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स्टार्टअप फंड के लिये 10,000 करोड़ की मंजूरी

सरकार के स्टार्टअप इंडिया अभियान में मदद के लिये केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल में 18 लाख युवाओं को रोजग़ार मुहैया कराने के उद्देश्य के साथ स्टार्टअप के लिये 10,000 करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स को मंजूरी प्रदान की है.

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि ‘‘रुपये10000 करोड़ का कोष जब पूरी तरह इस्तेमाल में होगा तो इससे रुपये 60000/- करोड़ का निवेश स्टार्टअप में हो सकेगा. यह राशि ऋण निवेश की तुलना में दोगुनी होगी. सरकार ने यह कोष भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) में स्थापित करने को मंजूरी दी है. यह कोष भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) में योगदान करेगा. एआईएफ स्टार्टअप को कोष समर्थन देंगे जिससे बड़े पैमाने पर रोजग़ार सृजन होगा. औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा कुल बजटीय समर्थन से अनुदान सहायता का प्रावधान किया जायेगा. औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग स्टार्टअप इंडिया कार्य योजना के अनुरूप कार्य की समीक्षा करेगा.

सिडबी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक छत्रपति शिवाजी ने कहा, ‘‘स्टार्टअप के लिये केंद्र के 10,000 करोड़ के फंड्स ऑफ फंड्सके अनुमोदन के साथ ही भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) ने क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के वास्ते यूनिक इंडिया एस्पिरेशन फंड और फंड ऑफ फंड्स ऑपरेशन्स जैसे कोषों की शुरूआत से अपने स्टार्टअप वित्तपोषण प्रचालनों में तेज़ी लाना शुरू कर दिया है‘‘.

ऋणदाता ने अब तक 11 क्षेत्रीय कोषों सहित कुल मिलाकर रुपये2576 करोड़ की प्रतिबद्धता के साथ 95 कोषों की सहायता की है. एफएफएस की स्थापना के लिये मंत्रिमंडल की मंजूरी से स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ गहरी संलग्नता से इसकी फंड ्ऑफ फंड्स गतिविधियों के अधीन प्रचालनों के पैमाने को बढ़ाने में सहायता मिलेगी और महत्वाकांक्षी स्टार्टअप इंडिया पहल में तेज़ी आयेगी. ‘‘उन्होंने कहा कि ‘‘सिडबी वर्षों से निर्मित अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करेगा और वर्तमान में देश में स्टार्टअप्स के सामने पेश आ रही प्रमुख चुनौतियों को हल करेगा. बैंक के एक बयान में कहा गया है कि एफएफएस के अधीन वित्तीय वर्ष 2016 में कॉप्र्स में पहले से 500 करोड़ रुपयेजारी किये जा चुके हैं और सरकार ने वित्तीय वर्ष 2017 के लिये 600 करोड़ रुपये चिह्नित किये हैं. कुल वायदे से अब तक करीब 1065 करोड़ रुपयेकी निकासी के आधार पर इन कोषों ने रुपये9520 करोड़ की इक्विटी सहायता के साथ 714 उद्यमों में निवेश किया है जिसमें से 4794 करोड़ का निवेश 604 एमएसएमईज में किया गया. अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया कार्य योजना के अनुरूप और इसके प्रचालनों में तेज़ी लाने के लिये वैंचर कैपिटल इन्वेस्टमेंट कमेटी (वीसीआईसी) ने प्रस्तावित एफएफएस के अधीन योगदान के लिये 16 वैंचर्स से प्रस्तावों पर विचार किया है.‘‘ उन्होंने कहा, ‘‘16 वैंचर कैपिटल फंड्स में से सिडबी पहले ही 2200 करोड़ रुपयेके कुल काप्र्स के साथ 5 वैंचर कैपिटल फंड्स को रुपये 215 करोड़ का वायदा कर चुका है. शेष 11 वैंचर कैपिटल फंड्स से योगदान रुपये 394 करोड़ की मंजूरी हेतु स्वीकृति के विभिन्न चरणों में है.