विशेष लेख


Special article vol.30

स्वच्छता पखवाड़े की झलकियां

पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय (एमडीडब्ल्यूएस) ने 01 अक्तूबर से 15 अक्तूबर, 2016 तक अपना दूसरा स्वच्छता पखवाड़ा मनाया, जिसमें ये दर्शाया गया कि सरकारी क्षेत्र देश को स्वच्छ बनाने और अपने कर्मचारियों के बीच स्वच्छता एवं साफ सफाई को बढ़ावा देने के कार्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

जैसा कि इसके नाम से ही परिचित है, स्वच्छता पखवाड़ा से आशय है एक पखवाड़े तक चलने वाला स्वच्छता अभियान। इसे प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत देश को स्वच्छ रखने के लिये पूरे वर्ष तक जारी रहने वाले अभियान के तौर पर शुरू किया था। प्रत्येक मंत्रालय को स्वच्छता कार्यक्रम के संचालन के लिये तिथियां आबंटित की गई थी।

स्वच्छता पखवाड़ा के भाग के तौर पर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन के ब्रैंड एम्बेसडर, श्री अमिताभ बच्चन पर फिल्माये गये राष्ट्रव्यापी श्रव्य-दृश्य अभियान की शुरूआत की। बहुमुखी कलाकार को 3 कृतियों में फिल्माया गया जो कि शौचालयों के निर्माण और इस्तेमाल के महत्व पर प्रकाश डालने के लिये व्यवहार में परिवर्तन को बढ़ावा देने के रेडियो/टेलीविजन अभियान का हिस्सा होंगी।

पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा मंत्रालय परिसर में संचालित की गई बहुत सी गतिविधियों में 7 अक्तूबर को चलाया गया व्यापक स्वच्छता अभियान शामिल था। इसमें नई दिल्ली में लोधी रोड पर दयाल सिंह कालेज के सामने, सुनहरीपुला डीटीसी बस डिपो के निकटवर्ती क्षेत्रों की साफ-सफाई शामिल है। 2 घण्टे लंबे श्रमदान कार्यक्रम में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से एक हजार से अधिक लोग शामिल हुए। स्वच्छता अभियान में सहयोग करने वाली अन्य एजेंसियों में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) शामिल हैं। इन गतिविधियों का नेतृत्व सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने किया और साथ में सभी वरिष्ठ अधिकारी इसमें शामिल हुए। मंत्रालय ने गांव स्वच्छता सूचकांक भी विकसित किया है जिसके द्वारा ग्राम पंचायतें विभिन्न स्वच्छता दायरों के आधार पर स्वयं-रेटिंग अभ्यास संचालित करती हैं। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने सभी राज्यों को इन गतिविधियों को तेज़ी से संचालित करने के बारे में अनुदेश जारी किये हैं। इसके अलावा आईएमआईएस को सूचनाएं एकत्र करने और सिटीजन रेटिंग के लिये मोबाइल एप्लीकेशन उपलब्ध करवाया गया है। ग्राम स्वच्छता सूचकांक का विकास बड़े पैमाने पर किये गये अध्ययन के आधार पर किया गया था जिसके दौरान कऱीब 70,000 घरों का उनकी स्वच्छता के प्रति अवधारणा को समझने के वास्ते सर्वेक्षण किया गया था। गांव अपने यहां सुरक्षित शौचालयों की उपलब्धता और उनके इस्तेमाल करने की प्रतिशतता, घरों के आसपास और सार्वजनिक स्थलों पर शौच करने और घरों के आसपास पड़े गंदे पानी की निकासी के आधार पर एक स्वच्छता स्कोर प्राप्त करेंगे।

इसके अतिरिक्त पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने ग्राम सभा की बैठकें आयोजित करने और ग्राम स्वच्छता सूचकांक पर पहुंचने में उनकी मदद के लिये डॉटा एकत्र करने के लिये दिशानिर्देश, टेम्पलेट्स और फार्म प्रेषित किये। नागरिकों को भारत के किसी भी गांव में स्वच्छता की स्थिति देखने और स्वच्छता की रेटिंग करने के वास्ते स्वच्छएप्पस डाउनलोड करने के लिये भी प्रोत्साहित किया गया। 6 अक्तूबर को पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के स्टाफ के लिये एक कविता एवं पोस्टर प्रतियोगिता और 14 अक्तूबर को पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय में सबसे स्वच्छ अनुभाग कार्यालय के चयन के लिये एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इसी पखवाड़े के दौरान पंचायती राज मंत्रालय ने पूर्ण स्वच्छता हासिल करने के लिये पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिये क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन किया। दूसरी तरफ, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मनरेगा कार्यक्रम के अधीन तमिलनाडु मॉडल की प्रतिकृति में ठोस और तरल कचड़ा प्रबंधन को लागू करने के लिये 8 राज्यों में 50 गांवों को गोद लिया।

इस बार स्वच्छता पखवाड़ा पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालयों के साथ मिलकर कार्यान्वित किया। यद्यपि पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने वर्ष के दौरान अभियान के लिये आयोजक और समन्वय की भूमिका निभाई। इस पर यह सुनिश्चित करने की जि़म्मेदारी थी कि पखवाड़े की गतिविधियां अभिनव, दूरगामी और स्थाई प्रकृति की हों।

उसका कहना था कि स्वच्छता पखवाड़े की सफलता शासन के प्रत्येक स्तर पर सभी लोगों की भागीदारी पर निर्भर करेगी ताकि सभी लोगों को सरकार सक्रिय भूमिका में दिखाई दे और वे इसके प्रति प्रोत्साहित हो सकें। यह आशा की जाती है कि इन गतिविधियों को सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा बढ़ावा दिया जायेगा ताकि स्वच्छता नियमित आधार पर राष्ट्र की प्राथमिकता में सर्वोच्च बनी रहे, इसकी प्रगति इसके लोगों की खुशहाली में योगदान करे।

ठोस एवं तरल कचड़ा प्रबंधन पर राष्ट्रीय विचारविमर्श

नई दिल्ली में विज्ञान भवन में ठोस और तरल कचड़ा प्रबंधन पर एक राष्ट्रीय विचारविमर्श का आयोजन किया गया। इसमें ठोस एवं तरल कचड़ा प्रबंधन पर एक प्रस्तुति और तदुपरांत खुली बहस तथा क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों से फीडबैक सत्र का आयोजन किया गया। इसके बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने कहा कि राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान को 2019 तक स्वच्छ भारत के प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के लिये एक जन आंदोलन बनाया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी के बगैर यह संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान शौचालयों के निर्माण करने तक सीमित नहीं होगा। यह एक समग्र दृष्टिकोण अपनायेगा। उन्होंने कहा कि गांवों के कोने-कोने को स्वच्छ करना होगा। उन्होंने ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में तमिलनाडु और तेलंगाना के प्रयासों की सराहना की। मंत्री महोदय ने अमिताभ बच्चन पर फिल्माये गये तीन दृश्य श्रव्य कार्यक्रम के साथ-साथ स्वच्छता गीत को भी जारी किया।

सचिव, पंचायती राज श्री जे। एस। माथुर ने कहा कि स्वच्छता को ग्रामीणों के मन-मानस में समाहित करना होगा। उन्होंने कहा कि देश भर में ग्राम सभाओं को स्वच्छता को प्राथमिकता देने को कहा गया है। इसे व्यावहारिक बनाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्यों से कहा गया है कि स्वच्छता को मात्र एक बार मनाये जाने वाले समारोह तक सीमित नहीं रखा जाये बल्कि इसे पूरे वर्ष चलने वाला अभियान बनाया जाये। स्वच्छता को देश भर के गांवों में सभी प्रकार के विकास कार्यक्रमों का हिस्सा बनाना होगा। सचिव, ग्रामीण विकास श्री अमरजीत सिन्हा ने कहा कि गांवों में महिला स्वयं सहायता समूह स्वच्छता के प्रयासों से जुडऩे को तैयार हैं। महिलाओं को बड़े पैमाने पर स्वच्छ भारत अभियान में शामिल किया जा रहा है।

1 लाख गांव, 37 जिले खुले

में शौच से मुक्त हैं

केंद्रीय ग्रामीण विकास, पेयजल एवं स्वच्छता तथा पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर और गुजरात के मुख्यमंत्री, श्री विजय रूपाणी ने महात्मा गांधी की जन्मस्थली -पोरबंदर- को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया। यह घोषणा पोरबंदर में महात्मा गांधी की 147वीं जयंती पर और स्वच्छ भारत मिशन की दूसरी वर्षगांठ के लिये इस घोषणा को समर्पित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई एक जन रैली में की गई। रैली सुदामा मंदिर से आरंभ हुई और कार्यक्रम स्थल नगर पालिका पार्टी प्लाट, चौपाटी, पोरबंदर पर आकर समारोह में तबदील हो गई। गुजरात में 30 तालुका और 3000 ग्राम पंचायतों के साथ राज्य के मेहसाणा और नर्मदा दो जिलों को भी खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया।

इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि राष्ट्र एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना है क्योंकि महात्मा गांधी की जन्मस्थली को उनकी जयंती के अवसर पर खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के फ्लैगशिप कार्यक्रम स्वच्छ भारत मिशन, जिसे वे समूचे राष्ट्र में अग्रणी नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं, की दूसरी वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी के जन्मस्थान -मेहसाणा जि़ले- को भी खुले में शौच से मुक्त घोषित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ करने के लिये धन्यवाद किया और गुजरात के मुख्यमंत्री का इसे अपने राज्य में इतने बड़े पैमाने पर आगे पहुंचाने के लिये धन्यवाद किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि 2 अक्तूबर, 2019 से पहले गुजरात में खुले में शौच मुक्ति के शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि देश में अब एक लाख गांव और 37 जिले खुले में शौच की प्रथा से मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह इस बात का सबूत है कि स्वच्छ भारत मिशन सचमुच में एक जन आंदोलन बन चुका है। मात्र शौचालयों के निर्माण की बजाए व्यवहार में परिवर्तन पर फ़ोकस के साथ उन्होंने कहा कि उन्हें ये विश्वास है कि भारत की सरकार और भारत के लोग 2 अक्तूबर, 2019 तक स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल कर लेंगे।

केंद्रीय शहरी विकास और सूचना एवं प्रसारण मंत्री, श्री एम। वेंकैया नायडू ने भी विडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों ने पोरबंदर को 100 प्रतिशत खुले में शौच से मुक्त बनाकर महात्मा गांधी को अंतरिम उपहार दिया है। उन्होंने कहा कि अंतिम उपहार भारत के लोग 2 अक्तूबर, 2019 को संपूर्ण देश को स्वच्छ बनाकर प्रदान करेंगे।

स्वच्छ भारत मिशन की दूसरी वर्षगांठ के समारोह देश भर में मनाये गये और इस अवसर पर खुले में शौच मुक्ति की घोषणाएं और कस्बों तथा गांवों सहित देश के कई हिस्सों में लोगों को लामबंद करने के लिये बड़े पैमाने पर गतिविधियां संचालित की गईं।

समुदाय भागीदारी के साथ विशेष स्वच्छता कार्यक्रम 10 महत्वपूर्ण स्थानों पर आयोजित किये गये जिन्हें भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत उच्चतर स्वच्छता मानदंडों के लिये हाथ में लिया है।

राष्ट्रपति भवन में स्वच्छ

भारत अभियान

भारत के राष्ट्रपति महामहिम श्री प्रणव मुखर्जी ने 2 अक्तूबर, 2016 को राष्ट्रपति भवन में स्वच्छ भारत अभियान के लिये एक मार्च को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों तथा उनके पारिवारिक सदस्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर राष्ट्रपति और वहां मौजूद व्यक्तियों ने राष्ट्रपति द्वारा मार्च को हरी झंडी दिखाये जाने से पूर्व स्वच्छ भारत मिशन पर राष्ट्रपति भवन की प्रतिबद्धता के प्रतीक के तौर पर हवा में गुब्बारे छोड़े।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान को गांधीजी के जन्म दिवस से जोडऩा सर्वाधिक उचित है क्योंकि उन्होंने हमेशा हमारे दैनिक जीवन में स्वच्छता को अपनाये जाने पर ज़ोर दिया था। गांधीजी ने कहा था ‘‘स्वच्छता देवभक्ति से आगे है’’

केंद्र ने रेलवे को जैव-शौचालयों और सीसीटीवी कैमरों के लिये रु. 1600 करोड़ उपलब्ध कराये

रेलवे को देशभर में सभी स्टेशनों पर सीसीटीवी लगाने और ट्रेनों में जैव-शौचालयों की स्थापना के लिये सरकार से रु. 1655 करोड़ प्राप्त हुए हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ए. के. मित्तल ने कहा कि रेलवे को स्वच्छ भारत मिशन के तहत ट्रेनों में जैव-शौचालयों की स्थापना के लिये रु.  1155 करोड़ और यात्रियों की संरक्षा और सुरक्षा बढ़ाने के लिये सभी स्टेशनों को सीसीटीवी निगरानी के अधीन लाने के लिये निर्भय कोष के अधीन रु.  500 करोड़ उपलब्ध करवाये हैं।

उन्होंने कहा कि सीसीटीवी प्रणाली से रेलवे बच्चों की तस्करी सहित रेलवे परिसरों में असामाजिक तत्वों पर निगाह रख सकेगा। श्री मित्तल ने कहा कि रेलवे ने सितंबर, 2019 तक समूचे नेटवर्क को डिस्चाजऱ्-फ्री जोन बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण अनुकूल प्रभाव से रेलों पर जंग में कमी लाकर पटरियों का जीवन बढ़ेगा क्योंकि जैव-शौचालयों से पटरियों पर खुले में शौच रुक जायेगा। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि ट्रेनों में 40 हजार जैव-शौचालयों की स्थापना की जा रही है और चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक 30 हजार और जैव शौचालयों की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि तेजस, हमसफर जैसी सभी नई प्रस्तावित ट्रेनों को जैव-शौचालयों से सज्जित किया जायेगा।

बिहार के गांव में खुले में शौच से मुक्ति का अभियान

बिहार के कटिहार जिले में स्वच्छ भारत मिशन कार्यान्वित किया गया है। मिशन के तहत बरारी खण्ड की शिशिया पंचायत में शौचालयों का निर्माण पूरे जोरों पर चलाया जा रहा है। कटिहार के शिशिया गांव में नमामी गंगे योजना प्रभावी रूप से लागू की जा रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं। शिशिया गांव को खुले में शौच मुक्त घोषित किये जाने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे हैं। कटिहार जिले का शिशिया गांव बिहार में स्वच्छ भारत मिशन के कार्यान्वयन में हॉलमार्क बनने जा रहा है। जिले के चार खण्डों की 27 पंचायतों में शौचालय निर्माण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सभी पंचायतों के लिये लक्ष्य निर्धारित किया गया और युद्धस्तर पर कार्य प्रगति पर है।

2 अक्तूबर को जिलाधीश की सीधी निगरानी में 100 घरों में  एक साथ शौचालयों का निर्माण किया गया और गांव में खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिये लोगों को प्रोत्साहित करने के वास्ते मिशन के प्रतिनिधि मौजूद थे। पहले चरण में बरारी, कुरसाला, मनिहारी और अहमादाबाद खण्डों की 27 पंचायतों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत चुना गया है। गंगा नदी के किनारों पर स्थित गांवों से गंदगी और कूड़ा कचड़ा हटाने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं जिसका लक्ष्य गंगा को स्वच्छ बनाना है।

 

-रो.स.