विशेष लेख


Volume-14

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने स्वच्छता पखवाड़ा मनाया

आनंद सौरभ

पर्यावरण मंत्रालय ने 1 जून से 15 जून, 2017 तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया, जिसके दौरान पौधारोपण, ‘श्रम दानऔर कूड़े-कचड़े की सफाई सहित अनेक गतिविधियां संचालित की गईं. नई दिल्ली में राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा के समापन समारोह को संबोधित करते हुए पर्यावरण मंत्री, डॉ. हर्षवर्धन ने लोगों को पर्यावरण अनुकूल कोई भी गतिविधि मंत्रालय के साथ इसकी वेबसाइट पर बांटने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि मंत्रालय ऐसे पर्यावरण अनुकूल कार्यों को देश के लोगों के बीच प्रचारित करेगा. मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के 35 वरिष्ठ अधिकारी स्वच्छता अभियान को जन अभियान बनाने और इस अभियान को सवा सौ करोड़ देशवासियों से जोडऩे के लिये काम करेंगे. मंत्री महोदय ने कहा कि राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में स्वच्छता पखवाड़े का समापन समारोह इस चिडिय़ाघर में दरियाई घोड़े के बच्चे के जन्म के समारोह के तौर पर आयोजित किया गया है.
मंत्रालय के विभिन्न संस्थान जैसे कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण बोर्ड, भारतीय वन सर्वेक्षण, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण ने स्वच्छता अभियान में भाग लिया. स्वच्छता पखवाड़ा की एक अन्य विशेषता विज्ञान एक्सप्रेस जलवायु कार्य विशेष टे्रन द्वारा चार रेलवे स्टेशनों की सफाई का कार्य रहा. स्वच्छता पखवाड़ा के कुछेक प्रमुख विषयों में-प्लास्टिक मुक्त टाइगर रिज़र्व/संरक्षित क्षेत्र/राष्ट्रीय उद्यान, जिनके तहत सभी टाइगर आरक्षित क्षेत्रों में साफ-सफाई सुनिश्चित की जायेगी और 31 मार्च, 2018 तक इन्हें प्लास्टिक मुक्त बनाया जायेगा, ‘‘प्रकृति की यादों के साथ कचड़े को वापस लायें’’, शहरों, कस्बों और गांवों में झीलों और नदियों के आसपास साफ-सफाई, पांच राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में पांच समुद्र तटों पर साफ-सफाई करना और ‘‘कचड़ा मुक्त’’ बनाया जाना शामिल था.
राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में, स्वच्छता पखवाड़ा के भाग के तौर पर, चिडिय़ाघर में आने वाले आगंतुकों के लिये स्वच्छता के महत्व के बारे में जन जागरण अभियान आयोजित किये गये. स्वच्छ भारत मिशन के भाग के तौर पर प्राणी बाड़ों, कार्यालय परिसरों और चिडिय़ाघर के अन्य हिस्सों में साफ-सफाई की गई.
केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण ने भी सभी चिडिय़ाघरों को अपने यहां साफ-सफाई बनाये रखने के लिये कुशल कचड़ा निपटान प्रणाली और स्वच्छता व्यवहार अपनाने के लिये दिशानिर्देश जारी किये.
मंत्री महोदय ने इस अवसर पर कचड़े के पुन: उपयोग और निपटान, अधिक से अधिक पौधे लगाने और ऊर्जा एवं जल संरक्षण के संबंध में हरित शपथ भी दिलाई. इससे पहले पर्यावरण मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने दिल्ली चिडिय़ाघर में पौधारोपण भी किया.
सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता, श्री परमेश्वरन अय्यर ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे. अपर सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय श्रीमती अमिता प्रसाद ने उपस्थित समूह के समक्ष ‘‘स्वच्छ भारत हरित भारत’’ शीर्षक पर प्रस्तुतियां भी पेश कीं. इस अवसर पर वन महानिदेशक और विशेष सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, श्री सिद्धांत दास, विशेष सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, श्री रजनी रंजन रश्मि तथा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा सैंकड़ों की संख्या में स्कूली छात्र भी मौजूद थे.