संपादकीय लेख


Volume-43, 20-26 January, 2017

 
‘‘देश के युवा रोजग़ार सृजक और इनोवेटर्स
होने चाहिये’’: प्रधानमंत्री


(12 जनवरी, 2018 को 22वें राष्ट्रीय युवा उत्सव-2018 के उद्घाटन समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के अंश) (वाया विडियो कान्फ्रेंस)


मित्रों, आज राष्ट्रीय युवा उत्सव शुरू हो रहा है. मैं सभी युवाओं और संस्थाओं को शुभकामनाएं देता हूं और बधाई देता हूं जिन्होंने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार जीते हैं.
यह नये भारत के मुद्दे पर चर्चा करने और शपथ लेने का एक उत्कृष्ट अवसर है. यह 22वां समारोह है और मैं आशा करूंगा कि जब आप लोग चर्चा करते हैं तो इस बारे में भी मंथन करेंगे कि जब 25वां युवा उत्सव मनाया जायेगा उसका क्या स्वरूप होगा. किस तरह का संकल्प लिया जायेगा? हम एक रोडमैप तैयार करते हुए कहां तक पहुंचेंगे?
मित्रों, हमारा देश 2022 में अपनी आज़ादी के 75 साल पूरे कर लेगा. आपने स्वतंत्रता संघर्ष के लिये केवल पुस्तकों में पढ़ा होगा. मैंने भी स्वयं स्वतंत्रता संघर्ष के बारे में सुना या पढ़ा है. हमारी आयु में अंतर हो सकता है परंतु इस संबंध में मैं आप लोगों से अलग नहीं हूं.
मेरे युवा साथियों, हमने आज़ादी की लड़ाई में भाग नहीं लिया है इसलिये उन सपनों को वास्तविकता में बदलना हमारी जिम्मेदारी बनती है जो सपने हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने लिये थे.
उस तरह के भारत का निर्माण करने के सपने को पूरा करने की हम सब की जिम्मेदारी है जो कि हमारे बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों ने उस वक्त देखे थे जब ब्रिटिश पुलिस उन पर जुल्म ढहा रही थी और उन्हें जेल की अंधेरी कोठरियों में तमाम यातनाएं सहनी पड़ती थीं. जब हम उन सपनों, उन अवधारणाओं की कल्पना करेंगे तभी हम उनके सपनों के भारत के निर्माण के लिये संकल्प ले पायेंगे.
आपको ध्यान देना चाहिये कि आपके आसपास ऐसा क्या हो रहा है जिसे आप बदलना चाहते हैं.
भाइयों और बहनों, स्वामी विवेकानंद कहा करते थे ‘‘युवा वह होता है जो बिना अतीत की परवाह किये अपने भविष्य के लक्ष्यों के लिये काम करता है. आप सभी युवा आज जो काम करते हैं वही देश के भविष्य की दिशा तय करता है. इसलिये आज आप जो संकल्प लेंगे वही सिद्ध होकर देश को सफलता के लिये तैयार करेगा’’.
यदि आपकी नीयत साफ होती है, इरादे स्पष्ट और हौसले बुलंद हैं तो लोग स्वत: ही आपसे जुड़ते चले जाते हैं. आज मुझे आपसे यही अपेक्षा है कि पहला कदम उठाने से पहले कुछ संकल्प करके नई शुरूआत करने से पहले घबराएं नहीं, आज ठान लें. आपकी इसी यात्रा में सरकार भी पूरा हिंदुस्तान भी हर तरह से आपके साथ है, ये विश्वास है मुझे. मैं चाहता हूं कि जो नौजवान अपने दम पर अपने परिश्रम से अपने सपने पूरे करना चाहता है उसे हर तरफ की मदद मिलेगी.
जब वह शुरूआत करे तो उन्हें बैंक गारंटी की चिंता न करनी पड़े, टैक्स की चिंता न करनी पड़े, अनेकों तरह की कागजी कार्रवाई की चिंता न करनी पड़े.
मैं चाहता हूं कि मेरे देश का युवा रोजग़ार सृजक बनेे, उसे इनोवेशन के लिये आगे आना चाहिये और इसलिये इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है.
साथियों, हमारी सरकार अब तक प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लगभग 10 करोड़ लोगों के ऋण स्वीकृत कर चुकी है. 10 करोड़ का आंकड़ा बहुत बड़ा है.
लोगों को बिना बैंक गारंटी 4 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज दे दिया गया है. सोचिए बिना बैंक गारंटी, बिना यह सोचे कि कजऱ् कैसे वापस आयेगा, 4 लाख करोड़ रुपये की राशि इन युवाओं को दे दी गई है.
लोगों ने गांवों में, कस्बों में, शहरों में और ग्रामीण क्षेत्रों में अपने स्वयं के छोटे-मोटे बिजनेस शुरू कर दिये हैं. ये लोग, ये छोटे और मझौले उद्यमी अब रोजग़ार प्रदाता बन गये हैं.
भाइयों और बहनों, सरकार की इस बड़ी योजना का आधार एक ही है कि आप पर देश को भरोसा है. हमें विश्वास है कि इस देश का युवा जब कुछ ठान लेता है तो वह चमत्कार कर सकता है. हमारे देश के कोने-कोने में ऊर्जा से परिपूर्ण युवा मौजूद हैं. कोई पहाड़ों में छोटे से झरने से बिजली बना रहा है, कोई कूड़े से बिजली पैदा कर रहा है और कोई कूड़े से घर-निर्माण की चीजें बना रहा है, कोई प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है और किसी ने अपने खेत में ही फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगा रखी है.
ऐसे करोड़ों युवा राष्ट्र निर्माण के लिये दिन रात काम
कर रहे हैं.
आप में सामथ्र्य है, साहस है और सही दिशा में चलने की सूझबूझ भी आप रखते हैं. सरकार का प्रयास आपके हाथ थामने का है. थोड़ा सा सहयोग और बाकी आप सामथ्र्यवान हैं, खुद सक्षम हैं.
साथियों, सरकार इस बात पर भी ध्यान दे रही है ताकि लोग आधुनिक समय की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें.
यह पहली बार है कि किसी सरकार ने कौशल विकास के संबंध में इस तरह की गंभीरता दिखाई है. पहले लोग जब उनसे कौशल और शिक्षा के बीच अंतर के
बारे में पूछा जाता था, चुप्पी साध लिया करते थे.
भाइयों और बहनों, किताब में पढऩा कि हवाई जहाज कैसा होता है कैसे उड़ाया जाता है, किताब में इस तरह का विवरण शिक्षा होता है. लेकिन वास्तविक जीवन में हवाई जहाज को उड़ाना कौशल होता है. यदि कोई मात्र शिक्षा प्राप्त कर लेता परंतु उसके पास कौशल नहीं है तो रोजग़ार प्राप्त करना कठिन होता है.
यही वजह है कि हम कौशल विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. यह सुनिश्चित किया गया है कि युवाओं को शिक्षा प्राप्त करने के अलावा वे कुशल भी हों.
लाखों युवाओं को स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षित किया गया है. सरकार देश भर में प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्रों की स्थापना कर रही है. इंडिया इंटरनेशनल स्किल सेंटर भी खोले गये हैं. सैंकड़ों बहु कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना का काम चल रहा है. यह पहली बार है जब उन कंपनियों को वित्तीय सहायता दी जा रही है जो युवाओं को इंटर्नशिप प्रदान कर रही हैं. कंपनियों द्वारा छात्रों को भुगतान की गई इंटर्नशिप की राशि के हिस्से की सरकार प्रतिपूर्ति करती है.
राष्ट्रीय प्रशिक्षुता योजना के अधीन अब तक 7 लाख से अधिक युवा पंजीकृत किये जा चुके हैं. सरकार ने अगले दो-तीन वर्षों में 50 लाख युवाओं को प्रशिक्षुता प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य तय किया है. प्रधानमंत्री युवा योजना के अधीन युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने का काम तीन हजार से अधिक संस्थानों में संचालित किया गया है.
देश की आवश्यकताओं के अनुसार और उद्योग की भी आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने का सरकार का प्रयास है. बाहरी देशों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भी लोगों के लिये कौशल विकसित किये जा रहे हैं.
साथियों मुझे देश के नौजवानों पर पूरा भरोसा है, देश की युवा शक्ति, युवा ऊर्जा पर पूरा भरोसा है.  और इसलिये हमने उस पर ध्यान केंद्रित किया है.
साथियों कुछ लोग कहते हैं कि आज के युवाओं में धैर्य नहीं है. परंतु मैं कहता हूं कि यही बात आज की पीढ़ी के नौजवानों के लिये उनके गंभीर इनोवेशन का कारण बन जाती है.
जीवन में धैर्य होना चाहिये, अधीर जीवन सही नहीं है लेकिन ऐसा भी धैर्य नहीं होना चाहिये कि आदमी नया सोच ही न पाये, जिंदगी बिल्कुल ठहर जाये. धैर्य नहीं है इसी वजह से आज का युवा तेज़ गति से काम कर रहा है, वह इनोवेटिव काम कर रहा है और नतीजे पाने का प्रयास कर रहा है.
स्वच्छ भारत अभियान हो, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का अभियान हो या वेस्ट टू वैल्थ हो, आपके इनोवेशन्स सामाजिक चिंताओं से जुड़े हुए हैं. आपके आसपास की चुनौतियों और समस्याओं के बारे में आपसेे अधिक बेहतर कौन समझ सकता है. आप लोगों की इनोवेशन की इस क्षमता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अटल इनोवेशन मिशन की शुरूआत की है. देश के स्कूलों और कालेजों में इनोवेशन के लिये अनुकूल परिस्थितियां उत्पन्न करने पर ज़ोर दिया जा रहा है. छात्रों में वैज्ञानिक सृजनात्मकता उत्पन्न करने और उनकी सृजनात्मकता को सही दिशा प्रदान करने के लिये देश भर में करीब 2500 अटल टिंकरिंग लैबों की भी स्थापना की जा रही है.
विनिर्माण, परिवहन, ऊर्जा, कृषि, जल और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में अभिनव-उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के लिये अटल इन्क्युबेशन सेंटरों की स्थापना की गई है. ये सेंटर स्टार्ट-अप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे और उनका सही दिशा में मार्गदर्शन भी करेंगे.
भाइयों और बहनों, स्टार्ट अप इंडिया कार्यक्रम देश में स्टार्ट-अप क्रांति का आधार बन रहा है. सरकार ने रु. 10,000 करोड़ के साथ स्टार्ट अप कोष की स्थापना की है.
नये स्टार्ट-अप्स को ऋण गारंटी और कर छूट प्रदान की जा रही है. सरकार उन्हें कानूनी सहायता प्रदान कर रही है ताकि वे अपने इनोवेशन्स का पेटेंट प्राप्त कर सकें. मैं आपको यह सूचना दे रहा हूं क्योंकि यह सूचना आपकी आगे चलकर जब आप कालेज से स्नातक हो जायेंगे, आपकी आगे बढऩे में मदद करेगी.
आज के दिन आज लोग जो कुछ भी संकल्प लेंगे उसे पूरा करने में यह सूचना आपकी मदद करेगी. पढ़ते हुए आपको कंपनी या अपना स्टार्ट अप शुरू करने से कोई नहीं रोक सकता.
भाइयों और बहनों दुनिया में हर कोई सुविधा पाकर ही आगे बढ़ा है ये ज़रूरी नहीं है. आज कितनी ही विदेशी कंपनियों को भारत से गये युवा चला रहे हैं. वे उन कंपनियों के प्रेसीडेंट, चेयरमैन और सीईओ हैं. इन कंपनियों में उनके काम का लोहा माना जाता है. क्या वे सीधे वहां पहुंचे हैं क्या? नहीं, क्या राजनीतिक वंशवाद वाली स्टाइल में सीधे उन्हें बड़े पद मिल गये हैं? जी नहीं, उन्होंने मेहनत की है. उन्होंने संघर्ष किया है.
उनके सपने थे, उन्होंने जोखिम उठाया और दिन रात पसीना बहाया है तब जाकर वे वहां पहुंचे हैं. भारत के युवाओं में यह क्षमता है वह जहां भी गया है अपना और देश का नाम उसने रोशन किया है. आपने देखा दो दिन पहले आंचल ठाकुर ने स्कीइंग में देश का पहला अंतर्राष्ट्रीय पदक दिलाया. कुछ दिन पहले मानुषी छिल्लर ने देश का नाम रोशन किया.
मैं मानता हूं कि जो सोशल मीडिया पर हैं वे अवश्य, हररोज़ अद्यतन समाचार प्राप्त करते होंगे कि सागर परिक्रमा के लिये जो छह बेटियां निकली हुई हैं, वे आज कहां पहुंची हैं. यह संकल्प से सिद्धि का एक अलग-अलग यात्राओं का जो हर किसी के लिये प्रेरणादायक है.
साथियों, आज मेरा आपसे यह भी आग्रह है कि खेल को अपनी जि़ंदगी का हिस्सा बनाएं.
खेल शिक्षा का ही एक तरीका है, जो सिर्फ शरीर को ही चुस्त दुरूस्त नहीं रखता है बल्कि मस्तिष्क को भी जागरूक करता है. खेल से हम अनुशासन सीखते हैं.
खेल का मैदान हमें हार का मतलब समझाता है. खेल का मैदान हमें अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिये अथक प्रयत्न करना सिखाता है. टीम भावना का क्या अर्थ है यह बात हम पहली बार खेल के मैदान में सीखते हैं. हारें या जीतें लेकिन खेल के मैदान से हम जो खिलाड़ी होने की भावना सीखते हैं वह जीवनपर्यन्त हमारे भीतर बनी रहती है. और इसलिये मैं कहता हूं जो खेले वह खिले. आप लोग भी खूब खेलिये, खूब खिलिए, खेल के साथ-साथ आप योग को भी अपनी जि़दंगी में शामिल कीजिए. मुझे बताया गया है कि आप लोग इस युवा समारोह में हर रोज योग करेंगे. इस अभ्यास को आप साथ लेकर जाइयेगा. योग से आप शारीरिक और मानसिक रूप से मज़बूत होंगे.
मेरा अनुभव कहता है कि इस युवा महोत्सव में आप जो कुछ भी सीखेंगे, आपके जो संबंध बनेंगे, वह जीवन भर आपके साथ रहेंगे, आपके काम आयेंगे.
एक बार फिर आप सभी को युवा दिवस और युवा उत्सव की शुभकामनाओं के साथ स्वामी विवेकनंद जी की पुण्य तिथि पर उनका स्मरण करते हुए, उस महापुरुष ने जो मार्ग दिखाया है, सामाजिक समरसता का जो मार्ग दिखाया है, ऊंच नीच के भेदों से मुक्ति का मार्ग दिखाया है, राष्ट्र के जीने मरने की प्रेरणा का मार्ग दिखाया है, ऐसे स्वामी विवेकानंद जी के जन्म दिन पर युवा प्रेरणा, युवा सामथ्र्य और संकल्प के साथ आप आगे बढ़ें इन्हीं शुभकामनाओं के साथ मैं मेरी वाणी को विराम देता हूं.
पत्र सूचना कार्यालय से साभार