विशेष लेख


Volume-3, 21-27April, 2018

 

मोतिहारी में स्वच्छाग्रहियों का राष्ट्रीय सम्मेलन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने १० अप्रैल को मोतिहारी में स्वच्छाग्रहियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। यह आयोजन चंपारण में महात्मा गांधी के नेतृत्व में चलाए गए सत्याग्रह के शताब्दी समारोह के तहत किया गया।

इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। जल आपूर्ति और स्वच्छता के क्षेत्र में, उन्होंने मोतीझील परियोजना, बेतिया नगर परिषद जल आपूर्ति योजना, और गंगा से जुड़ी चार परियोजनाओं, सैयदपुर मल जल नेटवर्क पटना, पहाड़ी सीवेज नेटवर्क जोन ४, पटना; पहाड़ी सीवेज नेटवर्क, जोन ५, पटना, और पहाड़ी एसटीपी की आधारशिला रखी और इनके प्रतीक के रूप में एक पट्टिका का अनावरण किया।

 रेलवे के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने मुजफ्फरपुर और सगौली तथा सगौली और वाल्मिकीनगर के बीच रेल लाइनों के दोहरीकरण की परियोजना की आधारशिला रखी। उन्होंने इसके साथ ही मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव संयंत्र का पहला चरण राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने वीडियो लिंक के जरिए मालगाड़ी के इस्तेइमाल के लिए बनाए गए १२००० अश्वशक्ति वाले पहले बिजली इंजन और चंपारण हमसफर एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर बिहार झारखंड सीमा सेक्शन पर औरंगाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्यां २ के लिए एक नयी सडक़, मोतिहारी में इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड के एक एलपीजी टर्मिनल और ऑयल ल्यूब तथा सगौली में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के एलपीजी संयंत्र की आधारशिला भी रखी। उन्होंने चैंपियन स्वच्छाग्रहियों को पुरस्कार भी प्रदान किए।

 इस अवसर पर उत्साहित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के दिन मोतिहारी में वैसे ही जनआंदोलन की भावना दिखायी दे रही है जो एक सदी पहले चंपारण सत्यांग्रह में दिखी थी।

उन्होंने कहा कि सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह की इस यात्रा में बिहार के लोगों ने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। उन्होंने पिछले एक सप्ताह में बिहार में शैाचालयों के निर्माण में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने इस दिशा में किए गए प्रयासों के लिए राज्य की जनता और वहां की सरकार की सराहना की।

 प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान हो या फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ  लड़ाई हो या फिर जन सुविधाएं विकसित करने की बात हो केन्द्र सरकार इसके लिए राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज ६६०० करोड़ रुपए की लागत से शुरू की जा रही परियोजनाएं आने वाले समय में राज्य और क्षेत्र के विकास में            बड़ी भूमिका निभाएंगी। उन्होंने इस अवसर पर मोतीझील को मोतिहारी के इतिहास का अभिन्न अंग बताते हुए इसकी संरक्षण योजना का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने गंगा नदी में प्रदूषित जल के प्रवाह को रोकने के लिए ३००० करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से शुरू की जाने वाली परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्ज्वला योजना के जरिए रसोई गैस की सुविधा मिलने से बिहार की ५० लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। इस संदर्भ में उन्होंने आज शुरू की गई एलपीजी और पेट्रोलियम परियोजनाओं का जिक्र किया।  उन्होंने कहा कि यह देश की प्रगति का इंजन माने जाने वाले पूर्वी भारत के विकास की व्यापक सोच का हिस्सा है। उन्होंने इस अवसर पर शुरू की गयी रेल और सडक़ परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव संयंत्र मेक इन इंडिया का नायाब उदाहरण है जो क्षेत्र में रोजगार का एक बड़ा जरिया बनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि १२ हजार अश्व शक्ति वाले इस बिजली इंजन को पहली बार चलाया गया है जिससे भविष्य में मालगाडिय़ों की रफ्तार काफी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को पहली बार २००७ में मंजूरी दी गयी थी लेकिन यह तीन साल पहले शुरू हुई। इसका पहला चारण अब पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार लोगों की मदद से अपने सभी अभियान पूरे करने के लिए कृतसंकल्प है।

स्वच्छता के क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष २०१४ से लेकर अब तक साफ  सुथरे क्षेत्रों का दायरा ४० प्रतिशत से बढक़र ८० प्रतिशत हो चुका है। उन्होंने कहा कि शौचालयों का निर्माण सामाजिक असंतुलन को खत्म करते हुए सामाजिक और आर्थिक तथा महिला सशक्तिकरण का माध्यम बन रहा है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को एक व्यापक जनआंदोलन बताते हुए कहा कि २१वीं सदी में दुनिया के  किसी भी हिस्से में इसका दूसरा कोई उदाहरण नहीं मिलेगा।

पसूका