संपादकीय लेख


Volume-5, 5-11 May, 2018

 
बैंकिंग : एक शानदार कॅरिअर

उषा अल्बुकर्क एवं निधि-प्रसाद

बैंक किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का आधार होते हैं. बैंकिंग, आज युवा-पीढ़ी में कॅरिअर के एक सबसे अधिक लोकप्रिय विकल्प के रूप में उभरी है. इसके अतिरिक्त, प्रौद्योगिकी ने, नए उत्पादों, अधिक परिष्कृत उपभोक्ताओं तथा परिवर्तनशील लागत संरचनाओं के संबंध में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं के ग्लोबल २४x७ विश्व को पूरी तरह बदल दिया है. बैंकिंग उद्योग की संरचना को बदलने में कंप्यूटर प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग और अनुप्रयोग सहित इसका योगदान  है. नेट बैंकिंग, निधि अंतरण, एटीएम के उपयोग, मोबाइल बैंकिंग आदि जैसे बैंकिंग उत्पादों और सेवाओं की प्रदायगी के लिए इंटरनेट एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में उभरा है, इसलिए इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि इस अत्यधिक गतिशील परिवेश ने, वित्तीय और डिजिटल कौशल रखने वाले व्यक्तियों के लिए अधिक अवसर सृजित करते हुए अनेक बैंकों को रूपांतरित कर दिया है.
बैंकिंग क्षेत्र में कॅरिअर के अनेक विकल्प हैं, जिनमें व्यक्तिगत बैंकिंग तथा ऋण अधिकारी, संबंध प्रबंधक, संपदा परामर्श, बुक कीपिंग व्यवसायी, लेखा परीक्षण लिपिक, वित्त सेवा प्रतिनिधि आदि शामिल हैं. इस क्षेत्र में आने वाले नए व्यक्तियों के लिए, विश्व अर्थव्यवस्था को समझने की दिशा में पहला कदम यह है कि बाजार की चुनौतियों का पता लगाएं और अपने लिए कोई ऐसा कॅरिअर निर्धारित करें जो उन्हें देश तथा विदेश दोनों में शानदार अवसर प्रदान कर सके. सेवा का निजीकरण होने के कारण प्रत्येक वर्ष नए बैंकों के स्थापित होने के साथ ही यह उद्योग किसी भी विषय के स्नातकों को रोज़गार के पर्याप्त अवसर देता है.
बैंकिंग एक ऐसा कॅरिअर है जो सभी विषयों चाहे ये विषय मानविकी, वाणिज्य या विज्ञान के हों, के छात्रों को कॅरिअर के अवसर देता है. तथापि, बैंकिंग में कोई कॅरिअर बनाने के लिए आपकी सांख्यिकी अच्छी होनी चाहिए, अर्थात आपका गणित इतना अच्छा होना चाहिए कि आप संख्यात्मक सूचना की आख्या और विश्लेषण कर सकें. स्नातकों और स्नातकोत्तरों के लिए भारत में बैंकिंग में रोज़गार के उत्कृष्ट अवसर हैं. बैंकिंग में कोई व्यावसायिक पाठ्यक्रम पूरा कर लेने पर निजी बैंकों में कोई पद मिल सकता है.
बैंक अपनी फर्मों में इच्छुक उम्मीदवारों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षाएं संचालित करते हैं. बैंक भर्ती के दो स्तर होते हैं  लिपिकीय और परिवीक्षाधीन अधिकारी. १०+२ उत्तीर्ण छात्रों के लिए भी इस क्षेत्र में रोज़गार के अनेक अवसर होते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय स्टेट बैंक प्रत्येक वर्ष परिवीक्षाधीन अधिकारी के पदों के लिए परीक्षाएं संचालित करते हैं. भारत के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में परिवीक्षाधीन अधिकारियों की रिक्तियों को भरने के लिए बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) भर्ती परीक्षा संचालित करता है. राष्ट्रीयकृत बैंकों में लिपिकीय संवर्ग में प्रत्याशित उम्मीदवारों की भर्ती के लिए आईबीपीएस प्रत्येक वर्ष दो परीक्षाएं संचालित करता है. राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) अपने ग्रेड-क तथा ग्रेड-ख अधिकारियों के लिए भर्ती परीक्षा संचालित करता है. कुछ अन्य निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी लिपिकीय और प्रबंधकीय संवर्गों के उम्मीदवारों की भर्ती के लिए परीक्षाएं संचालित करते हैं.
कला/विज्ञान/वाणिज्य में स्नातक होने के बाद कोई भी व्यक्ति बैंकिंग में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कर सकता है या भारत में प्रख्यात बी स्कूलों से एमबीए वित्त एवं बैंकिंग या एमबीए बैंकिंग कर सकता है. सीए, सीएमए, सीएस, एलएलबी जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम करने के बाद आप बैंकों में भी कार्य ग्रहण कर सकते हैं.
बैंकिंग क्षेत्र के कार्यों के लिए पात्रता मानदंड:
आईबीपीएस अधिकारी परीक्षाओं तथा नाबार्ड के लिए न्यूनतम पात्रता मानदंड भारत सरकार द्वारा मान्यताप्राप्त किसी विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातकोत्तर डिग्री या केंद्र सरकार द्वारा इस रूप में मान्यताप्राप्त कोई समकक्ष योग्यता है.
एसबीआई एवं एसबीआई से संबद्ध बैंकों के लिए बैंक परिवीक्षाधीन अधिकारी की परीक्षाओंं हेतु पात्रता मानदंड किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में डिग्री और लिपिकीय ग्रेड की परीक्षा के लिए न्यूनतम बारहवीं (१०+२) या समकक्ष योग्यता या दसवीं कक्षा के बाद न्यूनतम ६० प्रतिशत अंकों के साथ डिप्लोमा पाठ्यक्रम उत्तीर्णता या किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक स्तर की डिग्री है. बैंक उम्मीदवारों से मूल योग्यता के अतिरिक्त, कंप्यूटर के बुनियादी ज्ञान और भाषा में दक्षता रखने की अपेक्षा करते हैं.
बैंक क्षेत्र में भर्तियां निम्नानुसार हैं :-
*बैंक परिवीक्षाधीन अधिकारी (बैंक पीओ) :
किसी भी बैंक में यह एक प्रबंधकीय पद है. १ से २ वर्ष के अनिवार्य प्रशिक्षण के बाद उम्मीदवारों को सहायक प्रबंधक (एएम) या उप प्रबंधक (डीएम) का पदनाम दिया जाता है.
*बैंक लिपिक : जैसा कि यह पद नाम है, बैंकों में यह एक लिपिकीय पद है और इसे बैंकों में प्रवेश स्तर का कार्य माना जाता है.
*विशेषज्ञ अधिकारी (एसओ) : बैंक विशेषज्ञता वाले पदों जैसे आईटी ऑफिसर, एचआर ऑफिसर, विपणन अधिकारी, वित्त अधिकारी, विधि अधिकारी, कृषि अधिकारी आदि के लिए भी उम्मीदवारों की भर्ती करते हैं.
बैंकिंग क्षेत्र के लिए अपेक्षित उच्च कौशल:
*संचार कौशल
*समस्या समाधान
*ग्राहक सेवा
*संख्यात्मक कौशल
*टीम वर्क
*संगठन एवं समय प्रबंधन
*नेतृत्व एवं टीम प्रबंधन
सरकारी बैंकों में कार्य ग्रहण करने के लिए किसी भी व्यक्ति को स्नातक के बाद प्रवेश परीक्षा में बैठना होता है. आईबीपीएस, नाबार्ड और एसबीआई बैंक के रिक्त पदों के लिए परीक्षाएं संचालित करते हैं. निजी बैंक उम्मीदवारों की भर्ती के लिए अधिकांशत: अपनी निजी लिखित परीक्षा संचालित करते हैं.
सार्वजनिक क्षेत्र के १९ बैंकों के लिए किसी भी उम्मीदवार को आईबीपीएस द्वारा संचालित सीडब्ल्यूई (सामान्य लिखित परीक्षा) उत्तीर्ण होना चाहिए. आरबीआई, एसबीआई और जिनी बैंक अपनी आवश्यकता और बैंक में रिक्तियों के अनुसार अपनी निजी पृथक परीक्षाएं संचालित करते हैं.
लाखों उम्मीदवार, देश के किसी भी प्रतिष्ठित बैंक में रोज़गार प्राप्त करने के लिए प्रत्येक वर्ष आईबीपीएस पीओ, आईबीपीएस लिपिक, आईबीपीएस आरआरबी, एसबीआई पीओ, आरबीआई ग्रेड आदि जैसी बैंक- परीक्षाओं में बैठते हैं. ये बैंक परीक्षाएं वर्ष भर राष्ट्रीय स्तर पर संचालित की जाती हैं. किसी बैंकिंग कॅरिअर के इच्छुक उम्मीदवारों को सभी बैंकिंग परीक्षाओं की जानकारी रखकर परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए.
पिछले कुछ वर्षों में, उम्मीदवारों की भर्ती के लिए आईबीपीएस परीक्षा (सीडब्लयूई-७) ऑनलाइन संचालित की गयी थी. यह परीक्षा दो भागों में थी-
टियर-१ या आईबीपीएस प्रारंभिक परीक्षा और
टियर-२ या आईबीपीएस मुख्य परीक्षा
आईबीपीएस पीओ प्रारंभिक परीक्षा पद्धति:
आईबीपीएस पीओ प्रारंभिक परीक्षा एक घंटे की अवधि की होती है और ऑनलाइन संचालित की जाती है. इस परीक्षा के तीन भाग होते हैं और अधिक १०० अंकों के कुल १०० प्रश्न होते हैं. आईबीपीएस पीओ प्रारंभिक परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए ०.२५ अंक काटे जाते हैं. आईबीपीएस पीओ मुुख्य परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को सैक्शनल कट-ऑफ में उत्तीर्ण होना चाहिए.
*अंग्रेजी भाषा
*संख्यात्मक क्षमता
*तर्कण क्षमता
आईबीपीएस पीओ मुख्य परीक्षा पद्धति:
आईबीपीएस की मुख्य परीक्षा में एक अतिरिक्त विवरणात्मक प्रश्न-पत्र होता है. आईबीपीएस पीओ मुख्य परीक्षा ऑनलाइन भी ली जाती है, इसमें कुल ४ भाग होते हैं और इनके कुल २०० अंक होते हैं तथा कुल अवधि १८० मिनट होती है. विवरणात्मक प्रश्न पत्र-१ भाग कुल २५ अंक का तथा ३० मिनट की अवधि का होता है.
आईबीपीएस परीक्षा के ५ भाग होंगे और ५ में से प्रत्येक भाग का उत्तर लिखने के लिए समय सीमा अलग-अलग है, किंतु ऑबजेक्टिव प्रश्न-पत्रों के लिए, कुल समय अवधि १८० मिनट और विवरणात्मक प्रश्नपत्र की समय अवधि ३० मिनट है. उम्मीदवारों को इन भागों के उत्तर परीक्षा निकाय द्वारा निर्धारित क्रम एवं आवंटित निर्धारित समय में देने होंगे. उम्मीदवार वर्तमान भाग को अनुमत समय से पहले छोडक़र नहीं जा सकते. अगले भाग के उत्तर वर्तमान भाग को पूरा करने के बाद ही दिये जा सकते हैं. गलत उत्तर के लिए अंक काटे जाते हैं. प्रत्येक गलत उत्तर के लिए ०.२५ अंक काटे जाएंगे.
*तर्क संगतता एवं कंप्यूटर अभिरुचि
*सामान्य/अर्थव्यवस्था बैंकिंग जानकारी
*अंग्रेजी भाषा
*डाटा विश्लेषण एवं व्याख्या
आईबीपीएस पीओ साक्षात्कार :-
मुख्य परीक्षा में अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को एक साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा, जिसके १०० अंक होंगे. साक्षात्कार के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार  को ४० प्रतिशत (अजा/अजजा/अपिव/ शावि उम्मीदवारों के लिए ३५ प्रतिशत) अंक प्राप्त करने आवश्यक हैं.
मैरिट सूची लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर बनाई जाती है. आईबीपीएस मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के लिए क्रमश: ८०:२० के अनुपात में दिए गए अंकों के महत्व के साथ अंतिम अंक निर्धारित करता है.
गलत उत्तर के लिए अंक काटना :
प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षाओं-दोनों की ऑब्जेक्टिव परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए दंड अंकित किया जाता है. किसी प्रश्न के प्रत्येक गलत उत्तर के लिए, उस प्रश्न के लिए निर्धारित अंक से ०.२५ अंक काटे जाते हैं. प्रश्न छोडऩे अर्थात उम्मीदवार द्वारा उत्तर नहीं लिखने पर कोई अंक नहीं काटा जाता है.
आईबीपीएस पीओ परीक्षा के लिए अंतिम अंकों का परिकलन :
कुछ ऐसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं जिनके आधार पर आईबीपीएस पीओ परीक्षा के लिए अंतिम अंकों का परिकलन किया जाता है :-
*प्रारंभिक परीक्षा (टियर-१) में प्राप्त अंकों को अंतिम अंकों में शामिल नहीं किया जाता. इन अंकों पर केवल मुख्य परीक्षा (टियर-२) के लिए अर्हता हेतु विचार किया जाता है.
*अंतिम चयन के लिए पात्र होने हेतु उम्मीदवारों को चरण-२ और साक्षात्कार में अलग-अलग रूप से उत्तीर्ण होना होगा.
*अंतिम मैरिट सूची के लिए सीडब्ल्यूई मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार के बीच अंकों का अनुपात क्रमश: ८०:२० होगा.
*प्रत्येक वर्ग के लिए अंतिम मैरिट सूची हेतु १०० अंकों के औसत का प्रयोग किया जाता है. प्रत्येक वर्ग में उच्च मैरिट रैंक वाले उम्मीदवार का अंतिम रूप से चयन किया जाता है.
नाबार्ड ग्रेड-क परीक्षा
नाबार्ड परीक्षा पद्धति एवं चयन पद्धति. नाबार्ड परीक्षा पद्धति के तीन चरण होते हैं :-
*प्रारंभिक परीक्षा-ऑनलाइन (ऑब्जेक्टिव एमसीक्यू)
*मुख्य परीक्षा-ऑनलाइन (ऑब्जेक्टिव एमसीक्यू + विवरणात्मक)
*साक्षात्कार
नाबार्ड परीक्षा पद्धति-प्रारंभिक
नाबार्ड प्रारंभिक परीक्षा ग्रेड-क अधिकारियों के सभी १० पदों की भर्ती के लिए समान है. यह ऑब्जेक्टिव प्रकृति की एक ऑनलाइन परीक्षा होगी. इस वर्ष नाबार्ड ने तर्कसंगतता मात्रात्मक भागों के महत्व को घटा दिया है और इसमें अर्थशास्त्र तथा कृषि एवं ग्रामीण विकास विषयों को जोड़ा है.
*तर्कसंगतता एवं मात्रात्मक अभिरुचि
*सामान्य जानकारी
*कंप्यूटर
*आर्थिक तथा सामाजिक मामले
*कृषि एवं ग्रामीण विकास
प्रत्येक गलत उत्तर के लिए १/४ अंक काटे जाते हैं. मुख्य परीक्षा ६ जून, २०१८ को ली जाएगी. यह एक ऑब्जेक्टिव  एवं विवरणात्मक प्रकृति की ऑनलाइन  परीक्षा होगी. मुख्य परीक्षा हेतु नाबार्ड परीक्षा पद्धति नीचे दी गयी है. नाबार्ड चरण-II परीक्षा में निम्नलिखित  शामिल हैं :-
*प्रश्न-पत्र-I सभी १० पदों के लिए समान.
*प्रश्न-पत्र- II सभी पदों के लिए अलग-अलग.
*प्रश्न-पत्र- I सामान्य अंग्रेजी.
*आर्थिक एवं सामाजिक मामले तथा कृषि एवं ग्रामीण विकास.
*प्रश्न-पत्र- II पद के लिए सभी अन्य विषयों हेतु.
*प्रत्येक गलत उत्तर के लिए ०.२५ अंक काटे जाएंगे.
*यदि आप पर्याप्त रूप से उच्च रैंक प्राप्त करते हैं तो आपको चरण- III परीक्षा अर्थात साक्षात्कार हेतु बुलाया जाएगा.
*अंतिम मैरिट सूची मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर बनाई जाएगी.
नाबार्ड साक्षात्कार
*तीसरे चरण में २५ अंकों का एक साक्षात्कार शामिल होगा.
*ग्रेड-क (आरडीबीएस) में सहायक प्रबंधक के पद के लिए उम्मीदवारों का अंतिम चयन मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार में एक साथ उनके निष्पादन के आधार पर किया जाएगा.
एसबीआई (पीओ) परिवीक्षाधीन अधिकारी परीक्षा
एसबीआई पीओ परीक्षा, परिवीक्षाधीन अधिकारी के पद पर पात्र उम्मीदवारों का चयन करने के लिए भारतीय  स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा ली जाती है. एसबीआई पीओ पद बैंकिंग उद्योग में एक सबसे अधिक आकांक्षित कार्य है और पूरे भारत के लाखों उम्मीदवारों के सपनों का कार्य है.
एसबीआई पीओ भर्ती-परीक्षा भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की परीक्षाओं में सबसे प्रमुख है. आईबीपीएस द्वारा संचालित बैंक प्रवेश परीक्षाओं की तुलना में यह परीक्षा कुछ कठिन मानी जाती है. एसबीआई में परिवीक्षाधीन अधिकारियों की भर्ती-प्रक्रिया में ३ चरण शामिल होते हैं-
*प्रारंभिक परीक्षा
*मुख्य परीक्षा
*जीडी/साक्षात्कार
लिखित परीक्षा ऑनलाइन संचालित की जाती हैं और उनके बाद साक्षात्कार का एक दौर होता है. परीक्षा-संरचना निम्नानुसार है :-
*अंग्रेजी
*संख्यात्मक अभिरुचि
*तर्कणा क्षमता
चरण-२ : एसबीआई पीओ मुख्य परीक्षा
एसबीआई पीओ मुख्य परीक्षा के कुल २५० अंक होते हैं, जिसमें २०० अंकों की एक ऑब्जेक्टिव परीक्षा और तत्पश्चात् ५० अंकों की एक विवरणिका परीक्षा शामिल होती है. ऑब्जेक्टिव एवं विवरणात्मक दोनों परीक्षाएं ऑनलाइन होती हैं. उम्मीदवारों द्वारा विवरणात्मक परीक्षा का उत्तर कंप्यूटर पर टाइप करके दिया जाना चाहिए. विवरणात्मक परीक्षा ऑब्जेक्टिव परीक्षा पूरी होने के तुरंत बाद ली जाती है. प्रत्येक भाग के लिए अलग-अलग समय अवधि होती है.
 क्र. सं. 
1
परीक्षा का नाम (ऑब्जेक्टिव)
तर्कसंगतता एवं कंप्यूटर अभिरुचि
प्रश्नों की संख्या
45
क्र. सं. 
2
परीक्षा का नाम (ऑब्जेक्टिव)
डाटा विश्लेषण एवं व्याख्या
प्रश्नों की संख्या
35    
क्र. सं. 
3
परीक्षा का नाम (ऑब्जेक्टिव)
सामान्य/अर्थव्यवस्था/बैंकिंग जानकारी
प्रश्नों की संख्या
40
क्र. सं. 
4
परीक्षा का नाम (ऑब्जेक्टिव)
अंग्रेजी भाषा
प्रश्नों की संख्या
30
 विवरणात्मक परीक्षा :
विवरणात्मक परीक्षा ३० मिनट की अवधि की होती है, जिसके अधिकतम ५० अंक होते हैं. यह परीक्षा पत्र -लेखन एवं निबंध लेखन के माध्यम से उम्मीदवारों के अंग्रेजी भाषा के लेखन कौशल की जांच के लिए ली जाती है. केवल उन उममीदवारों के विवरणात्मक परीक्षा प्रश्न पत्र का मूल्यांकन किया जाता है जो ऑब्जेक्टिव परीक्षा में उत्तीर्णता अंक प्राप्त करते हैं और जिन्हें ऑब्जेक्टिव परीक्षा में कुल अंकों के अनुसार पर्याप्त रूप से ऊपर रखा जाता है.
गलत उत्तर का अंक काटना :
प्रारंभिक एवं मुख्य दोनों परीक्षाओं के ऑब्जेक्टिव परीक्षण में गलत उत्तर के अंक काटे जाते हैं. उम्मीदवार यदि किसी ऑब्जेक्टिव प्रश्न का गलत उत्तर लिखता है तो उस प्रश्न के निर्धारित अंक में ०.२५ अंक काटने का दंड लगाया जाता है. उदाहरण के लिए १ अंक वाले किसी प्रश्न के गलत उत्तर के लिए दंड स्वरूप ०.२५ अंक काटे जाएंगे. किसी प्रश्न का उत्तर नहीं लिखने पर कोई दंड नहीं लगाया जाता है.
चरण-३ : ग्रुप एक्सरसाइज एवं साक्षात्कार
ऑब्जेक्टिव एवं विवरणात्मक - दोनों परीक्षाओं में उत्तीर्ण उम्मीदवारों के औसत कुल अंकों को प्रत्येक वर्ग में घटते क्रम में व्यवस्थित किया जाता है. प्रत्येक वर्ग में, बैंक द्वारा लिए जाने वाले निर्णय के अनुसार, उम्मीदवारों की पर्याप्त संख्या को ग्रुप एक्सरसाइज एवं साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है. ग्रुप एक्सरसाइज एवं साक्षात्कार में उत्तीर्णता कें अंकों का निर्णय बैंक द्वारा लिया जाता है. ग्रुप एक्सरसाइज के २० अंक और साक्षात्कार के ३० अंक रखे जाते हैं.
परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपाय :
बिना किसी प्रयास के कोई सफलता नहीं मिलती. अच्छे प्रयासों से कुछ सफलता और सुव्यवस्थित प्रयासों से आश्चर्यजनक सफलता मिलती है. अच्छी योजना, तैयारी, अच्छी गति एवं परिशुद्धता से बैंकिंग परीक्षाएं उत्तीर्ण की जा सकती हैं.
*संपूर्ण पाठ्यक्रम और बैंक परीक्षा पद्धति का व्यापक अध्ययन करें.
*अपनी तैयारी प्रारंभ करें और प्रतिदिन कम से कम २-३ घंटे तैयारी करें.
*सप्ताह के अपने अंतिम दिनों का उपयुक्त रूप से उपयोग करें.
*सामान्य जानकारी के लिए प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ें.
*अपनी शब्दावली को सुधारें.
*सप्ताह के  अंत में ऑनलाइन मॉक टेस्ट देने का प्रयास करें.
*अपना, अपनी क्षमता एवं सामाथ्र्य का मूल्यांकन करें और उन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दें जिन क्षेत्रों में आप कमजोर हैं.
शुभकामनाएं
(लेखक निदेशक एवं वरिष्ठ परामर्श मनोवैज्ञानिक हैं) कॅरिअर स्मार्ट ई-मेल: careerssmartonline@gmail.com