नौकरी फोकस


Volume-51

चार्टरित लेखाकारिता (सी.ए.) परीक्षा में सफलता कैसे प्राप्त करें

रुचि श्रीमाली

चार्टरित लेखाकारिता विश्व में एक अत्यधिक श्रेष्ठ एवं अत्यधिक वांछित व्यवसाय है. चार्टरित लेखाकार किसी कंपनी के वित्तीय निगरानीकर्ता होते हैं और उसे अच्छी स्थिति में बनाए रखने में एक अनिवार्य भूमिका निभाते हैं. भले ही आप वित्तपोषण, कराधान, कार्पोरेट अधिशासन, जोखिम प्रबंधन में विशेषज्ञता करना चाहें, या किसी कंपनी की ओर से विनियामक अपेक्षाएं पूरी करना चाहें चार्टरित लेखाकार (सीए) हमेशा मांग में रहेंगे.

प्रसिद्ध चार्टरित लेखाकारिता (सी.ए.) परीक्षा भारतीय चार्टरित लेखाकार संस्थान (आई.सी.ए.आई.) द्वारा संचालित की जाती है. यह परीक्षा तीन तरह से उत्तीर्ण की जा सकती है:-

1.सी.पी.टी. (कॉमन प्रोफिसिएंसी टेस्ट) अर्थात सम्मिलित दक्षता परीक्षा, जो एक प्रवेश परीक्षा का कार्य करती है.
2.आई.पी.सी.सी. (एकीकृत व्यावसायिक सक्षमता पाठ्यक्रम) या इंटरमीडिएट परीक्षा, और
3.सी.ए.अंतिम परीक्षा
आई.सी.ए.आई. के नवीनतम परिणामों के अनुसार सी.ए. अंतिम परीक्षा का परिणाम मई 2015 के 8.25%  से 2.45% घटकर नवंबर, 2015 में 5.75% हो गया है. तथापि चार्टरित लेखाकारिता में प्रवेश लेने या इसे उत्तीर्ण करने के लिए कोई आयु-सीमा नहीं है. यदि आप इसे करने के लिए शैक्षिक दृष्टि से योग्य हैं तो आप किसी भी आयु में सी.ए. बन सकते हैं.
इसके अतिरिक्त इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के आपको पर्याप्त अवसर मिलते हैं. आपको निम्नलिखित  अवसर मिलते हैं.
*सी.पी.टी. परीक्षा उत्तीर्ण करने के 6 प्रयास (प्रारंभिक पंजीकरण तीन वर्ष के लिए वैध होता है, इसके बाद आप इसे तीन और वर्षों के लिए पुनर्वैध करा सकते हैं.)
*आई.पी.सी.सी. परीक्षा उत्तीर्ण करने के 8 प्रयास (प्रारंभिक पंजीकरण चार वर्ष के लिए वैध होता है, इसके बाद आप इसे चार और वर्षों के लिए पुनर्वैध करा सकते हैं), और
*सी.ए. अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण करने के 10 प्रयास (प्रारंभिक पंजीकरण 5 वर्ष के लिए वैध होता है, जिसे आप 5 और वर्षों के लिए पुनर्वैध करा सकते हैं).
प्रत्येक वर्ष आप सी.पी.टी., आई.पी.सी.सी. या सी.ए. अंतिम परीक्षा दो बार दे सकते हैं, सी.पी.टी. परीक्षा जून एवं दिसंबर में ली जाती है, जबकि आई.पी.सी.सी. और अंतिम परीक्षा मई और नवंबर में ली जाती है.
इन व्यावसायिक परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने और सी.ए. बनने का त्वरित मार्गदर्शन निम्नलिखित है.:-

सी.पी.टी. कैसे उत्तीर्ण करें?
दसवीं कक्षा के बाद आप सी.ए. पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण करा सकते हैं. यह पंजीकरण वर्ष भर खुला रहता है. लेकिन सी.पी.टी. परीक्षा आप बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही दे सकते हैं. यद्यपि सी.पी.टी. परीक्षा में बैठने के लिए आपको अच्छी प्रतिशतता की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन फिर भी, इसके लिए पात्र होने हेतु आपको उत्तीर्णता गे्रड प्राप्त करना आवश्यक होता है.
सी.पी.टी. परीक्षा में दो प्रश्न-पत्र होते हैं-प्रत्येक प्रश्न-पत्र 100 अंकों का होता है. परीक्षा में वस्तुनिष्ठ बहु-विकल्प प्रकृति के प्रश्न होते हैं.
*प्रश्न-पत्र-I में  लेखाकरण के बेसिक्स के प्रश्न (60 अंकों में) और मर्केंटाइल विधि के प्रश्न (40 अंकों में) होते हैं, और
*प्रश्न-पत्र-II में अर्थशास्त्र (50 अंक) और मात्रात्मक अभिरुचि (50 अंक) शामिल होगी. परीक्षा में अनुमान कार्य को हतोत्साहित करने के लिए गलत उत्तरों के अंक काटे जाते हैं. प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक काटे जाते हैं.
परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए, उम्मीदवार को एक ही साथ परीक्षा के सभी चारों खंडों में न्यूनतम 30% अंक प्राप्त  करने होंगे, और कुल 50% अंक प्राप्त करने होंगे.
हाल ही में, सी.पी.टी. पाठ्यक्रम में छह विषय शामिल करने के लिए, संशोधन किया गया है, और अब इसे फाउंडेशन पाठ्यक्रम कहा जाता है. इसमें शामिल किए गए दो नए विषय-सामान्य अंगे्रजी तथा व्यवसाय संचार हैं. यह भी प्रस्ताव है कि अब सी.पी.टी. परीक्षा में बहु-विकल्प प्रकृति के 60% प्रश्न तथा विषयनिष्ठ प्रकृति के 40% प्रश्न दिए जाएंगे.

सी.पी.टी. उत्तीर्ण करने के सरल संकेत
*आई.सी.ए.आई. से आपको मिलने वाली 4 पाठ्य-पुस्तकें तथा 30 नमूना प्रश्न-पत्र आपकी तैयारी के लिए पर्याप्त हैं. हर जगह से श्रेष्ठ अध्ययन सामग्री तलाश करने में अपना समय खराब नहीं करें.
*लेखाकरण में, सिद्धांत की तरह ही अभ्यास करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, यदि आपको अपने बेसिक्स की जानकारी है तो आप इसे आसानी से उत्तीर्ण कर सकते हैं. चूंकि सी.ए. प्रत्याशियों के लिए यह एक विषय होता है, इसलिए इस विषय में आपको अत्यधिक अध्य-व्यवसायी होना चाहिए.
*मर्केंटाइल विधि ऐसा विषय है जिसमें लेखा के बाद अत्यधिक अंक मिलते हैं. इसका अच्छा अभ्यास करें. इसकी संकल्पना को आत्मसात करने का प्रयास करें, क्योंकि परीक्षा में सीधे पुस्तक से अनेक प्रश्न नहीं पूछे जाते. आप यहां अनुबंध अधिनियम पर फोकस करना चाहते हों.
*अर्थशास्त्र को सामान्यत: अन्य विषयों से आसान माना जाता है. सबसे पहले मेक्रो अर्थशास्त्र (मेक्रो इकोनॉमिक्स) को पूरा करने का प्रयास करें, क्योंकि इसमें अधिक अंक मिलते हैं. यदि आपने बारहवीं कक्षा में अर्थशास्त्र पढ़ा है तो मेक्रो अर्थशास्त्र आपके लिए आसान होगा. अपने ग्राफ्स का अच्छा अभ्यास करें और आपको इनका अच्छा ज्ञान होना चाहिए.
*अब मात्रात्मक अभिरुचि में सभी अच्छे होते हैं. जब यह गणित पर आती है तो याद रखें कि कुछ विषय अन्य विषयों की तुलना में सरल होते हैं. पहले उन्हें पूरा करने का प्रयास करें. अधिकांश प्रश्न दसवीं कक्षा स्तर के होते हैं. यदि आपका गणित अच्छा नहीं है तो आप कैलकुलस और सिरीज़ जैसे जटिल विषय छोड़ सकते हैं.
*सांख्यिकी (स्टेटिस्टिक्स) में, कोरिलेशन, रिगे्रसन, डिफरेंसिएशन और इंटीगे्रशन तथा थ्योरेटिकल डिस्ट्रीब्यूशन पर ध्यान दें.
सी.पी.टी.उत्तीर्ण करने के बाद आप आई.पी.सी.सी. पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं.

आई.पी.सी.सी. कैसे उत्तीर्ण करें?

स्नातक उम्मीदवार यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी करते हैं तो वे सी.पी.टी. परीक्षा पहले उत्तीर्ण किए बिना ही, आई.पी.सी.सी. परीक्षाओं में सीधे बैठ सकते हैं.

*वाणिज्य स्नातक अपनी अर्हता परीक्षा में 50% या अधिक अंक रखते हों.
*गैर वाणिज्य स्नातक-जिन्होंने गणित विषय नहीं लिया है, वे अपनी अर्हता परीक्षा में 55% या अधिक अंक रखते हों.
*गैर वाणिज्य स्नातक-जिन्होंने गणित विषय  लिया है, वे अपनी अर्हता परीक्षा में 60% या अधिक अंक रखते हों.

आई.पी.सी.सी. की तैयारी करने में (सी.पी.टी. परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद) सामान्यत: नौ महीनों का समय लगता है. इस परीक्षा में विधि, लेखा-परीक्षा, कर आदि पर विषयनिष्ठ प्रश्न होते हैं. आई.पी.सी.सी. परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, उम्मीदवार को अंतिम परीक्षा के लिए आवेदन करने से पहले तीन वर्ष तक किसी  प्रैक्टिसरत सी.ए. के पास इंटर्न के रूप में कार्य करना होता है (इसे आर्टिकल्ड टे्रनिंग भी कहा जाता है.)

आई.पी.सी.सी. के दो वर्ग होते हैं :- वर्ग-क एवं वर्ग ख. कोई भी व्यक्ति दोनों वर्गों  की परीक्षा एक ही सत्र में दे सकता है या वर्ग की परीक्षाएं अलग-अलग सत्र में दे सकता है. वर्ग-क की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कोई भी आर्टिकल्ड प्रशिक्षण प्रारंभ करता है और वर्ग-ख की परीक्षा प्रशिक्षण अवधि के दौरान या बाद भी दे सकता है.

वर्ग-क में चार विषय होते हैं :- लेखाकरण; व्यवसाय विधि; एथिक्स और संचार; लागत लेखाकरण तथा वित्तीय प्रबंधन एवं कराधान. वर्ग-ख में तीन विषय शामिल होते हैं:- उच्च लेखाकरण; लेखा परीक्षण एवं आश्वासन और सूचना प्रौद्योगिकी तथा स्टे्रटेजिक प्रबंधन.

आई.पी.सी.सी वर्ग-क परीक्षा उत्तीर्ण करने के त्वरित उपाय
*लेखाकरण में, आपको संकल्पनात्मक दृष्टि से मजबूत होना चाहिए. आपको यह समझ होनी चाहिए कि आपको जिन संकल्पनाओं का ज्ञान है, उनका और विभिन्न विवरणों के प्रारूपों को कैसे लागू करना है.
*एथिक्स और संचार आसान विषय होते हैं और कम समय में ही आप इनमें आसानी से अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं.
*व्यवसाय विधि में, प्रत्येक समस्या में निहित विषय-वस्तु एवं तर्क को पहचानने का प्रयास करें. कंपनी अधिनियम, 2013, बोनस अधिनियम, ई.पी. एफ. अधिनियम आदि जैसे मुख्य अधिनियमों और उनके अनुपयोगों को भी याद रखें.
*लागतीकरण में सिद्धांत (थ्योरी) भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि समस्या समाधान. फार्मूलों को भी सही रूप में प्रयोग में लाने की जानकारी प्राप्त करें. यदि आप संकल्पनाओं का अनुप्रयोग अच्छी तरह कर सकते हैं तो आप वित्तीय प्रबंधन भाग में भी निश्चित रूप से अच्छा कर सकते हैं.
*कराधान में, फ्लो चार्ट आपको संकल्पनाएं आसानी से सीखने में सहायता कर सकते हैं.

आई.पी.सी.सी. वर्ग-ख परीक्षा उत्तीर्ण करने के त्वरित उपाय :-

*उच्च लेखाकरण में, भागीदारी, शाखा लेखाकार, जैसे विषयों और बैंक एकाउंट्स, विद्युत कंपनी, बीमा फर्म आदि जैसे प्रारूप-उन्मुखी विषयों पर बल दें.
*आई.टी. तथा एस.एम. में, आई.टी. भाग पर्याप्त सैद्धांतिक होता है और इसे निरंतर दोहराने की आवश्यकता होती है. इस मामले में, तथ्यों को आसानी से याद रखने में फ्लैश कार्ड आपकी सहायता कर सकते हैं. स्ट्रेटेजिक प्रबंधन (एस.एम.) में, स्पष्ट समझ के लिए संकल्पनाओं को वास्तविक उदाहरणों से जोडऩे का प्रयास करें. इस मामले में अधिक अंक प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण प्वाइंट्स वाले छोटे उत्तर आपको बेहतर अवसर देते हैं.
*लेखाकरण बहुत आसान है, बशर्ते कि आपको यह पता हो कि इस तक अभिगम कैसे बनाया जाए. सबसे पहले लेखाकरण के मानकों के उद्देश्यों को पढ़ें. वाउचिंग, सत्यापन, कंपनी लेखा परीक्षण-ढ्ढ एवं ढ्ढढ्ढ और विशेष लेखापरीक्षण जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करें. आपके उत्तर की प्रस्तुति इस मामले में आपके अंकों में पूर्ण अंतर ला सकती है.
नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, अब से इंटरमीडिएट परीक्षा में आठ प्रश्न-पत्र हो सकते हैं. व्यवसाय विधि, संचार एवं एथिक्स प्रश्न-पत्र कार्पोरेट विधि तथा अन्य विधियां नामक एकल प्रश्न-पत्र से बदले जा सकते हैं, जिसके 100 अंक होंगे. लागत लेखाकरण के 100 अंक हो सकते हैं (वर्तमान चलन के अनुसार 50% अंकों के स्थान पर) इंटरमीडिएट परीक्षा पाठ्यक्रम में शीघ्र ही व्यवसाय आर्थिक माहौल (40 अंक) को भी मिलाया जा सकता है.
आई.पी.सी.सी. की वर्ग परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के लिए वर्ग के प्रत्येक विषय में एक ही सत्र में न्यूनतम 40% अंक और कुल 50% अंक (एक वर्ग में या दोनों वर्गों में एक साथ) प्राप्त करने होंगे.
सी.ए. अंतिम परीक्षा कैसे उत्तीर्ण करें?
सी.ए. बनने का अंतिम कदम सी.ए. अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण करना है, जिसे विश्व में सबसे कठिन एवं अत्यधिक श्रमसाध्य परीक्षा माना जाता है. यह परीक्षा दो वर्गीय परीक्षा है, प्रत्येक वर्ग में चार प्रश्न-पत्र होते हैं:-
*वर्ग-क में वित्तीय रिपोर्टिंग, उच्च लेखापरीक्षा एवं व्यावसायिक एथिक्स तथा कार्पोरेट और समवर्गी विधि शामिल है.
*वर्ग-ख में उच्च प्रबंधन लेखाकरण, सूचना प्रणाली नियंत्रण और लेखाकरण, प्रत्यक्ष कर विधि, और परोक्ष कर विधि शामिल है.

अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण करने के त्वरित उपाय

*आई.सी.ए.आई अध्यक्ष ने हाल ही में कहा है कि सी.ए.परीक्षाएं 2017 से कठिन हुआ करेंगी. इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए सशक्त संकल्पनात्मक ज्ञान रखने के साथ-साथ प्रभावी व्यावसायिक कौशल भी रखते हों. सामान्यत: सफल सी.ए. प्रत्याशी अपनी प्रशिक्षण अवधि के दौरान कम से कम दो-घंटे प्रतिदिन और अवकाश पर रहने के दौरान प्रतिदिन 14 से 16 घंटे पढ़ाई करते हैं.
*परीक्षा की तैयारी के दौरान सोशल मीडिया तथा मोबाइल फोन से बचें. खराब समय प्रबंधन सी.ए. परीक्षाओं में असफल होने का एक बड़ा कारण होता है. अपने समय की बुद्धिमानीपूर्वक योजना बनाएं और अपने अध्ययन कार्यक्रम पर अडिग रहें.
*विधि के प्रश्न-पत्रों में सही धाराओं और उनके प्रावधानों का उल्लेख करें. यदि आप धारा संख्याओं के बारे में विश्वस्त न हों तो उन्हें लिखने से बचें.
*नमूना प्रश्न-पत्रों का उत्तर लिखें और अपने उत्तरों का दिए गए उत्तरों से मिलान करें. इससे आपको अपने प्रस्तुति कौशल को बढ़ाने में सहायता मिलेगी.
*आई.सी.ए.आई. अध्ययन सामग्री, परीक्षा प्रश्न-पत्रों और अभ्यास मैनुअल्स को दोहराना आपकी सफलता के साधन होंगे. यदि आपको किसी मद को स्पष्ट करने की आवश्यकता हो तो संदर्भ के लिए अन्य पुस्तकें देख सकते हैं.
*यह निर्णय केवल आप ही कर सकते हैं कि क्या आपको आई.पी.सी.सी और सी.ए. अंतिम परीक्षा अलग-अलग वर्गवार करनी है या दोनों वर्गों का एक ही साथ प्रयास करना है.
*अपने प्रस्तुति कौशल को बढ़ाएं. व्यावहारिक समस्याओं में अपने उत्तर हां या नहीं में तभी दें यदि आप उस उत्तर के बारे में 100 प्रतिशत आश्वस्त हों. अन्यथा पहले संबंधित प्रावधानों का उल्लेख करें, उन पर विचार-विमर्श करें और यह प्रदर्शित करें कि आप किसी विशेष निष्कर्ष पर कैसे पहुंचे.
*जिन प्रश्नों में आपको विशिष्टता करनी हो, प्रत्येक मद को अलग से लिखें. उदाहरण के लिए-
i विशिष्ट सम्पत्ति पर नियत प्रभार सृजित किया जाता है और दूसरी तरफ सम्पत्ति की श्रेणी पर फ्लोटिंग प्रभार सृजित किया जाता है.
ii नियत प्रभार सम्पत्ति को जकड़े रखता है, जबकि फ्लोटिंग प्रभार सम्पत्ति पर प्रवाहित होता रहता है.
*अपने उत्तर लिखने के लिए केवल नीले या काले पैन का प्रयोग करें.
*पहले अपने उत्तर की रूपरेखा बनाएं और उसके बाद लिखना प्रारंभ करें.

अन्य नए विषय जिन्हें इंटरमीडिएट परीक्षा पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सकता है वे विषय हैं- वित्तीय एवं पूंजी बाजार सेवा तथा अंतरराष्ट्रीय कराधान (30 अंक)
अन्य बातें जिनकी आपको जानकारी होनी चाहिए
*सी.ए. परीक्षाएं भारत के सभी बड़े शहरों में और यू.ए.ई. में आबूधाबी और दुबई में तथा नेपाल में काठमांडू में संचालित की जाती हैं.
*आर्टिकलशिप या प्रशिक्षण केवल ए.सी.ए.आई. द्वारा मान्यताप्राप्त चार्टरित लेखाकारिता फर्मों में लिया जा सकता है. आर्टिकलशिप के अंतिम वर्ष के दौरान, कोई भी छात्र किसी ऐसे सी.ए. के पर्यवेक्षण में 9 से 12 महीनों का औद्योगिक प्रशिक्षण ले सकता है जो किसी वित्तीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक संगठन में कार्यरत *किसी को भी सामान्य प्रबंधन और संचार कौशल (जी.एम.सी.एस.) पर 15 दिनों के दो अनिवार्य पाठ्यक्रम करने होते हैं:- आर्टिकलशिप के प्रथम वर्ष में और एक आर्टिकलशिप के 18 महीनों के बाद सोसायटी की सदस्यता प्राप्त करने के लिए.
*सी.ए. अंतिम परीक्षा में उपस्थित होने से पहले आपको उच्च सूचना प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण (आई.टी.टी.) भी पूरा करना होगा.

(लेखिका एक कॅरिअर सलाहकार हैं. ई-मेल : rruchishrimalli@gmail.com)

 

चित्र: गूगल के सौजन्य से