सफलता की कहानी


SKILL DEVELOPMENT VOLUME 21

जीवन कौशल और कॅरिअर को समृद्ध बनाएं

जीवन कौशल और योग्यताएं अनुकूलन और रचनात्मक व्यवहार के अंतर्गत आती हैं, जो हमारे युवाओं को रोजमर्रा के जीवन की मांगों और चुनौतियों से कारगर ढंग से निपटने में सक्षम बनाती हैं। शिक्षण अथवा प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए अर्जित किए जाने वाले मानव कौशलों का एक ऐसा समूह है, जो रोजमर्रा की जिंदगी में आमतौर पर सामना की जाने वाली समस्याओं और सवालों से निपटने में उपयोगी है। डॉ। जितेन्द्र नागपाल जीवन कौशल प्रशिक्षक हैं। वे युवाओं की खुशहाली और स्कूलों, कॉलेजों और कार्पोरेट क्षेत्र के लिए व्यावहारिक कौशल में एक विकासात्मक प्रशिक्षक हैं। इस नियमित स्तंभ (कॉलम) के अंतर्गत वे हमारे पाठकों के प्रश्नों के उत्तर देंगे।

प्रश्न: मैं एम.बी.ए. (पूर्णकालिक दो वर्षीय) पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाहता हूं, किंतु मैंने अपनी स्नातक डिग्री बी।कॉम में ४८' अंकों के साथ और स्नातकोत्तर डिग्री एम.कॉम में ६८.७५' अंकों के साथ की है। कृपया मेरा मार्गदर्शन करें कि मैं अध्ययन किस तरह करूं और अपनी परीक्षा आसानी से उत्तीर्ण कर सकूं। आजकल प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक है इसलिए कई बार मैं स्वयं को अक्षम समझता हूं।

उत्तर: मैं यह समझता हूं कि निर्णय लेना आपकी चिंता का एक विषय है। मैं आपकों सलाह दूंगा कि अपनी अब तक की शैक्षिक योग्यताओं को देखते हुए आशा न छोड़े। एम।बी।ए। प्रवेश, आपको किसी विषय विशेष के ज्ञान को नहीं देखता बल्कि यह आपकी सम्पूर्ण क्षमता पर आपके मूल्यांकन करता है। इसलिए भाषा, तर्क संगतता आदि जैसी बुनियादी क्षमताओं पर ध्यान दें। इसलिए अभ्यास करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह आपको प्रश्न-पत्र की प्रकृति को समझने में सहायता करेगा और आप अपनी कमजोरियों तथा क्षमताओं को समझ सकेंगे ताकि आप उनमें सुधार कर सकें। यदि आप अभ्यास परीक्षाओं में बैठना प्रारंभ कर देंगे और अपनी गलतियों पर ध्यान देने लगेंगे तो निश्चित तौर पर आप वे गलतियां दोबारा नहीं करेंगे। इन गलतियों से बचने के लिए और अभ्यास करें। ऐसे अध्ययन सत्र की योजना न बनाएं जो उद्देश्यहीन हों। अध्ययन के लिए बैठने से पहले अपनी तैयारी का एक लक्ष्य निर्धारित करें। उदाहरण के लिए यदि आपने ३ घंटे तक पढऩे का निर्णय लिया है तो आपको यह भी पता होना चाहिए कि अपनी इस अवधि के अंत में आप क्या प्राप्त करना चाहते हैं। किसी भी भाग को कम नहीं आंके। प्रत्येक भाग एवं अभ्यास के लिए एक समान समय निर्धारित करें। अभ्यास करते समय स्वयं को समय देना भी न भूले क्योंकि अपनी क्षमताओं को निखारने के साथ-साथ समय प्रबंधन पर ध्यान देना भी आवश्यक है। स्वयं को एक या दो शौक में ढ़ालना, पौष्टिक आहार तथा कसरत आपकी शक्ति बढ़ाएगी और आपके ध्यान में वृद्धि करेगी। ध्यान देने योग्य एक अंतिम तथ्य : सफलता के मार्ग जटिल नहीं होते। कई बार यह मात्र प्रयोग करती है और समय लेती है। जब आप कुछ कर रहे होते हैं उस समय भी आप कुछ सीखते हैं। इसलिए परिश्रम करें और आपके भावी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।

प्रश्न- मेरी उम्र २२ वर्ष है। मैं समाज शास्त्र का छात्र हूं मैं काफी निकट संबंधियों से उम्मीदों की इस कठिन प्रणाली में फंसा हूं और इसके परिणामस्वरूप संबंधों का दुखद अंत हो जाता है। हाल में एक दुखद मामला सामने आया किन्तु मैं उससे उबरना चाहता हूं। अपने जीवन में आगे बढऩे और अपने अध्ययन पर केन्द्रित करने के प्रति मैं इच्छुक हूं किन्तु ऐसे कर पाने के अपने प्रयासों में लगातार विफल हो रहा हूं कृपया मेरी मदद करें।

उत्तर- संबंध और आजीविका निर्माण करना आपकी क्षमता और आपके जीव कौशलों की जांच के लिए अक्सर एक साथ होता है। किन्तु अपने आप में यह जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण शिक्षा है। सबसे पहले वर्तमान वास्तविकता को स्वीकार करना और अपनी चिंतन प्रक्रिया में परिवर्तन लाना आपके लिए महत्वपूर्ण है। आपके लिए यह समझना जरूरी है कि जीवन अनुमान से काफी परे है और ऐसी बातें अक्सर हो जाती हैं। अथवा अचानक ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं, जो हमारे नियंत्रण से बाहर हैं। किन्तु ऐसे समय में ऐसी स्थितियों से निपटने और उनसे कारगार तरीके से निपटने के लिए हमारे पास हिम्मत और इच्छा शक्ति होनी चाहिए। अपने रवैये और अवधारणाओं में बदलाव लाने से साहस मिलता है।

हमे हमेशा याद रखना चाहिए कि भूतकाल एक जानकारी का एक ऐसा भंडार है, जिससे आप सीख सकते हैं, किन्तु यह कोई ऐसा मकडज़ाल नहीं है जिससे आप फंसे हैं आप अपने अतीत से न तो भाग सकते हैं और न ही उसे बदल सकते हैं। यह हमेशा आपके साथ रहेगा, किन्तु यह जरूरी है कि साथ रहेगा किन्तु यह जरूरी है कि आप अपने अतीत को अपनी स्मृति में एक शिक्षण अनुभव के रूप में संग्रहित रखें। दुखी होने और हीनता महसूस करने के बदले आत्मावलोकन करने का प्रयास करें और अपने आप से सवाल करें कि किसी खास संबंध में आपसे कहा गलती हुई अथवा क्या कमी रह गई जिसके कारण संबंध टूट गया। उस प्रकरण को एक ऐसा अनुभव मानना चाहिए, जिससे आपको काफी सीखने का अवसर मिला। इसलिए सकारात्मक यादों को बीजारोपण करने का प्रयास करे और समय के साथ दुखद यादों को सही होने का मौका दें जिसने आपको प्रभावित किया है। खुद के लिए न केवल अच्छा बल्कि एक महान मित्र होना स्वस्थ जीव का पहला घटक है। इतना ही नहीं अपने भविष्य के प्रति आशावादी रहें और यह आशावादी सर्वश्रेष्ठ संभव तरीके से आपको आगे बढ़ाने तथा उन्नति करने की शक्ति प्रदान करेगा। हमेशा याद रखें कि जीवन में जो कुछ भी होता है वह अच्छाई के लिए होता है और आपके लिए कुछ अथवा कुछ बेहतर होने वाला है। आपके लिए केवल खुश रहने की जरूरत है और सुनहरे भविष्य का स्वागत करें, जो आपके लिए होने वाला है।

 

हमारी शुभकामनाएं। (ई-मेल: jnagpal10@gmail.com)