संपादकीय लेख


Edition-22

‘‘चैम्पियन्स ऑफ चेंज’’ सम्मेलन में युवा उद्यमियों को प्रधानमंत्री का संबोधन

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने व्यवस्थाओं के साथ समाज की शक्ति को जोडऩे के महत्व पर बल दिया है. 17 अगस्त को नई दिल्ली में नीति आयोग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में श्री मोदी ने कहा कि बदलते समय के साथ-साथ प्रक्रियाओं और प्रणालियों को बदलना होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष जो पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए हैं, उनमें ऐसे लोगों की सफलता की प्रेरक कहानियां शामिल हैं, जो जमीन पर मौन रह कर अथक परिश्रम करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का विश्वास है कि प्रत्येक बालक राष्ट्र के विकास में कुछ न कुछ योगदान कर सकता है और केंद्र सरकार युवाओं की इस ताकत को राष्ट्र के विकास के साथ जोडऩा चाहती है. श्री मोदी ने कहा कि सरकार में नीति निर्माताओं और युवाओं को भारत के भले के लिए मिल कर काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारी इस बैठक में व्यक्त किए गए विचारों में अवसरों की संभावनाएं देख रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भ्रष्टाचार संस्थागत हो गया था और अब समय आ गया है, कि इस कुप्रवृत्ति को बदला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों ने बिचौलियों को बाहर कर दिया है और ऐसे लोग आज सबसे ज्यादा नाखुश हैं. प्रमुख बिजनेस स्कूलों में बड़ी नियुक्तियों का उदाहरण देते हुए श्री मोदी ने सवाल किया कि किसी तरह अच्छे वेतन पैकेजों के साथ शिक्षकों की नियुक्ति क्यों नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि एक ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है, जिसमें देश के युवा शिक्षक बनना पसंद करें और अन्य लोगों को शिक्षित बनाएं. उन्होंने कहा कि टेक्नोलोजी के इस्तेमाल के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता में परिवर्तन लाया जा सकता है. परंतु, प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार और सरकारी प्रयासों मात्र से नए भारत का निर्माण नहीं हो सकता और बदलाव के लिए हर एक और प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनना होगा. उन्होंने इस कार्यक्रम में मौजूद मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से कहा कि वे अपनी अपनी टीमों के साथ बैठ कर विचार करें और हमें सुझाव दें कि नए भारत के निर्माण के लिए अगले 5 वर्षों में क्या किया जा सकता है. श्री मोदी ने कहा कि नवाचार ही जीवन है और नवाचार के अभाव में गतिरोध पैदा होता है. उन्होंने कहा कि शासन में परिवर्तन लाने के लिए टेक्नोलोजी और नवाचार का लाभ उठाया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री ने देश के युवा उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों में नए उद्यम शुरू करने वाले व्यक्तियों के साथ नए भारत के निर्माण के बारे में बातचीत की. उन्होंने युवा मुख्य कार्यकारी अधिकारियों द्वारा विविध विषयों पर किए गए ज्ञानवर्धक प्रस्तुतिकरणों को ध्यानपूर्वक सुना. 200 से अधिक नए उद्यमियों के साथ वार्तालाप के दौरान 2022 तक नए भारत के निर्माण, डिजिटल इंडिया, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार पर ध्यान केंद्रित किया गया.

 

(पत्र सूचना कार्यालय)