संपादकीय लेख


Volume-47, 17-23 February, 2018

 

 
खेलो इंडिया: खेलकूद के क्षेत्र में रोज़गार के अवसर

संतोष कोशी जॉय

भारतीय स्पोटर्स वैगन खेलो इंडियाको झंडी दिखाकर रवाना किया गया है और यह रोजगार के अवसरों के तीव्र मार्ग पर अग्रसर है. देश में आज यह सवाल हर युवा के सामने है कि क्या उसे संभावनाओं के इस क्षेत्र का लाभ उठाना चाहिए? उदीयमान खिलाडिय़ों को जहां एक तरफ कठिन परिश्रम की आवश्यकता पड़ती है, वहीं दूसरी तरफ इसके लिए खेल के मैदान और एक समान एकजुट सहायता भी आवश्यक है, ताकि देश में सही अर्थों में खेल क्रांति लाई जा सके. आने वाले दिनों में खेलो इंडिया के तहत आंकड़ा विश्लेषण से लेकर स्पोटर्स मेडिसिन तक रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध होंगे.
बीते सप्ताह खेलो इंडिया स्कूल गेम्स के अंतर्गत राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न स्कूलों के युवा एथलीट विक्टरी पोडियम पर चमकते नजर आए. यह पहला अवसर था, जब देश में खेलों को एक अरब से अधिक लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए व्यवसाय और भविष्य के माध्यम के रूप में विकसित करने के सरकार के नए और संकेंद्रित प्रयास दिखाई दिए.
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि खेलो इंडिया’ ‘‘सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि खेलों को भारत के लोगों के लिए रोजगार का प्राथमिकता वाला क्षेत्र बनाने का एक अभियान है.’’ उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक परिवार तक खेलों के महत्व का संदेश पहुंचाने और उन्हें शैक्षिक पारिस्थितिकी का अभिन्न अंग बनाने के प्रति वचनबद्ध है. खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों का विकास उच्चतर स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय खेलों में भारत के संभावनाशील खिलाडिय़ों के रूप में किया जाएगा. परंतु, बीते सप्ताह में सबसे आकर्षक बात यह रही कि खेलों के क्षेत्र में रोजगार के कई तरह के अवसर दिखाई दिए. जैसा कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा है, खेल के मैदान में, मैदान से बाहर और देश के एक अरब से अधिक लोगों के दिलों और दिमाग में, प्रत्येक व्यक्ति के लिए खेल जगत में रोजगार के असीमित अवसर उपलब्ध होंगे.
इस संदर्भ में सबसे अच्छी बात यह रही कि अतीत से भिन्न इस बार खेलों को प्रोत्साहन देने की बात सिर्फ कागजी नहीं दिखती, बल्कि लोग राष्ट्र द्वारा शुरू किए गए स्पोटर्् वैगन को अपने घरों से बाहर आकर स्पष्ट रूप से समर्थन दे रहे हैं. जब आप इस आलेख को पढ़ रहे होंगे, तब तक खेलो इंडिया का संकल्प दस लाख का आंकड़ा पार कर चुका होगा. जीवन के सभी क्षेत्रों से सम्बद्ध लोग देश में खेल आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं.
खेलों से संबंधित व्यवसायों में बेहतर कॅरिअर के लिए लगभग वही गुण और योग्यताएं अपेक्षित हैं, जो अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए अपेक्षित होती हैं. खेलों के फील्ड में रोज़गार के लिए किसी व्यक्ति में अपेक्षित बुनियादी गुणों में शारीरिक योग्यता, खेल भावना और मानसिक क्षमता शामिल है. इस विचार-विमर्श में हमें इस बात का भी अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि हम जो खेल व्यवसायी तैयार कर रहे हैं, वे न केवल घरेलू मांग पूरा करेंगे, बल्कि प्रशिक्षित एवं उत्साही खेल व्यवसायी अंतर्राष्ट्रीय जरूरतें भी पूरी करेंगे. वास्तव में अनुषंगी खेल व्यवसाय उत्साहियों की निरंतर बढ़ती मांग तभी पूरी की जा सकती है, जब खेलो इंडिया कार्यक्रम पर्याप्त संख्या में युवा और ऊर्जावान आबादी के साथ विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों में अपनी जड़ें जमाए.
यहां हम खेलों से संबंधित व्यवसायों पर सिलसिलेवार विचार कर सकते हैं:
एथलेटिक व्यवसाय:
निश्चय ही प्रथम और सर्वाधिक महत्वपूर्ण रोजगार खिलाड़ी के रूप में फील्ड से संबंधित है. फील्ड में व्यवसाय सिर्फ उसी समय लाभकारी नहीं है, जब आप खेल रहे हों, बल्कि खेल के मैदान से बाहर भी आपके लिए उस समय रोजगार के आकर्षक अवसर उपलब्ध होंगे, जब आप अपने चरम प्रदर्शन के वर्ष पूरे कर चुके होंगे. खेल प्रतियोगिताओं की परिकल्पना और उनके निष्पादन तथा संचालन और टीमों को प्रेरित करने जैसे कार्यों में पूर्व खिलाडिय़ों को तरजीह दी जाती है. किसी खास खेल या एथलेटिक गतिविधि में एक व्यवसायी के रूप में रोजगार पाने में प्रशिक्षण सबसे महत्वपूर्ण है. आपसे यह उम्मीद की जाती है कि प्रशिक्षक के विशेषज्ञ मार्गदर्शन के अंतर्गत कड़ा प्रशिक्षण हासिल करें और उसके साथ पौष्टिक भोजन और नपी-तुली दिनचर्या का अनुपालन आवश्यक है.
 
प्रशिक्षक के रूप में रोजगार के अवसर
खेलों और स्कॉलरशिप पर बल देने के सरकार के नए कार्यक्रमों और उदीयमान खिलाडिय़ों के लिए बढ़ते संस्थागत समर्थन को देखते हुए माता पिता अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिलाने पर अधिक महत्व देने लगे हैं. युवाओं को गौरवशाली बनाने के इस प्रशिक्षण के लिए लाखों प्रशिक्षकों और गुरुओं की आवश्यकता है. स्कूल शारीरिक गतिविधियों के महत्व को समझने लगे हैं और उनके परिसरों में शारीरिक प्रशिक्षकों की जरूरत अब जिस तेजी से बढ़ेगी, वह पहले कभी नहीं थी. इस तथ्य को इस प्रवृत्ति से भी बल मिला है कि आजकल माता पिता अपने बच्चों को उन स्कूलों में भेजने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो एक संपूर्ण पाठ्यक्रम अपनाते हैं. आने वाले दिनों में कोचिंग में रोजगार की मांग निश्चित रूप से बढ़ेगी. बिना अच्छे कोच के खेल के मैदान में किसी एथलीट के सपनों को साकार करने की संभावनाएं न के बराबर होती हैं, इसलिए प्रशिक्षक के रूप में खेल में रोजगार का महत्व बना रहेगा. एक अच्छे कोच की मांग बहुमूल्य वस्तु के रूप में बढ़ेगी.
खेल लेखन
लेखन और भाषण में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए भारत में अब एक नया आयाम खेलों के रूप में जुड़ गया है. आने वाले दिनों में खेलों से संबंधित लेखन और समीक्षा के क्षेत्र में पहले की तुलना में अधिक आकर्षण दिखाई देगा. खेलो इंडिया का संचालन डिजिटल संचार युग में हो रहा है और अत्याधुनिक संचार माध्यम के जरिए प्रत्येक उपलब्धि, प्रविष्टि, क्षण और स्मृति को रिकार्ड करने और व्यापक जगत के समक्ष प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है. इसे देखते हुए खेलों के क्षेत्र में एक नियमित पत्रकार से अलग हट कर कौशल युक्त लाखों संचार विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी. हम पूर्व क्रिकेट खिलाडिय़ों को कमेंटेटरों और स्तंभकारों के रूप में देखते, सुनते और पढ़ते आए हैं, लेकिन इस स्थिति में अब और बदलाव होने जा रहा है, क्योंकि नई संचार प्रणाली का विस्तार लाइव टेलीकास्ट और रस्मी उपस्थिति से परे जाकर हो रहा है. खेल पत्रकारिता और प्रजेंटेशन के क्षेत्र में अत्यंत लाभकारी रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं और ऐसे लोगों की मांग बहुत अधिक है. आईपीएल और अन्य लीग प्रतियोगिताएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं. खेल जगत संचार विशेषज्ञों की मांग कर रहा है. क्या आप उनमें से एक नहीं हो सकते?
खेल सौंदर्यशास्त्र
अभी तक प्रकाशन ब्यूरो में खेल फोटोग्राफी अनेक बीटों में से एक हुआ करती थी. आज खेलों में विजुअल (दृश्यता) तत्व इतना बढ़ गया है कि अच्छे फोटोग्राफरों और कैमरामैनों की मांग बहुत ऊंची है. यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और जो लोग कैमरे के माध्यम से खेलों को दृश्यमान बनाने की कला में माहिर हैं, उनके लिए अधिक लाभकारी व्यवसाय सुनिश्चित है. फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी से परे जाकर स्पोर्ट्स एस्थेटिक्स यानी खेल सौंदर्यशास्त्र में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं, जिनमें किसी भी प्रतियोगिता के लिए डिजाइनिंग से लेकर संचार कैपसूल वितरण करने तक अनेक रोजगार शामिल हैं. धरती के प्रत्येक कोने पर आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिताओं के दर्शक विश्वभर में होते हैं. भारतीय फुटबॉल लीग के प्रशंसक यूरोप में और यूरोपीय लीग के प्रतिबद्ध श्रोता भारत या चीन में मिलेंगे. इन प्रतियोगिताओं को दर्शकों के समक्ष सौंदर्यपरक और सर्वाधिक संभव वैश्विक रूप में प्रस्तुत करना एक चुनौती है, जिसका सामना आयोजकों को करना होता है और इसके लिए युवा दिमागों की आवश्यकता पड़ती है, जो खेल सौंदर्यशास्त्र और विजुअलाइजेशन को रोज़गार के रूप में अपना सकें.
सौंदर्यपरक दृष्टि रखने के साथ साथ खेल फोटोग्राफर को खेलों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए. जब भी बड़े खेल आयोजन होते हैं, तो खेल फोटोग्राफरों की हमेशा मांग की जाती है.
फिटनेस कंसल्टेंसी
देश में खेलों के क्षेत्र में जिस तरह अधिकाधिक लोग प्रवेश कर रहे हैं, उसे देखते हुए स्वास्थ्य, फिटनेस, पोषण और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में खेल परामर्श को रोजगार के रूप में अपनाने वाले परामर्शदाताओं की आवश्यकता बढ़ेगी. भारत में खेल जगत में स्वास्थ्य और वेलनेस व्यवसाय में भर्ती का वर्तमान स्तर नगण्य है और इस क्षेत्र में किसी के लिए भी प्रवेश की व्यापक संभावनाएं हैं. बॉडी बिल्डिंग केंद्र के रूप में पास-पड़ोस के जिम के दिन अब लदने जा रहे हैं. खेल के मैदान पर और मैदान से बाहर युवाओं को कड़ी शारीरिक फिटनेस के बारे में परामर्श और मार्गदर्शन करने वाले विशेषज्ञों की मांग बढ़ेगी. खेल के मैदानों में शारीरिक क्षति होना स्वाभाविक और अपरिहार्य होता है, अत: आने वाले दिनों में हमें लाखों खेल चिकित्सा व्यवसायियों की आवश्यकता होगी. इस क्षेत्र में मांग पहले से काफी ऊंची है और आपूर्ति  की स्थिति दयनीय है. वास्तव में यह स्थिति सिर्फ खेल में ही नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवन और फिटनेस पर नए सिरे से बल दिए जाने के कारण माता पिता अब अपने बच्चों के लिए व्यक्तिगत फिटनेस कार्यक्रम अपना रहे हैं ताकि उनका मस्तिष्क तेज हो और बच्चे परिवार के अधिक उपयुक्त, उत्कृष्ट और निर्भय सदस्य बनें.
खेल अधिनिर्णायक
प्रत्येक खेल में रेफरी या अम्पायर की आवश्यकता पड़ती है. जब अधिक लोग खेलेंगे तो हमें अधिक संख्या में इन अधिनिर्णायकों की आवश्यकता पड़ेगी. यह एक विशेषज्ञतापूर्ण कार्य है, क्योंकि इसके लिए आपको उस खेल के नियमों की पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है, जिसमें आप अधिनिर्णायक के रूप में काम करने के इच्छुक हैं. खेलो इंडिया मिशन के अंतर्गत नियमों और विनियमों के अनुसार खेलों और क्रीड़ाओं को अंजाम देने के लिए ऐसे लाखों व्यवसायियों की आवश्यकता पड़ेगी. सरकार ने जो खेल अभियान शुरू किया है, उसे बनाए रखने और मुकाम तक पहुंचाने के लिए विभिन्न खेलों के बेहतर प्रबंधकों और आयोजकों की आवश्यकता होगी.
कार्पोरेट अवसर
नए परिदृश्य में पहले की तुलना में स्पोटर््स क्लबों का तेजी से विकास होगा और बड़ी कंपनियां इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आगे आएंगी और समूचे आंदोलन का हिस्सा बनेंगी. कंपनियों को परंपरागत शैली का हिस्सा बनने की बजाए युवाओं और संभावित भावी प्रतिभाओं को प्रभावित करने के लिए स्वयं की ब्रैंडिंग और विज्ञापनों और अपने को ब्रैंड के रूप में स्थापित करने के लिए बेहतर तरीकों की आवश्यकता पड़ेगी. ऐसे में जबकि कंपनियां अपने को भारत में खेल के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उतारने की तैयारी कर रही हों, तो उनके लक्ष्यों को मूत्र्तरूप देने के लिए हजारों प्रतिभाशाली प्रबंधकों की आवश्यकता होगी. व्यापार प्रबंधन के अंतर्गत जल्द ही खेल प्रबंधन एक अभिन्न विषय के रूप में शामिल किया जाएगा और इस क्षेत्र में खास व्यवसायियों की जरूरत होगी.
खेल विनिर्माण
खेल उपकरणों में आधुनिकता की जरूरत पूरी करने के लिए खेलों में नवाचार और विकास को बढ़ावा मिलेगा. खेलो इंडिया आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाने के लिए उत्कृष्ट खेल साजो-सामान का विनिर्माण करने की बड़े पैमाने पर आवश्यकता होगी. ऐसे में खेल साजो-सामान का विनिर्माण और डिजाइन करने वाले अनुभवी लोगों की मांग बढ़ेगी और स्टार्ट-अप इंडिया प्रोग्राम के अंतर्गत बड़े पैमाने पर नई एजेंसियों के खेल साजो-सामान विनिर्माण के क्षेत्र में प्रवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी. खेल साजो-सामान के क्षेत्र की रोजगार और व्यवसाय के एक प्रतिबद्ध विषय के रूप में मांग बढ़ेगी.
डेटा अनुसंधानकर्ता
हम आज एक बड़े डेटा युग में जी रहे हैं और डेटा वैज्ञानिक जीवन के हर क्षेत्र में निर्णय करने और विकास को संचालित करने का काम कर रहे हैं. खेल जगत भी इससे भिन्न नहीं है. आंकड़ों की मदद से पूर्वानुमान आधारित प्रतिरूपण और कार्य निष्पादन अनुकूलन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पहले की तुलना में इसके अधिक स्थायी रूप लेने और विस्तार की संभावना है. बड़ा डेटा वैज्ञानिक उसे कहा जाएगा, जो बहुसंख्य प्रणालियों और डेटा सेटों को एकीकृत करना जानता है. खेलों में आंकड़े खिलाडिय़ों के प्रदर्शन और प्रशिक्षण में कार्यनीतिक निर्णयों को प्रभावित करते हैं. आंकड़ों का संग्रह करना और उनका रखरखाव करना एक ऐसी गतिविधि होगी, जो न केवल लाभदायक होगी, बल्कि उससे आकर्षक पारिश्रमिक भी मिलेगा.
यहां खेल के क्षेत्र में व्यवसाय की जो अनुषंगी गतिविधियों की सूची दी गई है, वह भारत में उपलब्ध ढेरों अवसरों के प्रतिरूपण के लिए न तो व्यापक है और न ही पर्याप्त है. हम एक सुंदर भविष्य की दहलीज पर हैं, जो खेल के मैदान में प्रशंसाओं और मैदान से बाहर उत्कृष्टता से ओतप्रोत है. खेल के मैदान में मिलने वाली सफलताओं को उत्कृष्ट रूप प्रदान करने के लिए मैदान के बाहर लाखों दिमागों की आवश्यकता पड़ेगी, ताकि खेलों का समुचित प्रबंध किया जा सके और क्रांति को मुकाम पर पहुंचाया जा सके. पिछले सप्ताह दिल्ली में खेलो इंडिया स्कूल गेम्स का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठीक ही कहा कि भारत हर क्षेत्र में शिखर पर पहुंचने के लिए वचनबद्ध है और यह वचनबद्धता इस महान देश के युवाओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास पर आधारित है.
(लेखक नई दिल्ली-स्थित एक वरिष्ठ पत्रकार हैं. ईमेल - joy.anidelhi@gmail.com)