विशेष लेख


Volume-6

संस्कृति मंत्रालय ने स्वच्छता पखवाड़ा मनाया

आनंद सौरव

संस्कृति मंत्रालय ने 16 से 30 अप्रैल, 2017 के दौरान स्वच्छता पखवाड़ा मनाया. इसका उद्देश्य स्वच्छता की आवश्यकता और उसके महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना था. इस अवधि में मंत्रालय ने शत प्रतिशत ई-ऑफिस व्यवस्था का इस्तेमाल, सभी संगठनों में सफाई की स्थायी व्यवस्था कायम करने, स्वच्छता के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए संगीत, नृत्य और नाट्य गतिविधियां आयोजित करने सहित विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए. संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न स्वायत्त, सम्बद्ध और अधीनस्थ संगठनों ने भी स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत अनेक गतिविधियां आयोजित कीं.

इन संगठनों ने अपने कार्यालयों और उनके इर्द-गिर्द नियमित रूप से स्वच्छता अभियान चलाए. तिब्बती अध्ययन से सम्बद्ध केंद्रीय विश्वविद्यालय, वाराणसी (संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त बौद्ध संस्थान) ने 26 अप्रैल को स्वच्छ भारत मैराथन का आयोजन किया. इस संस्थान के विद्यार्थियों ने साफ -सफाई और उसके महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए जन जागरण यात्रा भी आयोजित की.

 

‘‘माई क्लीन इंडिया’’ और ‘‘स्वच्छ भारत’’ की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए रामपुर राजा लाइब्रेरी द्वारा स्वच्छता के बारे में विद्यार्थियों की चित्रकारी की एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई. मौलाना अबुल कलाम आजाद इंस्टीट्यूट आफ एशियन स्टडीज़, कोलकाता (भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन) ने स्वच्छ भारत के बारे में स्कूली विद्यार्थियों को आमंत्रित करते हुए चित्रकारी प्रतियोगिता भी आयोजित की.