपना आकलन कैसे करूं

उत्तर : अच्छे मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए आत्मविश्वास बरकरार रखना सचमुच आवश्यक है. पहले पहलअपने गुणों और कमजोरियों का स्पष्ट आकलन कीजिए. अपने गुणों को विकसित कीजिए और उन्हें अपने व्यक्तित्व का अंग बनाइये. इससे आपको आत्मविश्वास जगाने में मदद मिलेगी. किसी के अनावश्यक प्रभाव में आने से बचने के लिए अधिकार जताना सीखिए. अपनी सीमाएं तय कीजिए और उनके बारे में बताइये. जब आपके सहकर्मी आपकी भावनाओं को चोट पहुंचाएं या हद पार करेंतो उनको यह बताने में हरगिज नहीं हिचकिचाइए. वे आपकी ईमानदारी का सम्मान करेंगे. पता लगाइये कि आप वास्तव में क्या पाना चाहते हैं और अपने लक्ष्य निर्धारित कीजिएइससे एक खाका तैयार होगा और आप स्पष्ट तौर पर जान सकेंगे कि आपके जीवन का क्या उद्देश्य है. अपने कार्यपरिवारसामाजिक और निजी पहलुओं को सम्मिलित कीजिए और जब भी आप कोई लक्ष्य प्राप्त करेंस्वयं को कुछ इनाम दीजिए. पूर्णता का अहसास आपके भीतर के विश्वास को बढ़ाएगा. कई बार रूप-रंग में बदलाव लाना भी मददगार साबित होता है. बीती बातों को भूल जाइये. अब से आप अपने आज को संवार सकते हैं और खुद में नया विश्वास जगा सकते हैं. खुद को कोसना बंद कीजिए. अगर आप बार-बार अपने आपको नीचा दिखाते रहेंगेतो आपका विश्वास खत्म हो जाएगा. आत्म-आलोचना से बचिए. अपने आपको बार-बार याद दिलाते रहिये कि आपने कौन-कौन से अच्छे कार्य किए हैं. सकारात्मक लोगों के साथ ज्यादा वक्त बिताइये,  जो आपको सहारा देते हैं और आपको अच्छा महसूस कराते हैं. नकारात्मक लोग आपके भरोसे को उसी तरह खत्म कर देते हैंजैसे ज़ंग किसी धातु को नष्ट कर देता है. अपनी समस्या अपने करीबी मित्र को बताइये और वह संभवत: दूसरों से संवाद कायम करने में आपकी मदद कर सकता/सकती है. सकारात्मक लोगों से जुडिय़े और खुद में उनकी दिलचस्पी जगाइये. आप अच्छा महसूस करेंगे.

 (ई-मेल: jnagpal10@gmail.com)