विशेष लेख


Vol.27, 2017

 
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन से सम्बन्धित प्रश्नावली
(उत्तर सहित)

पंडित दीनदयाल उपाध्याय
(जन्म : २५ सितम्बर, १९१६, निधन : १० फरवरी १९६८)
प्रश्न १:- पंडित दीनदयाल का पूरा नाम बताइए?
उत्तर :- पंडित दीनदयाल उपाध्याय.
प्रश्न २:- पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म कब हुआ?
उत्तर :- २५ सितम्बर, १९१६.
प्रश्न ३ :- पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म कहां हुआ?
उत्तर :- मथुरा जिला के चंद्रभान गांव में.
प्रश्न ४ :- पंडित दीनदयाल के माता-पिता का नाम क्या था?
उत्तर :- माता रामप्यारी एवं पिता भगवती प्रसाद उपाध्याय.
प्रश्न ५ :- पंडित दीनदयाल की प्रारंभिक शिक्षा कहां हुई?
उत्तर :- पिलानी और आगरा में.
प्रश्न ६ :- पंडित दीनदयाल की महाविद्यालयीन शिक्षा कहां पर हुई?
उत्तर :- प्रयाग, उत्तर प्रदेश में.
प्रश्न ७ :- पंडित दीनदयाल राष्ट्रीय स्वयं सेवक में कब सक्रिय हुए?
उत्तर :- छात्र जीवन से.
प्रश्न ८ :- पंडित दीनदयाल ने बी.एसी. बी.टी. करने के बाद भी नौकरी क्यों नहीं की?
उत्तर :- महाविद्यालय की शिक्षा पूर्ण होने के पश्चात् वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक बन गए थे. इस कारण से उन्होंने नौकरी नहीं की.
प्रश्न ९ :- १९५१ में पंडित दीनदयाल को अखिल भारतीय जनसंघ में क्या दायित्व मिला?
उत्तर :- महामंत्री का.
प्रश्न १० :-पंडित दीनदयाल ने महामंत्री पद का दायित्व कब तक निभाया?
उत्तर :- पन्द्रह वर्षों तक.
प्रश्न ११ :- पंडित दीनदयाल अखिल भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष कब निर्वाचित हुए?
उत्तर :- १९६७ में.
प्रश्न १२ :- पंडित दीनदयाल की मृत्यु कब हुई?
उत्तर :- १० फरवरी, १९६८ में, रेलयात्रा के दौरान मुगलसराय के पास.
प्रश्न १३ :- पंडित दीनदयाल ने कौन-सी उच्च परीक्षा पास की?
उत्तर :- सिविल सेवा परीक्षा.
प्रश्न १४ :- पंडित दीनदयाल ने कौन-सी पत्रिकाएं प्रारंभ की?
उत्तर : राष्ट्रधर्म , पाञ्चजन्य और स्वदेश.
प्रश्न १५ : राजनीति में पंडित दीनदयाल का क्या प्रमुख उद्देश्य था?
उत्तर :- विशुद्ध भारतीय तत्व-दृष्टि प्रदान करना.
प्रश्न १६ :- पंडित दीनदयाल की प्रसिद्ध विख्यात पुस्तक कौन-सी थी?
उत्तर :- एकात्म मानववाद.
प्रश्न १७:- एकात्म मानववाद का दर्शन क्या है?
उत्तर :- सनातन विचारधारा का आधुनिक युग में प्रस्तुतिकरण.
प्रश्न १८ :- पंडित दीनदयाल को जनसंघ में किस रूप में देखा जाता था?
उत्तर :- आर्थिक नीति के रचनाकार के रूप में.
प्रश्न १९ :- पंडित दीनदयाल के अनुसार आर्थिक विकास का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर :- सामान्य मानव-सुख एवं विचार स्वातंत्र्य.
प्रश्न २० :- साम्यवाद, पूंजीवाद, अन्त्योद्य, सर्वोदय आदि विचारों में पंडित दीनदयाल सनातन धर्म को श्रेष्ठ क्यों मानते थे?
उत्तर :- एकमात्र सनातक धर्म द्वारा प्रतिपादित जीवन ही चराचर जगत को सन्तुलित, स्वस्थ व सुंदर बनाकर मनुष्य को पूर्णता की ओर ले जाने की शिक्षा देने वाला होने के कारण वे इसे श्रेष्ठ मानते थे.
प्रश्न २१ :- पंडित दीनदयाल के अनुसार सनातन धर्म का दर्शन क्या है?
उत्तर :- विज्ञान जीवन-कला एवं जीवन-दर्शन.
प्रश्न २२ :- पंडित दीनदयाल के अनुसार राजनैतिक जीवनदर्शन का पहला सूत्र क्या है?
उत्तर :- भारत की संस्कृति में निष्ठा रहने से ही भारत एकात्म रहेगा.
प्रश्न २३ :- पंडित दीनदयाल किस भारतीय ध्येय वाक्य को मानते थे?
उत्तर :- वसुधैव कुटुम्बकम.
प्रश्न २४ :-  पंडित दीनदयाल की किस पुस्तक में राष्ट्रीय जीवन के बारे में बताया गया है?
उत्तर :- राष्ट्र जीवन की दिशा.
प्रश्न २५ :- किस पुस्तक में मानववाद पर जोर दिया गया है?
उत्तर :- एकात्म मानववाद.
प्रश्न २६ :- भारतवर्ष को एकता के सूत्र में बांधने वाले महापुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय का वर्णन किस पुस्तक में किया गया है?
उत्तर :- जगद्गुरु शंकराचार्य.
प्रश्न २७ :- पंडित दीनदयाल ने किस पुस्तक में आर्थिक नीति का वर्णन किया है?
उत्तर :- भारतीय अर्थनीति का अवमूल्यन
प्रश्न २८ :- राजनीति के बारे में किस पुस्तक में पंडित दीनदयाल ने विस्तार से लिखा है?
उत्तर:- राजनीतिक डायरी.
प्रश्न २९ :- पंडित दीनदयाल ने किस अधिवेशन में सर्वप्रथम अध्यक्षीय भाषण दिया?
उत्तर:- कालीकट अधिवेशन में.
प्रश्न ३० :- पंडित दीनदयाल के अनुसार भारत की मूलभूत समस्याओं का प्रमुख कारण क्या है?
उत्तर:- अपनी राष्ट्रीय पहचान की उपेक्षा करना.
प्रश्न ३१ :- पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते कार्यक्रमकब आरंभ हुआ?
उत्तर:- १६ अक्तूबर, २०१६ में.
प्रश्न ३२ :- श्रमेव जयते कार्यक्रम का शुभारंभ किसने किया?
उत्तर:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने.
प्रश्न ३३ :- श्रमेव जयते कार्यक्रम में कितनी योजनाओं का शुभारंभ हुआ?
उत्तर:- पांच योजनाओं का.
प्रश्न ३४ :- पंडित दीनदयाल के एकात्म मानववाद के अनुसार मानव की क्या
परिभाषा है?
उत्तर:- मानव केवल आर्थिक प्राणि नहीं अपितु भौतिक, मनोवैज्ञानिक, बौद्धिक व आध्यात्मिक गुणों से परिपूर्ण है.
प्रश्न ३५ :- जौनपुर चुनाव में पंडित दीनदयाल की क्या विशेषता रही?
उत्तर:- पंडित दीनदयाल ने ब्राह्मण के नाम पर चुनाव लडऩे से मना कर दिया था.
प्रश्न ३६ :- पंडित दीनदयाल के अनुसार जनता के विचार कैसे बदलने चाहिएं?
उत्तर:- जनशिक्षा के माध्यम से.
प्रश्न ३७ :- पंडित दीनदयाल के व्यक्तित्व का सबसे बड़ा आकर्षण क्या था?
उत्तर:- जमीनी स्तर पर कार्य और सादगीपूर्ण व्यवहार.
प्रश्न ३८ :- पंडित दीनदयाल ने जनसंघ को कैसे पहचान दिलवाई?
उत्तर:- एकात्म मानववाद के माध्यम से.
प्रश्न ३९ :- पंडित दीनदयाल किस बात के
पक्षधर थे?
उत्तर:- वे विभिन्न रूपों में एकता की अभिव्यक्ति की भारतीय सोच के पक्षधर थे.
प्रश्न ४० :- पंडित दीनदयाल की प्रसिद्ध उक्ति क्या है?
उत्तर:- जो कमाएगा वो खाएगा, यह ठीक नहीं; जो कमाएगा वो खिलाएगा.
प्रश्न ४१ :- पंडित दीनदयाल के अनुसार नैतिकता पर क्या कहा गया है?
उत्तर:- नैतिकता के सिद्धंातों को कोई एक व्यक्ति नहीं बनाता, बल्कि इनकी खोज की जाती है.
प्रश्न ४२ :- पंडित दीनदयाल के अनुसार आजादी के बारे में क्या कहा गया?
उत्तर:- आजादी सार्थक तभी हो सकती है, जब यह हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बन जाए.
प्रश्न ४३ :- भारतीय संस्कृति के सिद्धांतों के बारे में पंडित दीनदयाल के विचार क्या थे?
उत्तर:- मानवीय और राष्ट्रीय दोनों ही तहर से, यह आवश्यक हो गया है कि हम भारतीय संस्कृति के सिद्धांतों के बारे में सोचें.
प्रश्न ४४ :- पंडित दीनदयाल के अनुसार भारतीय संस्कृति की मूल विशेषता क्या है?
उत्तर:- भारतीय संस्कृति जीवन को एक एकीकृत रूप में देखती है.
प्रश्न ४५ :- शक्ति के बारे में पंडित दीनदयाल का क्या कहना था?
उत्तर:- शक्ति अनर्गल व्यवहार में व्यय न हो बल्कि अच्छी तरह विनियमित कार्य में निहित होनी चाहिए.
प्रश्न ४६ :- संघर्ष को लेकर पंडित दीनदयाल का क्या कहना था?
उत्तर:- संघर्ष, सांस्कृतिक स्वभाव का एक संकेत नहीं है बल्कि यह उसकी गिरावट का एक लक्षण है.
प्रश्न ४७ :- समाज में पंडित दीनदयाल को किस रूप में जाना जाता था?
उत्तर:- प्रसिद्ध दार्शनिक, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री, इतिहासकार व पत्रकार के रूप में.
प्रश्न ४८ :- मानव प्रकृति के बारे में पंडित दीनदयाल के क्या विचार थे?
उत्तर:- मानव प्रकृति में दोनों प्रवृत्तियां रही हैं- एक है क्रोध और लालच तो दूसरी है प्रेम और बलिदान.
प्रश्न ४९ :- पंडित दीनदयाल के अनुसार भारतीय संस्कृति का सार क्या है?
उत्तर:- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष में संतुष्टि ही एकीकृत रूप से भारतीय संस्कृति का सार है.
प्रश्न ५० :- धर्म के बारे में पंडित दीनदयाल की क्या अवधारणा है?
उत्तर:- धर्म एक ऐसी बहुत ही व्यापक अवधारणा है, जो समाज को बनाए रखने के लिए जीवन के सभी पहलुओं से संबंधित है.
स्रोत : यह प्रश्नोत्तरी विद्यालय शिक्षा विभाग, हरियाणा से साभार उद्धृत.