नौकरी फोकस


Career Volume-26

चिकित्सा पर्यटन में कॅरिअर

उषा अल्बुकर्क़ एवं निधि प्रसाद

पर्यटन अब मात्र टूरिंग एवं भ्रमण नहीं रह गया है। अब यह ग्राहकों की पसंद, आवश्यकता, स्वास्थ्य-स्थिति और विशिष्ट सामाजिक एवं सामाजिक-मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियों के अनुसार विशेषज्ञता पर अधिकाधिक केंद्रित होता जा रहा है।

पर्यटन के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष संकेद्रण और व्यापक विविधता ने विभिन्न प्रकार के पर्यटन में वर्तमान वृद्धि तथा लोकप्रियता में अहम भूमिका निभाई है। विश्व-भर में स्वास्थ्य सुरक्षा स्थिति, अनेक ऐसी जीवन शैली प्रभावित रोगों और विकारों, जो काफी पुराने और लगभग महामारी की स्थिति में पहुंच चुके हैं, के उपचार के संबंध में निरंतर विविध चिकित्सा चुनौतियों का सामना कर रही है, इसलिए चिकित्सा पर्यटन लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है।

चिकित्सा पर्यटन, जिसे चिकित्सा-भ्रमण, स्वास्थ्य पर्यटन या विश्व स्वस्थ्य सुरक्षा अथवा व्यापक रूप में स्वास्थ्य एवं स्वस्थता पर्यटन भी कहा जाता है, ऐसे उद्योग की ओर संकेत करता है, जिसमें पूरे विश्व से व्यक्ति, विभिन्न कारणों, जैसे - बेहतर सुविधा, कम लागत, सर्जरी/उपचार कराने के लिए प्रतीक्षा समय के कम होने आदि सुविधाएं उनके देश में उपलब्ध नहीं होने के कारण अपना चिकित्सा या सर्जरी उपचार कराने के लिए अन्य देशों का भ्रमण करते हैं। उपचार के साथ-साथ वे उन देशों की मनोहरता का भी आनन्द ले सकते हैं, जहां वे उपचार कराने जा रहे हैं। चिकित्सा भ्रमण, चिकित्सा देखभाल के लिए यात्रा करने वाले रोगियों का मात्र उपचार ही नहीं है, बल्कि यह रोगियों में अपने घर से दूर होने पर भी घर में होने की भावना पैदा करता है।

चिकित्सा पर्यटन प्रदाता कोई भी ऐसा संगठन या कंपनी हो सकती है जो स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्रों में विशेषज्ञ होती है। वे किसी प्रत्याशित रोगी को एक सेवा-प्रदाता-जो सामान्यत: कोई अस्पताल या क्लीनिक होता है, के पास ले जाते हैं। चिकित्सा सुविधाओं, गुणवत्ता, सुरक्षा तथा कानूनी मामलों के बारे में पूरी सूचना देने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य पर्यटन प्रदाता की ही होती है। इन सूचनाओं में, अस्पतालों, क्लीनिक, डाक्टरों/चिकित्सा व्यवसायियों, यात्रा एजेंसियों, रिसोट्र्स, विदेश में चिकित्सा/यात्रा-बीमा तथा स्थानीय क्षेत्रों की सूचना शामिल होती हैं।

चिकित्सा पर्यटन की प्रक्रिया, विदेश में चिकित्सा उपचार कराने के इच्छुक किसी व्यक्ति द्वारा किसी चिकित्सा पर्यटन प्रदाता से सम्पर्क करने के साथ प्रारंभ होती है। रोगी को अपने रोग की प्रकृति, स्थानीय डॉक्टर की राय, चिकित्सा इतिहास, निदान एवं अन्य अतिरिक्त सूचना सहित अपनी चिकित्सा रिपोर्ट देनी चाहिए। इसके बाद प्रमाणित चिकित्सा डॉक्टर या सलाहकार द्वारा चिकित्सा उपचार की सलाह दी जाती है और चिकित्सा उपचार पर होने वाले अनुमानित व्यय, पसंद के अस्पतालों तथा पर्यटन स्थानों एवं वहां ठहरने की अवधि आदि पर विचार-विमर्श करते हैं। सहमति अनुबंध-पत्रों और समझौतों पर हस्ताक्षर के बाद, रोगी को, संबंधित दूतावासों से एक चिकित्सा वीजा प्राप्त करने के लिए, उन्हें एक अनुशंसापत्र दिया जाता है। रोगी गंतव्य देश जाता है और वहां उसे चिकित्सा पर्यटन प्रदाता एक कार्यपालक कर्मचारी देता है, जो रोगी के आवास, उपचार तथा अन्य किसी भी प्रकार की देखभाल का ध्यान रखता है। उपचार हो जाने के बाद रोगी या तो पर्यटन गंतव्य स्थान पर रह सकता है या अपने घर वापस आ सकता है।

चिकित्सा पर्यटन - जो स्वस्थता एवं स्वास्थ्य देखभाल के साथ-साथ अवकाश का एक मिश्रण है, मुख्यत: दो प्रकार की चिकित्सा प्रणालियों अर्थात् एलोपैथिक एवं आयुर्वेदिक उपचार प्रणाली पर केंद्रित होता है। 60 से अधिक देशों ने चिकित्सा उपचार एक राष्ट्रीय उद्योग के रूप में निर्धारित किया है और इनमें से कुछ अत्यधिक प्रसिद्ध देश ग्रीस, दक्षिण अफ्रीका, जोर्डन, भारत, मलेशिया, फिलिपिन्स और सिंगापुर हैं।

भारत, विश्व भर में रोगियों के लिए एक पसंदीदा स्वास्थ्य देखभाल गंतव्य स्थान के रूप में उभर रहा है। वास्तव में चिकित्सा पर्यटन ने, पर्यटक आगमन से संबंधित सांख्यिकी में और सेवा-क्षेत्र के लिए राजस्व अर्जन में एक विशिष्ट स्थान प्राप्त कर लिया है।

चिकित्सा पर्यटन के लिए आप भारत को क्यों चुनें?

वर्षों से भारत चिकित्सा के महत्व वाली यात्रा के उच्च गंतव्य स्थल के रूप में उभरा है, क्योंकि यह अनेक ऐसे तथ्यों के कारण ऊंचा स्थान रखता है जो तथ्य देखभाल के सम्पूर्ण गुणों को निर्धारित करते हैं। कल्पना करें एक ऐसी जटिल सर्जिकल पद्धति की, जो एक विश्व श्रेणी के वैश्विक अस्पताल में प्रसिद्ध चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा सामान्य लागत के पांचवे से दसवें भाग में की जा रही है, और यह स्थान है भारत, जहाँ चिकित्सा विज्ञान की गुणवत्ता से लेकर, विभिन्न पद्धतियों एवं उपचार के विकल्प, बिना समय गंवाए, तत्काल चिकित्सा उपचार करने के लिए आधारिक सुविधाएं और कुशल जनशक्ति आदि ऐसे अनेक लाभ हैं जो चिकित्सा उपचार के लिए भारत आने वालों को मिलते हैं।

भारत, ओपन हार्ट सर्जरी, हिप एवं नी रिप्लेसमेंट, पीडिएट्रिक, कार्डिएक सर्जरी, डेंटिस्ट्री, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, कॉस्मेटिक सर्जरी तथा कैंसर थैरेपी आदि जैसे विशेषज्ञतापूर्ण उपचार के लिए अत्यधिक प्रभावी केन्द्र हैं।

सस्ती लागत पर विश्व श्रेणी की सेवाएं

भारत में सस्ती लागत पर विश्व-श्रेणी की सुविधाएं उपलब्ध होने के कारण अंतर्राष्ट्रीय रोगी, उपचार कराने के लिए भारत आते हैं। इसके अतिरिक्त, यहां रोगियों या उनके परिवारों को प्रतीक्षा सूची या लम्बी कतारों का सामना नहीं करना पड़ता। भारत में कहीं भी- किसी भी अस्पताल में आपको तत्काल देख-भाल तथा सहायता मिलती है।

कुशल एवं योग्य डॉक्टर

भारतीय डॉक्टर तथा सर्जन अपने कौशल एवं चिकित्सा विशेषज्ञता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। यह देश आपको विश्व के कुछ सर्वाधिक योग्य चिकित्सा व्यवसायियों और उच्च श्रेणी की जैवचिकित्सा तथा नर्सिंग सुविधाएं देता है।

ग्राहक-अनुकूल सेवाएं

यहां, रोगी विभिन्न आकार की सुविधाओं जैसे छोटे, विशेषज्ञतापूर्ण क्लीनिक से लेकर बड़े, बहु विशेषता वाले अस्पतालों में स्वास्थ्य देखभाल के लाभ ले सकते हैं। भारत में दिए जाने वाले इन लाभों को उन विभिन्न वर्गों में वर्गीकृत किया जा सकता है जो प्रत्येक व्यक्ति के बजट एवं प्रत्येक की जरूरत के उपयुक्त होते हैं।

नवीनतम प्रौद्योगिकी का उपयोग

भारतीय अस्पताल अत्यधिक उन्नत उपकरणों से सम्पन्न होते हैं और परिष्कृत चिकित्सा सेवाएं देने के लिए वे उन नवीनतम प्रौद्योगिकियों का उपयोग करते हैं, जिनकी किसी भी विकसित देश द्वारा उपयोग में लाई जा रही प्रौद्योगिकी से आसानी से तुलना की जा सकती है।

चिकित्सा पर्यटन में पाठ्यक्रम

आज चिकित्सा पर्यटन में ऐसे पाठ्यक्रम उपलब्ध है जो स्वास्थ्य देखभाल प्रबंधन में प्रशिक्षण के साथ भ्रमण एवं पर्यटन के ज्ञान का मिश्रण है। चिकित्सा पर्यटन में एम।बी।ए। और चिकित्सा पर्यटन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा मुख्य रूप से उनके लिए हैं जो अपना ज्ञान तथा कौशल बढ़ाने की दृष्टि से स्वास्थ्य देखभाल एवं पर्यटन उद्योग में कार्य करते हैं, तथा व्यवसाय को एक अधिक परिष्कृत स्तर पर चलाना चाहते हैं। सभी स्नातक (चिकित्सा/गैर-चिकित्सा)/ 10+2 या समकक्ष उत्तीर्ण तथा अच्छा अभिव्यक्ति कौशल रखने वाले उम्मीदवार चिकित्सा-पर्यटन पाठ्यक्रम चुन सकते हैं।

ये पाठ्यक्रम एक से दो वर्ष के होते हैं और उम्मीदवारों को चिकित्सा पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षित करने, भ्रमण तथा पर्यटन उद्योग, संभार-तंत्र एवं अतिथ्यि उद्योग, विधिक/नीतिगत मामलों, चिकित्सा-सुविधाओं और शर्तों आदि के बारे में पर्याप्त ज्ञान के उद्देश्य से तैयार किए जाते हैं।

एम.बी.ए.-स्वास्थ्य प्रबंधन, एम.बी.ए. भ्रमण एवं पर्यटन प्रबंधन, एम.एससी.-स्वास्थ्य देखभाल तथा अस्पताल प्रशासन जैसे अन्य पाठ्यक्रम भी इस क्षेत्र में कार्य करने का प्रशिक्षण देते हैं।

चिकित्सा पर्यटन के लिए आवश्यक व्यक्तिगत कौशल:

चिकित्सा पर्यटन प्रदाता या सुविधादाता को निम्नलिखित धारी होना चाहिये -

*चिकित्सा पर्यटन वाले विभिन्न स्थानों तथा अस्पतालों की स्थलीकृति का अच्छा ज्ञान, ताकि वे विदेशी पर्यटकों तथा विदेश से आने वाले रोगियों को श्रेष्ठ अस्पताल का चयन करने में उनका उपयुक्त मार्गदर्शन कर सकें।

*वे स्वास्थ्य देखभाल एवं भ्रमण उद्योग, चिकित्सा पर्यटन उद्योग को शासित करने वाली विधियों और विनियमों, अस्पताल की रेटिंग, वीजा प्रत्यायन और अन्य संबंधित अपेक्षाओं की जानकारी रखते हों।

*वे उत्कृष्ट संचार, संयोजन तथा नेतृत्व कौशल रखते हों।

चिकित्सा पर्यटन की संभावना

चिकित्सा पर्यटन के इन व्यवसायियों के लिए ग्राहक संबंध, चिकित्सा समर्थन सेवाओं, विक्रय एवं व्यवसाय विकास, अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय विकास तथा वित्त एवं प्रशासन जैसे रोजग़ार के अनेक अवसर प्रतीक्षा कर रहे हैं।

चिकित्सा पर्यटन एक ऐसा खुला क्षेत्र है, जहां स्वास्थ्य देखभाल के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में भी रोजग़ार-अवसर उपलब्ध हैं। डाक्टर, नर्स एवं फिजिशियन सहायकों के अतिरिक्त निम्नलिखित विभिन्न पदों पर भी चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में रोजग़ार अवसर उपलब्ध हैं:

*अतिथि संबंध प्रबंधक

*अस्पताल प्रशासन

*चिकित्सा टूर सलाहकार आदि।

चिकित्सा पर्यटन व्यवसायियों के लिए कॅरिअर के कुछ अवसर

चिकित्सा पर्यटन एवं अस्पताल प्रशासन के क्षेत्र में संबंधित योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को नियोक्ता अत्यधिक वरीयता देते हैं, ये उम्मीदवार निम्नलिखित क्षेत्रों में कार्य कर सकते हैं:

*स्पा एवं वेलनेस उद्योग

*अतिथ्य एवं होटल उद्योग

*स्वास्थ्य एवं समवर्गी सेवा

*क्लीनिक एवं हैल्थ स्पा

*आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र

*पर्यटन एवं भ्रमण एजेंसियां

*उड्ययन उद्योग

*बीमा कंपनियां

आज भारतीय अस्पताल तथा भेषज कंपनियां विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आधारिक संरचना एवं अन्य अपेक्षित सुविधाओं में अत्यधिक निवेश कर रही हैं। विदेशी मरीज़ों को चिकित्सा उपचार देने वाले अस्पताल, भ्रमण एजेंसियों के साथ सम्पर्क-समझौता करते हैं या भ्रमण एवं पर्यटन प्रबंधन में स्नातक उम्मीदवारों के रोजग़ार में रखते हैं।

बढ़ती हुई प्रवृत्ति

अनुमान के अनुसार, लगभग 17 लाख विदेशी व्यक्ति विश्व श्रेणी की व्यक्तिगत स्वास्थ्य देख-भाल सेवाएं प्राप्त करने के लिए चिकित्सा उपचार के लिए प्रति वर्ष भारत आते हैं। भारतीय अस्पताल स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हैं और उनकी उच्च श्रेणी की आधारिक सुविधाएं हार्ट सर्जरी, घुटने बदलने, ऑर्थोपेडिक उपचार, कॉस्मेटिक सर्जरी, नेत्र चिकित्सा, दांतों के उपचार या किसी अन्य स्वास्थ्य देखभाल जैसे उपचार के लिए आने वाले मरीजों की आवश्यकता के अनुकूल होती हैं।

इसके अतिरिक्त, भारतीय औषधि प्रणालियों, जैसे–आयुर्वेद, योग, काया-कल्प थैरेपी आदि के प्रति व्यापक आकर्षण है, जो चिकित्सा उपचार की अत्यधिक प्राचीन प्रणालियों में से हैं। कई होटल/रिसोर्ट ऐसे हैं जहां आयुर्वेद केन्द्र उनका एक अंतरंग भाग है और बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक विशेष रूप से आयुर्वेद उपचार लेने के लिए भारत आते हैं। योग/आयुर्वेद/स्वस्थता को, पर्यटन मंत्रालय में अतुल्य भारत अभियानके अंतर्गत प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, इंटरनेट तथा बाह्य माध्यम के द्वारा प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। पर्यटन मंत्रालय तथा अन्य एजेंसियों द्वारा शरीर, मस्तिष्क तथा आत्मा पर विवरणिकाएं और सी।डी। उपलब्ध कराई गई है, जिनमें औषधि की परम्परागत प्रणालियों को भी शामिल किया गया है।

चिकित्सा पर्यटन के लिए उच्च संस्थान

*अपोलो अस्पताल तथा मेडवर्सिटी स्नातकों के लिए चिकित्सा पर्यटन के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम चलाते हैं– www.medvarsity.com

*सिम्बियोसिस स्वास्थ्य सुरक्षा केन्द्र चिकित्सा पर्यटन में एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा चलाता है www.schcpune.org

*केरल पर्यटन एवं भ्रमण अध्ययन संस्थान, केरल

*अस्पताल प्रशासन अकादमी (ए.एच..), नई दिल्ली के अंतर्गत आई.सी.आर.आई. स्वास्थ्य कैंपस

*सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं हाइजिन संस्थान (आई।पी।एच।एच।), दिल्ली

*ग्लोबल आयुर्विज्ञान संस्थान, गुजरात।

 

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